Papaver rhoeas, जिसे सामान्यतः कॉर्न पॉपी या फील्ड पॉपी कहा जाता है, पैपावरेसी कुल का एक वार्षिक शाकीय फूलदार पौधा है। यह उत्तरी अफ्रीका और शीतोष्ण यूरेशिया का मूल निवासी है, और अब अंटार्कटिका को छोड़कर बाकी सभी महाद्वीपों के शीतोष्ण क्षेत्रों में फैल गया है।
यह पौधा खेतों, सड़कों के किनारे और अशांत भूमि में तेज़ी से उगता है, और इसकी चमकीली लाल पंखुड़ियाँ इसे किसी भी परिदृश्य में तुरंत पहचानने योग्य बनाती हैं। इसके सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्व के कारण यह पौधा वनस्पति विज्ञान से आगे बढ़कर कला, कविता और राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बन गया है।
पहचान और रूप
इस पौधे की सबसे पहचानने योग्य विशेषता इसके बड़े, चमकीले लाल फूल हैं, जिनकी चार पंखुड़ियाँ होती हैं और अक्सर आधार में एक काला धब्बा पाया जाता है। पंखुड़ियाँ एक-दूसरे को थोड़ा ढकती हैं, और फूल 5 से 10 सेंटीमीटर तक चौड़े हो सकते हैं।
यह सीधा खड़ा वार्षिक पौधा लगभग 70 सेंटीमीटर की ऊँचाई तक बढ़ता है। एक ही मौसम में यह लगभग 400 फूल तक पैदा कर सकता है, लेकिन प्रत्येक फूल केवल एक दिन ही टिकता है। इसका तना खुरदरे, तने से समकोण पर निकले रोमों से ढका रहता है, जो इसे Papaver dubium से अलग करने में सहायक है, जिसमें रोम तने से चिपके हुए होते हैं। इसके फल-कोश (कैप्सूल) बिना रोम के, अंडाकार और चौड़ाई से दो गुना से कम ऊँचे होते हैं, जिनका वर्तिकाग्र कैप्सूल जितना ही चौड़ा होता है।
प्रजनन और सजावटी उद्देश्यों के लिए चयनित प्रजनन से इसमें पीले, नारंगी, गुलाबी और सफ़ेद फूलों वाली किस्में भी विकसित की गई हैं, जिनमें शर्ली पॉपी सबसे प्रसिद्ध है। इटली में 1990 के दशक के अंत में P. dubium के साथ संकरण से 'एवलीना' नाम की एक लगभग काले रंग की किस्म भी बनाई गई थी, हालांकि यह व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
क्षतिग्रस्त होने पर इस पौधे से सफ़ेद से पीले रंग का दूध जैसा रस निकलता है, जो पैपावर वंश की अन्य प्रजातियों में भी देखा जाता है।
वितरण और आवास
Papaver rhoeas खेतों, चरागाहों, नदी किनारों, रेल पटरियों, सड़कों के किनारे और अन्य अशांत भूमि पर समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर की ऊँचाई तक पाया जाता है। यह उत्तरी अफ्रीका के अल्जीरिया, मिस्र, लीबिया, मोरक्को और ट्यूनीशिया के साथ मदेइरा और कैनरी द्वीपों में मिलता है।
पश्चिमी और शीतोष्ण एशिया में इसकी उपस्थिति अफ़गानिस्तान, ईरान, इराक, तुर्की, आर्मीनिया, अज़रबैजान और जॉर्जिया जैसे क्षेत्रों में दर्ज है, और यह पाकिस्तान व भारत के उष्णकटिबंधीय एशियाई क्षेत्रों में भी पहुँच गया है। यूरोप के अधिकांश देशों—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पोलैंड और बाल्कन क्षेत्र—में यह व्यापक रूप से फैला हुआ है।
यह पौधा USDA ज़ोन 8 से 10 तक की जलवायु सहन कर सकता है, यानी लगभग −12 डिग्री सेल्सियस तक की ठंड झेल सकता है। इसका बीज लंबे समय तक मिट्टी में सुप्त अवस्था में रह सकता है और मिट्टी के अशांत होने पर ही अंकुरित होता है, जिस कारण खेती वाली भूमि में यह अचानक बड़ी संख्या में उग आता है। गर्मियों के मध्य महीनों में इसके देखे जाने की संख्या स्पष्ट रूप से बढ़ती है, जो संभवतः इसके देर वसंत से शुरुआती गर्मी के फूलने के मौसम को दर्शाती है।

उपयोग और मानव संबंध
इस पौधे के काले बीज खाने योग्य माने जाते हैं और इन्हें अकेले या रोटी में मिलाकर खाया जाता है, हालांकि पाक-प्रयोग के लिए काटे जाने वाले अधिकांश पॉपी बीज इससे संबंधित प्रजाति Papaver somniferum से आते हैं। पूर्वी यूरोप के कई देशों में इन बीजों को पानी या दूध में उबालकर, फिर शहद या चीनी के साथ पीसकर एक मीठा पेस्ट बनाया जाता है, जिसका उपयोग पेस्ट्री में किया जाता है।
इसकी पंखुड़ियों में एक लाल रंगद्रव्य पाया जाता है, जिसका उपयोग कुछ दवाओं और वाइन में तथा पॉटपुरी को रंग देने के लिए सूखी पंखुड़ियों के रूप में किया जाता है। परंपरागत लोक चिकित्सा में इसे गठिया और दर्द के उपचार में उपयोग किया जाता रहा है, और इसकी पंखुड़ियों से बना सिरप बच्चों को सुलाने के लिए दिया जाता था।
सबसे बड़ा सांस्कृतिक महत्व इस फूल को प्रथम विश्वयुद्ध की स्मृति से मिला है। जॉन मैकक्रे की 1915 की कविता "इन फ़्लैंडर्स फ़ील्ड्स" के बाद से, यह फूल पश्चिमी अंग्रेज़ी-भाषी देशों में रिमेंब्रेंस डे पर पहनने की परंपरा बन गया। चीन में इस फूल को "यूमेइरेन" कहा जाता है और यह कॉन्सोर्ट यू की वफादारी की कथा से जुड़ा है, जबकि फ़ारसी साहित्य में यह प्रेम और शहादत का प्रतीक माना जाता है। यह फूल रोमानिया, कनाडा और न्यूज़ीलैंड जैसे देशों के बैंकनोटों और सिक्कों पर भी दिखाया गया है।
रोचक तथ्य
- प्राचीन ग्रीक और रोमन संस्कृतियों में पॉपी को नींद और मृत्यु का प्रतीक माना जाता था, क्योंकि इससे निकलने वाले पदार्थ का उपयोग शामक के रूप में होता था।
- यूनानी पौराणिक कथाओं के अनुसार, मृतकों की आत्माओं को अपने पूर्व जीवन को भुलाने के लिए एक नदी का पानी पीना पड़ता था, जिसके किनारे पॉपी के फूल खिले हुए थे।
- 2010 में, चीन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के रिमेंब्रेंस पॉपी को अफ़ीम पॉपी समझ लिया था, जिससे दोनों देशों के बीच एक कूटनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया था।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- शाकीय पौधा
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Magnoliopsida
- गण
- Ranunculales
- कुल
- Papaveraceae
- वंश
- Papaver
- प्रजाति
- Papaver rhoeas
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits



