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Digitalis purpurea

Digitalis purpurea

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

बैंगनी रंग के लंबे, नलिकाकार फूलों वाला एक ऊँचा फॉक्सग्लव पौधा, जिसकी पत्तियाँ रोमिल और भूरे-हरे रंग की हैंफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

एक नज़र में

इसके लिए जाना जाता है
तटीयवनभूमिपर्वतअशांत भूमिशाकीय पौधा
वर्गीकरण
संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Lamiales
कुल
Plantaginaceae
वंश
Digitalis
प्रजाति
Digitalis purpurea

Digitalis purpurea, जिसे सामान्यतः फॉक्सग्लव कहा जाता है, अपने आप में एक विरोधाभास है - यह एक अत्यंत जहरीला पौधा है, फिर भी यही हृदय रोग की प्रमुख दवा डिगॉक्सिन का मूल स्रोत रहा है।

यह प्लांटैजिनेसी कुल का एक शाकीय पौधा है, जो मूल रूप से यूरोप के अधिकांश शीतोष्ण क्षेत्रों का निवासी है और अब उत्तरी अमेरिका सहित कई अन्य शीतोष्ण क्षेत्रों में भी प्राकृतिक रूप से फैल गया है। यह एक द्विवार्षिक पौधा है - पहले वर्ष में यह केवल पत्तियों का एक गुच्छा बनाता है, दूसरे वर्ष में फूलता है और फिर मर जाता है, लेकिन इतने बीज छोड़ जाता है कि बगीचे में इसकी पीढ़ियाँ स्वयं ही आगे बढ़ती रहती हैं।

यह पौधा अपने ऊँचे, बैंगनी फूलों की झालरदार डंडियों के कारण बगीचों में बेहद लोकप्रिय है, लेकिन इसकी असली कहानी इससे कहीं अधिक गहरी है - यह चिकित्सा इतिहास, पारिस्थितिकी और लोककथाओं तक फैली हुई है।

पहचान और रूप

फॉक्सग्लव को पहचानने का सबसे आसान तरीका है इसकी लंबी, नलिकाकार और झुकी हुई फूल-कली, जो एक ऊँची, एकतरफा या चारों ओर फैली फूल-शृंखला में लगती है। जंगली रूप में फूल मुख्यतः तने के एक ही ओर लगते हैं, जबकि बागवानी की किस्मों में ये पूरे तने के चारों ओर घेरे में खिलते हैं।

पहले वर्ष में यह पौधा भूमि पर पत्तियों का एक घना गुच्छा बनाता है। पत्तियाँ सर्पिल क्रम में लगी होती हैं, सरल आकार की, 10 से 35 सेंटीमीटर लंबी और 5 से 12 सेंटीमीटर चौड़ी होती हैं, और भूरे-सफेद रोमों तथा ग्रंथिल बालों से ढकी होने के कारण छूने पर ऊनी जैसी लगती हैं।

दूसरे वर्ष में फूल वाला तना विकसित होता है, जो सामान्यतः 1 से 2 मीटर ऊँचा होता है, कभी-कभी इससे भी अधिक। फूल आमतौर पर बैंगनी रंग के होते हैं, हालाँकि खेती की गई किस्मों में गुलाबी, हल्के लाल, पीले या सफेद रंग भी देखे जाते हैं। फूल की नलिका के भीतरी हिस्से पर घने धब्बे होते हैं, जो इसकी पहचान का एक विशिष्ट चिह्न हैं। फूल आने का मुख्य समय शुरुआती गर्मी है, और कभी-कभी मौसम के बाद के हिस्से में अतिरिक्त फूल-डंडियाँ भी निकलती हैं।

फूल के बाद बनने वाला फल एक छोटा कैप्सूल होता है, जो पकने पर फट जाता है और असंख्य अत्यंत छोटे, केवल 0.1 से 0.2 मिलीमीटर के बीज छोड़ता है।

वितरण और आवास

फॉक्सग्लव का मूल क्षेत्र पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अफ्रीका तक फैला है - यह बेल्जियम, चेक गणराज्य, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम और मोरक्को में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, साथ ही कोर्सिका और सार्डिनिया द्वीपों पर भी इसका प्राकृतिक वितरण है।

मानव द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पहुँचाए जाने के कारण यह पौधा अब यूरोप के भीतर भी नए क्षेत्रों में, साथ ही एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और ओशिआनिया में स्थापित हो गया है। उत्तरी अमेरिका में यह अमेरिका के बीस से अधिक राज्यों और कनाडा के कई प्रांतों में पाया जाता है, जबकि दक्षिण अमेरिका में अर्जेंटीना, ब्राज़ील, चिली, कोलंबिया और पेरू जैसे देशों में इसकी उपस्थिति दर्ज है। ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में यह एक स्थापित खरपतवार के रूप में जाना जाता है।

यह पौधा खुले जंगलों, वुडलैंड के साफ किए गए हिस्सों, मूरलैंड और हीथ की सीमाओं, समुद्री चट्टानों, पहाड़ी ढलानों और बाड़ों के किनारों जैसे विविध आवासों में उगता है, तथा अम्लीय मिट्टी को पसंद करता है।

GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़ों में जून के महीने में सबसे अधिक दर्ज उल्लेख देखे जाते हैं, जो इसके फूलने के मौसम के साथ मेल खाता प्रतीत होता है। हालाँकि यह आँकड़ा केवल उपस्थिति के अवलोकनों को दर्शाता है, न कि पौधे की वास्तविक बहुतायत या इसके संपूर्ण मूल विस्तार को।

Digitalis purpurea के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
1,00,165
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

पारिस्थितिकी और संबंध

फॉक्सग्लव के बीज केवल रोशनी के संपर्क में आने पर ही अंकुरित होते हैं, इसलिए यह पौधा घने जंगलों की छायादार भीतरी भूमि में लगभग अनुपस्थित रहता है, जबकि हाल ही में साफ किए गए, जले हुए या निर्माण कार्य से बाधित हुए स्थलों पर यह सबसे पहले फिर से उगने वाले जंगली फूलों में से एक होता है।

यह पौधा ह्यूमस-युक्त मिट्टी में सबसे अच्छी तरह पनपता है, लेकिन किसी भी सामान्य नम मिट्टी में जीवित रह सकता है और आंशिक धूप से लेकर गहरी छाया तक की परिस्थितियों को सहन कर लेता है।

मधुमक्खियाँ इसके फूलों की नलिका के भीतर घुसकर मकरंद प्राप्त करती हैं, जिसका उपयोग शहद बनाने में होता है। Eupithecia pulchellata नामक फॉक्सग्लव पग शलभ (moth) के लार्वा फूलों के भीतर घुसकर रेशमी जाल बुनते हैं और परागकोश तथा विकसित हो रहे बीजों को खाते हैं - यह प्रजाति ब्रिटेन, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया में दर्ज की गई है, लेकिन असामान्य मानी जाती है। इसके अलावा Mellicta athalia, Xestia ashworthii, Euphydryas aurinia और Mellicta deione जैसी अन्य शलभ प्रजातियों के कैटरपिलर इसकी पत्तियाँ खाते हुए दर्ज किए गए हैं।

उपयोग और मानव संबंध

फॉक्सग्लव के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ 1785 में आया, जब विलियम विदरिंग ने इसकी पत्तियों से प्राप्त अर्क का उपयोग हृदय की स्थितियों के उपचार में किया - इस घटना को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की शुरुआत माना जाता है। इस पौधे से निकाला गया डिजिटॉक्सिन हृदय गति को धीमा लेकिन अधिक प्रभावी बनाने में उपयोग होता रहा है, और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन नाकाबंदी से उत्पन्न दवा की कमी के समय ब्रिटेन में काउंटी हर्ब समितियों ने इसे विशेष रूप से एकत्र किया था।

बागवानी में यह पौधा देर वसंत और शुरुआती गर्मी में ऊँचाई और रंग जोड़ने वाले एक लोकप्रिय शोभादार पौधे के रूप में उगाया जाता है। खेती की गई किस्मों में फूल तने के चारों ओर पूरी तरह घिरे होते हैं, जबकि जंगली रूप में ये केवल एक ओर लगते हैं। बीज अक्सर एक्सेल्सियर हाइब्रिड जैसे मिश्रणों के रूप में बेचे जाते हैं, जिनमें सफेद, गुलाबी और बैंगनी रंगों की विविधता होती है, और यह पौधा -15 डिग्री सेल्सियस तक की सर्दी सहन कर लेता है।

रोचक तथ्य

  1. वर्ष 1785 में विलियम विदरिंग द्वारा फॉक्सग्लव अर्क के चिकित्सीय उपयोग का वर्णन अंग्रेज़ी चिकित्सा साहित्य में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की शुरुआत माना जाता है।
  2. यूरोपीय लोककथाओं में फॉक्सग्लव को परियों का प्रिय पौधा माना जाता रहा है, और माना जाता था कि जंगल में इसका उगना परियों की उपस्थिति का संकेत है।
  3. यह पौधा अपने जीवनकाल में केवल दूसरे वर्ष में ही फूलता है और फिर मर जाता है, फिर भी इतने बीज छोड़ जाता है कि यह बगीचों और परती भूमि में स्वयं ही बार-बार उग आता है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • तटीय
  • वनभूमि
  • पर्वत
  • अशांत भूमि

वृद्धि का रूप

  • शाकीय पौधा

फ़ोटो

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बैंगनी रंग के लंबे, नलिकाकार फूलों वाला एक ऊँचा फॉक्सग्लव पौधा, जिसकी पत्तियाँ रोमिल और भूरे-हरे रंग की हैंफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of Life