टमाटर वास्तव में एक फल है, विशेष रूप से एक बेरी, भले ही इसे सब्ज़ी की तरह पकाया और खाया जाता है। यह सोलानेसी परिवार का सदस्य है, जिसमें तंबाकू, आलू और मिर्च भी शामिल हैं। इसकी उत्पत्ति दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी भाग में हुई, और इसे वहीं, मेक्सिको या मध्य अमेरिका में पालतू बनाया गया होगा।
Solanum lycopersicum आज दुनिया भर में सबसे व्यापक रूप से उगाए जाने वाले फलों में से एक है, और इसका इतिहास वैज्ञानिक जिज्ञासा, सांस्कृतिक स्वीकृति और कृषि नवाचार की एक दिलचस्प कहानी बताता है।
पहचान और रूप
टमाटर की पहचान का सबसे स्पष्ट संकेत इसके पीले पाँच-पंखुड़ी वाले फूल और पकने पर लाल, नारंगी या पीले रंग में बदलने वाले फल हैं। यह पौधा बेल के रूप में बढ़ता है, जो 3 मीटर तक फैल सकता है, जबकि झाड़ीदार किस्में सामान्यतः 100 सेंटीमीटर से अधिक ऊँची नहीं होतीं। यह एक कोमल बहुवर्षीय पौधा है, जिसे अक्सर वार्षिक फसल के रूप में उगाया जाता है।
इसके तने और पत्तियाँ बारीक रोमों से ढकी होती हैं, जो नमी और मिट्टी के संपर्क में आने पर जड़ें बनाने में मदद करती हैं। पत्तियाँ 10 से 25 सेंटीमीटर लंबी होती हैं, जिनमें पाँच से नौ पत्रक होते हैं और किनारे दाँतेदार होते हैं।
फूल उभयलिंगी होते हैं और स्वयं-निषेचन में सक्षम होते हैं, हालाँकि प्रभावी परागण के लिए बाहरी सहायता, जैसे कृत्रिम हवा या भौंरों का उपयोग, अक्सर आवश्यक होता है। फल के भीतर लोक्यूल नामक कक्ष होते हैं जिनमें बीज भरे होते हैं, और इनकी संख्या तथा आकार किस्म के अनुसार भिन्न होते हैं।
फल का रंग उसमें मौजूद वर्णकों पर निर्भर करता है — लाल रंग लाइकोपीन से आता है, जबकि पीले टमाटरों में डेल्टा-कैरोटीन और ल्यूटिन अधिक होते हैं और नारंगी टमाटरों में बीटा-कैरोटीन तथा प्रोलाइकोपीन प्रमुख रहते हैं।
वितरण और आवास
टमाटर मूलतः दक्षिणी अमेरिका से आया, परंतु 16वीं शताब्दी में स्पेनी विजेता हर्नान कोर्टेस द्वारा तेनोच्तितलान पर विजय के बाद कोलंबियाई विनिमय के माध्यम से यह यूरोप पहुँचा। 1540 के दशक तक इसे भूमध्यसागरीय जलवायु में सफलतापूर्वक उगाया जाने लगा था। इटली में इसका सबसे पहला उल्लेख 1544 के एक हर्बल ग्रंथ में मिलता है, जहाँ इसे "पोमी द'ओरो" या "सुनहरे सेब" कहा गया।
स्पेनी उपनिवेशीकरण के बाद टमाटर कैरिबियाई क्षेत्रों में फैला, और फिर फिलीपींस के माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशिया और उसके पश्चात पूरे एशिया में पहुँचा। आज यह विश्व के अधिकांश गर्म और शीतोष्ण क्षेत्रों में उगाया जाता है, जहाँ की परिस्थितियाँ इसकी खेती के अनुकूल हैं।
उपलब्ध अवलोकनों में गर्मियों के महीनों, विशेष रूप से जुलाई से सितंबर के बीच, दर्ज संख्या स्पष्ट रूप से अधिक दिखती है, जो इस अवधि में पौधे की सक्रिय उपस्थिति का संकेत देती है, हालाँकि यह आँकड़ा जनसंख्या या सम्पूर्ण वितरण का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

प्रजनन और जीवन चक्र
आधुनिक बगीचों और व्यावसायिक टमाटर किस्मों में स्वाद की कमी और शर्करा की न्यूनता का कारण एक उत्परिवर्तन है, जिसे "u" फीनोटाइप कहा जाता है, जो 20वीं सदी के मध्य में पाया गया था। इसने फलों को समान रूप से लाल पकने में मदद की, लेकिन इसके परिणामस्वरूप फल की चीनी मात्रा में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई, क्योंकि यह उत्परिवर्तन विकसित होते फल में दुर्बल हरितलवक बनाता है।
पकने के दौरान फल के हरितलवक क्लोरोफिल-मुक्त क्रोमोप्लास्ट में बदल जाते हैं, जो लाइकोपीन, बीटा-कैरोटीन और अन्य यौगिकों का संश्लेषण करते हैं, जो पके फल के स्वाद और पोषण में योगदान देते हैं।
प्रजनकों ने उपज, भंडारण क्षमता, आकार और रोग प्रतिरोध सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं, जिसके लिए अक्सर जंगली टमाटर प्रजातियों से उपयोगी गुण लिए जाते हैं, जैसे अगेती झुलसा रोग के प्रति प्रतिरोध। परंतु इस तरह के सुधार कभी-कभी स्वाद या फल उत्पादन जैसे अन्य गुणों को अनजाने में प्रभावित कर देते हैं।
उपयोग और मानव संबंध
टमाटर की खेती पूरी दुनिया में इसके खाद्य फलों के लिए की जाती है, जिनकी हज़ारों किस्में मौजूद हैं। 2023 में विश्व उत्पादन 19.2 करोड़ टन तक पहुँचा, जिसमें चीन का हिस्सा 36 प्रतिशत रहा, और भारत, तुर्की तथा संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य प्रमुख उत्पादकों में शामिल रहे।
परिवहन और भंडारण को सरल बनाने के लिए टमाटरों को अक्सर हरा तोड़कर एथिलीन हार्मोन की सहायता से पकाया जाता है, जबकि औद्योगिक स्तर पर, जैसे डिब्बाबंदी के लिए, इन्हें यांत्रिक रूप से तोड़ा जाता है।
भूमध्यसागरीय व्यंजनों में टमाटर पिज़्ज़ा और पास्ता सॉस का प्रमुख अंग है, जबकि मध्य पूर्वी व्यंजनों में इसे सलाद और ग्रिल्ड व्यंजनों में उपयोग किया जाता है। भारत में यूरोपीय लोगों द्वारा इसकी शुरुआत के बाद यह करी व्यंजनों, जैसे रोगन जोश, का अभिन्न हिस्सा बन गया। स्पेन के बुन्योल शहर में हर वर्ष "ला टोमातिना" उत्सव आयोजित होता है, जिसमें हज़ारों लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंकते हैं।
रोचक तथ्य
- वैज्ञानिक नाम Solanum lycopersicum में "solanum" प्राचीन रोमन भाषा में घातक नाइटशेड के लिए प्रयुक्त शब्द है, जबकि "lycopersicum" ग्रीक और लातिन शब्दों के मेल से बना है, जिसका अर्थ है "फारसी भेड़िया"।
- यह नामकरण 1700 के दशक में कार्ल लीनियस द्वारा किया गया था, जिन्होंने विभिन्न भाषाओं में सटीकता बनाए रखने के लिए यह लातिन नाम दिया।
- यूरोप में शुरुआत में टमाटर को संदेह की नज़र से देखा गया, क्योंकि यह नाइटशेड परिवार से संबंधित था, जिसे विषैला माना जाता था, परंतु व्यापार मार्गों के विस्तार के साथ यह धीरे-धीरे लोकप्रिय हो गया।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वृद्धि का रूप
- बेल
वर्गीकरण
- संघ
- Tracheophyta
- वर्ग
- Magnoliopsida
- गण
- Solanales
- कुल
- Solanaceae
- वंश
- Solanum
- प्रजाति
- Solanum lycopersicum
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract



