यूरोप, पूर्वी अफ्रीका, मध्य और पूर्वी एशिया और उत्तरी अमेरिका के कुछ भागों के पर्वतीय क्षेत्रों में Arabis alpina उगता है। यह सरसों परिवार, यानी ब्रैसिकेसी का फूलदार पौधा है। इसे अल्पाइन रॉक-क्रेस भी कहा जाता है।
यह नम बजरी और मलबे के ढेरों पर उगता है, और अक्सर चूना-पत्थर वाली भूमि इसे पसंद है। ब्रिटिश द्वीपों में यह केवल स्काई द्वीप की कुल्लिन रिज पर कुछ ही स्थानों पर मिलता है।
पहचान और रूप
इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसके तने के ऊपरी भाग पर लगे ढीले गुच्छों में सफ़ेद, चार पंखुड़ियों वाले फूल हैं। ये फूल वसंत में खिलते हैं।
तने लगभग 40 सेंटीमीटर तक ऊँचे हो सकते हैं। ज़मीन के पास की गुलाबनुमा पत्तियाँ लंबी, तेज़ दाँतेदार और स्पष्ट डंठल वाली होती हैं।
तने पर लगी पत्तियों में डंठल नहीं होता, और वे तने को चारों ओर से लपेटे रहती हैं।
वितरण और आवास
यह पौधा उत्तरी और मध्य यूरोप से पश्चिमी मध्य साइबेरिया तक, तथा उत्तरी और पूर्वी कनाडा से ग्रीनलैंड तक फैला है। यूरोप में स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन और यूक्रेन जैसे कई देशों में यह मिलता है। अफ्रीका में इसकी उपस्थिति इथियोपिया, केन्या, तंज़ानिया और युगांडा तक दर्ज है, और एशिया में लेबनान, तुर्की और साइबेरिया के कुछ भागों में।
यह अपने प्राकृतिक क्षेत्र के बाहर भी कुछ स्थानों पर लाया गया है, जैसे अमेरिका के न्यूयॉर्क, वरमॉन्ट और वर्जीनिया राज्यों में।
इसके आवासों में बंजर भूमि, नम बजरी और मलबे के ढेर शामिल हैं। ये स्थान प्रायः चूना-पत्थर वाली भूमि पर होते हैं।
प्रेक्षणों की संख्या वर्ष के मध्य में, विशेषकर जुलाई के आसपास, सबसे अधिक दिखाई देती है।

वृद्धि और स्वरूप
यह पौधा मुख्यतः उप-झाड़ी के रूप में बढ़ता है, यानी इसका आधार लकड़ी जैसा होता है और ऊपर के भाग शाकीय होते हैं। यह बहुवर्षीय है, इसलिए एक ही पौधा कई वर्षों तक जीवित रह सकता है।
वसंत में इसके तने ऊपर उठते हैं और ऊँचाई लगभग 40 सेंटीमीटर तक पहुँच सकती है।
पारिस्थितिकी और संबंध
इसके फूलों पर मुख्यतः ऐसे कीट आते हैं जो पराग और मकरंद की तलाश में आते हैं। इनमें एंड्रीना वंश की एकाकी मधुमक्खियाँ सबसे अधिक हैं, और साथ में हैलिक्टस वंश की मधुमक्खियाँ भी आती हैं। इनके अलावा तितलियाँ भी इसके फूलों पर आकर्षित होती हैं।
इसके बीज और पत्तियाँ कई पक्षियों का भोजन हैं। इनमें फिंच जैसे छोटे गाने वाले पक्षी, लार्क, कबूतर, बत्तखें और हंस शामिल हैं। तीतर जैसे पक्षी भी इसे खाते हैं।
यह पौधा बंजर, पथरीली और नम बजरी वाली ढलानों पर अपना आवास बनाता है, जहाँ अन्य पौधे कम उगते हैं।
उपयोग और मानव संबंध
यह पौधा मुख्यतः अपने प्राकृतिक पर्वतीय आवासों में जंगली रूप में पाया जाता है।
रोचक तथ्य
इसकी तने वाली पत्तियाँ डंठल रहित होती हैं और तने को चारों ओर से लपेटे रहती हैं, जो इसे बजरी वाली ढलानों पर पहचानने का एक आसान तरीका है।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
आवास
वृद्धि का रूप
- उपझाड़ी
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Magnoliopsida
- गण
- Brassicales
- कुल
- Brassicaceae
- वंश
- Arabis
- प्रजाति
- Arabis alpina
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
- Plants of the World Online Native range, life form and climate (WCVP)
- GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
- trophiCH



