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Taraxacum officinale

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

Taraxacum officinale अपने चमकीले पीले फूलों के लिए जानी जाती है, जो परिपक्व होकर रोयेंदार सफेद गोलों में बदल जाती है, जिन्हें अक्सर "घड़ी" या "ब्लोबॉल" कहा जाता है और जो हवा के साथ दूर तक उड़ जाती है।

यह Asteraceae कुल का एक बहुवर्षीय शाकीय पौधा है और समशीतोष्ण क्षेत्रों में व्यापक रूप से पाया जाता है। इसे IUCN द्वारा "संकटमुक्त" श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसकी आबादी बड़ी और स्थिर है। दुनिया भर में परिचित यह पौधा खाद्य उपयोग, लोक-कथाओं और पारिस्थितिकी में अपनी बहुमुखी भूमिका के कारण जानने योग्य है।

पहचान और रूप

डैंडेलायन की सबसे पहचानने योग्य विशेषता उसका खोखला, पत्तीरहित फूल-वृंत है, जिसके शीर्ष पर एक अकेला पीला फूल-शीर्ष लगता है। यह वृंत सामान्यतः 5 से 40 सेंटीमीटर ऊँचा होता है, हालांकि कभी-कभी यह 70 सेंटीमीटर तक भी पहुँच सकता है। पौधे में दूधिया रस (लेटेक्स) पाया जाता है और सभी पत्तियाँ आधार से निकलती हैं।

पत्तियाँ 5 से 45 सेंटीमीटर लंबी और 1 से 10 सेंटीमीटर चौड़ी होती हैं, जिनका आकार आयताकार से उलटे-अंडाकार तक होता है, और किनारे उथले से गहरे कटावदार, अक्सर तीखे दाँतों वाले होते हैं। फूल-शीर्ष 14 से 25 मिलीमीटर चौड़ा होता है, जिसमें 40 से अधिक, कभी-कभी 100 से भी अधिक, पीले या नारंगी-पीले पंखुड़ी-नुमा फूल होते हैं।

फल (सिप्सेला) 2 से 3 मिलीमीटर लंबे, जैतूनी-हरे से भूरे या भूसे के रंग के होते हैं, जिनमें पतली चोंच जैसी संरचना और 4 से 12 तीखी धारियाँ होती हैं। इनके ऊपर लगा सफेद-चांदी जैसा रोयेंदार पैराशूट लगभग 6 मिलीमीटर चौड़ा होता है, जो बीजों को हवा में उड़ाने में मदद करता है।

फूल न होने की अवस्था में इसे Chondrilla juncea जैसी अन्य प्रजातियों से भ्रमित किया जा सकता है, जिनकी आधारी पत्तियों की बनावट समान होती है। एक अन्य पौधा, जिसे कभी-कभी "पतझड़ डैंडेलायन" कहा जाता है, दिखने में बहुत मिलता-जुलता है परंतु बाद में फूलता है।

वितरण और आवास

यह पौधा मूल रूप से यूरोप और एशिया का निवासी है, लेकिन अब उत्तरी अमेरिका के सभी 50 राज्यों और अधिकांश कनाडाई प्रांतों, दक्षिणी अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत सहित लगभग पूरी दुनिया में प्राकृतिक रूप से फैल चुका है। इसे मूलतः अमेरिका में खाद्य फसल के रूप में लाया गया था।

यह लॉन, सड़क किनारों, अशांत ढलानों, जलमार्गों के किनारे और नम मिट्टी वाले अन्य स्थानों में उगता है। यह अत्यंत सहनशील पौधा है, जो भीड़भाड़, तापमान की चरम स्थितियों और कम नमी को भी सहन कर सकता है, इसीलिए यह विविध वातावरणों में पनपता है।

उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में जहाँ इसे उगाना कठिन होता है, वहाँ संग्राहक इसके बीजों को विदेशों से मंगाने का प्रयास भी करते रहे हैं।

मासिक अवलोकन आँकड़ों में वसंत के महीनों में स्पष्ट वृद्धि दिखाई देती है, जो संभवतः इस अवधि में इसकी उपस्थिति और सक्रिय वृद्धि से जुड़ी हो सकती है, हालांकि ये आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, जनसंख्या या सम्पूर्ण वितरण को नहीं।

Taraxacum officinale के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
1,18,264
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

पारिस्थितिकी और संबंध

डैंडेलायन अशांत आवासों का एक प्रमुख उपनिवेशक है, जो हवा से उड़े बीजों और मिट्टी में संचित बीज-भंडार दोनों से फैलता है; एक अध्ययन में बीज नौ वर्षों बाद भी अंकुरित हुए। एक पौधा हर साल 5,000 से अधिक बीज पैदा कर सकता है, और प्रति फूल-शीर्ष 54 से 172 बीज बनते हैं।

यह पौधा कई शलभों (मॉथ) के कैटरपिलरों, जैसे Celypha rufana, के लिए भोजन का स्रोत है। शहद-मक्खियाँ, हालांकि इसके पराग को पोषण की दृष्टि से घटिया मानती हैं, फिर भी इसे सक्रियता से खाती हैं, विशेषकर वसंत के आरंभ में जब यह पहले खिलने वाले फूलों में से एक होता है। एक अध्ययन में इसे विलो, मीडोस्वीट और ब्लैकबेरी के बाद चौथा सबसे महत्वपूर्ण पराग स्रोत बताया गया।

यह मिट्टी में पोटैशियम और कैल्शियम के स्तर का संकेतक पौधा भी माना जाता है, क्योंकि यह कम कैल्शियम परंतु अधिक पोटैशियम वाली मिट्टी को पसंद करता है। वातावरण में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा के साथ इसकी वृद्धि और बीज उत्पादन क्षमता और बढ़ने की संभावना है, जिससे भविष्य में इसका विस्तार और अधिक हो सकता है।

उपयोग और मानव संबंध

डैंडेलायन के फूलों से पारंपरिक रूप से "डैंडेलायन वाइन" बनाई जाती है, जबकि इसकी युवा पत्तियों और बिना खिली कलियों को सलाद में कच्चा खाया जाता है और पुरानी पत्तियों को पकाकर खाया जाता है। इसकी जड़ को भूनकर और पीसकर कॉफी के विकल्प के रूप में भी उपयोग किया जाता रहा है।

पोलैंड के सिलेसिया क्षेत्र सहित कई स्थानों पर इसके फूलों से शहद जैसा शरबत बनाया जाता है, और यूनाइटेड किंगडम में "डैंडेलायन एंड बर्डॉक" नामक शीतल पेय लंबे समय से लोकप्रिय रहा है। इसके फूलों से पीला रंग भी निकाला जाता है, और इसका दूधिया रस एक प्रकार के गोंद जैसा उपयोग में लाया गया है।

चीनी पारंपरिक चिकित्सा में लगभग 2,000 वर्षों से इसकी पत्तियों का उपयोग मूत्रवर्धक के रूप में होता रहा है, और यूरोप व उत्तरी अमेरिका की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी इसका ऐसा ही प्रयोग रहा है। लोक-कथाओं में डैंडेलायन के बीज-सिर पर फूँक मारकर भविष्य जानने की एक परंपरा भी प्रचलित रही है, और एक मूल अमेरिकी लोककथा में इसे सुनहरे बालों वाली एक लड़की से जोड़ा गया है, जिसके सफ़ेद हो चुके बाल दक्षिणी हवा द्वारा बिखेरे गए बीजों का प्रतीक बनते हैं।

संरक्षण और खतरे

IUCN ने 2013 में Taraxacum officinale को इसकी बड़ी और स्थिर आबादी के कारण "संकटमुक्त" श्रेणी में रखा है। NatureServe ने भी 2016 में इसे "वैश्विक रूप से सुरक्षित" (G5) घोषित किया।

यह पौधा किसी विशेष खतरे का सामना नहीं करता, बल्कि इसके विपरीत उत्तरी अमेरिका में इसे लॉन और मनोरंजक क्षेत्रों में एक उपद्रवी खरपतवार माना जाता है, और यह कृषि फसलों में भी व्यापक आर्थिक क्षति पहुँचाता है, जिसके चलते इसे कई क्षेत्रों में हानिकारक खरपतवार घोषित किया गया है।

रोचक तथ्य

  1. इसके वैज्ञानिक नाम में "Taraxacum" शब्द अरबी शब्द "तराख़्शगॉग" से आया है, जिसका अर्थ है "कड़वी जड़ी-बूटी", जबकि "officinale" इसके औषधीय और पाक उपयोग की ओर संकेत करता है।
  2. स्कॉटलैंड में इसे कई रोचक स्थानीय नामों से पुकारा जाता रहा है, जैसे "विच गोवन", "डून-हेड क्लॉक" और "बमिंग पाइप" – अंतिम नाम मधुमक्खियों की भिनभिनाहट और पौधे के खोखले तने से जुड़ा है।
  3. डैंडेलायन को अलैंगिक प्रजनन (एपोमिक्सिस) के कारण अक्सर वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रयोग किया जाता है, क्योंकि इससे उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से एक समान होती है।

फ़ोटो

तस्वीरें via iNaturalist, licensed under CC0 1.0. और by Stanislav Murashkin via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

वृद्धि का रूप

  • शाकीय पौधा

वर्गीकरण

संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Asterales
कुल
Asteraceae
वंश
Taraxacum
प्रजाति
Taraxacum officinale

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract