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सामान्य तीतर

Phasianus colchicus

संकटमुक्त

सामान्य तीतर एक ऐसा पक्षी है जिसे दुनिया भर में सबसे ज़्यादा पाला और छोड़ा जाता है। शिकारगाहों में हर साल लगभग 4.7 करोड़ तीतर छोड़े जाते हैं, जबकि इनमें से ज़्यादातर एक साल से कम जीवित रहते हैं।

यह Phasianidae परिवार का पक्षी है। इसका वैज्ञानिक नाम Phasianus colchicus है, और यह मूल रूप से एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में पाया जाता था। इसका अंतरराष्ट्रीय संरक्षण स्तर न्यूनतम चिंता है।

इसे पहचानना आसान है, और इसके बारे में पढ़ने लायक बात यह है कि यह मानव बस्तियों के आसपास भी टिक जाता है। इसकी लंबी आयु भी ध्यान खींचती है, जो अधिकतम तक पहुंच सकती है।

पहचान और रूप

नर की सबसे पहचान वाली विशेषता उसकी लंबी, भूरी और काली धारियों वाली पूंछ है। शरीर पर चमकदार सुनहरे या तांबे-लाल रंग के पंख होते हैं, जिन पर हरे और बैंगनी रंग की झलक दिखती है। सिर हरा होता है, सिर के ऊपर दो छोटे कान-गुच्छे होते हैं, और चेहरे पर लाल मांसल मुखपट्टी होती है।

नर का वज़न आम तौर पर लगभग 1.2 किलोग्राम होता है, जबकि मादा का वज़न लगभग 0.9 किलोग्राम होता है। पूरे पक्षी का वज़न 0.5 से 3 किलोग्राम तक हो सकता है। नर की शारीरिक लंबाई 60 से 89 सेंटीमीटर होती है, और पंखों का फैलाव 56 से 86 सेंटीमीटर तक जाता है।

मादा और युवा पक्षी बहुत साधारण दिखते हैं। उनके शरीर पर भूरे रंग के धब्बेदार पंख होते हैं और उनकी लंबाई 50 से 63 सेंटीमीटर होती है। युवा नर लगभग 10 हफ्ते की उम्र में छाती, सिर और पीठ पर चमकीले पंख उगाने लगता है।

हरा तीतर (Phasianus versicolor) इससे मिलता-जुलता है। हरे तीतर के नर की पूंछ छोटी होती है, छाती और पेट गहरे हरे रंग के होते हैं, और उसकी गर्दन पर कभी सफेद छल्ला नहीं होता। दोनों प्रजातियों के संकर अक्सर पहचान को मुश्किल बना देते हैं।

वितरण और आवास

सामान्य तीतर मूल रूप से एशिया में पूर्वी काला सागर और कैस्पियन सागर से लेकर मंचूरिया, साइबेरिया, कोरिया, चीन और ताइवान तक फैला था। यूरोप में इसका मूल क्षेत्र कम है। बाल्कन में इसके आखिरी अवशेष ग्रीस के नेस्टोस नदी के किनारे कोत्ज़ा-ओरमान के नम जंगल में बचे हैं, जहां लगभग 100 से 200 वयस्क पक्षी अनुमानित हैं।

आज यह पक्षी यूरोप, उत्तरी अमेरिका, जापान, न्यूज़ीलैंड, हवाई द्वीप, चिली, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी पाया जाता है। ये इलाके इसके मूल क्षेत्र से बाहर हैं और इन्हें यहां पहुंचाया गया। दक्षिणी गोलार्ध में ज़्यादातर परिचय असफल रहे हैं, सिवाय उन जगहों के जहां स्थानीय गैलीफॉर्मीज़ पक्षी कम या नहीं हैं।

यह घास के मैदानों, खेतों की मेड़ों, झाड़ियों और नम इलाकों में रहता है। इसे सूखी और नम दोनों तरह की मिट्टी चलती है, पर पानी के पास की जगहें इसे ज़्यादा भाती हैं। नर और मादा दोनों के घरेलू क्षेत्र प्रजनन के मौसम में सर्दियों से बड़े होते हैं।

बड़े पैमाने पर साफ़ की गई खेती की ज़मीन इसके लिए सीमित आवास है और वहां लंबे समय तक स्वस्थ आबादी नहीं टिकती। खेतों की मेड़ें और झाड़ियों वाली जगहें इसके लिए अधिक उपयोगी हैं।

Phasianus colchicus के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
6,13,214
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

सामान्य तीतर शरद ऋतु में झुंड बनाता है, और कभी-कभी उन जगहों पर इसके बड़े समूह देखे जाते हैं जहां भोजन और आवरण दोनों मौजूद हों। सर्दियों के झुंड में नर और मादा मिले-जुले या अलग-अलग हो सकते हैं, और उनमें 50 तक पक्षी शामिल हो सकते हैं। ज़्यादातर यह स्थानीय रूप से रहता है, पर ठंडे इलाकों की उत्तरी आबादी मौसम के हिसाब से थोड़ी दूर तक जाती है।

यह ज़्यादातर ज़मीन पर समय बिताता है और तेज़ दौड़ता है। चलते समय इसकी चाल अकड़ी हुई दिखती है। भोजन करते समय यह पूंछ को सीधा रखता है, जबकि दौड़ते समय उसे लगभग 45 डिग्री के कोण पर उठा लेता है। रात में यह ज़मीन पर या पेड़ों में बैठकर सोता है।

खतरा महसूस होने पर यह अचानक ऊपर उड़ता है और लगभग सीधा उठ सकता है। उड़ान के समय पंखों की तेज़ फड़फड़ाहट सुनाई देती है, और नर अक्सर कर्कश आवाज़ निकालता है। इसकी उड़ान की गति सामान्य रूप से 43 से 61 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, पर पीछा किए जाने पर यह 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

यह धूल में नहाता है। पंख फड़फड़ाकर और चोंच से मिट्टी को पंखों में डालकर यह मृत त्वचा कोशिकाएं, अधिक तेल और पुराने पंख साफ करता है। जहां इसे शिकार किया जाता है, वहां यह इंसानों से सावधान रहता है और शिकारियों के आने की आहट सुनते ही तुरंत भाग जाता है।

संचार

खतरा महसूस होने पर सामान्य तीतर भारी, कर्कश आवाज़ें निकालता है। नर की पुकार एक तेज़, दो हिस्सों वाली आवाज़ होती है, जो अंत में छोटे और तीखे झटके के साथ खत्म होती है। यह आवाज़ दूर तक जाती है और लगभग एक मील की दूरी से भी सुनी जा सकती है।

नर यही बांग अपने इलाके को स्थापित करने के लिए भी लगाता है। खेती वाले इलाकों में नर सुबह, शाम और प्रजनन के मौसम में बांग देते हैं। यह आवाज़ मुर्गे की बांग से काफी मिलती है।

मादा की आवाज़ें हल्की और कम सुनाई देने वाली होती हैं। नर के दिखावे में दृश्य संकेत भी अहम हैं, जैसे लाल मुखपट्टी का उभरना और पंखों की फड़फड़ाहट।

आहार और पोषण

सामान्य तीतर भोजन के मामले में सामान्य किस्म का पक्षी है और पौधों तथा जीवों, दोनों को खाता है। इसके भोजन में अनाज, बीज, नई टहनियां, फल और जामुन शामिल हैं। खेती में मक्का, गेहूं, जौ और अलसी इसके प्रमुख अनाज हैं। खरपतवार के बीज, जैसे फॉक्सटेल, रैगवीड और सूरजमुखी के बीज, भी इसके भोजन में आते हैं।

पौधों के अलावा यह कीड़े और छोटे अकशेरुकी जीव भी खाता है। टिड्डे, इल्लियां, झींगुर और घोंघे इसके भोजन का हिस्सा हैं। यह भोजन को ज़मीन पर झाड़ियों के बीच चोंच से कुरेदकर ढूंढता है।

यह अक्सर सुबह जल्दी और शाम को चारा ढूंढता है। भोजन के सही मौसम में और गर्मियों में कीड़े इसके लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।

घोंसला और प्रजनन

प्रजनन का मौसम मार्च के मध्य से जून तक चलता है, और इस दौरान नर इलाके पर अधिकार जमाने के लिए बांग और पंख फड़फड़ाने के प्रदर्शन करता है। एक नर के साथ 2 से 18 मादाएं रह सकती हैं। मादाएं आम तौर पर किसी एक नर से ही जुड़ती हैं और मौसम भर उसी के साथ रहती हैं।

मादा ज़मीन पर एक उथला गड्ढा खोदती है, जो घनी ढकी जगह में होता है। वह उसमें घास और पत्तियां बिछाती है। हर दिन लगभग एक अंडा देती है, जब तक 7 से 15 अंडे न हो जाएं। औसतन एक मौसम में लगभग 10 अंडे होते हैं, और कभी-कभी दो मादाएं एक ही घोंसले में अंडे देती हैं।

मादा अंडों को लगभग 23 से 28 दिन तक सेती है, और ज़्यादातर समय घोंसले के पास बिताती है। चूज़े पैदा होते ही चल और खा सकते हैं, और उनकी आंखें खुली होती हैं। लगभग 12 दिन में वे उड़ने लगते हैं, और 70 से 80 दिन तक मां के साथ रहते हैं। नर प्रजनन में कोई सीधी भूमिका नहीं निभाता, इसलिए देखभाल का सारा भार मादा पर होता है। नर और मादा दोनों लगभग एक साल की उम्र में प्रजनन योग्य हो जाते हैं।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

सामान्य तीतर के आसपास एक बड़ा पारिस्थितिक जाल है। यह शिकारी जानवरों का भोजन बनता है और कीड़ों की संख्या पर भी असर डालता है। साथ ही, यह बीजों को फैलाने में भी भूमिका निभाता है। यह उन पक्षियों के लिए भी दबाव बन सकता है जो इसके साथ एक ही इलाके में रहते हैं।

घोंसला परजीविता इसका एक बड़ा प्रभाव है। यह दूसरे पक्षियों के घोंसलों में अंडे दे देता है, और इससे मेज़बान पक्षी के अंडों की संख्या और अंडों के फूटने की दर घट सकती है। कैनसस में ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जहां छोटे प्रेयरी चिकन इससे प्रभावित हुए।

ब्रिटेन में खेल शिकार के लिए जंगलों में इसे छोड़ने के अध्ययन में वनस्पति और पक्षी समुदाय पर इसका प्रभाव तटस्थ या सकारात्मक पाया गया।

संरक्षण और खतरे

अंतरराष्ट्रीय संघ IUCN ने सामान्य तीतर को न्यूनतम चिंता की श्रेणी में रखा है। यह दर्शाता है कि इसकी वैश्विक आबादी फिलहाल खतरे में नहीं है। यह अमेरिका में प्रवासी पक्षी अधिनियम, अमेरिकी संघीय सूची और CITES में भी विशेष संरक्षण वाली प्रजाति नहीं है।

इसकी आबादी का सबसे बड़ा कारण शिकार के लिए बड़े पैमाने पर छोड़ा जाना है। ब्रिटेन में शिकार के मौसम के बाद ज़्यादातर पक्षी एक साल से कम जीवित रहते हैं, और इसलिए आबादी मौसम के साथ तेज़ी से घटती-बढ़ती है। अमेरिका में पिछले 30 वर्षों में इसकी आबादी खासकर खेती वाले इलाकों में घटी है। इसके मुख्य कारण खेती के तरीकों में बदलाव, कीटनाशक, आवास का टुकड़ों में बंटना और फसलों के बदलने से शिकारियों का बढ़ना बताए गए हैं।

संकटमुक्त

सांस्कृतिक महत्व

सामान्य तीतर को मानव समाज में मुख्य रूप से एक अपलैंड खेल पक्षी के रूप में जाना जाता है। शिकार के लिए इसे बड़े पैमाने पर पाला और छोड़ा जाता है। इसके कारण शिकारगाहों और खेत-मालिकों के लिए यह आर्थिक महत्व भी रखता है।

इसे रेस्टोरेंट और घरेलू रसोई के लिए भी पाला जाता है। इसका पालन इतने बड़े पैमाने पर होता है कि इससे जंगली पक्षियों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस कारण कुछ इलाकों में इसकी संख्या घटाने के लिए प्रबंधन उपाय सुझाए गए हैं।

रोचक तथ्य

  1. नर के सिर के ऊपर दो कान-गुच्छे होते हैं, जो उसे अधिक चौकन्ना दिखाते हैं।
  2. चूज़े अंडे से निकलने के कुछ घंटों बाद ही घोंसला छोड़ सकते हैं।
  3. कुछ अन्य पक्षियों के घोंसलों में पले तीतर उनके व्यवहार की नकल भी करने लगते हैं।
  4. इसकी उड़ान की गति अक्सर सामान्य रूप से धीमी रहती है, पर खतरे में यह अचानक तेज़ी से उठ जाता है।

फ़ोटो

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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

व्यवहार

  • क्षेत्रीय
  • सामाजिक
  • दिवाचर
  • प्रवासी

आहार

  • सर्वाहारी

वर्गीकरण

संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Galliformes
कुल
Phasianidae
वंश
Phasianus
प्रजाति
Phasianus colchicus

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
  6. Animal Diversity Web Animal habitat, behavior and diet
  7. AnAge Longevity