बचपन में गहरे भूरे रंग का यह पक्षी वयस्क होने पर अपने बर्फ-सफेद सिर और पूंछ के कारण पूरे उत्तर अमेरिका में तुरंत पहचाना जाता है। Haliaeetus leucocephalus एक बड़ा शिकारी पक्षी है (कुल Accipitridae), जो कनाडा, अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका के पूरे मुख्य भूभाग और उत्तरी मेक्सिको में फैले बड़े जल-निकायों और पुराने घने जंगलों के पास पाया जाता है। यह उत्तर अमेरिका का एकमात्र स्थानिक समुद्री उकाब है और यूरेशिया के व्हाइट-टेल्ड उकाब के साथ एक प्रजाति-युगल बनाता है, जो वहां ठीक वैसी ही पारिस्थितिक भूमिका निभाता है।
48 वर्ष तक जीवित रहने की क्षमता, मछलियों और जलपक्षियों को पकड़ने में इसका कौशल, और अमेरिका के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में इसका सांस्कृतिक महत्व इसे जानने लायक बनाता है।
पहचान और रूप
वयस्क गंजा उकाब की सबसे स्पष्ट पहचान इसका गहरा भूरा शरीर और एकदम सफेद सिर व पूंछ है, जिसके साथ चमकीली पीली चोंच, पैर और आंखें होती हैं। पूंछ मध्यम लंबी और थोड़ी पच्चर के आकार की होती है; चोंच बड़ी, अंकुशाकार और पीले सेरे वाली है। पैर पंखविहीन होते हैं और उंगलियां छोटी परंतु बेहद शक्तिशाली पंजों वाली होती हैं—पिछली उंगली का पंजा शिकार के महत्वपूर्ण अंगों को छेदने के लिए विशेष रूप से विकसित है।
शरीर की लंबाई 70 से 102 सेंटीमीटर, पंख-फैलाव 1.8 से 2.3 मीटर और वज़न सामान्यतः 3 से 6.3 किलोग्राम के बीच होता है। मादाएं नर से लगभग 25% बड़ी होती हैं—मादाओं का औसत वज़न लगभग 5.6 किलोग्राम, जबकि नर औसतन 4.1 किलोग्राम के होते हैं, हालांकि दोनों के पंखों का रंग एक समान होता है। आकार भूगोल के साथ बदलता है: दक्षिण कैरोलिना के उकाब औसतन केवल 3.27 किलोग्राम के होते हैं, जबकि अलास्का की सबसे बड़ी मादाएं 7 किलोग्राम से अधिक वज़न और 2.44 मीटर तक के पंख-फैलाव तक पहुंच सकती हैं—भूमध्य रेखा से दूरी के साथ आकार बढ़ने के सामान्य नियम (बर्गमान का नियम) के अनुरूप।
अपरिपक्व पक्षी पांचवें वर्ष तक—यौन परिपक्वता की उम्र तक—गहरे भूरे रंग के होते हैं जिन पर अनियमित सफेद धारियां बिखरी रहती हैं, और तभी उनका विशिष्ट सफेद सिर-पूंछ रूप विकसित होता है।
उत्तर अमेरिका में इसका भ्रम गोल्डन उकाब (Aquila chrysaetos) से हो सकता है, परंतु गंजा उकाब का सिर और चोंच बड़े व अधिक उभरे हुए होते हैं, यह पंख सीधे और सपाट रखकर उड़ता है, तथा इसके पैर पूरी तरह पंखों से ढके नहीं होते; इसके विपरीत गोल्डन उकाब का रंग अधिक गहरा भूरा होता है, गर्दन पर सुनहरी-लाल झलक होती है और अपरिपक्व अवस्था में पंखों पर सफेद वर्गाकार धब्बे दिखते हैं। दूर अफ्रीका में पाया जाने वाला अफ़्रीकी मत्स्य-उकाब भी भूरे शरीर व सफेद सिर-पूंछ जैसा दिखता है, पर उसकी छाती सफेद और चोंच का सिरा काला होता है।
वितरण और आवास
गंजा उकाब का विस्तार अधिकांश कनाडा और अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका के पूरे महाद्वीपीय भाग और उत्तरी मेक्सिको तक फैला है—यह उत्तर अमेरिका का एकमात्र स्थानिक समुद्री उकाब है। 1950 के दशक में इसकी संख्या सबसे कम स्तर पर पहुंचकर लगभग केवल अलास्का, अलेउतियन द्वीपों, उत्तरी व पूर्वी कनाडा और फ्लोरिडा तक सीमित रह गई थी, परंतु 1966 से 2015 के बीच संख्या में भारी वृद्धि हुई और 2018 तक यह संयुक्त राज्य अमेरिका व कनाडा के हर महाद्वीपीय राज्य और प्रांत में घोंसला बनाने लगा।
कनाडा में सबसे बड़ी आबादी ब्रिटिश कोलंबिया के तटीय क्षेत्र में मिलती है, जबकि अल्बर्टा, सस्केचेवान, मैनिटोबा और ओंटारियो के जंगलों में भी बड़ी संख्या पाई जाती है। नवंबर से फरवरी के बीच स्क्वामिश (ब्रिटिश कोलंबिया) में सामन मछली के प्रवास के दौरान एक से दो हज़ार उकाब जमा होते हैं; मार्च 2024 में टोरंटो में पहली बार इस प्रजाति के घोंसला बनाने की पुष्टि हुई। यह प्रजाति दुर्लभ रूप से आयरलैंड (1973 और 1987) और यूनाइटेड किंगडम (1978) में भी भटककर पहुंच चुकी है।
प्रजनन काल में यह समुद्र तटों, नदियों, बड़ी झीलों और खुले जल-निकायों के पास रहता है जहां मछलियों की भरमार हो; 11 किलोमीटर से अधिक परिधि और 10 वर्ग किलोमीटर से बड़ी झीलें घोंसले के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती हैं। घोंसले के लिए यह 20 मीटर से ऊंचे, खुली संरचना वाले पुराने शंकुधारी या चौड़ी-पत्ती वाले वृक्षों को चुनता है, जिनकी छतरी का घनत्व 20 से 60 प्रतिशत के बीच हो; अधिकांश घोंसले खुले जल से 200 मीटर के भीतर बनाए जाते हैं। यह मानव बसावट से दूरी बनाकर रखता है—मध्यम से उच्च घनत्व वाली मानव गतिविधि से यह सामान्यतः 1.2 किलोमीटर से अधिक दूर घोंसला बनाता है।
वैश्विक अवलोकन आंकड़ों में जनवरी से मई के बीच सर्वाधिक दर्ज उपस्थिति (लगभग 7.5 से 8.9 लाख प्रति माह) दिखती है, जो जून-जुलाई में घटकर लगभग 3.6-4 लाख तक आ जाती है और फिर वर्ष के अंत तक धीरे-धीरे बढ़ती है। ये आंकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं—जनसंख्या या सघनता का सीधा माप नहीं—फिर भी यह प्रवृत्ति शीत ऋतु और वसंत में जल-क्षेत्रों में उकाबों के जमाव और गर्मियों में उनके अधिक फैले हुए वितरण के अनुरूप प्रतीत होती है।

व्यवहार और जीवनशैली
गंजा उकाब आंशिक रूप से प्रवासी है—यदि इसके क्षेत्र में जल-निकाय वर्षभर खुला रहे तो यह वहीं रुक जाता है, परन्तु जल जमने पर यह दक्षिण या तटीय क्षेत्रों की ओर उड़ जाता है। येलोस्टोन जैसी कुछ आबादियां केवल स्थानीय स्तर पर बेहतर शिकार अवसरों के लिए घूमती हैं, जबकि दक्षिणी आबादियां वर्षभर अपने प्रजनन क्षेत्र में ही रहती हैं। कनाडाई आबादियां शीत ऋतु में संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर बढ़ती हैं; ग्रेट लेक्स क्षेत्र की आबादियां अटलांटिक तट व चेसापीक खाड़ी की ओर, और पूर्वोत्तर अमेरिका व कनाडा की आबादियां एपलेशियन पहाड़ों की ओर बढ़ती हैं। प्रवास के दौरान यह पहाड़ों और नदियों जैसे भौगोलिक चिह्नों का सहारा लेता है—मिसिसिपी नदी एक प्रमुख प्रवास मार्ग है—और दिन में सुबह 8 से शाम 6 बजे के बीच थर्मल हवा की धाराओं में उड़ान भरता है।
उड़ान में यह थर्मल संवहन धाराओं पर सवार होकर सरकना पसंद करता है, सामान्य उड़ान में 56-70 किमी/घंटा और मछली ढोते समय लगभग 48 किमी/घंटा की गति पकड़ता है, जबकि गोता लगाते समय 120-160 किमी/घंटा तक पहुंच सकता है, यद्यपि यह शायद ही कभी पूरी तरह सीधा गोता लगाता है। ज़मीन पर चलते समय यह अपने शरीर को हिलाते हुए कुछ अटपटे ढंग से चलता है।
सामान्यतः यह एकांतप्रिय होता है, परंतु प्रजनन काल में जोड़े बनाता है और शिकार की बहुतायत वाले स्थानों पर 400 तक व्यक्तियों के समूहों में सामूहिक रूप से बसेरा भी कर सकता है। इसकी दैनिक समय-सारणी में लगभग 91% समय विश्राम में, 2.6% पानी पीने में, 2.3% शिकार खोजने में और 1.8% दूसरे पक्षियों से भोजन छीनने में बीतता है; तेज़ हवाओं और बारिश में यह कम सक्रिय रहता है और शिकार में सफलता घट जाती है। प्रजनन काल में यह क्षेत्रीय हो जाता है और अन्य उकाबों को आवाज़ या उड़ाकर भगाता है; इसका सामान्य क्षेत्र 1 से 2 वर्ग किलोमीटर के बीच होता है, हालांकि ओरेगन-वाशिंगटन में यह औसतन 22 वर्ग किलोमीटर (6-47 वर्ग किलोमीटर) और अलास्का में न्यूनतम केवल 0.5 वर्ग किलोमीटर तक सीमित पाया गया है।
अपरिपक्व पक्षियों का प्रवास मार्ग वयस्कों की तुलना में कहीं अधिक अनियमित होता है, और फ्लोरिडा के कुछ युवा उकाब गर्मियों में उत्तर की ओर फैलाव करते हैं। मध्य-पश्चिम अमेरिका की आबादियों को अपने ग्रीष्मकालीन क्षेत्र तक पहुंचने में 6 से 151 दिन और शीतकालीन क्षेत्र तक पहुंचने में 15 से 77 दिन तक लग सकते हैं।
संचार
गंजा उकाब की आवाज़ें आम धारणा से कहीं अधिक कमज़ोर, ऊंची पिच वाली और पतली होती हैं—चीख जैसी दहाड़ के बजाय यह चहचहाने, सीटी बजाने और खुरदरी चटर-पटर ध्वनियों में बोलता है। यह मुख्यतः तीन प्रकार की पुकारें निकालता है: एक 'चैटर' (kwit-kwit-kwit-kwit-kee-kee-kee-kee-ker जैसी ध्वनि), एक लंबी दहाड़ जिसे 'वेल' कहा जाता है, और एक 'पील'—एक लंबी, तेज़ पिच वाली पुकार जो खतरा महसूस होने पर निकाली जाती है।
आवाज़ के अलावा यह सिर हिलाना, पंख फैलाना और झुक जाने जैसी दृश्य मुद्राओं से भी धमकी या चेतावनी संप्रेषित करता है। साथी जोड़े घोंसले पर लौटते समय एक-दूसरे को आवाज़ देकर सूचित करते हैं और शानदार उड़ान-प्रदर्शन भी करते हैं।
आगे की ओर बड़ी आंखों के कारण इसकी द्विनेत्री दृष्टि अत्यंत तीव्र मानी जाती है, जबकि गंध की समझ कमज़ोर है—फिर भी यह सड़े हुए भोजन को स्वाद से पहचान कर टाल देता है।
शिकार और आहार
शिकार करते समय गंजा उकाब पहले किसी ऊंचे स्थान से जल सतह पर नज़र रखता है, फिर सीधे नीचे झपटकर अपने पंजों से मछली को पानी की सतह से खींच लेता है—यह पूरी तरह पानी में डुबकी नहीं लगाता। इसके पंजों की उंगलियों पर 'स्पिकुल' नामक विशेष संरचनाएं होती हैं जो फिसलन भरी मछली को मज़बूती से पकड़ने में मदद करती हैं, ठीक जैसे ऑस्प्रे में भी पाई जाती हैं। इसकी पकड़ इतनी शक्तिशाली होती है कि इसे मानव पकड़ से लगभग दस गुना अधिक ताकतवर आंका गया है। कभी-कभी यह उड़ते हुए पक्षियों पर भी हमला करता है—कनाडा हंस जैसे बड़े पक्षियों को भी हवा में ही पकड़कर मार सकता है—और जलपक्षियों का शिकार करते समय बार-बार उन पर झपट्टा मारकर उन्हें डुबकी लगाने पर मजबूर करता है जब तक वे थककर पकड़ में न आ जाएं। बड़े शिकार जैसे खरगोश या बगुले के मामले में यह कभी-कभी सहकारी शिकार भी करता है, जिसमें एक पक्षी शिकार का ध्यान भटकाता है और दूसरा पीछे से घात लगाता है।
मछलियों में यह रेनबो ट्राउट, अमेरिकी ईल, गिज़र्ड शैड, सफेद कैटफ़िश, कोकानी सामन, चम सामन और पैसिफ़िक कॉड जैसी प्रजातियों को खाता है, जबकि जलपक्षियों में कॉमन मरे, ग्रेट ब्लू हेरॉन, स्नो गूज़, रॉस गूज़, टुंड्रा स्वान और कॉमन लून तथा उनके अंडे भी इसके आहार में शामिल हैं।
शीत ऋतु में जब जल स्रोत जम जाते हैं, इसका आहार शवाहार (कैरियन) और छोटे स्तनधारियों—जैसे ग्राउंड स्क्विरल, माउंटेन वोल, नॉर्वे रैट और समुद्री ऊदबिलाव के बच्चों—की ओर स्थानांतरित हो जाता है, और यह एल्क, मूस, कैरिबू, बाइसन, भेड़िये तथा आर्कटिक फॉक्स जैसे बड़े स्तनधारियों के शव भी खाता है। कचरा-स्थलों के पास रहने वाली आबादियां मानव अपशिष्ट पर भी निर्भर हो जाती हैं।
शिकार के साथ-साथ यह अन्य उकाबों और ऑस्प्रे जैसे शिकारियों से भोजन छीनने (क्लेप्टोपैरासिटिज़्म) में भी माहिर है—छोटे और युवा पक्षी अधिकतर स्वयं शिकार करते हैं जबकि बड़े व अनुभवी पक्षी अक्सर दूसरों का भोजन छीनना पसंद करते हैं। जब भोजन प्रचुर हो तो यह अपने गले की 'क्रॉप' थैली में एक किलोग्राम तक भोजन जमा कर सकता है, जिससे यह कई दिनों तक बिना भोजन के भी जीवित रह सकता है।
घोंसला और प्रजनन
गंजा उकाब एकनिष्ठ (मोनोगेमस) होता है और आमतौर पर साथी की मृत्यु तक जीवनभर उसी के साथ रहता है। प्रेम-प्रदर्शन में नर और मादा हवा में एक-दूसरे पर झपट्टा मारते हैं और 'कार्टव्हील' प्रदर्शन करते हैं—दोनों पंजे आपस में जोड़कर हवा में चक्कर खाते हुए नीचे गिरते हैं और ज़मीन से टकराने से ठीक पहले अलग हो जाते हैं। यह प्रजाति लगभग पांच वर्ष की उम्र में प्रजनन के लिए तैयार होती है।
अंडे देने से एक से तीन महीने पहले नर-मादा मिलकर घोंसला बनाते हैं, जो टहनियों से बना होता है और वर्ष-दर-वर्ष उपयोग होकर विशाल आकार ले लेता है—फ्लोरिडा में मिला सबसे बड़ा दर्ज घोंसला 30 वर्षों तक इस्तेमाल हुआ और गिरने पर उसका वज़न लगभग दो टन था। घोंसले सामान्यतः दक्षिणी फ्लोरिडा और सस्केचेवान में औसतन पांच वर्ष और अलास्का में औसतन 13 वर्ष तक उपयोग होते हैं। ये घोंसले शंकुधारी वृक्षों के अलावा मैंग्रोव, चौड़ी-पत्ती वाले वृक्षों, ज़मीन, चट्टानों, मोबाइल टावरों, बिजली के खंभों और सोनोरा (मेक्सिको) में तो 'हेको' कैक्टस पर भी बनाए गए हैं, और यह हमेशा मानव बसावट से दूर बनाए जाते हैं।
घोंसला बनाने और अंडे देने का समय क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होता है—फ्लोरिडा में यह सितंबर में शुरू होता है, ओहायो में फरवरी में और अलास्का में जनवरी में; सामान्यतः अंडे देना फरवरी के अंत में होता है, सेवन मार्च के मध्य से मई की शुरुआत तक चलता है और चूजे अप्रैल के मध्य से मई की शुरुआत तक अंडों से निकलते हैं। प्रत्येक मौसम में एक से तीन अंडे (औसतन दो) दिए जाते हैं, जो सफेदी भरे, अंडाकार होते हैं और उत्तर के अधिक अक्षांशों में आकार में बड़े होते हैं—अलास्का में अंडों का औसत वज़न लगभग 130 ग्राम रहता है जबकि सस्केचेवान में लगभग 114 ग्राम। सेवन लगभग 35 दिनों तक चलता है, जिसमें मादा नर से अधिक समय अंडों पर बैठती है।
चूजे जन्म के समय लगभग 60 ग्राम के होते हैं और प्रतिदिन 180 ग्राम तक वज़न बढ़ा सकते हैं; दोनों माता-पिता उन्हें दिन में चार से पांच बार भोजन देते हैं, यद्यपि मादा 90% समय घोंसले पर मौजूद रहती है जबकि नर लगभग 50%। पहले दो हफ्तों में अधिकांश भोजन नर ही लाता है। बड़ा चूजा अक्सर अपने छोटे भाई-बहनों पर हावी हो जाता है, और कभी-कभी शुरुआती दिनों में उनकी हत्या भी कर सकता है, फिर भी लगभग आधे घोंसलों से दो चूजे सफलतापूर्वक उड़ान भरने की अवस्था तक पहुंच जाते हैं। चूजे 8 से 14 सप्ताह की उम्र में घोंसला छोड़ते हैं, परंतु स्वतंत्र होने में अतिरिक्त 4 से 11 सप्ताह और लग सकते हैं।
आबादी और पारिस्थितिक भूमिका
शीर्ष परभक्षी के रूप में गंजा उकाब अपने पूरे खाद्य-जाल को प्रभावित करता है। बीसवीं सदी में इसकी संख्या में आई गिरावट और उसके बाद हुई हाल की पुनर्बहाली ने अन्य प्रजातियों को भी प्रभावित किया है—उदाहरण के लिए, इसकी बढ़ती संख्या कॉमन मरे (एक समुद्री पक्षी) की आबादी में गिरावट का कारण बन रही है।
यह प्रजाति कई परजीवियों की भी वाहक है, जिनमें प्रोटोज़ोआ Toxoplasma gondii, ट्रेमेटोड की दो जातियां, एक ऐकैंथोसेफेलन जाति और नेमाटोड की सात जातियां शामिल हैं—जो इसके शिकार-आधारित खाद्य-जाल में इसकी गहरी संलिप्तता दर्शाती हैं।
संरक्षण और खतरे
गंजा उकाब को IUCN रेड लिस्ट में 'कम चिंताजनक' (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है, और 28 जून 2007 को इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम की सूची से हटा दिया गया, जिसमें यह 1978 से सूचीबद्ध था। बीसवीं सदी की शुरुआत में अनुमानित 3 से 5 लाख की आबादी 1950 के दशक तक घटकर महाद्वीपीय अमेरिका में मात्र 412 प्रजनन जोड़ों तक सिमट गई थी।
सबसे बड़ा वर्तमान खतरा सीसा विषाक्तता है—2022 में साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार 38 अमेरिकी राज्यों के आधे से अधिक वयस्क उकाब सीसे से ज़हरीले पाए गए, जो मुख्यतः शिकारियों द्वारा छोड़े गए सीसा-युक्त गोलियों और मछली पकड़ने के उपकरणों से दूषित शवों को खाने से होता है। इसके अलावा वाहन-टक्कर, बिजली के तारों से करंट लगना, अवैध शिकार (जिसे 1978 में अमेरिकी मत्स्य एवं वन्यजीव सेवा द्वारा वयस्क व अपरिपक्व दोनों की मृत्यु का प्रमुख कारण बताया गया था), कोयला बिजलीघरों से प्रदूषण, मरकरी विषाक्तता और वैश्विक जलवायु परिवर्तन इसके लिए खतरा बने हुए हैं। बीसवीं सदी के मध्य में कीटनाशक DDT ने भी भारी नुकसान पहुंचाया था—यह कैल्शियम चयापचय को बाधित कर अंडों के कवच को इतना भंगुर बना देता था कि सेवन के दौरान वे टूट जाते थे।
1918 की माइग्रेटरी बर्ड ट्रीटी और 1940 के बाल्ड एंड गोल्डन ईगल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत इसे संरक्षण मिला, तथा 1972 में अमेरिका में और 1989 में कनाडा में DDT पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। इन उपायों के बाद आबादी में तेज़ी से सुधार हुआ—1963 में महाद्वीपीय अमेरिका में मात्र 417 प्रजनन जोड़े बचे थे, जो 1998 तक 5,748 जोड़ों तक पहुंच गए, और 2006 में 9,789 प्रजनन जोड़े दर्ज किए गए। वाशिंगटन राज्य में 1981 से 2005 के बीच आबादी में 700 प्रतिशत की वृद्धि हुई, यानी हर वर्ष लगभग 9 प्रतिशत की दर से।
संरक्षण स्थिति
- LC
- NT
- VU
- EN
- CR
संकटमुक्त
सांस्कृतिक महत्व
1782 से गंजा उकाब संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रीय प्रतीक है और इसे स्वतंत्रता, लोकतंत्र, पर्यावरण-नैतिकता तथा जंगलीपन का प्रतीक माना जाता है; यह देश की मुद्राओं, सरकारी मुहरों, डाक टिकटों और अन्य प्रतीक चिन्हों पर अंकित मिलता है। फिलीपींस के राष्ट्रीय चिह्न में भी यह अमेरिकी क्षेत्र होने के ऐतिहासिक काल की स्मृति के रूप में दिखाया गया है, हालांकि यह पक्षी वहां प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता।
अमेरिका की कई मूल-निवासी संस्कृतियों में यह पवित्र पक्षी माना जाता है—इसके पंखों का उपयोग नवाजो, लाकोटा, पॉनी और चोक्टॉ जैसी परंपराओं में धार्मिक अनुष्ठानों, पगड़ी और नृत्य-वेशभूषा में होता है; सन-डांस समारोह में उकाब की पंख वाला पंखा उपचार हेतु उपयोग किया जाता है और उकाब की हड्डी से बनी सीटी बजाई जाती है। अमेरिकी कानून के अनुसार केवल संघीय रूप से मान्यता प्राप्त जनजातियों के सदस्य ही धार्मिक उद्देश्यों के लिए गंजा उकाब के पंख रखने के अधिकारी हैं, और 'नेशनल ईगल रिपॉजिटरी' मृत पाए गए उकाबों के अंग व पंख इन जनजातियों को अनुष्ठान हेतु वितरित करता है।
इसकी लोकप्रियता प्रकृति-पर्यटन को भी बढ़ावा देती है—1989 के अनुमान के अनुसार अमेरिका में 2 से 3 करोड़ लोग पक्षी-दर्शन में सक्रिय थे, जिससे लगभग 2,000 करोड़ डॉलर वार्षिक की आर्थिक गतिविधि जुड़ी थी। फ्रिस्बी बटलर जैसे पुरातत्व स्थलों पर मिली उकाब की अस्थियां 'थंडरबर्ड' अनुष्ठान परंपरा से जुड़ी मानी जाती हैं, जो दर्शाती हैं कि यह सांस्कृतिक महत्व संयुक्त राज्य अमेरिका के गठन से हज़ारों वर्ष पहले से चला आ रहा है।
रोचक तथ्य
- फिल्मों और टेलीविज़न में गंजा उकाब की असली—कमज़ोर और पतली—आवाज़ के बजाय अक्सर अधिक दमदार सुनाई देने वाली रेड-टेल्ड हॉक की चीख इस्तेमाल की जाती है।
- अनुकूल परिस्थितियों में यह पक्षी 48 वर्ष तक जीवित रह सकता है।
- इसके पंजों की पकड़ मानव हाथ की पकड़ से लगभग दस गुना अधिक शक्तिशाली आंकी गई है।
- फ्लोरिडा में मिला एक घोंसला 6.1 मीटर गहरा और 2.9 मीटर चौड़ा था—यह किसी भी जानवर द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा दर्ज वृक्ष-घोंसला है।
- मेक्सिको के सोनोरा क्षेत्र में गंजा उकाब को पेड़ों के अभाव में विशाल 'हेको' कैक्टस पर घोंसला बनाते देखा गया है।
पारिस्थितिकी
आवास
- आर्द्रभूमि
- तटीय
- वन
- मीठा जल
व्यवहार
- परभक्षी
- क्षेत्रीय
- प्रवासी
- अपमार्जक
आहार
- मछली-भक्षी (आहार)
फ़ोटो
स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of LifeAnimal Diversity WebAnAge


