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Dicksonia antarctica

Dicksonia antarctica

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

एक वयस्क Dicksonia antarctica फर्न, जिसका मोटा रेशेदार तना और शीर्ष पर फैली हुई विशाल हरी पत्तियों का कीप-आकार का मुकुट दिखाई दे रहा हैफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

एक नज़र में

इसके लिए जाना जाता है
वनफर्न
वर्गीकरण
संघ
Tracheophyta
वर्ग
Polypodiopsida
गण
Cyatheales
कुल
Dicksoniaceae
वंश
Dicksonia
प्रजाति
Dicksonia antarctica

Dicksonia antarctica सामान्यतः लगभग 5 मीटर की ऊँचाई तक बढ़ता है, जिसका ‘तना’ (caudex) लगभग 30 सेंटीमीटर व्यास का होता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह 15 मीटर तक ऊँचा और 2 मीटर तक मोटा हो सकता है।

यह Dicksoniaceae कुल और Cyatheales गण से संबंधित एक वृक्ष फर्न है, जो पूर्वी ऑस्ट्रेलिया का मूल निवासी है और दक्षिण-पूर्वी क्वींसलैंड से लेकर तस्मानिया तक फैला हुआ है। इसे IUCN द्वारा अभी तक कोई संरक्षण श्रेणी नहीं दी गई है, हालांकि क्वींसलैंड में इसे 'विशेष न्यूनतम चिंता' और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में 'संकटग्रस्त' माना जाता है।

इसकी विशाल कीप-नुमा शीर्ष कली, जो वर्षा जल को एकत्र करती प्रतीत होती है, और इसके तने पर पनपने वाली दर्जनों अन्य पौधों की प्रजातियाँ इसे ऑस्ट्रेलियाई वनों की सबसे दिलचस्प वनस्पतियों में से एक बनाती हैं।

पहचान और रूप

Dicksonia antarctica की सबसे पहचान योग्य विशेषता इसका मोटा तना (caudex) है, जो घने भूरे रेशेदार जड़ों और पुरानी पत्तियों के आधारों से पूरी तरह ढका रहता है। यह असली तना नहीं बल्कि एक सीधा प्रकंद है, जिसके भीतर मुलायम मध्यक (pith) ऊतक होता है, जो चारों ओर वस्कुलर बंडलों और एक कठोर सहायक ऊतक की परत से घिरा रहता है।

यह फर्न सामान्यतः लगभग 5 मीटर ऊँचाई तक पहुँचता है और तने का व्यास लगभग 30 सेंटीमीटर होता है, लेकिन दुर्लभ नमूनों में ऊँचाई 15 मीटर और मोटाई 2 मीटर तक दर्ज की गई है। सामान्यतः पौधे में एक ही तना होता है, हालांकि कुछ नमूनों में छह तक शीर्ष कलियाँ (crowns) पाई गई हैं।

पत्तियाँ (fronds) कीप के आकार में एक विशाल शीर्ष मुकुट बनाती हैं और 4 मीटर तक लंबी हो सकती हैं। प्रत्येक पत्ती लगभग 30 सेंटीमीटर लंबे मोटे वृंत (stipe) से तने पर जुड़ी होती है; वृंत सामान्यतः चिकना होता है, केवल आधार पर लंबे भूरे बालों से ढका रहता है। पत्तियाँ त्रिपिनेट होती हैं, कड़ी और चमड़े जैसी बनावट वाली, ऊपर से गहरे हरे और नीचे से हल्के रंग की, और मध्य बिंदु पर सबसे चौड़ी होती हैं।

बीजाणु पत्तियों की निचली सतह पर सोरस (sorus) नामक छोटे समूहों में बनते हैं; प्रत्येक पालि में केवल एक सोरस होता है, जिसका व्यास लगभग 1 मिलीमीटर होता है।

वितरण और आवास

Dicksonia antarctica का प्राकृतिक वितरण दक्षिण-पूर्वी क्वींसलैंड की बुन्या पर्वतमाला से शुरू होकर न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया के समुद्र-तटीय क्षेत्रों से होते हुए तस्मानिया तक फैला है। यह एक समय दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में भी पाया जाता था, लेकिन अब वहाँ जंगली अवस्था में इसके विलुप्त होने की संभावना है। इसे ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड, मदीरा, अज़ोरेस और दक्षिण अफ्रीका में सजावटी पौधे के रूप में प्रविष्ट कराया गया है।

यह वर्षावन और उच्च वर्षा वाले नम स्क्लेरोफिल वनों में उगता है, विशेष रूप से संरक्षित घाटियों और नदी-नालों के किनारे, जहाँ अनुकूल परिस्थितियों में यह बड़े क्षेत्रों पर हावी हो सकता है। इसकी ऊँचाई सीमा समुद्र तल के निकट से लगभग 1,000 मीटर तक होती है।

यह फर्न जंगल की आग के प्रति भी अनुकूलित है; यह वन की छाया में और आग के बाद खुले, उजागर स्थानों दोनों में जीवित रह सकता है। इसका तना अग्नि-प्रतिरोधी होता है, और जल जाने पर भी शीर्ष कली पुनः उगने में सक्षम होती है।

GBIF डेटा से मिलने वाली मासिक अवलोकन संख्याएँ केवल उपस्थिति दर्शाती हैं, जनसंख्या या पूर्ण वितरण नहीं; फिर भी इनमें जनवरी से मार्च और अक्टूबर से दिसंबर के महीनों में अवलोकन संख्या अधिक और जुलाई-अगस्त में सबसे कम दिखाई देती है, जो मौसमी निरीक्षण प्रवृत्ति का संकेत हो सकता है।

Dicksonia antarctica के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
2,122
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

पारिस्थितिकी और संबंध

Dicksonia antarctica के शीर्ष मुकुट में पॉसम सोते हैं, और वे नई उभरती हुई कुंडलित पत्तियों (croziers) को खाते हैं; तोते भी ऐसा ही करते हैं। क्रिमसन रोज़ेला (Platycercus elegans) नामक तोता विशेष रूप से इसके सोरस को खाता देखा गया है।

इसका तना (caudex) एपिफाइट पौधों के लिए एक उत्कृष्ट सहारा प्रदान करता है। तस्मानिया में 120 प्राकृतिक रूप से उगे नमूनों के 2005 के एक अध्ययन में इन तनों पर छोटी फर्न, मॉस और ब्रायोफाइट की कुल 97 प्रजातियाँ पाई गईं।

यह प्रजाति उच्च वर्षा वाले वर्षावनों और नम स्क्लेरोफिल वनों की संरक्षित घाटियों में फलती-फूलती है, जहाँ नमी और छाया इसकी वृद्धि तथा इस पर निर्भर एपिफाइट समुदायों दोनों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती है।

उपयोग और मानव संबंध

Dicksonia antarctica को व्यापक रूप से सजावटी पौधे के रूप में उगाया जाता है और इसे रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी का अवार्ड ऑफ गार्डन मेरिट प्राप्त है। इसे सामान्यतः प्रति वर्ष कम से कम 500 मिलीमीटर वर्षा की आवश्यकता होती है; शुष्क क्षेत्रों में ड्रिप सिंचाई या ऊपर से छिड़काव सबसे प्रभावी सिंचाई विधि मानी जाती है।

इसके तने का उपयोग बाड़ बनाने और ऑर्किड उगाने के आधार के रूप में किया जाता रहा है।

तने के शीर्ष का मध्यक भाग (pith) और नई कुंडलित पत्तियाँ खाई जा सकती हैं, और आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई इन्हें कच्चा या भूनकर खाते थे। 1889 की पुस्तक The Useful Native Plants of Australia के अनुसार तने के शीर्ष का स्टार्चयुक्त गूदा स्वीडिश शलजम जैसी बनावट का होता था, जिसे राख में भूनकर या रोटी की तरह खाया जाता था, हालांकि इसका स्वाद अंग्रेज़ों की रुचि के अनुसार अत्यधिक कड़वा और कषाय माना गया।

संरक्षण और खतरे

Dicksonia antarctica को IUCN द्वारा अभी तक कोई संरक्षण श्रेणी नहीं दी गई है, और नवंबर 2025 तक इसे ऑस्ट्रेलियाई संघीय सरकार या न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया अथवा तस्मानिया की राज्य सरकारों द्वारा भी वर्गीकृत नहीं किया गया है।

क्वींसलैंड में इसे 'विशेष न्यूनतम चिंता' (special least concern) की श्रेणी में रखा गया है, जबकि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में इसे 'संकटग्रस्त' (endangered) माना जाता है, जहाँ यह अपने प्राकृतिक आवास से लगभग विलुप्त हो चुका है।

इसके मुख्य वितरण क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी क्वींसलैंड, न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और तस्मानिया में इसकी स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है, जो आंशिक रूप से इसकी आग के बाद पुनः उगने की क्षमता के कारण संभव है।

रोचक तथ्य

  1. दुर्लभ नमूनों में एक ही पौधे पर छह तक शीर्ष कलियाँ (crowns) दर्ज की गई हैं, जबकि सामान्यतः इसमें केवल एक तना होता है।
  2. इसकी कीप-आकार की शीर्ष कली को वर्षा जल एकत्र करने में सहायक माना गया है।
  3. Dicksoniaceae कुल में ऑस्ट्रेलिया में केवल एक वंश और तीन प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  4. प्रत्येक सोरस का व्यास मात्र 1 मिलीमीटर होता है, फिर भी ये पत्ती की पूरी निचली सतह पर सैकड़ों की संख्या में बनते हैं।
  5. इस फर्न को रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी का प्रतिष्ठित अवार्ड ऑफ गार्डन मेरिट प्राप्त है।
  6. 1889 के एक अभिलेख के अनुसार इसके तने का गूदा इतना कड़वा और कषाय होता था कि यह यूरोपीय स्वाद के अनुकूल नहीं माना गया।
  7. तस्मानिया के एक अध्ययन में एक ही तने पर 97 अलग-अलग फर्न, मॉस और ब्रायोफाइट प्रजातियाँ उगती पाई गईं।

पारिस्थितिकी

आवास

  • वन

वृद्धि का रूप

  • फर्न

फ़ोटो

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एक वयस्क Dicksonia antarctica फर्न, जिसका मोटा रेशेदार तना और शीर्ष पर फैली हुई विशाल हरी पत्तियों का कीप-आकार का मुकुट दिखाई दे रहा हैफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipedia