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Carnegiea gigantea

Carnegiea gigantea

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

LCसंकटमुक्त
एक ऊँचा, स्तंभाकार कैक्टस जिसकी मोटी हरी काया से कई ऊर्ध्वाधर शाखाएँ (हाथ) ऊपर की ओर निकली हैं, सतह पर तीखे कांटों की पंक्तियाँ और शीर्ष पर सफेद फूल दिखाई देते हैं।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

एक नज़र में

इसके लिए जाना जाता है
झाड़ीदार भूमिपर्वतमरुस्थलरसीला
वर्गीकरण
संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Caryophyllales
कुल
Cactaceae
वंश
Carnegiea
प्रजाति
Carnegiea gigantea

Carnegiea gigantea, जिसे सगुआरो कहा जाता है, 12 मीटर से भी अधिक ऊँचाई तक बढ़ सकता है और 150 से 200 वर्षों तक जीवित रह सकता है, जिससे यह अमेरिका का सबसे बड़ा कैक्टस बन जाता है।

यह वृक्ष-सदृश, स्तंभाकार कैक्टस Carnegiea नामक एकल-प्रजातीय वंश का सदस्य है और मूल रूप से एरिज़ोना के सोनोरन रेगिस्तान, मैक्सिको के सोनोरा राज्य तथा कैलिफोर्निया के व्हिपल पर्वत और इम्पीरियल काउंटी क्षेत्रों में पाया जाता है। यह समुद्र तल से लेकर लगभग 1,400 मीटर, और कहीं-कहीं 1,500 मीटर तक की ऊँचाई पर उगता है। IUCN इसे "संकटमुक्त" (Least Concern) श्रेणी में रखता है।

सगुआरो का फूल एरिज़ोना का राजकीय पुष्प है, और यह पौधा अमेरिकी दक्षिण-पश्चिम की पहचान बन चुका है। इसकी लंबी उम्र, विशाल आकार और सैकड़ों प्रजातियों को सहारा देने वाली भूमिका इसे मरुस्थलीय पारिस्थितिकी का एक असाधारण उदाहरण बनाती है।

पहचान और रूप

सगुआरो की सबसे स्पष्ट पहचान इसका मोटा, स्तंभ-सदृश तना है जिससे ऊपर की ओर कई शाखाएँ या "हाथ" निकलते हैं—एक ही पौधे पर 50 से अधिक हाथ देखे गए हैं, और एक विशेष नमूने में तो 78 हाथ पाए गए थे। जिस पौधे में कोई हाथ नहीं होता, उसे "स्पीयर" (spear) कहा जाता है।

यह कैक्टस 3 से 16 मीटर की ऊँचाई और 75 सेंटीमीटर तक के व्यास तक बढ़ता है। इसकी वृद्धि बहुत धीमी होती है—बीज से उगने के बाद दो साल में यह मुश्किल से 6.4 मिलीमीटर ऊँचा होता है, और 1 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचने में 20 से 50 वर्ष लग सकते हैं। पूरी तरह जल-भरे होने पर एक सगुआरो का वज़न 1,500 से 2,200 किलोग्राम तक हो सकता है। इसकी जड़ें 30 मीटर तक फैल सकती हैं, जबकि मुख्य जड़ लगभग 1 मीटर गहराई तक जाती है।

तने के भीतर लकड़ी की "पसलियाँ" एक ढाँचे की तरह काम करती हैं, जो पौधे जितनी ही लंबी हो सकती हैं और सुखी अवस्था में लगभग 430 किग्रा/घन मीटर घनत्व की होती हैं। तने पर मौजूद कांटे बेहद तीखे होते हैं, 7 सेंटीमीटर तक लंबे हो सकते हैं और प्रतिदिन लगभग 1 मिलीमीटर की दर से बढ़ते हैं—इन पर बनी हल्की-गहरी पट्टियाँ इनकी दैनिक वृद्धि दर्शाती हैं।

कभी-कभी लगभग हर 10,000 में से एक सगुआरो में एक असामान्य "क्रेस्टेड" या कंघी-सदृश वृद्धि देखी जाती है, जिसमें हाथ के ऊपरी हिस्से पर एक असामान्य सिलाई-जैसी रेखा बन जाती है—2020 तक ऐसे लगभग 2,743 पौधे दर्ज किए गए थे। कैक्टस होने के कारण यह CAM (crassulacean acid metabolism) प्रकार का प्रकाश-संश्लेषण करता है, जिससे यह केवल रात में साँस लेता है और दिन में जल की हानि को न्यूनतम रखता है।

वितरण और आवास

सगुआरो सोनोरन रेगिस्तान का एक स्थानिक (endemic) पौधा है, जो मुख्यतः पश्चिमी सोनोरा (मैक्सिको) और पश्चिमी एरिज़ोना (अमेरिका) में पाया जाता है; दक्षिण-पूर्वी कैलिफोर्निया में इसकी केवल लगभग 30 जंगली संख्या ही ज्ञात है। इसकी वितरण सीमा तापमान के प्रति इसकी संवेदनशीलता से तय होती है—लंबे समय तक पड़ने वाली ठंड या पाला इसे नुकसान पहुँचाता है, इसलिए यह नेवाडा, न्यू मेक्सिको, टेक्सास, कोलोराडो, यूटा या उत्तरी एरिज़ोना के ऊँचे रेगिस्तानों में कभी प्राकृतिक रूप से नहीं पाया गया। इसकी उत्तरी सीमा एरिज़ोना के हुआलापाई पर्वत हैं, जिससे यह अमेरिका महाद्वीप का सबसे उत्तरी स्तंभाकार कैक्टस बन जाता है।

यह पौधा लगभग 500 से 1,525 मीटर (कुछ स्रोतों में 180 से 1,400 मीटर) की ऊँचाई पर, हल्की, मोटी बनावट वाली और पथरीली मिट्टी में उगता है, जिसके नीचे 1 से 3 मीटर की गहराई पर एक अभेद्य "कैलिचे" परत होती है। यह पालो वर्डे-सगुआरो और पालो वर्डे-बर्सेज जैसी मरुस्थलीय झाड़ीदार समुदायों में प्रमुख या सह-प्रमुख प्रजाति के रूप में बजाडा (अपरदित जलोढ़ पंखों) पर पाया जाता है, और कभी-कभी क्रियोसोटबश समुदायों में नालों के किनारे भी दिखाई देता है। साथ उगने वाली प्रजातियों में ऑर्गन पाइप कैक्टस, बैरल कैक्टस, चोला, ओकोटिलो, कैटक्ला बबूल, आयरनवुड और जोजोबा शामिल हैं।

सोनोरन रेगिस्तान की वर्षा द्विरूपी होती है—दिसंबर से फरवरी और जुलाई से अगस्त के बीच—और वार्षिक वर्षा लगभग 152 से 400 मिलीमीटर के बीच रहती है। GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़ों में मई महीने में स्पष्ट शिखर (लगभग 10,120 अभिलेख) देखा जाता है, जो संभवतः इस दौरान फूल आने के मौसम में पौधे के अधिक दिखने से जुड़ा हो सकता है; परंतु ये आँकड़े केवल उपस्थिति के अभिलेख हैं, न कि जनसंख्या या पूर्ण वितरण सीमा के प्रमाण।

Carnegiea gigantea के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
10,120
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

पारिस्थितिकी और संबंध

सगुआरो एक "आधारशिला प्रजाति" (keystone species) है, जो अपने जीवन के हर चरण में—बीज से लेकर मृत्यु के बाद तक—सैकड़ों अन्य प्रजातियों को भोजन, आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है। गिला कठफोड़वा (Gila woodpecker) और गिल्डेड फ्लिकर तने में घोंसले के लिए गड्ढे खोदते हैं, जिन्हें बाद में एल्फ उल्लू, पर्पल मार्टिन और हाउस फिंच जैसे अन्य पक्षी उपयोग करते हैं। गिल्डेड फ्लिकर सामान्यतः ऊँचाई पर बड़े गड्ढे बनाते हैं, जबकि गिला कठफोड़वा हर मौसम में नए गड्ढे खोदते हैं और पुराने गड्ढों को अन्य पक्षियों—जैसे टिरैंट फ्लाईकैचर और रेन—के लिए छोड़ देते हैं। 2020 में एक सगुआरो में गंजा उकाब (bald eagle) का घोंसला भी देखा गया, जो 1937 के बाद पहली बार दर्ज हुआ।

जब पौधा घायल होता है तो वह घाव के चारों ओर सख्त "कैलस" ऊतक बना लेता है; पौधे की मृत्यु के बाद जब बाकी मांसल भाग सड़ जाता है, तो यह कैलस "सगुआरो बूट" के रूप में बचा रहता है, जिसे मूल निवासी भंडारण के लिए उपयोग करते थे। सगुआरो के फूल और फल कई पक्षियों तथा अन्य जीवों को आकर्षित करते हैं, और यह बजाडा तथा खुली पूर्व-पश्चिम मुखी ढलानों जैसी गर्म, अर्ध-शुष्क परिस्थितियों में सबसे अच्छी तरह पलता है।

मृत्यु के बाद सगुआरो अपने ऊतकों में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड की बड़ी मात्रा को कैल्शियम कार्बोनेट खनिज में बदल देता है, जिससे कार्बन जैविक चक्र से भूवैज्ञानिक चक्र में स्थानांतरित हो जाता है—एक ऐसी प्रक्रिया जिसकी तुलना समुद्री कोरल और शंख जीवों द्वारा किए जाने वाले कार्बन-संग्रहण से की जा सकती है।

उपयोग और मानव संबंध

सोनोरन रेगिस्तान के मूल निवासी—तोहोनो ओ'ओधम, पिमा और सेरी समुदाय—सगुआरो के लगभग हर भाग का उपयोग आज भी करते हैं। तोहोनो ओ'ओधम जून में फसल शुरू करते हैं, जब वे लगभग 6 मीटर लंबी दो पसलियों को जोड़कर बनाए गए "कुइबित" नामक औज़ार से ऊँचाई पर लगे फलों को तोड़ते हैं। ताज़े फल जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए इन्हें घंटों उबालकर गाढ़े सिरप में बदला जाता है—लगभग 4 किलोग्राम फल से 1 लीटर सिरप बनता है। 1929 में हुई एक फसल में 600 परिवारों ने मिलकर लगभग 45,000 किलोग्राम फल इकट्ठा किया था। फसल के अंत में परिवार अपने सिरप का कुछ हिस्सा साझा भंडार में मिलाते थे, जिसे मेडिसिन मैन द्वारा किण्वित करके पारंपरिक शराब बनाई जाती थी—इस अवसर पर वर्षा-आह्वान उत्सव मनाए जाते, कहानियाँ सुनाई जातीं, नृत्य और गीत होते, और शराब से आने वाली नशे की अवस्था को पवित्र माना जाता था।

सगुआरो के बीजों को कच्चा खाया जाता है या पीसकर आटा बनाया जाता है (हालाँकि कच्चे बीज अधिकतर अपाच्य होते हैं), और उनसे तेल भी निकाला जाता है; वर्तमान में इनका उपयोग मुख्यतः मुर्गी के चारे के रूप में होता है। मृत पौधों की पसलियों से बाड़, फर्नीचर और अन्य निर्माण सामग्री बनाई जाती है, और इन्हें पशु चारे के रूप में भी उपयोग किया जाता है। पक्षियों द्वारा खोदे गए और उनके बाद बचे "कैक्टस बूट" को मूल निवासी जल-पात्र और भंडारण डिब्बों के रूप में इस्तेमाल करते थे। कोरोनाडो अभियान (1540–1542) के अभिलेखों में भी सगुआरो से शराब बनाने का उल्लेख मिलता है।

सगुआरो के फूल को 1901 में एरिज़ोना का क्षेत्रीय पुष्प और 1931 में राजकीय पुष्प घोषित किया गया। यह पौधा दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका के प्रतीक के रूप में विज्ञापनों और लोगो में बार-बार उपयोग होता है—यहाँ तक कि टेक्सास के एल पासो शहर से 400 किलोमीटर के भीतर कोई जंगली सगुआरो नहीं पाया जाता, फिर भी इसकी छाया "ओल्ड एल पासो" ब्रांड के लेबल पर दिखाई देती है। अमेरिका वेस्ट एयरलाइंस, और बाद में यूएस एयरवेज़ ने भी फीनिक्स क्षेत्र के सगुआरो के सम्मान में अपने रेडियो कॉल-साइन के रूप में "कैक्टस" शब्द अपनाया।

संरक्षण और खतरे

IUCN द्वारा सगुआरो को "संकटमुक्त" (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि प्रजाति के विलुप्त होने का तात्कालिक खतरा नहीं है। बावजूद इसके, इसे कई गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है।

सबसे तात्कालिक खतरा आक्रामक प्रजातियों से है—बफेलग्रास और सहारा मस्टर्ड जैसी घासें सोनोरन रेगिस्तान में तेज़ी से फैल रही हैं और आग लगने की दर को बढ़ा रही हैं। बफेलग्रास सगुआरो से जल के लिए प्रतिस्पर्धा करता है, घनी झाड़ियों में उगता है और अत्यंत ज्वलनशील होता है, फिर भी अपनी गहरी जड़ों के कारण आग के बाद फिर उग आता है। सोनोरन रेगिस्तान में आग का प्राकृतिक अंतराल सामान्यतः 250 वर्षों से अधिक होता है, जबकि बफेलग्रास केवल दो से तीन वर्षों के अंतराल पर लगने वाली आग में भी पनप जाता है—इस असंतुलन ने पूरे मरुस्थलीय पारितंत्र को बदलने और सगुआरो के अस्तित्व को खतरे में डालने का काम किया है।

जलवायु परिवर्तन एक अन्य बड़ा खतरा है, क्योंकि बढ़ता हुआ दिन और रात का तापमान सगुआरो की जल-उपयोग क्षमता को कम करता है, जिससे सूखे की अवधि में इसकी मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। मानव-जनित नुकसान भी एक समस्या है—एरिज़ोना के राज्य कानून के अनुसार सगुआरो को किसी भी रूप में क्षति पहुँचाना या गोली मारना ("कैक्टस प्लगिंग") अवैध है, और सड़क या भवन निर्माण की स्थिति में भी विशेष अनुमति आवश्यक होती है; इस कानून के उल्लंघन को चौथी श्रेणी का अपराध माना जाता है जिसमें अधिकतम 3 वर्ष 9 माह की सज़ा हो सकती है।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

संकटमुक्त

रोचक तथ्य

  1. "सगुआरो" शब्द ओ'ओधम भाषा से आया है और सोनोरन रेगिस्तान के इस विशाल कैक्टस के लिए प्रयोग होता है।
  2. इसका वैज्ञानिक नाम Carnegiea gigantea उद्योगपति एंड्रयू कार्नेगी को सम्मानित करने के लिए रखा गया था।
  3. काव क्रीक, एरिज़ोना के पास पाया गया एक बाहुविहीन सगुआरो 23.8 मीटर ऊँचा था—अब तक मापा गया सबसे ऊँचा नमूना—जो 1986 में एक तूफान में गिर गया।
  4. सगुआरो की कोशिकाओं में मौजूद स्टोमेटल गार्ड कोशिकाएँ और मेडुला कोशिकाएँ 150 वर्षों तक जीवित और सक्रिय रह सकती हैं, जो कुछ कछुओं की तंत्रिका कोशिकाओं को छोड़कर अब तक ज्ञात सबसे लंबी जीवित कोशिकाओं में से हैं।
  5. 1982 में एक व्यक्ति की मौत उस समय हुई जब उसने एक सगुआरो को गोलियों से क्षतिग्रस्त किया और उसकी 230 किलोग्राम वज़नी शाखा उस पर गिर पड़ी।
  6. यद्यपि टेक्सास के एल पासो शहर के 400 किलोमीटर के भीतर कोई जंगली सगुआरो नहीं मिलता, फिर भी इसकी छाया "ओल्ड एल पासो" ब्रांड के उत्पादों के लेबल पर दिखाई देती है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • झाड़ीदार भूमि
  • पर्वत
  • मरुस्थल

वृद्धि का रूप

  • रसीला

फ़ोटो

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एक ऊँचा, स्तंभाकार कैक्टस जिसकी मोटी हरी काया से कई ऊर्ध्वाधर शाखाएँ (हाथ) ऊपर की ओर निकली हैं, सतह पर तीखे कांटों की पंक्तियाँ और शीर्ष पर सफेद फूल दिखाई देते हैं।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of Life