यूरोप और शीतोष्ण यूरेशिया के सबसे आम बटरकप पौधों में से एक Ranunculus acris एक फूलदार पौधा है। यह रैननकुलेसी कुल का सदस्य है और इसे आम तौर पर घास के मैदानों में देखा जाता है।
यह पौधा घास के मैदानों, नम किनारों, सड़क के किनारों और पुराने खेतों में उगता है। इसकी ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 2,300 मीटर तक पाई जाती है। यह फैलाव इसे पौधों की दुनिया के सबसे सफल बटरकप में से एक बनाता है।
यह पौधा खेती और घास के मैदानों के प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए विशेष रुचि का विषय है, क्योंकि यह एक ओर सजावटी फूल जैसा दिखता है और दूसरी ओर चरागाहों में समस्या भी बन सकता है।
पहचान और रूप
Ranunculus acris को उसके चमकीले पीले फूलों से सबसे आसानी से पहचाना जा सकता है। हर फूल में पाँच चिकनी, एक-दूसरे पर आंशिक रूप से चढ़ी हुई पंखुड़ियाँ होती हैं, जिनके नीचे पाँच हरे बाह्यदल ऊपर की ओर उठे रहते हैं। फूल परिपक्व होने पर बाह्यदल भी पीले पड़ने लगते हैं।
पौधा 30 से 100 सेंटीमीटर तक ऊँचा हो सकता है। तने चिकने और बिना खाँचे वाले होते हैं, और फूल आम तौर पर लगभग 25 मिलीमीटर चौड़े होते हैं। फूलों के भीतर अंडाशय के नीचे अनेक पुंकेसर लगे रहते हैं।
पत्तियाँ संयुक्त होती हैं, जिनके पत्रक बारीक कटे हुए और रोएंदार होते हैं। अग्रस्थ पत्रक सीधे तने से जुड़ा रहता है, वृंत नहीं होता। इसी गुण से यह Ranunculus repens से अलग पहचाना जाता है।
इसके बीज छोटे, एकल-बीज वाले फलों (अचीन) में बनते हैं, जो एक ही फूल में बड़ी संख्या में होते हैं। इसे दुर्लभ शरद बटरकप (R. aestivalis) से अलग मानने में मतभेद है, क्योंकि कुछ विद्वान उसे इसकी एक किस्म मानते हैं।
वितरण और आवास
Ranunculus acris मूल रूप से यूरेशिया का पौधा है, पर मनुष्यों की गतिविधियों से यह दुनिया के कई हिस्सों में पहुँच गया। अब इसका फैलाव लगभग पूरे गोलार्ध में है। उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में यह बाहरी रूप से आया हुआ पौधा है और अक्सर खरपतवार के रूप में पाया जाता है। अलास्का और ग्रीनलैंड में इसे संभवतः मूल निवासी माना जाता है।
यह घास के मैदानों, नम किनारों, सड़क के किनारों, पुराने खेतों और चरागाहों में उगता है। इसे मध्यम नम और अपेक्षाकृत उपजाऊ मिट्टी पसंद है, जिस पर घास नियमित रूप से काटी या चराई जाती है।
न्यूज़ीलैंड में यह चरागाहों का गंभीर खरपतवार है, जिससे डेयरी उद्योग को सैकड़ों लाख डॉलर का नुकसान होता है। यह उन गिने-चुने चरागाह खरपतवारों में से है जिन्होंने शाकनाशियों के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया है।
उपलब्ध प्रेक्षण मई से जुलाई के बीच सबसे अधिक हैं, और जून में यह चरम पर दिखता है। ये प्रेक्षण केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, इसलिए इन्हें पौधे की कुल संख्या का संकेत नहीं माना जा सकता।

पारिस्थितिकी और संबंध
Ranunculus acris नियमित रूप से काटी या चराई जाने वाली, मध्यम नम मिट्टी वाली घास भूमियों की विशेषता है। यह उन स्थानों पर फलता-फूलता है जहाँ जल निकास न तो बहुत सूखा हो और न ही बहुत जलमग्न। सूखी मिट्टी में इसका स्थान Ranunculus bulbosus और गीली मिट्टी में Ranunculus repens लेता है।
इसकी उपस्थिति को घास के मैदान की आयु और निरंतरता का संकेत माना जाता है। फिर भी यह ऊँची घासों से भरे, प्रजाति-समृद्ध समुदायों में अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं है।
फूल की कलियाँ पिछली गर्मियों के अंत में बनना शुरू होती हैं। शीतकाल की कम तापमान की स्थिति फूल बनने को बढ़ावा देती है। सर्दियों में पौधा छोटी हरी पत्तियों वाले गुलाब जैसे रूप में रहता है, जो पाले से बचे रहती हैं। प्रजनन बीजों के साथ-साथ छोटे, मोटे भूमिगत तनों (राइज़ोम) से भी होता है, जो टूटकर नए पौधे बना सकते हैं।
उपयोग और मानव संबंध
यह पौधा बगीचों और लॉन में अक्सर अवांछित खरपतवार माना जाता है, क्योंकि यह रास्तों और लॉन में फैल जाता है। वहीं जंगली फूलों वाले घास के मैदानों में इसकी उपस्थिति वांछनीय मानी जाती है। बगीचों के लिए एक दोहरे फूलों वाली किस्म 'फ्लोर प्लेनो' विकसित की गई है, जिसे रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी का गार्डन मेरिट पुरस्कार मिला है।
पारंपरिक रूप से कुछ मूल अमेरिकी समुदायों ने इस पौधे का उपयोग सिरदर्द, फोड़ों और सूजन जैसी स्थितियों में किया। इन उपयोगों का कोई वैज्ञानिक आधार इस विवरण में पुष्ट नहीं है।
यह पौधा ज़हरीला माना जाता है। इसके तेल में ग्लाइकोसाइड रैननकुलिन होता है, जिससे पेट दर्द और आंतों की गड़बड़ी हो सकती है। पशुओं में इससे जीभ और होंठों पर छाले, दस्त और अंधापन जैसे लक्षण देखे गए हैं।
रोचक तथ्य
- इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में इस पौधे को "क्रेज़ीज़" उपनाम मिला था, क्योंकि लोगों का मानना था कि इसकी गंध से पागलपन हो सकता है।
- उसी मान्यता के चलते कुछ क्षेत्रों में इसके फूल गले में पोटली में बाँधकर पहने जाते थे, ताकि पागलपन का इलाज हो सके।
- मध्यकाल में इसके फूल को भिखारियों की चालाकी से जोड़ा जाता था, इसलिए इसे कृतघ्नता का प्रतीक माना गया।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- शाकीय पौधा
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Magnoliopsida
- गण
- Ranunculales
- कुल
- Ranunculaceae
- वंश
- Ranunculus
- प्रजाति
- Ranunculus acris
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits



