मक्के के भुट्टे को काला कर देने वाला यह कवक मेक्सिको में एक प्रिय व्यंजन की सामग्री है। Ustilago maydis बेसिडियोमाइकोटा संघ का एक रोगजनक कवक है, जो मक्का और उसके निकट संबंधी टीओसिंटे पर पनपता है। इसे कंड रोगों के समूह में रखा जाता है।
यह कवक पौधे के सभी हवाई भागों में गांठें बनाता है। संक्रमित भुट्टे के दाने फूलकर ट्यूमर जैसी संरचना बन जाते हैं, जिनमें कवक के धागे और गहरे रंग के बीजाणु भरे रहते हैं। किसानों के लिए यह आर्थिक नुकसान का कारण है, पर मेक्सिको में इसकी अपरिपक्व गांठें खाई जाती हैं।
यह विषय इसलिए रोचक है क्योंकि एक ही कवक खेती के लिए नुकसानदेह भी है और पाक-परंपरा में प्रिय भी। साथ ही प्रयोगशालाओं में यह आनुवंशिक अध्ययन का एक लोकप्रिय मॉडल जीव है।
फलन काय और पहचान
इस कवक की सबसे भरोसेमंद पहचान मक्के के दानों पर बनी गांठें हैं। संक्रमण में अंडाशय पर आक्रमण होता है और दाने फूलकर लगभग 10 से 13 सेंटीमीटर व्यास की गांठें बन जाते हैं। इन गांठों की बनावट और विकास का तरीका मशरूम जैसा दिखता है।
गांठों के भीतर पौधे की अति-विकसित कोशिकाएं, कवक के धागे और नीले-काले बीजाणु होते हैं। गहरे रंग के ये बीजाणु भुट्टे को जला हुआ सा रूप देते हैं। परिपक्व गांठें सूखकर लगभग पूरी तरह बीजाणुओं से भर जाती हैं।
प्रयोगशाला में सरल माध्यम पर यह बेकर के खमीर की तरह एकल कोशिकाओं, यानी स्पोरिडिया के रूप में बढ़ता है। पौधे की सतह पर दो उपयुक्त स्पोरिडिया मिलने पर वे संयुग्मन नलिकाएं बनाकर जुड़ते हैं और पौधे में प्रवेश करने वाला धागा बनाते हैं। पौधे के भीतर बढ़ने वाले धागों में दो केंद्रक प्रति कोशिका होते हैं। यह अवस्था केवल संक्रमण के दौरान बनती है और प्रयोगशाला में बनाए नहीं रखी जा सकती।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह वर्णन केवल पहचान के लिए है। खाने योग्य होने की पहचान के लिए इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
वितरण और आवास
यह कवक मक्का और टीओसिंटे के पौधों पर पाया जाता है। इसके संक्रमण का फैलाव वहां अधिक होता है जहां फसल के साथ मानव हस्तक्षेप अधिक होता है। मेक्सिको में इसकी गांठें बाजारों, सड़क किनारे के ठेलों और किसानों के बाजारों में बिकती हैं।
गर्म और शुष्क मौसम में परागण के समय, उसके बाद भारी वर्षा वाले मौसम में, संक्रमण की क्षमता बढ़ती है। मिट्टी में अधिक खाद, यानी अधिक नाइट्रोजन, भी संक्रमण को बढ़ाती है। तेज हवा और भारी बारिश बीजाणुओं को दूर तक फैलाती हैं।
वैश्विक स्तर पर इसके प्रेक्षण ज्यादातर जुलाई और अगस्त में दर्ज होते हैं, और सितंबर में भी इनकी संख्या ऊंची रहती है। इससे पता चलता है कि मौसम के बीच के महीनों में यह सबसे अधिक दिखता है।
मिट्टी और फसल के अवशेषों में बीजाणु जीवित रह सकते हैं। यदि फसल के बाद अवशेष साफ न किए जाएं, तो अगला मौसम भी संक्रमित हो सकता है।

पारिस्थितिकी और संबंध
यह कवक पौधे के भीतर फैलकर क्लोरोसिस, एंथोसायनिन का बनना, वृद्धि में कमी और गांठों का बनना जैसे लक्षण पैदा करता है। इन गांठों के भीतर विकसित होने वाले टेलियोस्पोर पौधे के नष्ट होने के बाद भी जीवित रहते हैं। वे मिट्टी में जीवित रहकर अगले मौसम तक रोग को बचाए रखते हैं।
पौधे अपनी रक्षा के लिए ऑक्सीडेटिव बर्स्ट नाम की प्रतिक्रिया करते हैं, जिसमें हमला हुए स्थान पर प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन यौगिक बनते हैं। Ustilago maydis इस हमले का सामना YAP1 जीन से नियंत्रित ऑक्सीडेटिव तनाव प्रतिक्रिया से करता है। यह प्रतिक्रिया कवक को मेजबान के हमले से बचाती है और उसकी रोगजनकता के लिए आवश्यक है।
इस कवक में पुनर्संयोजन आधारित डीएनए मरम्मत तंत्र भी अच्छी तरह स्थापित है। इसमें Rad51 से मिलता-जुलता प्रोटीन और Rec2 नाम का प्रोटीन शामिल है। इन प्रोटीनों के निष्क्रिय होने पर कवक डीएनए क्षति वाले कारकों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है और मियोसिस पूरा नहीं होता।
उपयोग और सांस्कृतिक इतिहास
मेक्सिको में Ustilago maydis की अपरिपक्व गांठें हुइत्लाकोचे के नाम से खाई जाती हैं और इन्हें पारंपरिक पाक-कला में सम्मान मिला है। माना जाता है कि इस भोजन की परंपरा अज़्टेक पाक-कला से चली आ रही है। इसका स्वाद सोटोलोन और वैनिलिन जैसे यौगिकों से आता है। इसमें आवश्यक अमीनो अम्ल लाइसिन भी पाया जाता है।
अधिकांश किसान इसे फसल का रोग मानते हैं, इसलिए यह अमेरिका और यूरोप के आहार में पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। फिर भी 1989 में जेम्स बियर्ड फाउंडेशन के एक भोज में इसे "मेक्सिकन ट्रफल" नाम देकर लोकप्रिय बनाने की कोशिश की गई। मध्य-1990 के दशक में अमेरिका के कुछ फार्मों को इसे जानबूझकर संक्रमित करने की अनुमति भी दी गई।
उत्तरी अमेरिका की कुछ मूल जनजातियों ने भी इसे खाया। ज़ूनी लोगों सहित दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका के कुछ समुदाय इसका उपयोग प्रसव को प्रेरित करने के लिए करते थे। इसका औषधीय प्रभाव अर्गट जैसा माना जाता है, पर उससे कमजोर।
प्रयोगशाला में यह बेकर के खमीर जैसा व्यवहार करता है, इसलिए यह शोध के लिए लोकप्रिय मॉडल जीव है। इसकी आनुवंशिक संरचना को बदलना सरल है और पूरा जीनोम उपलब्ध है, जिससे पौधे और कवक के संबंधों का अध्ययन आसान होता है।
रोचक तथ्य
- मेक्सिको में इस कवक की अपरिपक्व गांठें इतनी लोकप्रिय हैं कि उन्हें आम संक्रमित मक्के से कहीं अधिक दाम पर बेचा जाता है।
- अमेरिका में इसे "मेक्सिकन ट्रफल" नाम देने की कोशिश की गई, क्योंकि इसके स्वाद और बनावट की तुलना ट्रफल से की जाती है।
- इस कवक का जीनोम पूरी तरह उपलब्ध है, जो इसे आनुवंशिक शोध के लिए विशेष बनाता है।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Basidiomycota
- वर्ग
- Ustilaginomycetes
- गण
- Ustilaginales
- कुल
- Ustilaginaceae
- वंश
- Ustilago
- प्रजाति
- Ustilago maydis
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract



