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Archilochus colubris

Archilochus colubris

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

LCसंकटमुक्त
एक वयस्क *Archilochus colubris* हवा में मंडराता हुआ, जिसकी पीठ धात्विक हरे रंग की, निचला भाग धूसर-सफेद और नर के गले पर चमकीले लाल पंखों की पट्टी दिखाई देती है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

माप

वज़न
0.003–0.003 kg
जीवनकाल
≤ 9.1 वर्ष
वर्गीकरण
संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Apodiformes
कुल
Trochilidae
वंश
Archilochus
प्रजाति
Archilochus colubris

Archilochus colubris वसंत प्रवास के दौरान मेक्सिको की खाड़ी के ऊपर लगभग 800 किलोमीटर की दूरी बिना रुके, बिना भोजन या पानी के, निरंतर उड़ान में पार करता है। इस चुनौतीपूर्ण यात्रा से पहले यह पक्षी अपनी वसा राशि को दोगुना कर लेता है, ताकि 20 घंटे की लगातार उड़ान के लिए पर्याप्त ऊर्जा जुटाई जा सके।

यह Trochilidae कुल और Apodiformes गण से संबंधित एक हमिंगबर्ड प्रजाति है, जो सर्दियों में मध्य अमेरिका, मेक्सिको और फ्लोरिडा में बिताती है, और प्रजनन के लिए कनाडा तथा पूर्वी उत्तर अमेरिका के अन्य हिस्सों की ओर प्रवास करती है। IUCN रेड लिस्ट में इसे संकटमुक्त (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है।

पूर्वी उत्तर अमेरिका की यह सबसे सामान्य हमिंगबर्ड प्रजाति है, जिसकी 2021 में अनुमानित आबादी लगभग 3.5 करोड़ आँकी गई थी। इसकी उड़ान क्षमता, तीव्र चयापचय और चमकीले नर इसे पक्षी-प्रेमियों के बीच विशेष रुचि का विषय बनाते हैं।

पहचान और रूप

नर की गर्दन पर चमकती हुई गहरे लाल रंग की गर्दन-पट्टी (गॉर्जेट) इस प्रजाति की सबसे स्पष्ट पहचान है, जिसके ऊपरी किनारे पर मखमली काली सीमा होती है। यह लाल चमक दिशा-विशेष होती है और कई कोणों से देखने पर फीकी काली दिखाई देती है, इसलिए पहचान के लिए रोशनी की दिशा भी मायने रखती है।

यह पक्षी लंबाई में 7 से 9 सेंटीमीटर तक होता है, जिसका पंख-फैलाव 8 से 11 सेंटीमीटर तक पहुँचता है। वज़न 2 से 6 ग्राम के बीच बदलता रहता है; नर का औसत वज़न 3.4 ग्राम होता है जबकि थोड़ी बड़ी मादा का औसत वज़न 3.8 ग्राम रहता है।

शरीर के ऊपरी भाग पर धात्विक हरा रंग और नीचे की ओर धूसर-सफेद रंग होता है, जबकि पंख लगभग काले दिखाई देते हैं। चोंच 2 सेंटीमीटर तक लंबी, सीधी और पतली होती है। पैर छोटे होते हैं और पंजों में तीन उँगलियाँ आगे तथा एक पीछे (हैलक्स) की ओर होती हैं, जिनकी भीतरी सतह पर धारियाँ होती हैं जो फूलों की डंडी या पंखुड़ी पकड़ने में मदद करती हैं। मध्य उँगली लगभग 0.6 सेंटीमीटर लंबी होती है, और यह पक्षी शाखा पर केवल फिसलते हुए ही आगे बढ़ पाता है, हालांकि पंजों से खुद को सहला (प्रीन) सकता है।

नर और मादा के बीच स्पष्ट अंतर है: नर की पूँछ काँटेदार, काली और हल्के बैंगनी आभा वाली होती है, जबकि मादा की पूँछ में निशान होते हैं और बाहरी पंखों पर हरे, काले तथा सफेद रंग की पट्टियाँ होती हैं। मादा का गला सादा या हल्के धुंधले धब्बों वाला सफेद होता है। नर आकार में मादा से छोटे होते हैं और उनकी चोंच भी थोड़ी छोटी होती है। किशोर नर वयस्क मादा जैसे दिखते हैं, पर उनके गले पर सामान्यतः अधिक गहरे निशान होते हैं। यह पक्षी वर्ष में एक बार, सर्दियों के मैदानों में शरद ऋतु के प्रारंभ से लेकर सर्दियों के अंत तक, अपने पंख बदलता (मोल्ट) है।

वितरण और आवास

इस प्रजाति का प्रजनन क्षेत्र पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका तथा दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी कनाडा, विशेष रूप से ओंटारियो, तक फैला हुआ है, जहाँ यह पर्णपाती और चीड़ के वनों, वन किनारों, बागानों और बगीचों में पाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में पाई जाने वाली सभी हमिंगबर्ड प्रजातियों में इसका प्रजनन क्षेत्र सबसे बड़ा है, और यह 100वीं मध्यरेखा के पूर्व के क्षेत्र में प्रजनन करता है।

सर्दियों में यह प्रजाति फ्लोरिडा, दक्षिणी मेक्सिको, मध्य अमेरिका—पश्चिम में पनामा तक—और वेस्ट इंडीज़ में समय बिताती है। इन क्षेत्रों में यह उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों, खट्टे फलों के बागानों, वन किनारों, बाड़ों, नदी-तटों, दलदलों और पुराने खेतों में रहती है।

प्रवास के दौरान कुछ पक्षी पनामा या मेक्सिको से पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका तक मेक्सिको की खाड़ी और कैरिबियन के ऊपर से लगभग 900 मील (1,450 किलोमीटर) की निरंतर, बिना रुकी उड़ान भरते हैं।

GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़े—जो केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, आबादी या पूर्ण वितरण नहीं—मई में सबसे अधिक (10,34,158 अवलोकन) दिखते हैं और जून से सितंबर तक ऊँचे बने रहते हैं, जो उत्तर अमेरिका में प्रजनन काल के दौरान इस प्रजाति की सक्रिय उपस्थिति को दर्शाता है। इसके विपरीत, नवंबर से फरवरी तक अवलोकन बहुत कम (लगभग 35,000–45,000) रहते हैं, जो सर्दियों में इसके दक्षिणी क्षेत्रों की ओर स्थानांतरण के अनुरूप है।

Archilochus colubris के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
10,34,158
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

यह प्रजाति एकाकी स्वभाव की होती है; वयस्क पक्षी सामान्यतः केवल संगम के समय ही एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं। नर अपने क्षेत्र की रक्षा करते हैं और मुखर संकेतों से एक-दूसरे से संवाद करते हैं—यदि कोई पड़ोसी नर क्षेत्र में घुस आए, तो निवासी नर एक स्वर बार-बार, बढ़ती तीव्रता के साथ, दोहराता है, और यदि घुसपैठिया न हटे तो उसे चोंच से चुभाकर या पैरों से मारकर खदेड़ देता है।

यह पक्षी दिन में सक्रिय रहता है। ठंडी रातों में, विशेष रूप से जब तापमान गिरता है, यह ऊर्जा बचाने के लिए हाइपोथर्मिक टॉर्पोर (शीत-निद्रा जैसी अवस्था) में चला जाता है, जिसमें शरीर का तापमान कई डिग्री गिर जाता है और शारीरिक क्रियाएँ धीमी हो जाती हैं।

प्रजनन और शीतकालीन क्षेत्रों के बीच यह प्रजाति हर वर्ष 1,600 किलोमीटर तक की गोल यात्रा करती है, जिसमें मेक्सिको की खाड़ी के ऊपर की निरंतर उड़ान भी शामिल है। इस यात्रा के लिए यह पक्षी अक्सर अपने शरीर का वज़न दोगुना कर लेता है, और वापसी की उड़ान का समय ऐसा रखा जाता है कि वह प्रजनन क्षेत्र में भोजन के पौधों के फूलने के समय पर पहुँचे।

हमिंगबर्ड का चयापचय किसी भी जानवर में सबसे तेज़ माना जाता है: विश्राम की अवस्था में हृदय गति 1,260 धड़कन प्रति मिनट तक पहुँच सकती है, श्वसन दर लगभग 250 प्रति मिनट रहती है, और ऑक्सीजन उपभोग लगभग 4 मिलीलीटर प्रति ग्राम प्रति घंटा होता है। उड़ान के दौरान प्रति ग्राम मांसपेशी ऊतक में ऑक्सीजन उपभोग एक उच्च-स्तरीय मानव धावक की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होता है। पंख कंधे के जोड़ से लगभग 180 डिग्री घूम सकते हैं, जिससे यह पीछे की ओर उड़ने और हवा में स्थिर मंडराने में सक्षम होता है, और मंडराते समय पंख प्रति सेकंड 80 बार तक फड़फड़ाते हैं।

संचार

यह प्रजाति दृष्टि, स्पर्श, ध्वनि और संभवतः गंध—चारों माध्यमों से संवाद करती है और अपने परिवेश को समझती है। दृष्टि की दृष्टि से यह पक्षी दृश्य प्रकाश के अलावा नील-बैंगनी और निकट पराबैंगनी परिधि (370 से 570 नैनोमीटर) भी देख सकता है, जिससे संभवतः फूलों जैसे भोजन स्रोतों को पहचानने में मदद मिलती है। यह संभव है कि यह पक्षी गंध के आधार पर भी भोजन स्रोतों को पहचान और उनमें भेद कर सके।

इसकी ध्वनियाँ तेज़, चीं-चीं जैसी होती हैं और मुख्यतः धमकी देने के लिए उपयोग की जाती हैं—जैसे जब कोई नर किसी दूसरे नर को उसके क्षेत्र में प्रवेश करने पर चेतावनी देता है। यदि ध्वनि से बात न बने, तो नर घुसपैठिए को खदेड़ने के लिए चोंच या पैरों से हमला करता है।

प्रेम-प्रदर्शन के दौरान नर अपने पंखों से तेज़ 'टिक-टिक' ध्वनि उत्पन्न करता है, जो झुलाव (शटल) प्रदर्शन के दोनों सिरों पर और गोता-प्रदर्शन के समय भी सुनाई देती है। गोता लगाते समय, जब नर मादा के ऊपर से उड़ता है और अपनी पूँछ को खोलता-बंद करता है, तो बाहरी पूँछ पंखों से एक हल्की, चिरचिराती ध्वनि भी उत्पन्न होती है।

आहार और भोजन की आदतें

इस प्रजाति का मुख्य भोजन विभिन्न फूलों का मकरंद है, जिसे यह फूल के ऊपर हवा में स्थिर मंडराते हुए अपनी लंबी, पतली चोंच से चूसकर प्राप्त करता है। यह लाल रंग के फूलों की ओर विशेष रूप से आकर्षित होता है, और रेड बकआई (Aesculus pavia), जूवेलवीड, कोलंबाइन (Aquilegia canadensis), ट्रम्पेट क्रीपर (Campsis radicans), रेड मॉर्निंग-ग्लोरी (Ipomoea coccinea), ट्रम्पेट- या कोरल-हनीसकल (Lonicera sempervirens), फ्लाई-हनीसकल (Lonicera canadensis) और कार्डिनल फ्लावर (Lobelia cardinalis) जैसे पौधों का मकरंद चूसता है।

मकरंद पीते समय यह पक्षी कुछ पौधों, जैसे ट्रम्पेट क्रीपर, के परागण में भूमिका निभाता है, जो इस प्रजाति द्वारा परागण के लिए विशेष रूप से अनुकूलित प्रतीत होते हैं।

मकरंद के अलावा यह मच्छर, मकड़ी, गनैट, फल-मक्खी (Drosophila) और छोटी मक्खियों जैसे कीड़े भी खाता है, जो इसे प्रोटीन प्रदान करते हैं। जब मकरंद की उपलब्धता कम हो जाती है, तो यह पेड़ों का रस भी पी लेता है।

इसकी चयापचय दर इतनी अधिक है कि यह प्रतिदिन अपने शरीर के वज़न से लगभग दोगुना भोजन ग्रहण करता है, जो इसकी निरंतर ऊर्जा आवश्यकता को दर्शाता है।

घोंसला और प्रजनन

इस प्रजाति में संभवतः बहुपत्नी-प्रथा (पॉलीजिनी) पाई जाती है, हालांकि बहुपति-प्रथा (पॉलीएंड्री) और मिश्रित प्रणाली भी हो सकती है। नर और मादा के बीच कोई स्थायी जोड़ी नहीं बनती—संगम के बाद नर अलग हो जाता है और सभी अभिभावकीय देखभाल मादा करती है। वसंत में नर पहले प्रजनन क्षेत्र में पहुँचते हैं और मादाओं के आने से पहले अपना क्षेत्र स्थापित कर लेते हैं।

जब मादा नर के क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो नर अपने लाल गले के पंख फैलाकर मादा को उत्तेजित करता है और 2.45 से 3.1 मीटर ऊँचाई तक तथा मादा के दोनों ओर 1.52 से 1.82 मीटर तक फैली एक गोता-प्रदर्शन उड़ान भरता है। यदि मादा किसी शाखा पर बैठ जाए, तो नर उसके सामने 0.5 मीटर से कम दूरी पर तेज़ क्षैतिज चाप में उड़ता है, इस दौरान उसके पंख सामान्य 90 धड़कन प्रति सेकंड की तुलना में 200 बार प्रति सेकंड तक फड़फड़ाते हैं। यदि मादा ग्रहणशील हो, तो वह एक विशेष पुकार करती है और अपनी पूँछ को मोड़कर तथा पंख झुकाकर आमंत्रण की मुद्रा अपनाती है।

घोंसला बनाने का पूरा काम मादा स्वयं करती है—वह ज़मीन से 3.1 से 12.2 मीटर ऊँचाई पर, किसी नीचे झुकी शाखा पर, ओक, हॉर्नबीम, बर्च, चिनार या हैकबेरी जैसे पर्णपाती वृक्षों (कभी चीड़ पर भी) पर घोंसला बनाती है। घोंसला कली-छिलकों से बना होता है, बाहर की ओर लाइकेन से ढका होता है, मकड़ी के जाल से बंधा रहता है, और अंदर पौधों की रुई (जैसे डैंडेलियन या थीस्ल की रुई) तथा पशु-रोम से भरा होता है। पुराने घोंसलों की मरम्मत करके इन्हें कई मौसमों तक फिर से उपयोग में लाया जा सकता है।

मादा एक बार में 1 से 3 (सामान्यतः 2) सफेद अंडे देती है, जो लगभग 12.9 x 8.5 मिलीमीटर आकार के होते हैं। अंडों को मादा 10 से 14 दिनों तक सेती है। चूज़े जन्म के समय असहाय (अल्ट्रीशियल) होते हैं और लगभग 12 से 14 दिनों में पंख उगाकर स्वयं शरीर का तापमान बनाए रखने योग्य हो जाते हैं। मादा उन्हें प्रति घंटे 1 से 3 बार उल्टी के ज़रिए भोजन देती है। चूज़े 18 से 22 दिनों में घोंसला छोड़ देते हैं, पर मादा उन्हें 4 से 7 दिन और खिलाती है जब तक वे 22 से 25 दिनों के नहीं हो जाते। यह प्रजाति मार्च से जुलाई तक, मध्य-मई के आसपास सबसे अधिक सक्रियता के साथ, एक मौसम में दो से तीन बच्चे भी जन्म दे सकती है, और नर-मादा दोनों लगभग एक वर्ष की आयु में प्रजनन-सक्षम हो जाते हैं।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

2021 की गणना के अनुसार पूर्वी उत्तर अमेरिकी प्रजनन क्षेत्र में इस प्रजाति की आबादी 3.4 से 3.6 करोड़ के बीच आँकी गई थी, जिससे यह उत्तर अमेरिका की सबसे अधिक संख्या वाली हमिंगबर्ड प्रजाति बन जाती है। 1970 के दशक से 21वीं सदी की शुरुआत तक इसकी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, लेकिन 2021 की गणना में पिछली गणना की तुलना में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

पारिस्थितिकी तंत्र में यह प्रजाति एक महत्वपूर्ण परागणकर्ता की भूमिका निभाती है। ट्रम्पेट क्रीपर जैसी वन-बेल जैसी कुछ वनस्पतियाँ इस प्रजाति द्वारा परागण के लिए विशेष रूप से अनुकूलित प्रतीत होती हैं, जो इसे उस पौधे के प्रजनन के लिए अनिवार्य बनाती हैं।

जहाँ इसका क्षेत्र अन्य हमिंगबर्ड प्रजातियों के क्षेत्र से मिलता है, वहाँ यह भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा करती है, और सामान्यतः उन प्रजातियों के सामने अधीनस्थ स्थिति में रहती है।

संरक्षण और खतरे

IUCN रेड लिस्ट में इस प्रजाति को संकटमुक्त (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि वर्तमान में इसके विलुप्त होने का कोई गंभीर जोखिम नहीं है—यह उत्तर अमेरिका की कई अन्य सामान्य हमिंगबर्ड प्रजातियों से अलग स्थिति है, जो उल्लेखनीय गिरावट का सामना कर रही हैं।

उन्नीसवीं सदी में इसके छोटे आकार और चमकदार पंखों के कारण इसे संग्रह के लिए शिकार किया जाता था, फिर भी इसकी आबादी कभी संकटग्रस्त नहीं हुई और यह प्रजाति अपने क्षेत्र में सामान्य बनी रही।

यह प्रजाति संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच प्रवासी पक्षी संधि (Migratory Bird Treaty) के अंतर्गत संरक्षित है, और सभी हमिंगबर्ड प्रजातियों की तरह इसे CITES के परिशिष्ट II में सूचीबद्ध किया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय स्तर पर या मिशिगन राज्य में इसे कोई विशेष संरक्षण स्थिति नहीं दी गई है।

हालाँकि 2021 की गणना में इसकी आबादी लगभग 3.4 से 3.6 करोड़ आँकी गई, कुछ अन्य अनुमानों में वैश्विक आबादी लगभग 73 लाख बताई गई है—यह अंतर आबादी के आकलन में भिन्न कार्यप्रणालियों और क्षेत्रों को दर्शाता है। हाल की 17 प्रतिशत गिरावट, भले ही यह अभी संकटमुक्त श्रेणी में है, भविष्य में निगरानी की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

संकटमुक्त

सांस्कृतिक महत्व

मूल अमेरिकी पौराणिक कथाओं में इस प्रजाति का विशेष महत्व बताया गया है, हालांकि इसके विस्तृत विवरण सीमित रूप से दर्ज हैं।

अपने चमकीले रंग और उड़ान क्षमता के कारण यह पक्षी-प्रेक्षकों (बर्डवॉचर्स) के बीच विशेष रुचि का विषय बना हुआ है, और उत्तर अमेरिका में सबसे अधिक पहचानी जाने वाली हमिंगबर्ड प्रजातियों में गिना जाता है।

मानव उपयोग की दृष्टि से यह प्रजाति कई देशी और खेती वाले पौधों के परागण में सहायक होती है, जिससे कृषि फसलों को भी लाभ पहुँचता है।

रोचक तथ्य

  1. यह पक्षी वर्ष में केवल एक बार अपने पंख बदलता है, जो सर्दियों के मैदानों में शरद ऋतु के प्रारंभ में शुरू होकर सर्दियों के अंत तक चलता है।
  2. इसका घोंसला मकड़ी के जाल से बंधे कली-छिलकों और लाइकेन से बना होता है, और पुराने घोंसलों की मरम्मत करके कई मौसमों तक दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
  3. संयुक्त राज्य अमेरिका में पाई जाने वाली सभी हमिंगबर्ड प्रजातियों में इसका प्रजनन क्षेत्र सबसे बड़ा है, जो पूरे पूर्वी अमेरिका और दक्षिणी कनाडा तक फैला है।
  4. मंडराते समय इसके पंख प्रति सेकंड 80 बार तक फड़फड़ाते हैं, जबकि प्रेम-प्रदर्शन की गोता-उड़ान के दौरान यह गति बढ़कर प्रति सेकंड 200 बार तक पहुँच जाती है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • आर्द्रभूमि
  • वन
  • वनभूमि
  • शहरी

व्यवहार

  • एकांतप्रिय
  • क्षेत्रीय
  • दिवाचर
  • प्रवासी

आहार

  • मकरंदाहारी

फ़ोटो

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एक वयस्क *Archilochus colubris* हवा में मंडराता हुआ, जिसकी पीठ धात्विक हरे रंग की, निचला भाग धूसर-सफेद और नर के गले पर चमकीले लाल पंखों की पट्टी दिखाई देती है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaAnimal Diversity WebAnAge