Limax maximus यूरोप का एक बड़ा ज़मीनी स्लग है, जिसे तेंदुआ स्लग या बड़ा भूरा स्लग भी कहा जाता है। यह Limacidae कुल का सदस्य है, जिसे कील वाले स्लग कहते हैं। इस कुल में यह सबसे बड़े स्लग में से एक है, हालाँकि सबसे बड़ा स्थान Limax cinereoniger का है।
यह प्रजाति आज दुनिया के कई हिस्सों में फैल चुकी है, पर इसे मूल रूप से यूरोप और अफ़्रीका के भूमध्यसागरीय देशों का निवासी माना जाता है। इसकी संरक्षण स्थिति को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संघ (IUCN) ने कम चिंताजनक श्रेणी में रखा है।
यह स्लग अपने आसपास के वातावरण, आदतों और भोजन के कारण पारिस्थितिकी और कृषि दोनों में ध्यान खींचता है। इसके बारे में पढ़ना इसलिए रोचक है क्योंकि यह मनुष्यों के आसपास भी आसानी से रह लेता है।
पहचान और रूप
इसकी सबसे उपयोगी पहचान शरीर पर काले धब्बों या धारियों वाला पैटर्न है। शरीर का रंग हल्का भूरा, राख जैसा, भूरापन लिए या कभी-कभी पीलापन लिए सफ़ेद हो सकता है, और इस पर काली धारियाँ या धब्बे होते हैं। यह पैटर्न हर स्लग में अलग-अलग होता है।
वयस्क शरीर की लंबाई 10 से 20 सेंटीमीटर तक होती है। शरीर का अधिकांश भाग गोल होता है, पर पूँछ के सिरे पर एक छोटी कील होती है, जिसमें लगभग 48 अनुदैर्ध्य पंक्तियों में लंबे, अलग-अलग गाँठदार उभार होते हैं।
मेंटल के ऊपर की ढाल लगभग शरीर की कुल लंबाई के एक-तिहाई भाग जितनी होती है और हमेशा काले धब्बों वाली होती है। पैर का तलवा एक समान राख या पीले-राख रंग का होता है। शरीर के आगे की दो लंबी और पतली श्रृंगिकाएँ इसकी पहचान में मदद करती हैं।
इसका खोल बाहर से दिखाई नहीं देता। यह ढाल के नीचे एक पतली, अंडाकार आंतरिक संरचना के रूप में होता है, जो लगभग 13 मिलीमीटर लंबा और 7 मिलीमीटर चौड़ा होता है। इसके खोल से प्रजातियों की पहचान नहीं हो पाती।
वितरण और आवास
यह प्रजाति यूरोप में ब्रिटेन, आयरलैंड, बेनेलक्स देशों, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्ज़रलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में मिलती है। पूर्वी यूरोप में अल्बानिया, बोस्निया-हर्ज़ेगोविना, बुल्गारिया, क्रोएशिया, ग्रीस और सर्बिया इसके प्राकृतिक क्षेत्रों में हैं। अफ़्रीका में यह मिस्र, अल्जीरिया और मोरक्को में पाया जाता है।
यूरोप और अफ़्रीका के बाहर यह मानव गतिविधि के साथ फैला है। उत्तरी अमेरिका में यह कनाडा के 10 में से 5 प्रांतों और अमेरिका के 50 में से 46 राज्यों में मौजूद है। दक्षिण अमेरिका, एशिया में चीन, जापान और भारत, तथा ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड में भी इसकी उपस्थिति दर्ज है।
यह बगीचों, नम और छायादार बाड़ों और जंगलों में रहता है। दिन में यह पत्थरों, गिरे हुए पेड़ों के नीचे या नम और अंधेरी जगहों में छिपा रहता है। यह मनुष्यों की बस्तियों के पास रहना पसंद करता है और नम तहखानों या बाहरी कमरों में भी बस जाता है।
आयरलैंड में यह मनुष्यों के आसपास कम दिखता है और मुख्यतः जंगलों तक सीमित है। वहाँ यह समुद्र तट पर उच्च-ज्वार रेखा के लगभग पास भी मिल सकता है। वर्ष के मध्य के महीनों में इसकी उपस्थिति सबसे अधिक दिखती है।

व्यवहार और जीवनशैली
यह निशाचर प्राणी है और रात में भोजन की खोज में निकलता है। इसकी गतिविधि बहुत अधिक नहीं होती और यह बहुत अधिक संख्या में प्रजनन भी नहीं करता। दिन में यह अपने छिपने के स्थान पर आराम करता है।
ख़तरा महसूस होने पर या आराम की अवस्था में यह अपना सिर ढाल के भीतर खींच लेता है, लेकिन पूरा शरीर नहीं सिकोड़ता। परेशान होने पर यह अपनी ढाल फैलाता हुआ बताया गया है।
इसमें मज़बूत घर लौटने की प्रवृत्ति होती है। रात की यात्रा या भोजन की खोज के बाद यह आमतौर पर उसी दरार या कोने में लौट आता है, जिसे इसने अपना ठिकाना बनाया है।
यह सीखने की क्षमता भी रखता है। यह शास्त्रीय अनुबंधन और उपयोगी अनुभव से बचने जैसी सीख दिखा सकता है। इसके आहार में आवश्यक अमीनो अम्ल मिथियोनीन की कमी होने पर यह भोजन की अपर्याप्तता को पहचान लेता है।
शिकार और आहार
यह सर्वाहारी प्राणी है और इसका शिकार करने का तरीका भी दिलचस्प है। यह मुख्यतः मरे हुए पौधों और कवक को खाकर वातावरण साफ़ करता है, पर यह अन्य स्लग का भी शिकार करता है। इसका शिकार करने वाला व्यवहार इसे माँसाहारी बनाता है।
यह अन्य स्लग का पीछा करता है और इसकी गति लगभग 15 सेंटीमीटर प्रति मिनट तक पहुँच सकती है। इस गति से यह अपने शिकार तक पहुँचकर उसे पकड़ लेता है।
कृषि के दृष्टिकोण से यह एक बड़ा कीट माना जाता है। फ़्लोरिडा के एक कृषि विज्ञान संस्थान ने इसे प्रमुख कृषि कीट के रूप में सूचीबद्ध किया है।
प्रजनन और जीवन चक्र
इसका प्रजनन व्यवहार स्लग के बीच असामान्य माना जाता है। इसमें हर स्लग हर्मैफ्रोडाइट होता है, यानी उसमें नर और मादा दोनों अंग होते हैं। संभोग से पहले दो स्लग अक्सर घंटों तक एक-दूसरे के चारों ओर घूमते हैं और एक-दूसरे को चाटते हैं।
इसके बाद वे किसी पेड़ या ऊँची जगह पर चढ़ते हैं। वहाँ वे बलगम के मोटे धागे के सहारे नीचे लटक जाते हैं और एक-दूसरे से उलझे रहते हैं। इस दौरान दोनों अपने सफ़ेद, पारदर्शी प्रजनन अंग शरीर के दाएँ ओर के छिद्रों से बाहर निकालते हैं और उन्हें आपस में जोड़कर शुक्राणुओं का आदान-प्रदान करते हैं।
संभोग के बाद दोनों स्लग सैकड़ों अंडे देते हैं।
आबादी और पारिस्थितिक भूमिका
यह प्रजाति कई परजीवियों का आश्रय बनती है। इसकी लार ग्रंथियों में Agfa flexilis नामक सूत्रकृमि रहता है, और इसके मलाशय में Angiostoma limacis नामक सूत्रकृमि पाया जाता है। इसके अलावा Angiostrongylus costaricensis भी इसमें पाया गया है।
अक्सर इसके शरीर पर सफ़ेद परजीवी घुन Riccardoella limacum झुंड बनाकर चिपक जाते हैं। यह घुन इसके शरीर पर फैलकर श्वसन गुहा तक पहुँच सकता है।
एक और सूत्रकृमि Angiostrongylus cantonensis चूहों के फेफड़ों में रहता है, पर इसका लार्वा अवस्था केवल घोंघों और स्लग जैसे मोलस्कों में जीवित रह सकता है। यह मेनिंजाइटिस का कारण बनता है और पहले केवल उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की समस्या माना जाता था। जो स्लग गलती से सब्ज़ियों के साथ खा लिए जाते हैं, वे इस परजीवी को फैला सकते हैं।
रोचक तथ्य
- प्राचीन रोमन विद्वान प्लिनी द एल्डर को इसके भीतर छिपे खोल की जानकारी थी। प्राचीन चिकित्सक इस खोल को उसमें मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट के कारण इस्तेमाल करते थे।
- इसके शरीर पर काले धब्बे इसे तेंदुए जैसा रूप देते हैं, जिसके कारण इसका एक नाम तेंदुआ स्लग पड़ा।
- इसका पैर, जिसे तलवा कहते हैं, अक्सर धारियों या पट्टियों वाला होता है।
फ़ोटो
तस्वीरें by olmagon via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., by sugarsnapdragon via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Михаил Языков via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by David Stutzman via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Andrew Durso via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Mateusz Bronikowski via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Lawrence Hylton via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Holly Hodges via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Petr Harant via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Christoph Moning via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., और by plantilo1 via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।
पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Mollusca
- वर्ग
- Gastropoda
- गण
- Stylommatophora
- कुल
- Limacidae
- वंश
- Limax
- प्रजाति
- Limax maximus
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract


