Colchicum autumnale की सबसे अनोखी बात यह है कि इसके फूल पतझड़ में जमीन से बिना किसी पत्ती के सहारे सीधे निकल आते हैं, पत्तियाँ बाद में उगती हैं। इसी विशेषता के कारण अंग्रेज़ी में इसे "naked boys" या "naked ladies" जैसे नाम भी मिले हैं।
यह Liliales गण और Colchicaceae कुल का एक विषैला, पतझड़ में खिलने वाला बहुवर्षीय पौधा है। इसे IUCN द्वारा "Least Concern" यानी संकटमुक्त श्रेणी में रखा गया है। दिखने में यह असली क्रोकस से मिलता-जुलता होने के बावजूद वानस्पतिक दृष्टि से पूरी तरह भिन्न परिवार से आता है, और इसकी घातक विषाक्तता तथा औषधीय उपयोग दोनों इसे विशेष बनाते हैं।
पहचान और रूप
इसकी पहचान की सबसे भरोसेमंद कड़ी इसके फूल की संरचना है: फूल एकल (solitary) होते हैं, 4 से 7 सेंटीमीटर व्यास के, तथा इनमें छह टेपल (tepals), नारंगी परागकोशों वाले छह पुंकेसर और तीन सफेद वर्तिकाएँ (styles) होती हैं। यह छह पुंकेसरों की संख्या असली क्रोकस-प्रजातियों से इसे अलग करती है, क्योंकि असली क्रोकस में केवल तीन पुंकेसर पाए जाते हैं।
पत्तियाँ फूलों के बाद उगती हैं और लंबाई में 25 सेंटीमीटर तक पहुँच सकती हैं। यह क्रम — पहले नंगे फूल, बाद में पत्तियाँ — इस पौधे की एक विशिष्ट पहचान है और इसे अधिकांश अन्य फूलों वाले पौधों से अलग करता है।
एक और असामान्य विशेषता यह है कि निषेचन (fertilisation) के समय अंडाशय (ovary) पूरी तरह भूमिगत रहता है, जो इस पौधे की जीव-वैज्ञानिक संरचना को और भी विशिष्ट बनाता है।
वितरण और आवास
Colchicum autumnale अपने परिवार Colchicaceae की एकमात्र प्रजाति है जो ब्रिटेन और आयरलैंड में मूल रूप से पाई जाती है, जहाँ इसकी कई महत्वपूर्ण आबादियाँ काउंटी वाइल्डलाइफ ट्रस्टों की देखरेख में संरक्षित हैं। इसका मूल वितरण पुर्तगाल से यूक्रेन तक महाद्वीपीय यूरोप में फैला हुआ है, और यह स्वीडन, यूरोपीय रूस तथा न्यूज़ीलैंड में प्राकृतिक रूप से बस चुका (naturalised) पाया जाता है।
यह मुख्य रूप से समतल भूमि की घास वाली चरागाहों (lowland grassy meadows) में उगता है।
GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, आबादी या पूर्ण वितरण नहीं। इन आँकड़ों में मई और जून के महीनों में सबसे अधिक अवलोकन दर्ज हुए हैं, जबकि सितंबर में एक दूसरा उभार दिखता है — यह संभवतः वसंत में पत्तियों की उपस्थिति और पतझड़ में फूलों की उपस्थिति से मेल खा सकता है, हालांकि इसे निश्चित निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

उपयोग और मानव संबंध
इस पौधे का वानस्पतिक नाम "Colchis" से आया है, जो काकेशस क्षेत्र (आज का जॉर्जिया) में स्थित एक प्राचीन भूमि है, जिसे प्राचीन यूनानियों ने अर्गोनॉट्स की यात्रा और मेदिया की स्वर्ण चर्म (Golden Fleece) की कथा से जोड़ा। यूनानी पौराणिक कथाओं में इसे "कोल्चिकॉन मेदिया की विनाशकारी अग्नि" कहा गया, क्योंकि जादूगरनी मेदिया इसे अपने विषैले घोल बनाने में प्रयोग करती थी। कहा जाता है कि इसे उपनिवेशी अमेरिका में लाने का श्रेय बेंजामिन फ्रैंकलिन को दिया जाता है।
इस पौधे के बल्ब-नुमा कॉर्म (corms) में कोल्चिसिन (colchicine) नामक तत्व होता है, जिसकी उपचारात्मक सीमा बहुत संकीर्ण (narrow therapeutic index) है। कई देशों में कोल्चिसिन को गाउट (gout) और फैमिलियल मेडिटेरेनियन फीवर (familial Mediterranean fever) के उपचार हेतु स्वीकृति मिली है, और वर्तमान में गाउट के उपचार में यह एक प्रथम-पंक्ति की दवा मानी जाती है। इसके अलावा कोल्चिसिन का उपयोग पादप प्रजनन (plant breeding) में पॉलीप्लॉइड (polyploid) किस्में तैयार करने के लिए भी किया जाता है।
साथ ही यह पौधा घातक रूप से विषैला है, क्योंकि इसमें कोल्चिसिन की उच्च मात्रा होती है। इसकी पत्तियाँ अक्सर संग्राहकों (foragers) द्वारा Allium ursinum (जंगली लहसुन) की पत्तियों से भ्रमित कर ली जाती हैं, जिनसे यह कुछ हद तक मिलती-जुलती दिखती हैं। यह पौधा बिल्लियों के लिए विशेष रूप से खतरनाक माना जाता है; इसके कॉर्म में विष की सर्वाधिक मात्रा पाई जाती है, हालांकि पौधे का हर भाग विषैला माना जाता है।
रोचक तथ्य
- Colchicum जीनस की कई शीत-अनुकूल प्रजातियाँ, जैसे C. × agrippinum, बगीचों में शोभा के फूल के रूप में उगाई जाती हैं, और Colchicum autumnale भी इन्हीं प्रजातियों में शामिल है।
- इसके वंशीय नाम की जड़ें Colchis में हैं — काकेशस क्षेत्र की एक प्राचीन भूमि, जिसे यूनानी पौराणिक कथाओं में अर्गोनॉट्स की यात्रा और स्वर्ण चर्म की कहानी से जोड़ा जाता है।
- इस पौधे को प्राचीन यूनानी कथाओं में जादूगरनी मेदिया के विषैले प्रयोगों से भी जोड़ा गया है, जिससे इसका नाम प्राचीन काल से ही ज़हर के साथ जुड़ा रहा है।
संरक्षण स्थिति
- LC
- NT
- VU
- EN
- CR
संकटमुक्त
पारिस्थितिकी
आवास
- घास का मैदान
वृद्धि का रूप
- शाकीय पौधा



