Cyclocybe cylindracea एक ऐसी कवक प्रजाति है जिसे कई नामों से जाना जाता है, जिनमें Agrocybe cylindracea, Agrocybe aegerita और Pholiota aegerita शामिल हैं। इसे अंग्रेज़ी में पॉपलर फील्डकैप या पॉपलर मशरूम और जापान में यानागी-मात्सुताके कहा जाता है।
यह बेसिडियोमाइकोटा संघ और एगारिकेल्स गण की सदस्य है, जो ट्यूबेरियासी कुल और Cyclocybe वंश में वर्गीकृत है। यह एक छतरीनुमा कवक है जो अपने विशिष्ट रूप और पॉपलर जैसे वृक्षों पर उगने की आदत के लिए जानी जाती है।
यह कवक इसलिए भी ध्यान खींचती है क्योंकि इसे कई देशों में भोजन के रूप में उगाया जाता है, फिर भी इसकी पहचान सावधानी मांगती है क्योंकि यह कुछ विषैली प्रजातियों से मिलती-जुलती है।
फलन काय और पहचान
इस मध्यम आकार की छतरीनुमा कवक की सबसे पहचान योग्य विशेषता इसकी टोपी है, जो शुरू में उत्तल होती है और बाद में खुलकर लगभग चपटी हो जाती है। इसका व्यास 3 से 10 सेंटीमीटर के बीच होता है। युवा अवस्था में टोपी का रंग लाल-भूरा होता है, जो बाद में हल्के भूरे रंग में बदल जाता है—बीच का हिस्सा अधिक गेरुआ और किनारे अधिक सफ़ेद दिखाई देते हैं।
टोपी के नीचे अनेक सफ़ेदी लिए हुए त्रिज्यीय पट्टिकाएँ (गलफड़े) होती हैं जो डंठल से जुड़ी रहती हैं। समय के साथ ये भूरे-स्लेटी रंग की हो जाती हैं, क्योंकि गिरते बीजाणु उन्हें रंग देते हैं। बीजाणु हल्के दीर्घवृत्ताकार होते हैं, जिनका आकार लगभग 8 से 11 गुणा 5 से 7 माइक्रोमीटर होता है।
इसका डंठल सफ़ेद, रेशेदार और प्रायः मुड़ा हुआ होता है। डंठल के ऊपरी भाग में एक झिल्लीदार छल्ला होता है, जो बीजाणुओं के गिरने से शीघ्र ही तम्बाकू जैसे भूरे रंग का हो जाता है।
वितरण और आवास
यह एक श्वेत-सड़न कवक है जो पॉपलर के तनों और उनमें बने खोखलों में गुच्छों के रूप में उगती है। इसके अतिरिक्त यह अन्य चौड़ी पत्ती वाले वृक्षों पर भी पाई जाती है, जहाँ यह लकड़ी के सड़ने की प्रक्रिया में भाग लेती है।
उपलब्ध अवलोकन आँकड़े, जो केवल उपस्थिति दर्शाते हैं—न कि बहुतायत या पूर्ण प्राकृतिक वितरण—वर्ष के मध्य से अंत तक के महीनों में अपेक्षाकृत अधिक संख्या दिखाते हैं, विशेषकर देर गर्मियों और शरद ऋतु के आसपास, जो सावधानीपूर्वक इस ओर संकेत करता है कि इस अवधि में इसकी उपस्थिति अधिक दर्ज की जाती है।

उपयोग और सांस्कृतिक इतिहास
यह एक खाद्य कवक है और दक्षिणी यूरोपीय तथा चीनी व्यंजनों में इसे एक सामान्य सामग्री के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी खेती कोरिया, जापान, चीन और ऑस्ट्रेलिया में की जाती है।
पारंपरिक चीनी चिकित्सा में इसे प्रायः मूत्रवर्धक के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त, Mycetinis alliaceus और Chondrostereum purpureum के साथ मिलकर इसे जैतून-मिल अपशिष्ट जल से उत्पन्न विषाक्तता का मुकाबला करने के लिए उपयुक्त पाया गया है।
रोचक तथ्य
- इस कवक को जापान में यानागी-मात्सुताके (柳松茸) के नाम से जाना जाता है, जो इसके स्थानीय सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
- यह न केवल भोजन के रूप में उपयोगी है बल्कि औद्योगिक अपशिष्ट जल की विषाक्तता कम करने में भी सहायक पाई गई है, जो इसे पारिस्थितिक दृष्टि से भी दिलचस्प बनाता है।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Basidiomycota
- वर्ग
- Agaricomycetes
- गण
- Agaricales
- कुल
- Tubariaceae
- वंश
- Cyclocybe
- प्रजाति
- Cyclocybe cylindracea
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract



