सामग्री पर जाएँ
लेख पर जाएँ

Adiantum capillus-veneris

Adiantum capillus-veneris

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

LCसंकटमुक्त
चूनेदार चट्टान से लटकती एक मेडनहेयर फर्न, जिसमें पतले काले तने और हल्के हरे, बारीक कटे हुए पत्ते गुच्छों में उगे होते हैंफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

एक नज़र में

इसके लिए जाना जाता है
आर्द्रभूमिवनमीठा जलफर्नगुफा
वर्गीकरण
संघ
Tracheophyta
वर्ग
Polypodiopsida
गण
Polypodiales
कुल
Pteridaceae
वंश
Adiantum
प्रजाति
Adiantum capillus-veneris

Adiantum capillus-veneris का वितरण लगभग उप-विश्वव्यापी है — यह यूरोप, अफ़्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलेशिया और अमेरिका के गर्म-शीतोष्ण से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में एक साथ पाया जाता है, जो किसी भी फर्न प्रजाति के लिए असामान्य रूप से विस्तृत है।

यह Pteridaceae परिवार और Polypodiales क्रम से संबंधित एक फर्न है, जिसे मेडनहेयर फर्न या वीनस हेयर फर्न के नाम से भी जाना जाता है। इसकी वैश्विक संरक्षण स्थिति IUCN के अनुसार "न्यूनतम चिंताजनक" (Least Concern) है।

बारीक, हल्के हरे पत्तों और काले तारों जैसे तनों वाली यह फर्न न केवल अपनी नाजुक बनावट के लिए, बल्कि सदियों पुरानी लोककथाओं और परंपरागत औषधीय उपयोग के इतिहास के लिए भी उल्लेखनीय है।

पहचान और रूप

इस फर्न की पहचान का सबसे स्पष्ट संकेत इसका काला, तार जैसा सख्त रैकिस (पत्ती-दंड) है, जो हल्के हरे, बहुत नाजुक पत्तों के विपरीत साफ़ दिखाई देता है।

पौधे की ऊँचाई सामान्यतः 15 से 30 सेंटीमीटर तक होती है, जबकि इसकी रेंगने वाली प्रकंद (rhizome) 20 से 70 सेंटीमीटर तक फैल सकती है। पत्ते इसी प्रकंद से गुच्छों में निकलते हैं।

पत्तियाँ बहुत बारीकी से विभाजित होती हैं, और उनकी छोटी उप-पत्तियाँ (pinnae) मात्र 5 से 10 मिलीमीटर लंबी और चौड़ी होती हैं। यही बारीक, पंखनुमा संरचना इसे अन्य साधारण फर्नों से अलग पहचान देती है।

वितरण और आवास

Adiantum capillus-veneris का प्राकृतिक वितरण गर्म-शीतोष्ण से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फैला है — पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप (उत्तर में स्कॉटलैंड तक), अधिकांश अफ़्रीका, लेवांत क्षेत्र, एशिया से जापान तक, ऑस्ट्रेलेशिया, और अमेरिका में दक्षिणी संयुक्त राज्य से मेक्सिको, मध्य अमेरिका होते हुए दक्षिण अमेरिका तक।

यह नम, छायादार चूनेदार या रेतीली चट्टानों, कुओं, तालाबों, समुद्री रिसावों और नदियों-झरनों के किनारे नम बैंकों व दीवारों पर उगता है, तथा समुद्र तल से लेकर लगभग 2500 मीटर की ऊँचाई तक पाया जा सकता है।

दिलचस्प रूप से, इसकी दो अलग-थलग उत्तरी आबादियाँ दक्षिण डकोटा के ब्लैक हिल्स में कैस्केड स्प्रिंग्स और ब्रिटिश कोलंबिया के फेयरमोंट हॉट स्प्रिंग्स में मिलती हैं, जहाँ गर्म खनिज झरनों से बना विशेष सूक्ष्म-वातावरण इसे सामान्य सीमा से कहीं आगे उत्तर में जीवित रहने देता है। सर्बिया के ज़्वोंचे स्पा रिज़ॉर्ट में भी यही स्थिति देखी गई है।

2020 में, यह फर्न चेक गणराज्य के ज़्नोयमो शहर की 14वीं सदी की भूमिगत सुरंगों में पहली बार खोजा गया था, जहाँ पर्यटकों के लिए लगी कृत्रिम रोशनी और नमी के कारण यह तेज़ी से फैलता गया। GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़े अप्रैल-मई के महीनों में सबसे अधिक हैं, लेकिन यह केवल अवलोकन-उपस्थिति को दर्शाता है, न कि वास्तविक बहुतायत या पूर्ण वितरण-क्षेत्र को।

Adiantum capillus-veneris के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
5,926
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

उपयोग और मानव संबंध

इस फर्न का वैज्ञानिक नाम स्वयं एक कथा कहता है — प्रजाति नाम "capillus" लैटिन में "बाल" के लिए है, और "veneris" प्रेम व सौंदर्य की ग्रीक देवी वीनस (Venus) के नाम से जुड़ा है, जिनके बाल समुद्र से निकलने पर सूखे रहने की कथा से इस फर्न की तुलना की जाती है।

दुनिया भर में इसे बगीचों, नैसर्गिक भूदृश्यों और घर के गमलों में सजावटी पौधे के रूप में व्यापक रूप से उगाया जाता है। घरेलू पौधे के रूप में इसे फ़िल्टर की गई रोशनी और उच्च नमी की आवश्यकता होती है, और तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं जाना चाहिए। इसे अन्य Adiantum प्रजातियों के साथ संकरित करके Adiantum × mairisii जैसी शीत-सहनशील किस्में भी विकसित की गई हैं।

परंपरागत रूप से इसका औषधीय उपयोग भी होता रहा है। अमेरिका की मैहुना जनजाति इसे गठिया के लिए आंतरिक रूप से उपयोग करती थी, जबकि अरिज़ोना के नवाजो लोग इसके आसव को भौंरे और सेंटीपीड के काटने पर लगाते थे और मानसिक बीमारियों के उपचार हेतु इसका धूम्रपान या सेवन भी करते थे। ईरान की परंपरागत चिकित्सा में इसकी पत्तियों का आसव पीलिया, खांसी, सर्दी और किडनी संबंधी समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है।

संरक्षण और खतरे

वैश्विक स्तर पर Adiantum capillus-veneris को IUCN द्वारा "न्यूनतम चिंताजनक" (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है, जो इसके व्यापक और स्थिर वितरण को दर्शाता है।

हालाँकि, क्षेत्रीय स्तर पर स्थिति भिन्न है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य में इसे "संकटग्रस्त" (endangered) और केंटकी राज्य में "संवेदनशील" (threatened) प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसका मुख्य कारण अपलाशियन क्षेत्र में इसके प्राकृतिक आवास का नष्ट होना है।

इस प्रकार, यह प्रजाति समग्र रूप से सुरक्षित होते हुए भी कुछ विशेष क्षेत्रों में स्थानीय आवास हानि के कारण संवेदनशील बनी हुई है।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

संकटमुक्त

रोचक तथ्य

  1. इसका वैज्ञानिक नाम प्रेम की ग्रीक देवी वीनस से प्रेरित है — "capillus veneris" का अर्थ है "वीनस के बाल"।
  2. ईरानी युनानी चिकित्सा पद्धति में इसे "पर्सियावशान" के नाम से जाना जाता है, जहाँ इसे खांसी और "मानसिक असंतुलन" शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
  3. यह फर्न 2020 में चेक गणराज्य के ज़्नोयमो शहर की सदियों पुरानी भूमिगत सुरंगों में अप्रत्याशित रूप से पाया गया, जहाँ यह पर्यटन के लिए लगी रोशनी और नमी के सहारे तेज़ी से फैल गया।
  4. इसकी दो उत्तरी आबादियाँ केवल गर्म खनिज झरनों की गर्मी और नमी के कारण जीवित रह पाती हैं, जो अन्यथा इस फर्न की सामान्य सीमा से बाहर हैं।

पारिस्थितिकी

आवास

  • आर्द्रभूमि
  • वन
  • मीठा जल
  • गुफा

वृद्धि का रूप

  • फर्न

फ़ोटो

20 फ़ोटो
1 / 20
चूनेदार चट्टान से लटकती एक मेडनहेयर फर्न, जिसमें पतले काले तने और हल्के हरे, बारीक कटे हुए पत्ते गुच्छों में उगे होते हैंफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of Life