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अंगूर

Vitis vinifera

संकटमुक्त

अंगूर की बेल की खेती और शराब बनाने का इतिहास हज़ारों साल पुराना है, और इसकी जड़ें आज भी उसी क्षेत्र में मिलती हैं जहाँ से यह शुरू हुई। Vitis vinifera एक फूल वाला पौधा है, जो Vitaceae कुल की बेल है। इसकी मूल भूमि भूमध्य सागर क्षेत्र, मध्य यूरोप और दक्षिण-पश्चिम एशिया है। प्राकृतिक रूप से यह मोरक्को और पुर्तगाल से उत्तर में दक्षिणी जर्मनी तक, और पूर्व में उत्तरी ईरान तक फैली है।

इस प्रजाति की 5,000 से 10,000 किस्में पहचानी गई हैं, पर उनमें से शराब और टेबल अंगूर के उत्पादन में केवल कुछ ही व्यावसायिक महत्व रखती हैं। Vitis vinifera की संरक्षण स्थिति IUCN के अनुसार "कम चिंताजनक" है।

अंगूर की यह बेल अपने फल, शराब और सांस्कृतिक महत्व के कारण मानव इतिहास में विशेष स्थान रखती है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसकी पत्तियाँ हैं। ये एकांतर क्रम में लगती हैं, हथेली की तरह तीन से पाँच नुकीले खंडों में कटी होती हैं, और इनके किनारे मोटे, काँटेदार दाँतों वाले होते हैं। पत्तियाँ 5 से 20 सेंटीमीटर लंबी और उतनी ही चौड़ी होती हैं। ऊपर की सतह चमकदार गहरी हरी और नीचे की सतह हल्की हरी होती है, और अधिकतर यह लगभग रोमहीन होती है। पत्तियाँ पतझड़ में झड़ जाती हैं।

यह बेल प्रतानों के सहारे किसी आधार पर चढ़ती है। इसका तना, जिसे टहनी कहते हैं, ऊपरी सिरे से बढ़ता है। समय के साथ टहनियाँ सख़्त होकर लंबी काष्ठीय शाखाएँ बन जाती हैं। जड़ें आम तौर पर दो से पाँच मीटर गहराई तक जाती हैं, और कभी-कभी 12–15 मीटर या उससे भी अधिक।

फूल छोटे, हरे-सफ़ेद से होते हैं और गुच्छों में लगते हैं। जंगली बेल में नर और मादा फूल अलग-अलग पौधों पर होते हैं, जबकि उगाई गई किस्मों में एक ही फूल में दोनों अंग होते हैं और वे स्व-परागण कर सकती हैं। फल एक जामुन जैसा होता है, जो गुच्छों में लगता है। जंगली फल लगभग 6 मिलीमीटर व्यास का होता है और पकने पर गहरे बैंगनी से काला हो जाता है, जिस पर हल्की मोमी परत होती है। उगाई गई किस्मों में फल काफ़ी बड़े, तीन सेंटीमीटर तक लंबे होते हैं, और हरे, लाल या बैंगनी रंग के हो सकते हैं।

वितरण और आवास

Vitis vinifera यूरोप के मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में सबसे अधिक मिलती है। एशिया में यह अनातोलिया, काकेशस, मध्य पूर्व और चीन के पश्चिमी क्षेत्रों में पाई जाती है। अफ़्रीका में इसका वितरण उत्तरी भूमध्यसागरीय तट और दक्षिण अफ़्रीका तक है।

उत्तरी अमेरिका में यह कैलिफ़ोर्निया के अलावा मिशिगन, न्यू मेक्सिको, न्यूयॉर्क, ओरेगन, वर्जीनिया, वॉशिंगटन राज्य, ब्रिटिश कोलंबिया, बाजा कैलिफ़ोर्निया, ओंटारियो और क्यूबेक में मिलती है। दक्षिण अमेरिका में चिली, अर्जेंटीना, उरुग्वे, पेरू और ब्राज़ील में और ओशिनिया में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में इसकी खेती होती है।

यह बेल नम जंगलों और नदी-नालों के किनारों पर उगती है। वैश्विक अवलोकनों के आँकड़ों में इसकी उपस्थिति के संकेत मई और जून के आसपास सबसे अधिक दिखते हैं।

Vitis vinifera के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
6,603
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

उपयोग और मानव संबंध

यूरोप और एशिया में अंगूर का उपयोग प्राचीन काल से होता आया है। नवपाषाण काल तक इसके प्रयोग के प्रमाण मिलते हैं, और 1996 में उत्तरी ईरान में लगभग 7,000 साल पुराने शराब-भंडारण के घड़े मिले। मेसोपोटामिया और प्राचीन मिस्र के लोगों के पास भी अंगूर के बाग़ और शराब बनाने का ज्ञान था। चीन में अंगूर की खेती और शराब बनाना हान वंश के दौरान दूसरी शताब्दी में शुरू हुआ, जब इस प्रजाति को ताए-युआन (आज का उज़्बेकिस्तान) से लाया गया। भूमध्य क्षेत्र में भेड़ और बकरियों को छंटाई के बाद बची पत्तियाँ और कोमल टहनियाँ खिलाई जाती हैं। बाल्कन क्षेत्र में अंगूर की पत्तियों में कीमा, चावल और प्याज़ भरकर डोलमा बनाया जाता है। भारत की पारंपरिक चिकित्सा में कुछ नुस्खों में इसका उपयोग खाँसी और श्वसन-नली की सूजन जैसी स्थितियों के लिए होता है।

यूनानी दार्शनिक अंगूर और उससे बनी शराब के औषधीय गुणों की प्रशंसा करते थे। यूरोप के पारंपरिक उपचारकों ने त्वचा और आँखों के रोगों के लिए इसके रस का उपयोग किया। सुझाए गए अन्य उपयोगों में पत्तियों से रक्तस्राव रोकना और अंगूर खाना शामिल है, पर इनके प्रमाण पारंपरिक ही हैं। आज बीजों में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स पर शोध हो रहा है।

मौसम इस फसल पर गहरा असर डालता है। सर्दियों के सुप्त काल का तापमान अगली वृद्धि की कलिकाओं को प्रभावित करता है। लंबे समय तक अधिक तापमान रंग, सुगंध और शर्करा के विकास को बिगाड़ सकता है, जिससे अंगूर और शराब दोनों की गुणवत्ता घटती है। वृद्धि और पकने के समय स्थिर मध्यम तापमान सबसे अनुकूल होता है।

रोचक तथ्य

  1. ग्रीक पौराणिक कथाओं में अंगूर की बेल देवता डायोनिसस से जुड़ी है, और रोमन परंपरा में उन्हें बैकस कहा जाता था।
  2. शराब बनाने का इतिहास लगभग 8500 ईसा पूर्व तक जाता है, जब अंगूर का रस पहली बार शराब में बदला, शायद संयोग से।
  3. डायोनिसस की पौराणिक कथा आज भी नाटकों, शराब के लेबलों और आधुनिक साहित्य तथा कॉमिक्स में दिखती है।
संकटमुक्त

फ़ोटो

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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

वृद्धि का रूप

  • बेल

वर्गीकरण

संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Vitales
कुल
Vitaceae
वंश
Vitis
प्रजाति
Vitis vinifera

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract