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छोटा किलकिला

Alcedo atthis

संकटमुक्त

छोटा किलकिला Alcedinidae परिवार का एक छोटा, चमकीला नीला पक्षी है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Alcedo atthis कहा जाता है। यह यूरेशिया और उत्तर अफ्रीका में फैला है और इसकी ज्ञात अधिकतम आयु है। शरीर का वज़न लगभग होता है।

इसकी सात उप-प्रजातियां पहचानी गई हैं, जो ऊपरी भाग के रंग और निचले भाग की लालिमा में एक-दूसरे से अलग होती हैं। यह अधिकतर क्षेत्रों में साल भर रहता है, लेकिन जहां सर्दियों में नदियां जम जाती हैं, वहां से प्रवास करता है। अंतरराष्ट्रीय लाल सूची में इसे 'सबसे कम चिंता वाली प्रजाति' माना गया है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान है पीठ का चमकीला हल्का नीला रंग और निचले भाग का लाल-भूरा रंग। सिर बड़ा है, गर्दन और पूंछ छोटी हैं और चोंच लंबी और नुकीली होती है।

शरीर की लंबाई लगभग 16 सेंटीमीटर और पंखों का फैलाव लगभग 25 सेंटीमीटर होता है। वज़न 34 से 46 ग्राम के बीच रहता है। नर की ठोड़ी के पास और कान पर लाल-भूरा धब्बा होता है, गर्दन पर हरी-नीली धारी और सफेद धब्बा होता है। उसकी चोंच काली होती है जिसके आधार पर लाल रंग होता है, और टांगें व पैर चमकीले लाल होते हैं।

मादा नर जैसी दिखती है, बस उसके निचले जबड़े का रंग नारंगी-लाल होता है जिसका सिरा काला होता है। किशोर पक्षी वयस्क जैसा दिखता है, पर उसकी पीठ अधिक फीकी और हरी होती है, निचला भाग हल्का होता है और शुरू में उसकी चोंच व टांगें काली होती हैं।

उड़ते समय इसके छोटे और गोल पंख तेज़ी से फड़फड़ाते हैं, और उड़ते पक्षी की पीठ पर बिजली जैसी नीली चमक दिखती है। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में इसे छह अन्य छोटे नीले-लाल किलकिलों से भ्रम हो सकता है। कान के लाल धब्बे इसे लगभग सभी से अलग करते हैं, सिवाय किशोर नीले-कान वाले किलकिलों के।

वितरण और आवास

छोटा किलकिला यूरोप, एशिया और उत्तर अफ्रीका में फैला है, ज़्यादातर 60 डिग्री उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में। यूरेशिया के विशाल क्षेत्र में यह आम प्रजनन करने वाली चिड़िया है। उत्तर अफ्रीका में यह मुख्य रूप से सर्दियों में आने वाला पक्षी है, हालांकि मोरक्को और ट्यूनीशिया के तटीय इलाकों में यह कम संख्या में प्रजनन करता है।

समशीतोष्ण क्षेत्रों में यह साफ और धीमी बहने वाली धाराओं और नदियों में रहता है, साथ ही उन झीलों में जिनके किनारों पर घनी वनस्पति हो। यह झाड़ियों और उन पेड़ों के पास रहना पसंद करता है जिनकी डालियां उथले खुले पानी पर झुकी हों, जहां से यह शिकार करता है। इसकी ऊंचाई सीमा समुद्र तल से 0 से 190 मीटर तक है। सर्दियों में यह तटों की ओर चला जाता है और मुहानों, बंदरगाहों और चट्टानी समुद्री किनारों पर भोजन करता है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में यह धीमी नदियों, ज्वारीय खाड़ियों और दलदलों में मिलता है, जैसे बांग्लादेश में।

यह प्रजाति ऐसे क्षेत्रों में साल भर रहती है जहां जलवायु हल्की है। जहां लंबी ठंड पड़ती है, वहां प्रजनन के बाद इसे प्रवास करना पड़ता है। ज़्यादातर पक्षी प्रजनन क्षेत्र के दक्षिणी हिस्सों में सर्दी बिताते हैं, पर कुछ भूमध्यसागर पार करके अफ्रीका जाते हैं या मलेशिया के पहाड़ों के रास्ते दक्षिण-पूर्व एशिया पहुंचते हैं। ये प्रवास ज़्यादातर रात में करते हैं, और साइबेरिया में प्रजनन करने वाले कुछ पक्षियों को प्रजनन स्थल और सर्दी के ठिकानों के बीच कम से कम 3,000 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।

Alcedo atthis के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
2,96,851
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

छोटा किलकिला बहुत क्षेत्रीय होता है, जैसे सभी किलकिले होते हैं। इसे हर दिन अपने शरीर के भार का लगभग 60 प्रतिशत भोजन खाना पड़ता है, इसलिए नदी का एक उपयुक्त हिस्सा अपने नियंत्रण में रखना ज़रूरी है। यह अपने प्रजनन साथी और संतानों से भी इलाका बचाता है।

साल के ज़्यादातर हिस्से में यह अकेला रहता है और घनी झाड़ियों में सोता है, जो उसके पसंदीदा शिकार स्थल के पास होती हैं। जब कोई दूसरा किलकिला इलाके में आता है, तो दोनों पक्षी एक-दूसरे से दूर बैठकर चोंच और पंख दिखाते हुए क्षेत्रीय प्रदर्शन करते हैं। कभी-कभी झगड़ा भी होता है, जिसमें एक पक्षी दूसरे की चोंच पकड़कर उसे पानी में दबाने की कोशिश करता है। शरद ऋतु में जोड़े बनते हैं, लेकिन हर पक्षी अपना अलग इलाका रखता है, जो आम तौर पर कम से कम 1 किलोमीटर लंबा होता है और कभी-कभी 3.5 किलोमीटर तक फैला होता है।

इलाके का आकार बहुत अलग-अलग हो सकता है। यह भोजन की उपलब्धता, घोंसला बनाने की जगहों की गुणवत्ता और पक्षी के व्यक्तिगत व्यवहार पर निर्भर करता है। घोंसला छोड़ने के लगभग चार दिन बाद, पहली बार पानी में गोता लगाते समय किशोर पक्षी भीगकर डूब सकते हैं। जो युवा पक्षी माता-पिता के इलाके से निकाले जाते हैं, उनमें से आधे ही एक-दो सप्ताह से ज़्यादा जीवित रहते हैं। सर्दी और भोजन की कमी इनकी मृत्यु के प्रमुख कारण हैं। बिल्लियां, चूहे, वाहनों और खिड़कियों से टकराना, और नदी किनारे भारी मशीनों से होने वाला काम भी इन्हें नुकसान पहुंचाते हैं।

संचार

छोटे किलकिले की आंखें बहुत तेज़ होती हैं। ये पानी की सतह की चमक को कम करने के लिए ध्रुवीकृत प्रकाश का उपयोग कर सकते हैं, और पानी में अपवर्तन की भरपाई करना भी सीखते हैं, जिससे शिकार पकड़ना आसान होता है।

इसकी ध्वनि संचार का मुख्य माध्यम है। इसका कोई गीत नहीं होता। उड़ान के समय यह एक छोटी, तीखी सीटी 'ची' जैसी आवाज़ दो या तीन बार दोहराता है। चिंतित पक्षी कर्कश 'श्रिट-इट-इट' की आवाज़ निकालते हैं, और घोंसले के बच्चे भोजन के लिए चहचहाते हुए घरघराहट जैसी आवाज़ करते हैं। साथी को आकर्षित करने के समय नर ज़ोर से सीटी बजाता है और मादा के पीछे पेड़ों के बीच और ऊपर तक उड़ता है।

जब यह पानी में गोता लगाता है, तब इसकी आंखों पर एक झिल्ली आ जाती है। उस समय यह चोंच कब बंद करनी है, यह केवल स्पर्श के सहारे तय करता है।

शिकार और आहार

छोटा किलकिला पानी के ऊपर किसी डाली या पत्थर पर बैठकर शिकार की तलाश करता है। यह बैठने की जगह पानी की सतह से कुछ सेंटीमीटर से लेकर कई मीटर ऊपर हो सकती है। जैसे ही शिकार दिखता है, यह पानी में गोता लगाता है, उसे पकड़ता है और वापस उड़ आता है। कभी-कभी जब बैठने की जगह न मिले, तो यह पानी के ऊपर मंडराकर शिकार खोजता है।

मछली पकड़ने के बाद यह उसे पूंछ से पकड़ता है और डाल पर ज़ोर से पटककर उसे बेहोश या मार देता है। इससे कांटेदार मछली को खाना आसान हो जाता है। मछली खाने के बाद यह बिना पचे हड्डियों की एक गोली उगल देता है। इसके भोजन का 60 से 67 प्रतिशत छोटी मछलियां होती हैं। यह Gammarus fasciatus जैसे छोटे जलीय आर्थ्रोपोड भी खाता है। क्रस्टेशियन इसके भोजन का 5 से 33 प्रतिशत होते हैं।

सर्दियों में इसे केकड़े और अन्य छोटे समुद्री जीव खाते भी देखा गया है। इसका भोजन इस बात पर निर्भर करता है कि पानी कितना साफ है और मौसम कैसा है।

घोंसला और प्रजनन

प्रजनन के मौसम में ही छोटा किलकिला अकेला नहीं रहता। मार्च के मध्य के आसपास घोंसला बनाने का काम शुरू होता है। साथी की तलाश में नर मादा का पीछा करता है, ज़ोर से सीटी बजाता है और पेड़ों के बीच उड़ता है। बाद में नर भोजन देकर मादा को रिझाता है, और इसके बाद मिलन होता है। हर साल नया साथी चुना जाता है। जोड़ा एक मौसम के लिए एक-विवाही होता है।

घोंसला पानी के पास के खड़े किनारे में सुरंग खोदकर बनाया जाता है, जिसे दोनों पक्षी मिलकर खोदते हैं। यह सुरंग आम तौर पर 60 से 90 सेंटीमीटर लंबी, सीधी और हल्की ढलान वाली होती है और अंत में एक बड़े कक्ष पर खत्म होती है। कक्ष में कोई बिछावन नहीं होता, पर धीरे-धीरे उसमें मछली के अवशेष और उगली गई गोलियां जमा हो जाती हैं। घोंसला पानी से 0.5 से 37 मीटर ऊपर हो सकता है। मिट्टी मिट्टी, चट्टान या रेतीली ज़मीन हो सकती है।

एक मौसम में दो से तीन बार अंडे दिए जाते हैं, आम तौर पर अप्रैल, जुलाई और कभी-कभी अक्टूबर की शुरुआत में। हर बार औसतन 6 चमकीले सफेद अंडे दिए जाते हैं, जिनकी संख्या 4 से 10 तक हो सकती है। अंडे लगभग 18 से 21 दिन में फूटते हैं, और दिन में नर और मादा दोनों इन्हें सेते हैं, जबकि रात में केवल मादा सेती है। अंडों से निकलने वाले बच्चे लगभग 23 से 27 दिन में घोंसले से उड़ने लायक हो जाते हैं। भोजन लाने का ज़्यादातर काम मादा करती है। माता-पिता मछली को उसकी पूंछ से पकड़कर लाते हैं और उसका सिर पहले निगलने के लिए देते हैं।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

छोटा किलकिला जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण शिकारी है, जो छोटी मछलियों और अन्य जलीय जीवों पर निर्भर रहता है। इसकी उपस्थिति बताती है कि नदी, तालाब या झील का पानी साफ है और उसमें जीवन फल-फूल रहा है।

चूंकि यह छोटे जलीय जीवों को खाता है, इसलिए पानी में मौजूद ज़हरीले पदार्थों से यह सीधे प्रभावित होता है। इसकी संख्या बढ़ना आम तौर पर स्वस्थ वातावरण का संकेत होता है। नदी के किनारों पर झाड़ियों और पेड़ों वाले साफ पानी के इलाकों में इसके प्रजनन जोड़े सबसे घने पाए जाते हैं।

संरक्षण और खतरे

अंतरराष्ट्रीय लाल सूची में छोटा किलकिला 'सबसे कम चिंता वाली प्रजाति' है। इसका वैश्विक विस्तार लगभग 10,000,000 वर्ग किलोमीटर है, और यूरोप में ही इसकी संख्या लगभग 1,60,000 से 3,20,000 व्यक्तियों के बीच आंकी गई है। इसकी वैश्विक आबादी की प्रवृत्ति को पूरी तरह मापा नहीं गया है, पर संख्या स्थिर लगती है।

इसकी आबादी में हर साल बड़े उतार-चढ़ाव आते हैं, और इसका मुख्य कारण गंभीर ठंड है। बेल्जियम की एक गणना में एक कठोर सर्दी के बाद वहां केवल 8 जोड़े मिले थे। पांच साल बाद यह संख्या 45 हो गई, पर अगले साल घटकर 25 रह गई। बाढ़ से घोंसले नष्ट हो सकते हैं और पानी में प्रदूषण इसके शिकार को कम कर देता है। नदी के प्राकृतिक किनारों को कंक्रीट जैसी कृत्रिम संरचनाओं से बदल देने से मछलियों, उभयचरों और जल-सरीसृपों की संख्या बहुत घट जाती है, जिससे इस पक्षी का भोजन भी कम होता है।

संकटमुक्त

सांस्कृतिक महत्व

छोटे किलकिले का नाम Alcedo लैटिन मूल का है, और इससे जुड़ी प्रमुख यूनानी कथा में अल्सीओनी नाम की एक स्त्री का ज़िक्र है। उसके पति केयक्स की समुद्री यात्रा के दौरान जहाज़ डूब गया था। इसी कथा से 'हैलसियन दिन' शब्द आया, जो शांति और सुकून के समय के लिए प्रयोग होता है। इसलिए यह पक्षी शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है और अक्सर शांत पानी के पास चित्रित किया जाता है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की एक मोटिफ़ सलाहकार समिति ने 2020 के दशक में 10 यूरो के नोट के नए डिज़ाइन के लिए 'झरने या गहरे प्रवाह में किलकिला' को सामने की संभावित छवि के रूप में चुना। नोट के पिछले हिस्से पर यूरोपीय आयोग की इमारत होगी।

रोचक तथ्य

  1. इसकी लंबी, नुकीली चोंच और सीधी, तेज़ उड़ान इसे पानी के ऊपर से मछली पकड़ने वाला एक अनोखा पक्षी बनाती है।

फ़ोटो

तस्वीरें by Codrin Bucur via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., by Albert Rainbow via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Richard Blake via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Fedotova Elena via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Sabarni Sarker via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Ксения Витвицкая via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Tandin Wangdi via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by S. Menéndez via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Chris Ratzlaff via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Katrin Ellmaier via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Theo Rickert via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Shane Austin via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Annette Peters via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., और by Emily Nyenyedzi Davies via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

व्यवहार

  • परभक्षी
  • एकांतप्रिय
  • क्षेत्रीय
  • दिवाचर

आहार

  • मछली-भक्षी (आहार)

वर्गीकरण

संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Coraciiformes
कुल
Alcedinidae
वंश
Alcedo
प्रजाति
Alcedo atthis

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
  6. Animal Diversity Web Animal habitat, behavior and diet
  7. AnAge Longevity