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Crocodylus niloticus

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

संकटमुक्त

नील मगरमच्छ अफ्रीका के मीठे पानी का सबसे बड़ा शिकारी सरीसृप है। यह उप-सहारा अफ्रीका के पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में फैला है और लगभग 26 देशों में मिलता है।

यह झीलों, नदियों, दलदलों और जलभूमियों में रहता है, और कभी-कभी डेल्टा, खारे पानी की झीलों और समुद्र तक पहुँच जाता है। कभी इसकी सीमा नील नदी के डेल्टा से लेकर पूरी नील नदी तक फैली थी। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची में इसकी श्रेणी सबसे कम चिंता वाली है।

जंगल में इसका आकार अधिकतम 5 मीटर तक पहुँच सकता है, और इसकी उम्र 56 वर्ष तक जा सकती है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसकी लंबी और नुकीली थूथन है। इसकी चौड़ाई के मुकाबले थूथन आँखों के आगे के कोनों पर लगभग 1.6 से 2.0 गुना लंबी होती है, जो इसे कई दूसरे मगरमच्छों से अलग करती है।

वयस्क नर और मादा की पीठ पर गहरा कांस्य रंग होता है, जिस पर धुंधले काले धब्बे और धारियाँ दिखती हैं, जबकि पेट मटमैला पीला होता है। आँखें हरी होती हैं। कीचड़ अक्सर असली रंग को ढक लेता है। तेज़ बहते पानी में रहने वाले नमूने साफ़ या धीमे पानी के नमूनों से हल्के रंग के होते हैं। वयस्क की अधिकतम लंबाई और वजन तक हो सकता है।

किशोर मगरमच्छ भूरे, बहुरंगी या भूरे-हरे होते हैं और उनकी पूँछ तथा शरीर पर गहरी आड़ी पट्टियाँ होती हैं। उम्र के साथ रंग गहरा होता है और पट्टियाँ, खासकर ऊपरी शरीर पर, फीकी पड़ जाती हैं। उनका पेट पीले-हरे रंग का होता है।

इसके शरीर में चार छोटे, फैले हुए पैर, एक लंबी और मज़बूत पूँछ और पीठ व पूँछ पर कठोर पट्टिकाओं वाली त्वचा है। नथुने, आँखें और कान सिर के ऊपर होते हैं, इसलिए शरीर पानी में छिपा रह सकता है। इसके मुँह में 64 से 68 नुकीले, शंकु आकार के दाँत होते हैं। टूटे दाँत जीवन भर बदले जा सकते हैं। नवजात के ऊपरी तालु पर एक कठोर अंडदंत होता है, जिससे वह अंडे का खोल तोड़ता है।

वितरण और आवास

नील मगरमच्छ की वर्तमान सीमा सूडान में नील नदी की सहायक नदियों और मिस्र की नासर झील से लेकर अंगोला की कुनेने नदी, बोत्सवाना के ओकावांगो डेल्टा और दक्षिण अफ्रीका की ओलिफैंट्स नदी तक फैली है। यह अफ्रीका का सबसे आम मगरमच्छ-वंशी जीव है और सोमालिया, इथियोपिया, युगांडा, केन्या, तंज़ानिया, ज़ाम्बिया, ज़िम्बाब्वे, मोज़ाम्बिक, नामीबिया और कैमरून सहित कई देशों में मिलता है।

पश्चिमी और मध्य अफ्रीका में यह अधिकतर अनुपस्थित है। वहाँ मिलने वाली आबादियाँ अब एक अलग प्रजाति, पश्चिम अफ्रीकी (या रेगिस्तानी) मगरमच्छ, मानी जाती हैं। दोनों प्रजातियाँ पूर्वी दक्षिण अफ्रीका में आपस में मिलती हैं, और संभवतः वे आवास के आधार पर अलग रहती हैं।

मेडागास्कर में इसकी एक अलग आबादी पश्चिमी और दक्षिणी तट पर सांबिरानो नदी से तोलानारो तक मिलती है। इस द्वीप पर इसके पहुँचने का समय वहाँ के स्थानीय मगरमच्छ वोय के विलुप्त होने के बाद माना जाता है। 2022 में मेडागास्कर से मिली एक खोपड़ी रेडियोकार्बन जाँच में लगभग 7,500 वर्ष पुरानी निकली, जिससे पता चलता है कि वोय का विलुप्त होना नील मगरमच्छों के वहाँ पहुँचने के बाद हुआ।

यह विभिन्न प्रकार के आवासों में रहता है, जैसे छोटी खारी धाराएँ, तेज़ बहती नदियाँ, दलदल, बाँध और ज्वारीय झीलें व मुहाने। पूर्वी अफ्रीका में यह अधिकतर नदियों, झीलों, दलदलों और बाँधों में मिलता है और छोटे जल-स्रोतों की तुलना में खुले, चौड़े जल-क्षेत्र पसंद करता है। मेडागास्कर में इसकी बची हुई आबादी गुफाओं में रहने के लिए अनुकूलित हो चुकी है।

Crocodylus niloticus के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
1,507
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

नील मगरमच्छ रात में अधिक सक्रिय रहता है, पर दिन में भी धूप सेंकता है। जब उसे परेशान न किया जाए, तो दोपहर के समय उसकी एक बड़ी संख्या घंटों तक जबड़े खोलकर धूप में पड़ी रहती है। मुँह खोलना शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद करता है। कड़ी धूप में जबड़े बंद हो जाएँ तो वह ज़्यादा गर्मी से मर सकता है। तुर्काना झील में मगरमच्छ दिन में लगभग धूप नहीं सेंकते और उथले पानी में आधे डूबे बैठे रहते हैं।

दक्षिण अफ्रीका में सर्दियों में इसे देखना आसान होता है, क्योंकि तब वह अधिक समय धूप में बिताता है। ठंडे और सूखे मौसम में दक्षिणी सीमा के मगरमच्छ सुरंगें खोदकर छिप जाते हैं और ग्रीष्मनिद्रा में चले जाते हैं। रॉयल नेटल नेशनल पार्क में 60 से 90 सेंटीमीटर के बच्चे 1.2 से 1.8 मीटर गहरी सुरंगें खोदते थे, जबकि सबसे लंबी सुरंग 3.65 मीटर की मिली। यह अवस्था मई से अगस्त तक देखी गई है।

यह आमतौर पर कुछ मिनट ही डुबकी लगाता है, लेकिन खतरे में 30 मिनट तक पानी के अंदर तैर सकता है। पूरी तरह स्थिर रहने पर यह लगभग 2 घंटे तक साँस रोक सकता है, जिसका कारण इसके खून में लैक्टिक अम्ल का अधिक स्तर है। ज़मीन पर यह अधिकतर पेट के बल रेंगता है, लेकिन छोटे नमूने सरपट दौड़ सकते हैं और बड़े भी कभी-कभी लगभग 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार तक पहुँचते हैं। पानी में इसकी अधिकतम ज्ञात गति 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा है।

इसके पेट में अक्सर पत्थर पाए जाते हैं, जिन्हें गैस्ट्रोलिथ कहते हैं। नवजात में ये नहीं होते, और 2 से 3.1 मीटर के मगरमच्छों में इनकी संख्या तेज़ी से बढ़ती है। बहुत बड़े नमूनों में ये फिर दुर्लभ हो जाते हैं। ये क्यों निगले जाते हैं, इसका ठोस कारण ज्ञात नहीं है। एक 3.84 मीटर लंबे और 239 किलोग्राम के नमूने के पेट में 5.1 किलोग्राम पत्थर मिले थे।

शिकार और आहार

नील मगरमच्छ अपने क्षेत्र का शीर्ष शिकारी है। इसका शिकार लगभग पूरी तरह घात लगाकर होता है। पानी में वह आगे बढ़ते हुए केवल आँखें और नथुने सतह पर रखता है और अचानक शिकार पर झपटता है। उसे कुछ ही सेकंड में पकड़ना होता है, इसलिए उसकी घात सटीक होती है। ज़मीन पर वह चारों पैरों से दौड़कर शिकार का पीछा कर सकता है।

वह ज़्यादातर पानी के रास्तों के आसपास शिकार करता है, जैसे पानी पीने या पार करने आए स्थलीय जानवरों पर। ज़मीन के शिकार पर वह लगभग पूरा शरीर डुबोकर सरकता है, और कभी-कभी सिर और ऊपरी शरीर ऊँचे पर बैठे शिकार का अंदाज़ा लगाने के लिए बाहर रखता है। उसके दाँत मांस फाड़ने के बजाय शिकार में गहरे धँसकर उसे पकड़े रखते हैं। बड़े वयस्कों का काटने का बल 22,000 न्यूटन तक हो सकता है। छोटा शिकार आसानी से निगल लिया जाता है, जबकि बड़ा शिकार वह पानी में खींचकर डुबो देता है या सिर झटककर टुकड़े कर देता है।

उप-वयस्क और छोटे वयस्क मगरमच्छ मछलियों के झुंड को शरीर और पूँछ से किनारे की ओर धकेलते हैं और फिर सिर झटककर खाते हैं। कुछ मगरमच्छ पूँछ से ज़मीन पर खड़े शिकार का संतुलन बिगाड़ देते हैं। कई मगरमच्छ मिलकर नदी में प्रवासी मछलियों को अर्धवृत्त बनाकर रोक भी लेते हैं। सबसे प्रभावशाली नर सबसे पहले खाता है। वह शेरों और तेंदुओं के शिकार को भी छीन लेता है या उनके बचे हुए शिकार पर निर्भर रहता है, और झुंड कभी-कभी सैकड़ों मीटर दूर तक चलकर शव तक पहुँचते हैं।

तुर्काना झील में 48 प्रतिशत से अधिक वयस्क मगरमच्छों के पेट खाली पाए गए। ब्रूडिंग मादाओं के पेट हमेशा खाली रहते हैं, इसलिए वे कई महीने बिना भोजन के रह सकती हैं। युगांडा और ज़ाम्बिया में हुए अध्ययनों के अनुसार छोटे मगरमच्छ बड़ों की तुलना में अधिक सक्रिय होकर खाते हैं।

घोंसला और प्रजनन

नील मगरमच्छ अंडे देने वाला जीव है। लगभग 12 से 16 वर्ष की उम्र में नर परिपक्व होता है, जब उसकी लंबाई लगभग 3.3 मीटर और वजन लगभग 155 किलोग्राम होता है। मादा 2.2 से 3 मीटर लंबाई पर परिपक्व होती है, हालाँकि यह आबादी के हिसाब से बदलती है।

संभोग से पहले नर ज़ोर से दहाड़ते हैं, पानी में सिर से थपकी मारते हैं और नथुनों से पानी उड़ाते हैं। जब कोई मादा आकर्षित होती है, तो जोड़ा गुनगुनाता है और दोनों जबड़ों के नीचे का हिस्सा एक-दूसरे से रगड़ते हैं। संभोग अक्सर खुरदुरा होता है, जिसमें नर पानी के नीचे मादा को दबाकर रखता है। ज़्यादातर क्षेत्रों में एक साल तक एकपत्नी संबंध आम है, हालाँकि कुछ जगह नर अपने क्षेत्र में कई मादाओं से जुड़ते हैं। बड़े नरों के बीच क्षेत्र को लेकर लड़ाई होती है, जिसमें अक्सर एक विजेता और एक हारा हुआ जीव दोनों बच जाते हैं।

मादा संभोग के लगभग एक से दो महीने बाद अंडे देती है। घोंसला बनाने का मौसम साल के लगभग हर महीने में हो सकता है। उत्तरी सीमा, जैसे सोमालिया या मिस्र, में यह दिसंबर से फरवरी तक होता है, जबकि दक्षिणी सीमा, जैसे दक्षिण अफ्रीका या तंज़ानिया, में अगस्त से दिसंबर तक। बीच के क्षेत्रों में अंडे अक्सर अप्रैल से जुलाई के बीच दिए जाते हैं, जो उस क्षेत्र के सूखे मौसम के एक-दो महीने बाद पड़ता है।

एक घोंसले में 25 से 95 अंडे तक हो सकते हैं। 2.75 मीटर की एक मादा 35 अंडों से अधिक नहीं देती, जबकि 3.64 मीटर की मादा 95 अंडों तक दे सकती है। मादाएँ अक्सर हर दो से तीन वर्ष में ही घोंसला बनाती हैं।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

नील मगरमच्छ अपने जलीय तंत्र का शीर्ष शिकारी है। मछलियों, पानी पीने आए स्थलीय जीवों और कभी-कभी दूसरे शिकारियों के शिकार को छीनकर वह जल-पारिस्थितिकी का संतुलन बनाए रखने में भूमिका निभाता है।

इसके परजीवियों में कुछ मुख्य समूह आते हैं। गोलकृमि समूह के परजीवी, बिना कोशिका भित्ति वाले सूक्ष्मजीव, ट्रिपैनोसोमेटिडा समूह के प्रोटोज़ोआ और पर्णकृमि समूह के परजीवी आम हैं। इनमें Mycoplasma crocodyli और Trichinella zimbabwensis सबसे प्रमुख हैं। कभी-कभी Pseudoneodiplostomum bifurcatum जैसे पर्णकृमि और Trypanosoma grayi भी मिलते हैं।

संरक्षण और खतरे

नील मगरमच्छ को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची में सबसे कम चिंता वाली श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ है कि इसे अभी विलुप्ति का सीधा खतरा नहीं माना गया है। जंगल में इसकी अनुमानित संख्या 2,50,000 से 5,00,000 के बीच है।

मुख्य खतरे आवास का नुकसान, प्रदूषण, शिकार और मछली पकड़ने के जालों में फँस जाना हैं। 1940 से 1960 के दशकों में इसका शिकार बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाली चमड़ी के लिए हुआ, और 1950 से 1980 के बीच लगभग 30 लाख मगरमच्छ मारे गए। कुछ क्षेत्रों में आबादी अभी धीरे-धीरे ही बढ़ रही है। दक्षिण अफ्रीका की लेक सिबाया में 21वीं सदी में भी शिकार ही उसकी पूरी वापसी में बाधा बना हुआ है।

वन्यजीव व्यापार पर अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत यह अधिकांश क्षेत्रों में परिशिष्ट I में है, जबकि बाकी क्षेत्रों में परिशिष्ट II में है, जो नियंत्रित व्यापार की अनुमति देता है। कई अफ्रीकी देशों में इसके मांस और चमड़े के लिए इसका पालन होता है। 1993 में लगभग 80,000 चमड़ियाँ तैयार हुईं, जिनमें से अधिकांश ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के फार्मों से आईं। मध्य और पश्चिम अफ्रीका में स्थिति अधिक गंभीर है, क्योंकि वहाँ आबादी कम है और उसका ठीक सर्वेक्षण नहीं हुआ है। मिस्र में 20वीं सदी में यह प्रजनन करने वाली प्रजाति के रूप में लगभग समाप्त हो गया था, पर असवान बाँध के आसपास कुछ क्षेत्रों में फिर से स्थापित हुआ है।

संकटमुक्त

फ़ोटो

तस्वीरें via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., by Luis G Restrepo via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Cindy Bell via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Patrick Jackson via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Timothy Whitehead via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., और by Stefan Wolmarans via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

आहार

  • मांसाहारी

व्यवहार

  • परभक्षी
  • क्षेत्रीय
  • अर्ध-जलीय

वर्गीकरण

संघ
Chordata
वर्ग
Crocodylia
कुल
Crocodylidae
वंश
Crocodylus
प्रजाति
Crocodylus niloticus

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. AnAge Longevity
  6. The Reptile Database Reptile distribution and common names
  7. ReptTraits Reptile size, lifespan, clutches or litters, habitat and habits
  8. GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
  9. Wardeh et al. 2015 (EID2)
  10. HWML Parasite Collection