Myotis myotis यूरोप की एक बड़ी चमगादड़ प्रजाति है, जो अपने आकार के हिसाब से असाधारण रूप से लंबी उम्र जीती है और 35 वर्ष से अधिक तक जीवित रह सकती है।
यह वेस्परटिलियोनिडाए कुल का सदस्य है और स्तनधारी वर्ग, काइरोप्टेरा गण से संबंध रखता है। इसका फैलाव पूरे यूरोप में है, और आईयूसीएन ने इसे "संकटमुक्त" श्रेणी में रखा है। इसकी शिकार करने की अनोखी शैली और सामाजिक जीवन इसे विशेष रूप से दिलचस्प बनाते हैं।
पहचान और रूप
इस प्रजाति की पहचान का सबसे उपयोगी लक्षण इसका बड़ा आकार है, जो इसे मायोटिस वंश के अधिकांश सदस्यों से अलग करता है और इसे यूरोप के सबसे बड़े चमगादड़ों में शामिल करता है। इसका वजन 45 ग्राम तक और सिर से पूंछ तक लंबाई 8 से 9 सेंटीमीटर तक होती है, यानी यह घरेलू चूहे से थोड़ा बड़ा है।
इसकी थूथन लंबी और चौड़ी होती है, जबकि कान बड़े और लंबे होते हैं। शरीर का ऊपरी भाग भूरे से लाल-भूरे रंग का होता है, जबकि निचला भाग मटमैला सफेद या बेज रंग का होता है। कान के अंदर मौजूद ट्रैगस कान की लंबाई के लगभग आधे हिस्से जितना होता है, और अधिकांश व्यक्तियों में इसका सिरा काले रंग का होता है। पंखों की झिल्ली भूरे रंग की होती है।
इसका पंख-फैलाव लगभग 40 सेंटीमीटर होता है, अग्रबाहु की लंबाई लगभग 6 सेंटीमीटर और पूंछ 4 से 5 सेंटीमीटर लंबी होती है। मादाएं नर से थोड़ी बड़ी होती हैं, जो इस कुल के अधिकांश सदस्यों में देखा जाने वाला हल्का यौन द्विरूपता का पैटर्न है।
वितरण और आवास
यह प्रजाति पूरे यूरोप में पाई जाती है, सिवाय आयरलैंड, डेनमार्क, लातविया, एस्टोनिया, फिनलैंड और स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप के। यह भूमध्यसागरीय द्वीपों जैसे सिसिली, माल्टा और जिम्नेसियन द्वीपों पर भी मिलती है, और मध्य पूर्व में तुर्की, इज़राइल, सीरिया, जॉर्डन तथा लेबनान में इसकी उपस्थिति दर्ज की गई है। यह संभवतः यूनाइटेड किंगडम में भी पाई जाती है, जहां 20वीं सदी के दौरान यह अत्यंत दुर्लभ हो गई थी और स्थानीय रूप से विलुप्त मानी गई, लेकिन हाल के वर्षों में कुछ व्यक्ति फिर से देखे गए हैं।
मायोर्का द्वीप पर यह चमगादड़ों की सबसे प्रचुर प्रजाति है, जहां कुछ गुफाओं में 200 से 500 तक व्यक्तियों वाले बड़े समूह पाए जाते हैं। यह आइबेरियन प्रायद्वीप और फ्रांस में भी बहुत आम है।
यह मुख्य रूप से गुफाओं और चर्च तथा किलों जैसी इमारतों में रहती है, साथ ही अपेक्षाकृत खुले, हल्के वनाच्छादित जंगलों में भी विचरण करती है। यह शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों के आसपास भी देखी जाती है। 2012 में इटली के गोला डेला रोसा और फ्रासासी प्राकृतिक पार्क में इसकी कई हज़ार व्यक्तियों वाली आबादी की रक्षा के लिए एक परियोजना शुरू की गई थी।

व्यवहार और जीवनशैली
यह चमगादड़ निशाचर है और लगभग 10 किलोमीटर की त्रिज्या वाले बड़े क्षेत्र में सक्रिय रहता है। ग्रीष्म और शीत ऋतु के आवासों के बीच की दूरी 10 किलोमीटर से अधिक हो सकती है, और मुख्य भूमि यूरोप में यह वसंत ऋतु में 200 किलोमीटर तक की वार्षिक यात्राएं करता है, हालांकि अधिकांश यात्राएं केवल लगभग 10 किलोमीटर की होती हैं।
यह समूहों में रहता है, जिनमें आमतौर पर 10 से 100 व्यक्ति होते हैं, हालांकि मुख्य भूमि यूरोप में 4,500 से अधिक चमगादड़ों वाली विशाल कॉलोनियां भी पाई गई हैं। यह गुफाओं या अटारियों में शरण लेना पसंद करता है, लेकिन कभी-कभी अस्थिर तापमान वाली इमारतों में भी रहता है। यह अन्य चमगादड़ प्रजातियों जैसे Myotis capaccinii और Miniopterus schreibersi के साथ भी सहवास करता पाया गया है।
यह अपेक्षाकृत नीचे, लगभग 5 से 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ता है। शीतनिद्रा के दौरान इसकी हृदय गति 600 धड़कन प्रति मिनट से घटकर केवल 18 से 80 धड़कन प्रति मिनट रह जाती है, जो इसे कठोर सर्दियों में ऊर्जा बचाने में मदद करती है।
संचार
इस प्रजाति के बारे में उपलब्ध जानकारी बताती है कि यह मुख्य रूप से स्पर्श और रासायनिक संकेतों के माध्यम से संवाद करती है, जो सामाजिक कॉलोनियों में सदस्यों के बीच पहचान और परस्पर संपर्क बनाए रखने में सहायक होते हैं।
शिकार के दौरान यह अल्ट्रासाउंड ध्वनि निकालता है, लेकिन इसका उपयोग मुख्य रूप से स्थानिक अभिविन्यास के लिए किया जाता है, न कि शिकार खोजने के लिए। इसकी इकोलोकेशन आवृत्तियां 22 से 86 किलोहर्ट्ज़ के बीच होती हैं, जिनमें सबसे अधिक ऊर्जा 37 किलोहर्ट्ज़ पर केंद्रित होती है, और प्रत्येक ध्वनि तरंग औसतन 6.0 मिलीसेकंड तक चलती है।
शिकार और आहार
अपने अधिकांश संबंधियों से अलग, यह चमगादड़ उड़ान के दौरान इकोलोकेशन का उपयोग करके शिकार नहीं पकड़ता। इसके बजाय यह जमीन से शिकार को "ग्लीन" करता है, यानी कीड़ों द्वारा निकाली गई आवाज़ों को निष्क्रिय रूप से सुनकर उनका पता लगाता है। यह खुले पर्णपाती जंगलों, वन-किनारों और चरागाहों में शिकार करता है, विशेष रूप से कम घास वाली जमीन पर, जहां ज़मीनी भृंगों को पकड़ना आसान होता है।
यह एक अवसरवादी शिकारी है, जो मुख्य रूप से ग्राउंड बीटल जैसे कैरेबिड भृंगों का शिकार करता है, लेकिन जब मौका मिले तो बड़े पतंगों, घास के भृंगों, सेंटीपीड और मकड़ियों का भी शिकार करता है। यदि पसंदीदा शिकार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न हो, तो यह वैकल्पिक शिकार की ओर रुख कर लेता है।
यह प्रतिदिन रात में अपने शरीर के वजन का लगभग 25 से 50 प्रतिशत भोजन खा लेता है, जो इसकी उच्च ऊर्जा आवश्यकताओं को दर्शाता है, विशेष रूप से उड़ान और शिकार गतिविधि को बनाए रखने के लिए।
प्रजनन और बच्चों का पालन
यह प्रजाति बहुपति-बहुपत्नी (प्रोमिस्क्यूअस) संभोग प्रणाली अपनाती है और मौसमी प्रजनक है। संभोग शरद ऋतु में होता है, लेकिन मादाएं शुक्राणु को गर्भाशय में संग्रहीत रखती हैं और अंडों का निषेचन अगले वसंत तक टाल देती हैं। ओव्यूलेशन और निषेचन मुख्यतः फरवरी में होता है।
गर्भधारण अवधि लगभग 60 से 70 दिनों की होती है, और अधिकांश प्रसव अप्रैल से जून के बीच होते हैं, हालांकि कुछ जन्म सर्दियों में भी देखे गए हैं। एक मादा आमतौर पर एक, कभी-कभी दो बच्चों को जन्म देती है। बच्चे जन्म के समय अंधे होते हैं, लेकिन उनके पिछले पैरों में पंजे और दूध के दांत पहले से मौजूद होते हैं।
जन्म के बाद लगभग दो सप्ताह तक बच्चे अपनी मां से चिपके रहते हैं। इस दौरान मादाएं नर्सरी कॉलोनियां बनाती हैं, जिनसे नर चमगादड़ों को बाहर रखा जाता है। बच्चे लगभग 60 दिनों में दूध छुड़ाते हैं और दो महीने में स्वतंत्र हो जाते हैं, जिसके बाद वे स्वयं कीड़े खाना शुरू करते हैं और आगामी शीतनिद्रा के लिए पर्याप्त वसा संचित करना शुरू कर देते हैं। स्वतंत्र होते ही मादाएं फिर से संभोग के लिए तैयार हो जाती हैं। मादा और नर दोनों लगभग 502 दिनों की आयु में यौन परिपक्वता प्राप्त करते हैं।
संरक्षण और खतरे
आईयूसीएन इस प्रजाति को "संकटमुक्त" श्रेणी में रखता है, जिसका अर्थ है कि वर्तमान में इसके अस्तित्व को तत्काल कोई गंभीर खतरा नहीं है। हालांकि, कुछ आंकड़े बताते हैं कि हाल के समय में इसकी संख्या में तेज़ी से गिरावट आई है और यह उत्तर-पश्चिमी यूरोप के कुछ क्षेत्रों में पूरी तरह विलुप्त हो चुकी है।
इटली के गोला डेला रोसा और फ्रासासी प्राकृतिक पार्क में 2012 में शुरू की गई एक संरक्षण परियोजना इस प्रजाति की कई हज़ार व्यक्तियों वाली आबादी की रक्षा के लिए काम कर रही है, जो दर्शाता है कि विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रीय आबादियों के लिए सक्रिय संरक्षण प्रयास जारी हैं।
सांस्कृतिक महत्व
यह चमगादड़ मनुष्यों के लिए सीधा लाभकारी सिद्ध होता है, क्योंकि यह कृषि और वन क्षेत्रों में कीट आबादी को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे भृंगों और पतंगों जैसे हानिकारक कीड़ों की संख्या स्वाभाविक रूप से संतुलित रहती है।
रोचक तथ्य
- Myotis वंश को ऐतिहासिक रूप से वेस्परटिलियोनिनाए उपकुल में रखा गया था, लेकिन 1998 में नैन्सी सिमंस ने इसे एक अलग उपकुल, मायोटिनाए, में वर्गीकृत किया।
- 2005 के वर्गीकरण में सिमंस ने Cistugo और Lasionycteris वंशों को भी मायोटिनाए उपकुल में शामिल किया।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Chordata
- वर्ग
- Mammalia
- गण
- Chiroptera
- कुल
- Vespertilionidae
- वंश
- Myotis
- प्रजाति
- Myotis myotis
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Animal Diversity Web Animal habitat, behavior and diet
- AnAge Longevity



