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सिका हिरण

Cervus nippon

LCसंकटमुक्त
भूरे-मैरून रंग के शरीर पर सफ़ेद चित्तियों वाला एक वयस्क सिका हिरण, शाखादार सींगों के साथ वनभूमि में खड़ा हुआफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

माप

वज़न
42–42 kg
जीवनकाल
≤ 26.3 वर्ष
वर्गीकरण
संघ
Chordata
वर्ग
Mammalia
गण
Artiodactyla
कुल
Cervidae
वंश
Cervus
प्रजाति
Cervus nippon

19वीं सदी में सिका हिरण (Cervus nippon) का इतना अत्यधिक शिकार किया गया कि यह विलुप्ति के कगार पर पहुंच गया, लेकिन 20वीं सदी के मध्य में लागू संरक्षण कानूनों ने 1950 से 1980 के दशक के बीच इसकी आबादी को तेज़ी से पुनर्जीवित कर दिया।

यह स्तनधारी वर्ग, Cervidae परिवार और Artiodactyla क्रम का सदस्य है। मूल रूप से उत्तरी वियतनाम से रूसी सुदूर पूर्व तक पूर्वी एशिया के वनों में पाया जाने वाला यह हिरण अब यूरोप, अमेरिका और न्यूज़ीलैंड जैसे क्षेत्रों में भी बसाया जा चुका है।

इसकी उल्लेखनीय अनुकूलनशीलता, वयस्क होने पर भी बनी रहने वाली चित्तियां और आबादी के नाटकीय उतार-चढ़ाव इसे अध्ययन के लिए एक दिलचस्प प्रजाति बनाते हैं।

पहचान और रूप

सबसे पहचानने योग्य विशेषता यह है कि Cervus nippon उन कुछ हिरण प्रजातियों में से एक है जो वयस्क होने पर भी अपनी सफ़ेद चित्तियां नहीं खोती। चित्तियों का पैटर्न क्षेत्र के अनुसार बदलता है—मुख्य भूमि की उपप्रजातियों में चित्तियां बड़ी और स्पष्ट होती हैं, जबकि ताइवान और जापान की उपप्रजातियों में ये लगभग अदृश्य हो जाती हैं।

आकार में उपप्रजातियों के बीच बड़ा अंतर है। कंधे तक ऊंचाई 50 से 110 सेंटीमीटर और सिर-शरीर की लंबाई 95 से 180 सेंटीमीटर के बीच होती है, जबकि पूंछ लगभग 7.5 से 13 सेंटीमीटर लंबी होती है। सबसे बड़ी उपप्रजाति, मंचूरियन सिका हिरण, में नर सामान्यतः 68 से 109 किलोग्राम तक होते हैं, कुछ बड़े नर 160 किलोग्राम तक पहुंचते हैं और येज़ो उपप्रजाति के नर 170 से 200 किलोग्राम तक दर्ज किए गए हैं; मादाएं 45 से 50 किलोग्राम तक होती हैं। इसके विपरीत, जापानी उपप्रजाति में नर केवल 40 से 70 किलोग्राम और मादाएं 30 से 40 किलोग्राम की होती हैं।

शरीर का रंग महोगनी से लेकर काले तक भिन्न होता है, और सफ़ेद रंग वाले व्यक्ति भी दर्ज किए गए हैं। सर्दियों में रोमावली गहरी और अधिक झबरी हो जाती है, चित्तियां धुंधली पड़ जाती हैं, और नरों की गर्दन पर एक जटा बन जाती है। शरीर सुडौल और पैर पतले होते हैं, सिर पच्चर के आकार का होता है, और खतरे का आभास होने पर वे अपने चमकीले पिछले हिस्से को फुला कर दिखाते हैं।

नरों के सींग मोटे और सीधे खड़े होते हैं, जिनमें भौंह-शाखा से ऊपर एक अतिरिक्त उभार निकलता है और एक आगे की ओर मुड़ी मध्यवर्ती शाखा होती है; कभी-कभी सींगों में चपटापन भी विकसित होता है। सींगों की लंबाई उपप्रजाति के अनुसार 28 से 45 सेंटीमीटर से लेकर 80 सेंटीमीटर से अधिक तक हो सकती है। मादाओं के माथे पर दो विशिष्ट काले उभार होते हैं, जो उन्हें नरों से अलग पहचानने में मदद करते हैं।

वितरण और आवास

Cervus nippon का मूल विस्तार पूर्वी एशिया के शीतोष्ण और उपोष्णकटिबंधीय वनों में है, जहां यह घनी निचली वनस्पति वाले पतझड़ी और मिश्रित वनों को प्राथमिकता देता है, विशेषकर नम, अम्लीय मिट्टी वाले क्षेत्रों में। यह व्यावसायिक शंकुधारी वृक्षारोपण, बगीचों और खेती वाली भूमि में भी पाया जाता है।

यह प्रजाति समुद्र तल से लेकर 1800 मीटर ऊंचाई तक रहती है, और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी, प्रजनन काल तथा पौधों के मौसमी नुकसान के अनुसार 700 मीटर तक की ऊंचाई पर मौसमी प्रवास करती है; ग्रीष्म ऋतु का विचरण क्षेत्र सामान्यतः शीत ऋतु की तुलना में ऊंचा और बड़ा होता है। यह सामान्यतः उन क्षेत्रों में पाया जाता है जहां बर्फ की गहराई 10 से 20 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होती, हालांकि मूल क्षेत्र में यह 50 सेंटीमीटर तक की गहराई वाले स्थानों में भी देखा गया है।

प्रवासित आबादियां पश्चिमी और मध्य यूरोप, पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका तथा न्यूज़ीलैंड में स्थापित हो चुकी हैं, जहां आवास मूल क्षेत्र जैसे ही हैं।

GBIF के मासिक उपस्थिति आंकड़े सितंबर (2,133) और अक्टूबर (2,111) में सबसे अधिक दर्ज किए गए हैं, जबकि दिसंबर (787) में सबसे कम। ये आंकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, आबादी या पूर्ण विस्तार नहीं, फिर भी यह पैटर्न शरद ऋतु के प्रजनन काल के दौरान अधिक दृश्यता की ओर संकेत करता है।

Cervus nippon के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
2,133
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

यह प्रजाति मुख्यतः निशाचर है, लेकिन मानव हस्तक्षेप कम होने वाले क्षेत्रों में दिन में भी सक्रिय रह सकती है। पहाड़ी जापान जैसे क्षेत्रों में मौसमी प्रवास होता है, जिसमें शीत ऋतु का विचरण क्षेत्र ग्रीष्म ऋतु की तुलना में 700 मीटर तक नीचा हो सकता है।

सामाजिक संरचना लचीली है—नर वर्ष के अधिकांश समय एकांत में रहते हैं, कभी-कभी छोटे समूह बनाते हैं, जबकि मादाएं और उनके बच्चे केवल प्रजनन काल के दौरान 2-3 के छोटे समूह बनाती हैं। शरद और शीत ऋतु में बड़े मिश्रित झुंड इकट्ठा होते हैं।

नर सितंबर से नवंबर तक चलने वाले प्रजनन काल में क्षेत्र स्थापित करते हैं, जिसकी सीमाओं को वे 1.6 मीटर तक चौड़े और 0.3 मीटर गहरे गड्ढे खोदकर और उनमें मूत्र त्याग कर चिह्नित करते हैं; जमीन को सींगों से रगड़ना भी क्षेत्र की सीमा दर्शाने का एक तरीका है। प्रतिस्पर्धी नरों के बीच सींगों और खुरों से होने वाली लड़ाइयां कभी-कभी भीषण और घातक भी हो सकती हैं।

चाल में यह प्रजाति धीमी से मध्यम गति पर सख्त सरपट दौड़ में 3 मीटर तक की छलांग लगाती है, और अधिक गति पर सभी चार खुर एक साथ 0.3 मीटर हवा में उठाकर 6 मीटर तक की छलांग तथा 1.7 मीटर ऊंची बाधाओं को पार कर सकती है। यह उत्कृष्ट तैराक भी है और शिकारियों से बचने के लिए समुद्र में 12 किलोमीटर तक तैर सकता है।

संचार

यह अत्यंत मुखर प्रजाति है, जिसकी 10 से अधिक भिन्न आवाज़ें दर्ज की गई हैं। मादाएं एक-दूसरे से सम्पर्क के लिए धीमी सीटी जैसी आवाज़ निकालती हैं, बच्चों से बकरी जैसी "ब्लीट" ध्वनि में बात करती हैं, जबकि बच्चे घोड़े जैसी हल्की "हिनहिनाहट" से जवाब देते हैं। नर प्रजनन काल में तेज़, रोमांचक चीख निकालते हैं, और खतरे की स्थिति में तेज़ चीख, ऊंची सीटी के साथ गुर्राहट, या चहचहाहट जैसी सतर्कता ध्वनि दी जाती है।

दृश्य और स्पर्श संकेत भी संचार का हिस्सा हैं—शारीरिक मुद्राएं और छूना जानकारी देने के काम आते हैं।

रासायनिक संचार मेटाटार्सल और प्रीऑर्बिटल ग्रंथियों के स्राव के माध्यम से होता है, जो प्रजनन स्थिति और क्षेत्रीय सीमाओं की जानकारी देने के लिए क्षेत्र-चिह्नित गड्ढों में मूत्र के साथ छोड़े जाते हैं।

आहार और पोषण

सिका हिरण एक अत्यंत अनुकूलनशील शाकाहारी है, जो परिस्थिति के अनुसार चरने वाला या पत्ते खाने वाला दोनों तरह का व्यवहार अपनाता है। इसके आहार में दलदली घास, गिरे हुए पत्ते, वृक्षों के भाग, झाड़ीदार वनस्पति, जड़ी-बूटियां, फफूंद, बांस, ज़मीनी फर्न और यहां तक कि विषैली आइवी लता भी शामिल हो सकती है।

खेती वाले क्षेत्रों के पास रहने वाली आबादियां सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों को भी खाती हैं, जिससे यह प्रजाति कभी-कभी किसानों के लिए समस्या बन जाती है। यह लचीलापन इसे विभिन्न आवासों और मौसमों में उपलब्ध भोजन स्रोतों के अनुसार अपना आहार बदलने में सक्षम बनाता है।

प्रजनन और बच्चों का पालन

Cervus nippon बहुपत्नी प्रजाति है—एक सफल नर प्रजनन काल के दौरान अपने क्षेत्र में 12 मादाओं तक का हरम इकट्ठा कर सकता है। प्रजनन काल लगभग छह सप्ताह चलता है, जिसमें नर अपने वसा भंडार का 20 से 30 प्रतिशत तक खो देते हैं, जबकि मादाएं वजन नहीं घटातीं और भोजन के लिए विभिन्न स्थानों तक पहुंच पाने हेतु कई नरों के क्षेत्रों में विचरण करती हैं।

दोनों लिंग 16 से 18 महीने की उम्र में यौन परिपक्वता प्राप्त करते हैं। संभोग सितंबर और अक्टूबर में होता है, और गर्भधारण अवधि लगभग 30 सप्ताह (लगभग सात महीने) तक चलती है।

मई और जून में मादा एक ही बच्चे को जन्म देती है, जिसका वजन 4.5 से 7.0 किलोग्राम होता है, आमतौर पर वनक्षेत्र या खुले मैदान की झाड़ियों में। जन्म के तुरंत बाद मादा बच्चे को घनी वनस्पति में छिपा देती है, और बच्चा माता के लौटने तक बिल्कुल शांत और स्थिर रहता है। बच्चे को लगभग 10 महीने तक दूध पिलाया जाता है, जिसकी वसा मात्रा शुरुआत में लगभग 13 प्रतिशत से बढ़कर अंत में 30 प्रतिशत तक हो जाती है, और वह 10 से 12 महीने की उम्र में पूर्णतः स्वतंत्र हो जाता है।

कभी-कभी यह प्रजाति रेड डियर के साथ अंतर-प्रजनन करती है, और इससे उत्पन्न संकर संतानों को शुद्ध वंश की तुलना में जैविक लाभ मिल सकता है। बंदी अवस्था में इसकी औसत आयु 15 से 18 वर्ष होती है, हालांकि एक मामले में एक व्यक्ति 25 वर्ष 5 महीने तक जीवित रहा।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

सिका हिरण अपने आवासों में बड़े मांसाहारी शिकारियों के लिए महत्वपूर्ण शिकार का काम करता है, और अपने चरने की आदतों के माध्यम से देशी वनस्पति की संरचना को प्रभावित करता है।

जापान में इसकी सबसे बड़ी मूल आबादी है—1993 में यह लगभग 1,70,000 से 3,30,000 के बीच आंकी गई थी, जो 2015 तक (होक्काइडो सहित) लगभग 30,80,000 तक पहुंच गई, मुख्यतः जापानी भेड़िये के एक सदी पहले विलुप्त होने के कारण इसके मुख्य प्राकृतिक शिकारी की अनुपस्थिति से। इसके विपरीत, चीन में सदियों के शिकार और आवास हानि के कारण आबादी घटकर 1,000 से भी कम रह गई है। रूस के प्रिमोर्स्की क्राय क्षेत्र में मंचूरियन उपप्रजाति की लगभग 8,500 से 9,000 की स्थिर आबादी बनी हुई है।

संरक्षण और खतरे

IUCN ने Cervus nippon को समग्र रूप से "संकटमुक्त" श्रेणी में रखा है, मुख्यतः क्योंकि जापान की विशाल आबादी और कई देशों में सफल परिचय ने प्रजाति को समृद्ध बना दिया है। परंतु यह वैश्विक स्थिति इसकी कई उपप्रजातियों की वास्तविक स्थिति को छिपा देती है—ताइवान की उपप्रजाति, र्युक्यू द्वीप समूह की केरामा हिरण (जो केवल तीन निर्जन द्वीपों पर बची है), उत्तरी चीन की मंडारिनस और ग्रासियानस उपप्रजातियां (जो क्रमशः 1930 और 1980 के दशक से जंगल में विलुप्त मानी जाती हैं), पूर्व-मध्य चीन की कोप्शी उपप्रजाति (लगभग 300 की बिखरी हुई आबादी) और वियतनामी सूडोएक्सिस उपप्रजाति (लगभग या पूर्णतः विलुप्त) सभी गंभीर खतरे में हैं।

मुख्य खतरों में सबसे गंभीर अनियंत्रित शिकार है, जो मांस और व्यापार के लिए किया गया, इसके बाद कृषि विस्तार के कारण वन आवास की हानि आती है। इसके अतिरिक्त भेड़ियों, जंगली कुत्तों, लोमड़ियों और लिंक्स द्वारा किया जाने वाला शिकार भी उपप्रजातियों की आबादी पर असर डालता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय सूचीकरण में इसे "संकटग्रस्त" दर्जा दिया गया है, जबकि CITES के अंतर्गत इसे कोई विशेष दर्जा प्राप्त नहीं है। ताइवान के केंटिंग राष्ट्रीय उद्यान में चिड़ियाघरों से लाए गए व्यक्तियों द्वारा एक पुनर्स्थापन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसकी आबादी अब लगभग 200 तक पहुंच गई है, और वियतनाम में भी इसी तरह के प्रयास जारी हैं।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

संकटमुक्त

सांस्कृतिक महत्व

जापान में शिंतो परंपरा के अनुसार सिका हिरण को मनुष्यों और कामी (देवताओं) के बीच संदेशवाहक माना जाता है, और यह नारा शहर के पार्कों तथा तोदाइजी जैसे मंदिरों के आसपास स्वतंत्र रूप से विचरण करता है।

पूर्वी एशियाई कला में चित्तीदार हिरण की छवियां लंबे समय से सौभाग्य, उच्च पद और समृद्धि के प्रतीक के रूप में चित्रित की जाती रही हैं, जो इस प्रजाति के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं।

चीन में इसके सींगों को पारंपरिक चिकित्सा में मूल्यवान माना जाता है, और यह भोजन तथा शिकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रजाति रही है।

रोचक तथ्य

  1. जापान के नारा शहर में इसे "झुकने वाला हिरण" कहा जाता है, क्योंकि यह विशेष हिरण बिस्किट पाने से पहले सिर झुकाता है।
  2. यह उत्कृष्ट तैराक है और शिकारियों से बचने के लिए खुले समुद्र में 12 किलोमीटर तक तैर सकता है।
  3. यह उन कुछ हिरण प्रजातियों में से एक है जो वयस्क होने पर भी अपनी सफ़ेद चित्तियां नहीं खोती।
  4. मादाओं के माथे पर दो विशिष्ट काले उभार होते हैं, जो उन्हें नरों से अलग पहचानने में मदद करते हैं।
  5. यह कभी-कभी रेड डियर के साथ अंतर-प्रजनन कर लेता है, जिससे उत्पन्न संकर संतानों को जैविक लाभ मिल सकता है।
  6. बंदी अवस्था में इसका सबसे लंबा दर्ज जीवनकाल 25 वर्ष 5 महीने रहा है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • आर्द्रभूमि
  • वन
  • वनभूमि
  • घास का मैदान

व्यवहार

  • निशाचर
  • एकांतप्रिय
  • क्षेत्रीय
  • सामाजिक

आहार

  • शाकाहारी

फ़ोटो

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भूरे-मैरून रंग के शरीर पर सफ़ेद चित्तियों वाला एक वयस्क सिका हिरण, शाखादार सींगों के साथ वनभूमि में खड़ा हुआफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of LifeAnimal Diversity WebAnAge