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Sisymbrium officinale

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

Sisymbrium officinale एक ऐसा पौधा है जो कभी गायकों की आवाज़ बचाने के औषधीय उपाय के रूप में प्रसिद्ध था, और आज दुनिया भर के सड़क किनारों और बंजर भूमि में एक आम खरपतवार के रूप में पाया जाता है। यह Brassicaceae कुल का सदस्य है और Brassica वंश के सरसों पौधों से भिन्न है, हालांकि दोनों दिखने में कुछ समानता रखते हैं।

यह पौधा अपनी सरलता के बावजूद एक दिलचस्प इतिहास और पारिस्थितिक भूमिका रखता है, जो इसे केवल एक सामान्य खरपतवार से कहीं अधिक बनाता है।

पहचान और रूप

इस पौधे की सबसे खास पहचान इसके सीधे, खड़े तने और तने से सटी हुई लंबी फलियाँ हैं, जो अन्य Sisymbrium प्रजातियों से इसे अलग करती हैं—बाकी प्रजातियों में फलियाँ स्वतंत्र रूप से लटकती हैं। S. officinale ऊँचाई में लगभग 80 सेंटीमीटर तक बढ़ता है।

निचली पत्तियाँ चौड़ी होती हैं और उनमें दो या तीन पार्श्व खंड होते हैं। फूल छोटे, लगभग 4 मिलीमीटर चौड़े और पीले रंग के होते हैं। फलियाँ लंबी होती हैं, जो युवावस्था में बिना रोमों के होती हैं लेकिन परिपक्व होने पर रोमयुक्त दिखाई देती हैं और लगभग 18 मिलीमीटर तक लंबी हो जाती हैं। ये फलियाँ तने से सटे हुए पुष्पगुच्छों पर लगती हैं।

यह पौधा Brassica वंश की सरसों प्रजातियों से स्पष्ट रूप से भिन्न है, भले ही दोनों एक ही कुल से संबंधित दिखते हों।

वितरण और आवास

यह पौधा मूल रूप से उत्तरी अफ्रीका और दक्षिणी यूरोप का निवासी माना जाता है, लेकिन अब यह आयरलैंड, वेल्स, इंग्लैंड और यहाँ तक कि स्कॉटलैंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी पाया जाता है। यह मध्य एशिया, पश्चिमी और उत्तरी ईरान तथा मैकरोनेशिया क्षेत्र में भी प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।

आज यह पौधा दुनिया भर में व्यापक रूप से स्थापित हो चुका है—उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया के कई देशों में इसे एक विदेशी प्रजाति के रूप में दर्ज किया गया है। यह सड़कों के किनारे, खेतों, चरागाहों, बंजर भूमि और खेती वाली ज़मीन में खरपतवार के रूप में उगता है।

यह समुद्र तल के पास से लेकर लगभग 1,500 मीटर की ऊँचाई तक पाया जाता है। उपलब्ध अवलोकन आंकड़े गर्मियों के महीनों में इसकी उपस्थिति में वृद्धि दिखाते हैं, जो इसके फूलने के मौसम से मेल खा सकता है, हालांकि ये आंकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, जनसंख्या या प्रचुरता का प्रमाण नहीं हैं।

Sisymbrium officinale के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
52,221
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

वृद्धि और स्वरूप

Sisymbrium officinale एक वार्षिक या द्विवार्षिक पौधा है, यानी यह अपना जीवनचक्र एक या दो वर्षों में पूरा करता है। यह सीधे, खड़े तनों के साथ ऊपर की ओर बढ़ता है और परिपक्व होने पर लगभग 80 सेंटीमीटर की ऊँचाई तक पहुँच जाता है।

पारिस्थितिकी और संबंध

यह पौधा कई प्रकार के परागणकों को आकर्षित करता है, जिनमें भौंरे, मधुमक्खियाँ और मक्खियाँ प्रमुख हैं। हालांकि, किसी फूल पर कीट का आना यह साबित नहीं करता कि वह परागण भी कर रहा है।

यह कुछ तितलियों और कीटों के लार्वा के लिए भोजन का स्रोत भी है, जैसे छोटी सफेद तितली (Pieris rapae) के इल्लियाँ इस पौधे की पत्तियाँ खाती हैं। इसके अलावा विभिन्न पक्षी भी इसे खाते हैं, जिनमें बत्तख और कुछ गौरैया प्रजातियाँ शामिल हैं।

यह पौधा सड़कों, खेतों, चरागाहों और बंजर भूमि जैसे अशांत स्थानों में पनपता है, जहाँ यह अक्सर अन्य वनस्पतियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए एक खरपतवार के रूप में स्थापित हो जाता है।

उपयोग और मानव संबंध

इस पौधे का पारंपरिक उपयोग मुख्य रूप से स्वर संबंधी समस्याओं के इलाज से जुड़ा है। फ्रांस में इसे "गायकों का पौधा" कहा जाता था क्योंकि इसे स्वर बैठने और आवाज़ खोने का प्रभावी उपचार माना जाता था—यहाँ तक कि लुई चौदहवें के समय तक इसे इसके लिए एक अचूक उपाय माना जाता था।

लोक चिकित्सा में इसका उपयोग गले की खराश शांत करने, छाती और फेफड़ों के रोगों, खांसी, घरघराहट और सांस की तकलीफ में किया जाता रहा है। प्राचीन यूनानियों का मानना था कि इसके बीज विष और सर्पदंश के विरुद्ध एक विशेष उपाय हैं। तिब्बती चिकित्सा पद्धति में इसे भोजन विषाक्तता के लक्षणों को दबाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

कुछ जड़ी-बूटी विशेषज्ञ इसके रस और फूलों का उपयोग ब्रोंकाइटिस और पेट संबंधी समस्याओं के लिए करते रहे हैं, और इसे एक पुनर्जीवनदायक पौधे के रूप में भी देखा जाता है।

रोचक तथ्य

  1. यह पौधा Brassica वंश की सरसों प्रजातियों जैसा दिखता है, लेकिन असल में इनसे अलग वंश Sisymbrium से संबंधित है।
  2. इसका वितरण यूरो-भूमध्यसागरीय क्षेत्र, मैकरोनेशिया, पश्चिमी एशिया और मध्य एशिया तक फैला हुआ माना जाता है।
  3. इस पौधे की फलियाँ इसे पहचानने की सबसे बड़ी कुंजी हैं—ये तने के समानांतर सटी रहती हैं, जबकि इसकी अन्य संबंधित प्रजातियों में फलियाँ स्वतंत्र रूप से लटकती हैं।

फ़ोटो

तस्वीरें via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., by guywallbanks via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., और by Alana Woolley via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

वृद्धि का रूप

  • शाकीय पौधा

वर्गीकरण

संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Brassicales
कुल
Brassicaceae
वंश
Sisymbrium
प्रजाति
Sisymbrium officinale

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
  6. Plants of the World Online Native range, life form and climate (WCVP)
  7. GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
  8. trophiCH
  9. DoPI
  10. Guzman et al. 2022
  11. EuPPollNet