Rosa canina, जिसे डॉग रोज़ कहा जाता है, यूरोप, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और पश्चिम एशिया की मूल निवासी एक विविधतापूर्ण, आरोही जंगली गुलाब प्रजाति है। यह Rosaceae परिवार और Rosales गण से संबंधित एक पुष्पीय पादप है।
यह पौधा अपनी कँटीली शाखाओं, सुगंधित फूलों और शरद ऋतु में पकने वाले लाल-नारंगी हिप्स के कारण उल्लेखनीय है, जो इसे यूरोपीय हेजरो और वनों की सीमाओं का एक परिचित दृश्य बनाते हैं।
पहचान और रूप
डॉग रोज़ की सबसे पहचान योग्य विशेषता इसकी पाँच सेपल्स की असामान्य संरचना है: दो दोनों तरफ 'दाढ़ी' वाले, दो पूरी तरह चिकने, और एक केवल एक तरफ रोमयुक्त। यह विशेषता इसे समान दिखने वाली प्रजातियों से अलग करने में सहायक है।
यह एक पर्णपाती झाड़ी है जो सामान्यतः 1 से 5 मीटर ऊँचाई तक बढ़ती है, हालांकि यह ऊँचे वृक्षों के मुकुट तक चढ़ सकती है। इसके कई मुड़े हुए तने छोटे, तीखे, हुक जैसे काँटों से ढके होते हैं जो इसे चढ़ने में सहायता करते हैं। पत्तियाँ पिनेट होती हैं, जिनमें 5 से 7 पत्रक होते हैं, और मलने पर एक सुखद सुगंध देती हैं।
फूल जून से जुलाई में खिलते हैं, जो मधुर सुगंध वाले, सामान्यतः हल्के गुलाबी होते हैं, पर गहरे गुलाबी से सफेद तक भी हो सकते हैं। इनका व्यास 4 से 6 सेंटीमीटर होता है और इनमें पाँच पंखुड़ियाँ, 10 या अधिक स्त्रीकेसर तथा कई पुंकेसर होते हैं। सितंबर-अक्टूबर में फूल परिपक्व होकर अंडाकार, 1.5 से 2 सेंटीमीटर आकार के लाल-नारंगी हिप्स में बदल जाते हैं, जो समय के साथ काले हो जाते हैं।
इसका रूप और फूल Rosa agrestis (फील्डब्रायर) और Rosa rubiginosa (स्वीटब्रायर) से भ्रमित हो सकते हैं, जिससे सावधानीपूर्वक निरीक्षण आवश्यक होता है।
वितरण और आवास
डॉग रोज़ यूरोप, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और पश्चिम एशिया में व्यापक रूप से पाई जाती है, जहाँ यह हेजरो, वनों की सीमाओं, झाड़ीदार भूमि और घास के मैदानों में पनपती है। यह अक्सर हेजरो से चढ़ती हुई या झाड़ीदार क्षेत्रों के किनारे देखी जाती है।
मौसमी उपस्थिति के आँकड़े बताते हैं कि गर्मियों के महीनों, विशेषकर मई से अगस्त के बीच, इस प्रजाति के अवलोकन काफी अधिक होते हैं, जो संभवतः इसके पुष्पन काल से मेल खाता है। हालांकि यह आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, न कि जनसंख्या घनत्व या पूर्ण वितरण क्षेत्र का प्रमाण।

पारिस्थितिकी और संबंध
डॉग रोज़ कई जीवों के लिए भोजन और आश्रय का स्रोत है, लेकिन यह कीटों और रोगों के प्रति भी संवेदनशील है। इसे एफिड्स, लीफहॉपर्स, ग्लासहाउस रेड स्पाइडर माइट, स्केल कीट, कैटरपिलर, रोज़ लीफ-रोलिंग सॉफ्लाई और लीफ-कटिंग मक्खियाँ प्रभावित करती हैं। जब एक गॉल वास्प इसकी कली में अंडे देती है, तो पौधे में रासायनिक रूप से प्रेरित विकृति बनती है जिसे 'रॉबिन्स पिनकुशन' कहा जाता है। खरगोश और हिरण इसके काँटों के बावजूद इसकी कलियाँ और पत्तियाँ खाते हैं।
यह रोज़ रस्ट, पाउडरी मिल्ड्यू और डाउनी मिल्ड्यू से भी प्रभावित हो सकता है, और हनी फंगस के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। इसके बीजों का फैलाव मुख्यतः पक्षियों और जंगली फल खाने वाले जीवों द्वारा होता है, हालांकि बीज पशुओं के खुरों या फर में तथा जलमार्गों से भी फैल सकते हैं।
न्यूज़ीलैंड की उच्च भूमि में यह मूल वनस्पति को विस्थापित करते हुए एक आक्रामक प्रजाति के रूप में दर्ज है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में इसे एक खरपतवार के रूप में वर्गीकृत किया गया है क्योंकि यह मूल पौधों को पीछे छोड़ देता है और लोमड़ियों व खरगोशों जैसे कीटों को आश्रय देता है। अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में भी इसे आक्रामक खरपतवार माना जाता है क्योंकि यह वांछित वनस्पति को विस्थापित कर सकता है और पशुओं तथा वाहनों की आवाजाही में बाधा डाल सकता है।
उपयोग और मानव संबंध
डॉग रोज़ के पके हुए हिप्स को शरद ऋतु में सीधे झाड़ी से तोड़कर खाया जाता है, बशर्ते फल के भीतर के रोमों से सावधानी बरती जाए। इनसे सिरप, चाय, संरक्षित पदार्थ जैसे जैम और मार्मलेड बनाए जाते हैं, और यह पाई, स्ट्यू तथा वाइन बनाने में भी उपयोग होते हैं। फूलों को सिरप में बदला जाता है, सलाद में खाया जाता है, कैंडी बनाई जाती है, या सिरके, शहद या ब्रांडी में संरक्षित किया जाता है।
बुल्गारिया में इसके हिप्स से मीठी वाइन और चाय बनाई जाती है, जबकि स्लोवेनिया में इससे 'कॉक्टा' नामक एक लोकप्रिय पेय तैयार होता है। पोलैंड में इसकी पंखुड़ियों से जैम बनाया जाता है जो 'पाच्की' नामक डोनट भरने के लिए उपयुक्त होता है।
यह पौधा मध्यकालीन यूरोपीय हेराल्ड्री में शैलीकृत गुलाब के रूप में प्रसिद्ध था। यह हैम्पशायर का काउंटी फूल है, और आयरलैंड के काउंटी लीट्रिम को इस पौधे की प्रचुरता के कारण 'वाइल्ड रोज़ काउंटी' कहा जाता है। यूरोपीय किंवदंतियों में, सूखी डॉग रोज़ की कली को जेब में रखना सौभाग्य और दुर्भाग्य से रक्षा का प्रतीक माना जाता था, और सेल्टिक पौराणिक कथाओं में इसके फूलों को फेयरी लोक से जोड़कर इच्छाएँ पूर्ण करने वाला माना गया।
रोचक तथ्य
- रोमनों ने इस पौधे को Rosa canina नाम दिया, क्योंकि प्राचीन यूनानी मानते थे कि इसकी जड़ें पागल कुत्ते के काटने का इलाज कर सकती हैं।
- यह ब्रिटेन की मूल निवासी सीमित गुलाब प्रजातियों में से एक है, जबकि अधिकांश सजावटी गुलाब बाहर से लाए गए हैं।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- झाड़ी
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Magnoliopsida
- गण
- Rosales
- कुल
- Rosaceae
- वंश
- Rosa
- प्रजाति
- Rosa canina
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract


