Cycas revoluta को अक्सर ताड़ (पाम) समझ लिया जाता है, जबकि यह वास्तविक अर्थ में एक जिम्नोस्पर्म है, फूल वाला पौधा नहीं। इसके मोटे, शल्कों जैसे तने पर घने रोमदार रेशों की परत होती है, जो इसे ताड़ वृक्षों से स्पष्ट रूप से अलग करती है, हालाँकि दोनों दिखने में मिलते-जुलते हैं और बीज पैदा करते हैं।
यह पौधा साइकैडेसी कुल और साइकैडेल्स गण से संबंधित है, तथा दक्षिणी जापान सहित रयूक्यू द्वीपसमूह का मूल निवासी है। IUCN के अनुसार इसकी संरक्षण स्थिति "न्यूनतम चिंतनीय" (Least Concern) है।
यह पौधा अपनी दोहरी पहचान के कारण उल्लेखनीय है: एक ओर यह विश्वभर में सजावटी पौधे के रूप में लोकप्रिय है, दूसरी ओर इसके गूदे से साबूदाना जैसा स्टार्च भी निकाला जाता है, जबकि इसके बीजों में तीव्र विष भी पाया जाता है।
पहचान और रूप
इस पौधे की सबसे स्पष्ट पहचान इसके मोटे, शल्की तने पर मौजूद घने रेशेदार आवरण से होती है, जो इसे ताड़ वृक्षों से अलग करता है। तना युवा पौधों में भूमि के लगभग समतल या भूमिगत रहता है, परंतु उम्र के साथ ऊपर की ओर बढ़ता है और सामान्यतः लगभग 20 सेंटीमीटर व्यास का होता है, कभी-कभी इससे अधिक भी। जापान के शिज़ुओका स्थित रयूगेजी मंदिर में उगा सबसे बड़ा ज्ञात पौधा 8 मीटर ऊँचा और 1.6 मीटर मोटा है।
प्रजनन आयु के पौधों में पत्तियाँ 50 से 150 सेंटीमीटर लंबी, गहरी अर्ध-चमकदार हरी होती हैं और लगभग 1 मीटर व्यास के पंख जैसे झुंड (रोज़ेट) में उगती हैं। पत्रकों (leaflets) की लंबाई 8 से 18 सेंटीमीटर होती है, इनके किनारे तेज़ी से मुड़े हुए होते हैं, और आधार की पत्रिकाएँ काँटे जैसी हो जाती हैं। पत्ती के डंठल 6 से 10 सेंटीमीटर लंबे होते हैं और इनमें छोटे सुरक्षात्मक काँटे होते हैं।
यह प्रजाति द्विलिंगी नहीं बल्कि द्विगृही (dioecious) है, अर्थात नर पौधों में परागकोश शंकु (pollen cones) बनते हैं जबकि मादा पौधों में मेगास्पोरोफिल्स के समूह विकसित होते हैं। इसकी जड़ें विशेष प्रकार की "कोरैलॉइड" जड़ें होती हैं, जिनमें Anabaena नामक साइनोबैक्टीरिया के साथ सहजीवन होता है, जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक है; इन जड़ों में टैनिन-युक्त कोशिकाएँ एल्गी के अत्यधिक प्रसार को रोकती हैं।
तने भी कई बार शाखाओं में बँट सकते हैं, जिससे एक ही पौधे में पत्तियों के कई मुकुट बन जाते हैं। यह विशेषता, साथ ही रेशेदार तना, इसे साइकैड कुल की अन्य प्रजातियों और सतही रूप से समान दिखने वाले ताड़ वृक्षों से अलग पहचानने में सहायक है।
वितरण और आवास
Cycas revoluta दक्षिणी जापान का मूल निवासी है, जिसमें रयूक्यू द्वीपसमूह भी शामिल है। यह द्वीपों की पहाड़ियों पर घने झुरमुटों में और मुख्यभूमि पर विरल वनों में उगता है, आमतौर पर 100 से 500 मीटर की ऊँचाई पर।
अपने प्राकृतिक क्षेत्र से बाहर यह पौधा व्यापक रूप से उगाया जाता है, कहीं खुले मैदानों में तो कहीं ग्रीनहाउस में सजावटी पौधे के रूप में। पाकिस्तान जैसे क्षेत्रों में यह प्राकृतिक रूप से नहीं बल्कि मानव द्वारा लगाया गया पाया जाता है, और वहाँ केवल मादा पौधों की उपस्थिति दर्ज है, नर पौधे नहीं मिलते; ऐसे में प्रसार बल्बिल्स (bulbils) के माध्यम से वानस्पतिक रूप से होता है।
GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़ों में जनवरी में अवलोकनों की संख्या (663) शेष महीनों (लगभग 115 से 180 के बीच) की तुलना में काफी अधिक दिखती है। यह पैटर्न सावधानी से देखा जाना चाहिए, क्योंकि ये आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, न कि वास्तविक बहुतायत, जनसंख्या आकार या संपूर्ण प्राकृतिक विस्तार क्षेत्र।

उपयोग और मानव संबंध
Cycas revoluta विश्व के सभी साइकैड प्रजातियों में सबसे अधिक व्यापक रूप से उगाई जाने वाली प्रजाति है, जो लगभग हर वानस्पतिक उद्यान में तथा भूदृश्य पौधे के रूप में व्यावसायिक रूप से प्रचारित की जाती है। यह बोन्साई के रूप में भी लोकप्रिय है और वर्ष 2017 में इसे रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी के "अवार्ड ऑफ गार्डन मेरिट" से सम्मानित किया गया।
इसके तने के गूदे (पिथ) में खाद्य स्टार्च पाया जाता है, जिससे साबूदाना जैसा पदार्थ तैयार किया जाता है। इसके लिए गूदे को काटकर पीसा जाता है और फिर बार-बार सावधानीपूर्वक धोकर विष निकाला जाता है, इसके बाद ही सूखे स्टार्च को पकाया जाता है, जो पाम सागो के समान उपयोगों में लिया जाता है।
खेती किए गए पौधों के लिए एक विशेष खतरा भी है: Aulacaspis yasumatsui नामक स्केल कीट इस प्रजाति पर भोजन करता है और यदि नियंत्रित न किया जाए तो यह पूरे पौधे को नष्ट करने में सक्षम है, जिससे बागवानों को नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है।
रोचक तथ्य
- चीनी सांस्कृतिक परंपरा में इसे "आयरन ट्री" के रूप में जाना जाता है, और इसका फूलना दृढ़ता, सहनशीलता तथा धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
- फेंग शुई में इस पौधे को शुभ माना जाता है; यह पूर्व दिशा और लकड़ी तत्व से जुड़ा है, और ऐसा माना जाता है कि यह परिवार में सामंजस्य लाने में सहायक होता है।
- जापान में मूल निवासी होने के साथ इसका मानव उपयोग का इतिहास बहुत पुराना है, जिसमें यह लंबे समय से एथ्नोबोटैनिकल महत्व रखता आया है।
संरक्षण स्थिति
- LC
- NT
- VU
- EN
- CR
संकटमुक्त
पारिस्थितिकी
आवास
- वन
- झाड़ीदार भूमि
- पर्वत
वृद्धि का रूप
- वृक्ष



