Koeleria vallesiana एक बहुवर्षीय घास है जो यूरोप, शीतोष्ण एशिया और उत्तरी अमेरिका में पाई जाती है। यह Poaceae परिवार और Koeleria वंश से संबंधित है, जिसे अंग्रेज़ी में सॉमरसेट हेयर ग्रास भी कहा जाता है।
यह घास मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य-पश्चिमी यूरोप से लेकर उत्तर-पश्चिम अफ्रीका तक फैले क्षेत्रों में पाई जाती है, जहाँ यह शुष्क और चूना-युक्त मिट्टी वाले स्थानों को पसंद करती है।
यह घास अपनी व्यापक भौगोलिक उपस्थिति और पक्षियों तथा कीटों के लिए भोजन-स्रोत के रूप में अपनी भूमिका के कारण ध्यान देने योग्य है।
पहचान और रूप
Koeleria vallesiana को इसके वंश के अन्य सदस्यों की तरह एक गुच्छेदार, बहुवर्षीय घास के रूप में पहचाना जा सकता है, जिसकी पतली और कड़ी पत्तियाँ तथा संकरी, स्पाइक जैसी पुष्पगुच्छ संरचना होती है, जो Koeleria वंश की पहचान है।
वितरण और आवास
Koeleria vallesiana का प्राकृतिक वितरण पश्चिमी और मध्य-पश्चिमी यूरोप से उत्तर-पश्चिम अफ्रीका तक फैला हुआ है। इसकी प्राकृतिक सीमा में अल्जीरिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, इटली, मोरक्को, पुर्तगाल, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड और ट्यूनीशिया शामिल हैं।
यह एक शीतोष्ण जलवायु की प्रजाति है, जो सामान्यतः शुष्क और खुली भूमि पर उगती है।
निरीक्षण आँकड़ों में मई और जून के महीनों में स्पष्ट रूप से उच्चतम गतिविधि दिखाई देती है, जो दर्शाती है कि इस अवधि में इस प्रजाति की उपस्थिति सबसे अधिक दर्ज की जाती है, हालांकि यह आँकड़े केवल उपस्थिति के रिकॉर्ड हैं, न कि जनसंख्या या पूर्ण वितरण सीमा के संकेतक।

वृद्धि और स्वरूप
Koeleria vallesiana एक बहुवर्षीय (पेरेनियल) घास है, जिसका अर्थ है कि यह एक ही स्थान पर वर्षों तक जीवित रहती है और हर वर्ष नए सिरे से नहीं उगानी पड़ती।
पारिस्थितिकी और संबंध
यह घास कई पक्षी प्रजातियों के आहार का हिस्सा बनती है, विशेष रूप से विभिन्न प्रकार की फिंच और अन्य बीज-भक्षी पक्षी इसे खाते पाए गए हैं, जिनमें रेडपोल, लार्क, गोल्डफिंच से संबंधित प्रजातियाँ, ग्रीनफिंच, रोज़फिंच और कबूतर जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं।
जलपक्षी जैसे मल्लार्ड और ग्रेलैग हंस भी इस घास को आहार के रूप में उपयोग करते पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घास पक्षियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए भोजन का स्रोत है।
इसके अतिरिक्त, एक कीट प्रजाति, जो झाड़ी-क्रिकेट के समूह से संबंधित है, भी इस घास को खाती पाई गई है, जो दर्शाता है कि यह घास कीटों के आहार में भी भूमिका निभाती है।
रोचक तथ्य
- इस प्रजाति के कई पुराने वानस्पतिक नाम रहे हैं, जैसे Poa vallesiana, Festuca splendens और Koeleria alpicola, जो दर्शाते हैं कि समय के साथ वनस्पतिशास्त्रियों ने इसे विभिन्न वंशों में वर्गीकृत किया है।
- इसका एक पुराना नाम Airochloa pubescens भी रहा है, जो इस घास के वर्गीकरण इतिहास की जटिलता को दर्शाता है।
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- घास-रूपी पौधा (ग्रेमिनॉइड)
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Liliopsida
- गण
- Poales
- कुल
- Poaceae
- वंश
- Koeleria
- प्रजाति
- Koeleria vallesiana
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Plants of the World Online Native range, life form and climate (WCVP)
- GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
- trophiCH



