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Manorina flavigula

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

संकटमुक्त

ऑस्ट्रेलिया का यह पक्षी लगभग क्षेत्र में फैला है और केवल ऑस्ट्रेलिया में ही मिलता है। यह Manorina वंश की सबसे व्यापक प्रजाति है और मधुचूषक पक्षियों के परिवार Meliphagidae से संबंधित है। संरक्षण की दृष्टि से इसे कम चिंताजनक श्रेणी में रखा गया है।

यह एक सामाजिक पक्षी है जो झुंडों में रहता है। यह खुले जंगलों और अर्ध-शुष्क इलाकों में पाया जाता है, और मानव द्वारा बदले गए परिदृश्य में भी आसानी से बस जाता है। इसका आकार और रंग अपने निकट संबंधी प्रजातियों से मिलता-जुलता है, इसलिए इसकी पहचान के लिए बारीक चिह्नों पर ध्यान देना ज़रूरी है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसका साफ़ सफ़ेद पिछला भाग है। उड़ते समय यह सफ़ेद धब्बा दूर से भी दिखता है, और जहाँ दो मैनोरिना प्रजातियाँ साथ रहती हैं, वहाँ इसी से पहचान होती है।

यह एक मध्यम आकार का मधुचूषक पक्षी है, जिसकी कुल लंबाई 22 से 28 सेंटीमीटर होती है। पंखों की लंबाई 12 से 13.8 सेंटीमीटर और चोंच लगभग 25 मिलीमीटर होती है। वयस्कों का वज़न 50 से 61 ग्राम के बीच होता है, और औसत वज़न लगभग है।

पीठ और पंखों का रंग गहरा स्लेटी होता है, जिस पर हल्के स्लेटी रंग की धारियाँ होती हैं। पंखों में पीले रंग की मात्रा अलग-अलग होती है। छाती और पेट हल्के स्लेटी से सफ़ेद होते हैं, और छाती पर हल्की स्लेटी लहरदार बनावट दिखती है। चोंच, आँखों के आसपास की नंगी त्वचा और पैर चमकीले पीले होते हैं, जबकि आँखों की पुतली भूरी होती है।

पीला रंग माथे, ठुड्डी और गले के किनारों पर भी फैला होता है, जो इसे शोरगुल करने वाली निकट संबंधी प्रजाति से अलग करता है। नर और मादा में बड़ा अंतर नहीं दिखता। युवा पक्षियों की छाती पर लहरदार बनावट नहीं होती और उनके पंख अधिक भूरे होते हैं। इस प्रजाति की चार उप-प्रजातियों में रंग और आकार में थोड़ा अंतर है, जिनमें M. f. obscura अधिक गहरे रंग की और M. f. lutea अधिक पीली होती है।

वितरण और आवास

यह प्रजाति ऑस्ट्रेलिया के लगभग अधिकांश भाग में मिलती है। ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के पूर्व में, केप यॉर्क प्रायद्वीप पर, उत्तर-पूर्वी नॉर्दर्न टेरिटरी के कुछ हिस्सों में और मध्य ऑस्ट्रेलिया के सबसे शुष्क इलाकों के छोटे क्षेत्रों में यह नहीं मिलती।

उप-प्रजातियों का वितरण अलग-अलग है। M. f. wayensis पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बीच से पश्चिमी क्वींसलैंड तक सबसे विस्तृत क्षेत्र में मिलती है। M. f. flavigula सबसे पूर्वी उप-प्रजाति है और क्वींसलैंड के अधिकांश भाग, न्यू साउथ वेल्स और अंदरूनी विक्टोरिया में पाई जाती है। M. f. lutea उत्तरी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और नॉर्दर्न टेरिटरी में, जबकि M. f. obscura दक्षिण-पश्चिमी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में मिलती है।

यह मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में रहती है, लेकिन शीतोष्ण, उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय इलाकों तक भी फैली है। यह बबूल, यूकेलिप्टस, मैली, और कैज़ुआरिना के वनों और झाड़ीदार इलाकों में मिलती है। यह किनारों वाले और उजड़े आवास पसंद करती है, इसलिए पुनर्जीवित वनस्पति, सड़कों के किनारे और कटे हुए खेतों के पास भी दिखती है।

यह कुछ झाड़ियों वाले क्षेत्र को पसंद करती है और बहाल हुए आवासों में वापस आ जाती है। घनी और पुरानी मैली झाड़ियों में यह कम मिलती है। पेड़ों की छाया को प्राथमिकता देने के बावजूद यह चरागाहों जैसे खुले इलाकों में अपने निकट संबंधी प्रजातियों की तुलना में अधिक दूर तक जाती है।

Manorina flavigula के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
26,285
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

यह प्रजाति अपने वंश के अन्य सदस्यों की तरह जटिल सामाजिक संरचना वाली है। अधिकतर यह 12 पक्षियों तक के छोटे झुंडों में, कभी जोड़ों में, और कभी अकेले दिखती है। कुछ स्थानों पर सामुदायिक समूह 50 पक्षियों तक पहुँच सकते हैं। प्रजनन के बाहर के मौसम में बड़े झुंड अधिक दिखते हैं, जो अधिकतर स्थानीय आवागमन होता है। इसकी लंबी दूरी की प्रवास की कोई ज्ञात आदत नहीं है, और यह अधिकतर एक ही स्थान पर रहती है।

यह बहुत सतर्क रहती है और शिकारी के आने पर सबसे पहले चेतावनी देती है। इसकी पुकारें अपने निकट संबंधी प्रजातियों से अधिक ऊँची पिच की होती हैं, फिर भी इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। यह अपने सामाजिक व्यवहार में कई पुकारें, मुद्राएँ और आपसी क्रियाएँ साझा करती है।

यह छोटे कीटभक्षी और मधुचूषक पक्षियों के प्रति बहुत आक्रामक होती है और बड़े पक्षियों पर भी हमला करने से नहीं हिचकती। सड़कों के किनारे और खेतों को बाँटने वाली झाड़ियों पर इसका कब्ज़ा होने से छोटे पक्षियों के आने-जाने के रास्ते कट जाते हैं। कुछ अध्ययनों में इसे विक्टोरिया के उजड़े मैली वनों में पक्षियों की विविधता कम होने से जोड़ा गया है।

यह ग्रे बुचरबर्ड और पाइड बुचरबर्ड के साथ क्षेत्र साझा करती है और उनके पास घोंसले भी बनाती है। इस साथ का कारण संभवतः आपसी सुरक्षा है, क्योंकि यह शिकारी के आने की जल्दी खबर देती है। यह मिश्रित झुंडों में भी चारा खोजती है, जिनमें शोरगुल करने वाले मैनोरिना, व्हाइट-प्लुम्ड मधुचूषक, फ्रायरबर्ड और ब्लू-फेस्ड मधुचूषक शामिल होते हैं।

आहार और पोषण

इसका आहार विविध है, जिसमें मुख्य रूप से कीड़े और मकरंद शामिल हैं और कभी-कभी फल भी खाए जाते हैं। यह अधिकतर पेड़ों की छतरी में चारा खोजती है, फूलों से मकरंद निकालती है और पत्तियों व छाल से मकड़ियाँ और कीड़े चुनती है।

यह उड़ते कीड़ों को भी पकड़ती है, जिसमें लगभग 6% बार यह हवा में झपट्टा मारने की तरकीब अपनाती है। उड़ान के दौरान यह अपने निकट संबंधी प्रजातियों की तुलना में अधिक पंखों वाली चालें इस्तेमाल करती है। ज़मीन पर भी यह जड़ी-बूटियों, पत्तों के ढेर और पत्थरों के आसपास कीड़े खोजती है।

कुछ अध्ययनों में कीड़ों और मकरंद का अनुपात 65:35 से 70:30 के बीच पाया गया है। भोजन अक्सर पाँच से दस पक्षियों के छोटे समूहों में होता है, लेकिन कभी जोड़ों में और कभी बड़े समूहों में भी। भोजन के दौरान यह शोर करती है।

चूज़ों को उड़ना सीखने तक लगभग पूरी तरह कीड़े खिलाए जाते हैं। उसके बाद ही वे फूलों से मकरंद लेना सीखते हैं।

घोंसला और प्रजनन

यह प्रजाति सामूहिक और सहकारी प्रजनन के लिए जानी जाती है, हालाँकि अकेले जोड़े भी प्रजनन करते हैं। बिना सहायकों वाले जोड़ों में असफलता की दर अधिक होती है। प्रजनन पूरे वर्ष देखा जाता है, लेकिन अगस्त से अक्टूबर के बीच सबसे अधिक होता है, और एक मौसम में कई बार अंडे दिए जाते हैं।

घोंसला पेड़ की दोमुंही शाखा में, घनी छाया में बनाया जाता है। यह कटोरे के आकार का होता है और बुनी हुई टहनियों और घास से बनता है। अंदर की परत मोटी और मुलायम होती है, जो अक्सर ऊन से बनी होती है। यह शोरगुल करने वाली प्रजाति के घोंसले से मिलता-जुलता है, लेकिन अधिक मज़बूत होता है।

आमतौर पर तीन या चार अंडे दिए जाते हैं, हालाँकि दो और पाँच अंडों के भी उदाहरण मिले हैं। अंडे गुलाबी-बफ़ रंग के होते हैं, जिन पर धब्बे बड़े सिरे की ओर सघन होते हैं। ज़्यादातर मादा ही अंडों को सेती है, लेकिन तेज़ हवा के समय नर भी सेते हुए देखे गए हैं। 15 से 16 दिनों के सेवन के बाद अंडे फूटते हैं।

माता-पिता और उपलब्ध सहायक दोनों घोंसले में चूज़ों को खाना खिलाते हैं। कुछ घोंसलों पर सात पक्षी तक देखे गए हैं। सहायक अधिकतर युवा या अविवाहित नर होते हैं, जैसा निकट संबंधी प्रजातियों में देखा गया है।

घोंसलों पर पैलिड कोयल और कॉमन कोयल अपने अंडे रखकर परजीविता करती हैं। पैलिड कोयल का परजीविता दर 12% तक देखा गया है। इसके अलावा यह प्रजाति ऑस्ट्रेलिया के दो अन्य मैनोरिना के साथ संकरण भी करती है। काले कानों वाले मैनोरिना के साथ संकरण उसके अस्तित्व के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है, क्योंकि 1950 से पहले दोनों के रूप अलग थे, पर अब उनमें एक निरंतरता दिखती है।

रोचक तथ्य

  1. इसके नाम का शब्द "miner" अंग्रेज़ी के "myna", "mynah" और "minah" का वैकल्पिक रूप है, और यही नाम इस वंश के अन्य सदस्य भी साझा करते हैं।
  2. सामान्य मैना से समानता के कारण इसे यह नाम मिला, लेकिन सामान्य मैना स्टार्लिंग परिवार की है और इस मधुचूषक परिवार से उसका निकट संबंध नहीं है।
संकटमुक्त

फ़ोटो

तस्वीरें via iNaturalist, licensed under CC0 1.0. और by Mark Clarke via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

व्यवहार

  • क्षेत्रीय
  • आक्रामक
  • सामाजिक
  • दिवाचर

आहार

  • कीटभक्षी

वर्गीकरण

संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Passeriformes
कुल
Meliphagidae
वंश
Manorina
प्रजाति
Manorina flavigula

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. AnAge Longevity
  6. AVONET Bird mass, habitat, migration, diet and range size