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Dionaea muscipula

Dionaea muscipula

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

VUसुभेद्य
एक वयस्क *Dionaea muscipula* पौधा, जिसकी पत्तियाँ ज़मीन के पास रोसेट के रूप में उगी हैं और प्रत्येक पत्ती के सिरे पर लाल भीतरी सतह वाला, कड़े रोमों से घिरा जबड़े जैसा जाल बना है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

एक नज़र में

इसके लिए जाना जाता है
आर्द्रभूमिपरभक्षीसवानाअशांत भूमिशाकीय पौधाकीटभक्षी
वर्गीकरण
संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Caryophyllales
कुल
Droseraceae
वंश
Dionaea
प्रजाति
Dionaea muscipula

Dionaea muscipula का जाल इतनी तेज़ी से बंद होता है कि यह प्रक्रिया एक सेकंड के दसवें हिस्से में पूरी हो जाती है, बशर्ते किसी शिकार ने इसकी दो संवेदी रोमों को बीस सेकंड के भीतर छुआ हो।

यह एक मांसाहारी पौधा है, जो Droseraceae कुल से संबंधित है और अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना तथा दक्षिण कैरोलिना राज्यों के समशीतोष्ण व उपोष्णकटिबंधीय दलदली क्षेत्रों का मूल निवासी है। IUCN रेड लिस्ट में इसे "असुरक्षित" (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है।

Dionaea एकल-जाति वंश है, जिसकी यही एकमात्र प्रजाति है, और यह सनड्यू (Drosera) तथा जलचक्र पौधे से निकट संबंध रखती है। पोषक तत्वों की कमी वाली मिट्टी में जीवित रहने के लिए इसने कीड़ों को पकड़ने की जो जटिल यांत्रिकी विकसित की है, वही इसे वनस्पति जगत की सबसे विलक्षण अनुकूलन कहानियों में से एक बनाती है।

पहचान और रूप

Dionaea muscipula की पहचान इसके पत्तों के सिरे पर बने जबड़े जैसे जाल से होती है, जिनकी भीतरी सतह लाल रंग की होती है और किनारों पर कड़े, सुई जैसे रोम (सीलिया) एक-दूसरे में गुंथे रहते हैं, जो बड़े शिकार को भागने से रोकते हैं।

पौधा चार से सात पत्तियों की एक रोसेट के रूप में उगता है, जो ज़मीन के नीचे एक छोटे, बल्बनुमा तने से निकलती हैं। हर पत्ती मौसम के अनुसार तीन से दस सेंटीमीटर तक लंबी होती है, और फूल आने के बाद बनने वाली पत्तियाँ आमतौर पर अधिक लंबी और मज़बूत जाल वाली होती हैं। यदि किसी पौधे में सात से अधिक पत्तियाँ दिखें, तो यह वास्तव में ज़मीन के नीचे विभाजित होकर बनी एक कॉलोनी होती है, न कि एकल पौधा।

पत्ती दो भागों में बंटी होती है: एक चपटा, हृदयाकार डंठल जो प्रकाश-संश्लेषण करता है, और मध्यशिरा पर टिका एक जाल जो असली पत्ती है। जाल की ऊपरी सतह पर एन्थोसायनिन वर्णक के कारण लाल रंग दिखता है, किनारों से चिपचिपा म्यूसिलेज स्रावित होता है, और प्रत्येक पालि पर तीन संवेदी रोम होते हैं। पौधे के चार मुख्य रूप पाए जाते हैं—'टिपिका' (चौड़ी, ज़मीन से सटी डंठलें), 'इरेक्टा' (45 डिग्री कोण पर), 'लीनियरिस' (संकरी डंठल, 45 डिग्री कोण) और 'फिलिफॉर्मिस' (अत्यंत पतली, रेखीय डंठल)—जो मौसम, दिन की लंबाई और प्रकाश की तीव्रता के अनुसार बदलते रहते हैं।

फूल लगभग 15 सेंटीमीटर लंबे डंठल के शीर्ष पर खिलते हैं और इन्हें पसीना-मक्खियों, लंबे सींग वाले भृंगों तथा चेकर्ड भृंगों जैसे उड़ने वाले कीट परागित करते हैं। जाल असली शिकार और बारिश की बूंदों जैसी झूठी उत्तेजनाओं में फर्क कर सकता है, क्योंकि इसे बंद होने के लिए बीस सेकंड के भीतर दो अलग रोमों को छुआ जाना ज़रूरी है।

वितरण और आवास

Dionaea muscipula प्राकृतिक रूप से केवल अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना और दक्षिण कैरोलिना के तटीय मैदानी क्षेत्र में पाया जाता है, और इसके सभी ज्ञात स्थल विल्मिंगटन, उत्तरी कैरोलिना से लगभग 90 से 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं—जैसे कि प्रसिद्ध ग्रीन स्वैंप।

यह पाइन सवाना, दलदल, नम घास के मैदानों और बांस-झाड़ियों जैसे नाइट्रोजन- और फॉस्फोरस-रहित, पीटयुक्त रेतीली मिट्टी वाले आवासों में उगता है, जहाँ नमी लगभग स्थिर बनी रहती है। यह पूर्ण धूप वाला पौधा है और आमतौर पर वहीं पनपता है जहाँ पेड़ों की छतरी 10% से कम हो; हर तीन से पाँच साल में लगने वाली प्राकृतिक आग इसकी प्रतिस्पर्धी वनस्पति को दबाकर इसके आवास को बनाए रखती है।

1958 के एक सर्वेक्षण में उत्तरी और दक्षिण कैरोलिना की 21 काउंटियों में 259 ऐतिहासिक या मौजूदा स्थल दर्ज किए गए थे, लेकिन 2019 तक मूर, रॉबसन और लेनोइर (उत्तरी कैरोलिना) तथा चार्ल्सटन और जॉर्जटाउन (दक्षिण कैरोलिना) काउंटियों से यह प्रजाति विलुप्त हो चुकी थी। इसके अलावा उत्तरी फ्लोरिडा में एक प्राकृतिक रूप से बसी हुई और पश्चिमी वाशिंगटन राज्य में एक मानव-प्रवेशित आबादी भी दर्ज की गई है।

GBIF डेटा में दर्ज मासिक अवलोकनों की संख्या अप्रैल-मई में सबसे अधिक (लगभग 405 से 609 तक) देखी गई है, जो संभवतः पौधे के सक्रिय वृद्धि और फूल आने के मौसम से मेल खाती है। ध्यान रहे कि ये आंकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, न कि जनसंख्या घनत्व या संपूर्ण प्राकृतिक विस्तार का प्रमाण।

Dionaea muscipula के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
609
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

पारिस्थितिकी और संबंध

Dionaea muscipula पौधों की उस छोटी-सी श्रेणी में शामिल है जो तेज़ गति से हरकत कर सकते हैं, जैसे मिमोसा पुडिका और ब्लैडरवर्ट। जब कोई कीट संवेदी रोम को दो बार, बीस सेकंड के भीतर छूता है, तो कैल्शियम आयनों से जुड़ा एक विद्युत आवेग दोनों पालियों में फैलता है, जिससे बाहरी कोशिकाएँ अचानक नरम पड़ जाती हैं और जाल बंद हो जाता है—यह प्रक्रिया पौधों में एक तरह की अल्पकालिक "स्मृति" का उदाहरण मानी जाती है।

बंद होने के बाद, संवेदी रोमों की कुल पाँच उत्तेजनाएँ पाचक एंजाइमों के स्राव को सक्रिय करती हैं, जिसे जैस्मोनिक एसिड हार्मोन नियंत्रित करता है—यही हार्मोन सामान्य पौधों में शाकाहारी जीवों से बचाव के लिए विषैले पदार्थ छोड़ने का भी काम करता है। GH18 काइटिनेज़ जैसे एंजाइम कीट के बाहरी कवच को तोड़ते हैं, और प्लम्बेगिन जैसे यौगिक पूर्व-पाचन में सहायक ऑक्सीकरण प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करते हैं। पूरी पाचन प्रक्रिया में लगभग दस दिन लगते हैं, जिसके बाद जाल फिर से खुल जाता है।

यह जटिल तंत्र इसलिए विकसित हुआ क्योंकि पौधे को जिस मिट्टी में उगना पड़ता है वह नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की भारी कमी वाली होती है—कीट शिकार से मिलने वाला नाइट्रोजन ही इसकी प्रोटीन-निर्माण की ज़रूरत पूरी करता है। यह आग-निर्भर पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है, जहाँ यह स्फैगनम काई, घासों और आग-सहिष्णु अरुंडिनेरिया बांस के साथ सह-अस्तित्व में रहता है।

उपयोग और मानव संबंध

Dionaea muscipula को व्यापक रूप से घरेलू गमले के पौधे के रूप में उगाया और बेचा जाता है। अधिकांश व्यावसायिक पौधे ऊतक संवर्धन (टिश्यू कल्चर) की विधि से बड़े पैमाने पर तैयार किए जाते हैं, क्योंकि यह प्रचार का सबसे किफायती तरीका है। उपयुक्त परिस्थितियों में यह पौधा 20 से 30 साल तक जीवित रह सकता है, और 'अकाई र्यू' तथा 'साउथ वेस्ट जायंट' जैसी किस्मों को रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी का अवार्ड ऑफ गार्डन मेरिट मिल चुका है।

इसके वैज्ञानिक नाम की कहानी भी दिलचस्प है—जीनस नाम Dionaea देवी डायोनी (एफ्रोडाइट की माता) से लिया गया है, जबकि प्रजाति नाम muscipula लैटिन में "चूहेदानी" का अर्थ रखता है, जो इसके जाल के अचानक बंद होने की क्रिया को दर्शाता है।

बाज़ार में इसके अर्क को कभी-कभी "कार्निवोरा" नामक हर्बल उत्पाद के मुख्य घटक के रूप में बेचा जाता है, जिसे वैकल्पिक चिकित्सा में एचआईवी, क्रोन रोग और त्वचा कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, इन स्वास्थ्य दावों के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

संरक्षण और खतरे

IUCN रेड लिस्ट में Dionaea muscipula को "असुरक्षित" (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है। 2019 के एक बड़े सर्वेक्षण में उत्तरी कैरोलिना में 163,951 और दक्षिण कैरोलिना में 4,876 पौधों की गणना की गई, जिससे जंगली आबादी का कुल अनुमान लगभग 302,000 व्यक्तियों तक पहुँचा—जबकि 1979 में यह संख्या करीब 45 लाख आँकी गई थी, यानी 93% से अधिक की गिरावट।

सबसे बड़ा खतरा आवास विनाश है: कृषि विस्तार, सड़क निर्माण और तेज़ी से बढ़ती मानव आबादी के कारण आवास सीधे नष्ट हो रहे हैं—उदाहरण के लिए ब्रन्सविक काउंटी, जहाँ सबसे अधिक आबादी पाई जाती है, में 2010 से 2018 के बीच मानव जनसंख्या में 27% की वृद्धि हुई। इसके बाद आग का दमन दूसरा बड़ा खतरा है, क्योंकि नियमित जंगल की आग के बिना झाड़ियाँ और पेड़ पौधे को दबा देते हैं; इसके अलावा अवैध संग्रहण (पोचिंग), जल-निकासी जैसे प्राकृतिक तंत्र में बदलाव, और उर्वरकों से होने वाला प्रदूषण भी इसकी आबादी को प्रभावित करते हैं।

यह प्रजाति CITES परिशिष्ट-II के तहत संरक्षित है, जिसके चलते इसके भागों और व्युत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को विनियमित किया जाता है। उत्तरी कैरोलिना राज्य ने इसे "विशेष चिंता–असुरक्षित" श्रेणी में सूचीबद्ध किया है, नेचरसर्व ने 2018 में इसे "संकटापन्न" (G2) दर्जा दिया, और अमेरिकी मत्स्य एवं वन्यजीव सेवा 2018 से इसे लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम के तहत समीक्षा में रखे हुए है, हालाँकि ऐसी समीक्षाओं में औसतन 12.1 साल लग जाते हैं।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

सुभेद्य

रोचक तथ्य

  1. यदि जाल में फंसा शिकार जीवित रहकर हिलता-डुलता रहे, तो जाल और कस जाता है और पाचन प्रक्रिया तेज़ी से शुरू हो जाती है।
  2. यदि पकड़ा गया शिकार बहुत छोटा हो और जाल की झालरदार सीलिया के बीच से निकल जाए, तो पौधा आमतौर पर 12 घंटे के भीतर जाल फिर से खोल देता है।
  3. जाल के बंद होने की गति आर्द्रता, प्रकाश, शिकार के आकार और पौधे के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, इसलिए इसे पौधे की सेहत का संकेतक भी माना जाता है।
  4. लोकप्रिय कल्पनाओं में इसे इंसानों को निगलने वाले राक्षसी पौधे के रूप में दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में यह एक छोटा-सा पौधा है।
  5. संवेदी रोम को छूने के बाद पौधा कुछ सेकंड तक "याद" रखता है कि उसे स्पर्श किया गया था; यदि दूसरा स्पर्श तय समय में न हो, तो यह स्मृति मिट जाती है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • आर्द्रभूमि
  • सवाना
  • अशांत भूमि

व्यवहार

  • परभक्षी

वृद्धि का रूप

  • शाकीय पौधा

आहार

  • कीटभक्षी

फ़ोटो

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एक वयस्क *Dionaea muscipula* पौधा, जिसकी पत्तियाँ ज़मीन के पास रोसेट के रूप में उगी हैं और प्रत्येक पत्ती के सिरे पर लाल भीतरी सतह वाला, कड़े रोमों से घिरा जबड़े जैसा जाल बना है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of Life