इसकी पत्तियों के किनारे कठोर और आरे जैसे दाँतेदार होते हैं, जो गहरे घाव कर सकते हैं। Cladium mariscus सेज परिवार का फूलदार पौधा है। पहले इसे एल्क सेज कहा जाता था।
यह समशीतोष्ण यूरोप और एशिया का मूल निवासी है। यहाँ यह चूना-समृद्ध दलदली भूमि और झीलों के किनारे उगता है। इसकी ऊँचाई 2.5 मीटर तक हो सकती है।
अतीत में इसकी पत्तियाँ छप्पर बनाने की महत्वपूर्ण सामग्री थीं। इन्हें काटना कठिन काम था, क्योंकि धारदार किनारों से गहरी कटान लग सकती थी। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने इसे कम चिंता वाली श्रेणी में रखा है।
पहचान और रूप
इसकी सबसे उपयोगी पहचान लंबी, कठोर पत्तियाँ हैं, जिनके किनारे आरे जैसे दाँतेदार होते हैं। यह स्पर्श से ही पहचाना जा सकता है, क्योंकि किनारे तेज़ होते हैं।
यह बहुवर्षीय पौधा है और परिपक्व होने पर लगभग 2.5 मीटर तक ऊँचा हो सकता है। इसी ऊँचाई के कारण यह दलदली क्षेत्रों में दूर से भी अलग दिखता है।
वितरण और आवास
यह मुख्य रूप से समशीतोष्ण यूरोप और एशिया में मिलता है। इसका मूल क्षेत्र उत्तरी अफ्रीका, अमेरिका, आज़ोरेस और ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत तक फैला है। अमेरिका में यह दक्षिणी राज्यों, कैरिबियाई क्षेत्र और मेक्सिको तक पाया जाता है।
यह दलदली भूमि, झीलों के तट और नम क्षेत्रों में उगता है। यहाँ की मिट्टी में चूने की मात्रा अधिक होती है।
बाहर से लाए गए कई क्षेत्रों में भी इसकी उपस्थिति है। इनमें मेडागास्कर, केन्या, मॉरीशस और हवाई शामिल हैं।
इसके अवलोकन जून और जुलाई में सबसे अधिक मिलते हैं।

वृद्धि और स्वरूप
यह बहुवर्षीय पौधा है और कई वर्षों तक जीवित रह सकता है। इसकी वृद्धि एक ही जड़ तंत्र से होती है, जिससे यह स्थिर दलदली क्षेत्रों में टिका रहता है।
परिपक्व होने पर इसकी ऊँचाई 2.5 मीटर तक पहुँच सकती है।
पारिस्थितिकी और संबंध
इसकी पत्तियाँ कई कीड़ों का भोजन हैं। मुख्य रूप से टिड्डे, जैसे Aiolopus thalassinus और Epacromius tergestinus, इन्हें खाते हैं। पतंगे और पत्ती-भृंग भी इसके नियमित साझेदार हैं, जिनमें Plateumaris rustica प्रमुख है।
कुछ पतंगे और एक कछुआ प्रजाति भी कभी-कभी इसे खाती है। ये संबंध इसकी पत्तियों पर निर्भर कीड़ों के समूहों में ही आते हैं।
उपयोग और मानव संबंध
अतीत में इसकी पत्तियाँ छप्पर बनाने की सामग्री के रूप में उपयोग होती थीं। यह एक टिकाऊ सामग्री मानी जाती थी।
पत्तियों के धारदार किनारों के कारण इसकी कटाई मेहनत का काम था। इसे काटने वालों को सावधानी से काम करना पड़ता था।
लुकायन द्वीपसमूह में इसे औषधीय उपयोग के लिए नहीं जाना जाता।
रोचक तथ्य
- पहले इसे एल्क सेज नाम से जाना जाता था, जो इसके पुराने नामों में से एक है।
- इसकी पत्तियों का उपयोग छप्पर बनाने में होता था, और इसे काटना जोखिम भरा माना जाता था।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- घास-रूपी पौधा (ग्रेमिनॉइड)
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Liliopsida
- गण
- Poales
- कुल
- Cyperaceae
- वंश
- Cladium
- प्रजाति
- Cladium mariscus
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Plants of the World Online Native range, life form and climate (WCVP)
- GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
- trophiCH



