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Magnoliopsida · Solanales

Tomato

Solanum lycopersicum

Tomato

© Maria Kohanovskaya · iNaturalist · CC BY 4.0

वैज्ञानिक वर्गीकरण और त्वरित तथ्य

वर्गीकरण

जगत पौधे
संघ Tracheophyta
वर्ग Magnoliopsida
कुल Solanaceae
वंश Solanum
प्रजाति Solanum lycopersicum

Known For

खाद्य झाड़ीदार पौधा

Detailed measurements for this species are still being verified.

टमाटर, वैज्ञानिक नाम Solanum lycopersicum, विश्व की सबसे व्यापक रूप से खेती की जाने वाली सब्जियों में से एक है, जो 39 देशों में पाया जाता है। यह दक्षिण अमेरिका का मूल निवासी है, लेकिन आज लगभग हर महाद्वेश पर इसकी खेती की जाती है, जहाँ जलवायु अनुकूल है। इसका लाल, गोल फल न केवल पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि खाद्य संस्कृति में एक मौलिक भूमिका निभाता है।

Solanaceae परिवार का सदस्य होने के कारण, टमाटर अपने रिश्तेदार आलू, बैंगन और मिर्च से संबंधित है। इसका संरक्षण स्थिति वर्तमान में अज्ञात है, क्योंकि यह मानव निर्मित खेतों में पूरी तरह से अनुकूलित हो गया है और अब जंगली रूप में दुर्लभ है। इसके बहुमुखी उपयोग, पोषक सामग्री और रोग प्रतिरोधक क्षमता इसे आधुनिक कृषि और पोषण विज्ञान में अध्ययन का एक महत्वपूर्ण विषय बनाते हैं।

पहचान और रूप

Solanum lycopersicum या टमाटर एक कोमल बहुवर्षीय पौधा है जिसे आमतौर पर वार्षिक फसल के रूप में उगाया जाता है। यह पौधा विविध आकार में आता है, जो इसकी विविध खेती किस्मों को दर्शाता है।

पौधे की ऊँचाई और आकार

टमाटर के पौधे बेलदार होते हैं और आमतौर पर लटकते हुए बढ़ते हैं, जो 3 मीटर तक की ऊँचाई तक पहुँच सकते हैं। झाड़ीदार किस्में आमतौर पर 100 सेंटीमीटर से अधिक ऊँची नहीं होती हैं। पौधे की संरचना अनिर्धारित (बेल) या निर्धारित (झाड़ी) प्रकार की हो सकती है, जो खेती की प्रणाली और उद्देश्य को प्रभावित करती है।

पत्तियाँ और तने

पत्तियाँ मिश्रित और आयताकार होती हैं, जिनमें गहरी हरी रंग की सूक्ष्म बनावट होती है। तने मोटे और रोमदार होते हैं, जो पौधे को यांत्रिक शक्ति प्रदान करते हैं। पूरे पौधे पर सूक्ष्म रोएँ होते हैं, जो इसे विशिष्ट सुगंध देते हैं।

फल की विशेषताएँ

टमाटर के फल गोलाकार या थोड़े चपटे होते हैं, जो आकार में व्यापक रूप से भिन्न हो सकते हैं। परिपक्व फल चमकीले लाल, नारंगी, पीले या गुलाबी रंग के हो सकते हैं, जो किस्म पर निर्भर करता है। फल की बाहरी त्वचा चिकनी होती है, जो अंदर रसदार मांस और बीज कक्ष के साथ होती है। प्रत्येक फल में सैकड़ों छोटे, चपटे बीज होते हैं जो एक जेली जैसे पदार्थ में निहित होते हैं।

वितरण और आवास

Solanum lycopersicum (टमाटर) विश्वभर में 39 देशों में पाया जाता है, जो इसे एक व्यापक रूप से खेती की जाने वाली फसल बनाता है। iNaturalist अवलोकन मेक्सिको (69 रिकॉर्ड), संयुक्त राज्य अमेरिका (50 रिकॉर्ड), दक्षिण अफ्रीका (26 रिकॉर्ड), भारत (23 रिकॉर्ड) और ऑस्ट्रेलिया (18 रिकॉर्ड) में सबसे अधिक सांद्रता दर्शाते हैं। अन्य महत्वपूर्ण वितरण क्षेत्रों में ताइवान, स्पेन, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया और चीन शामिल हैं।

टमाटर की खेती मुख्य रूप से नियंत्रित वातावरण में और खुले क्षेत्रों में होती है, जहाँ यह विभिन्न जलवायु अवस्थाओं के अनुकूल हो सकता है। आई नेचुरलिस्ट डेटा फरवरी को शिखर अवलोकन माह दर्शाता है, 123 रिकॉर्ड के साथ, जनवरी में 112 रिकॉर्ड और मार्च में 65 रिकॉर्ड हैं। यह मौसमी पैटर्न उत्तरी गोलार्ध की कटाई की अवधि और दक्षिणी गोलार्ध की बढ़ती मौसम को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ टमाटर की खेती तीव्रता से होती है।

जबकि Solanum lycopersicum एक उष्ण-मेखला और समशीतोष्ण मूल का पौधा है, आधुनिक खेती तकनीकें इसे व्यापक भौगोलिक सीमा में उगाने की अनुमति देती हैं। प्रजाति अधिकांश कृषि क्षेत्रों में पनपती है जहाँ तापमान और सूर्य का प्रकाश नियंत्रित किया जा सकता है, जो इसके वाणिज्यिक महत्व और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

विकास और खेती

वृद्धि

Solanum lycopersicum एक शाकीय पौधा है जो वार्षिक या अल्पकालिक बहुवर्षीय के रूप में उगता है। यह पौधा 0.5 से 2 मीटर तक की ऊंचाई तक पहुँच सकता है, जो किस्म और बढ़ने की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। टमाटर के पौधे गहरी जड़ प्रणाली विकसित करते हैं जो उन्हें पोषक तत्वों और नमी को प्रभावी ढंग से खोजने में मदद करती है।

वृद्धि का पैटर्न किस्म के आधार पर भिन्न होता है—निर्धारित किस्में सीमित ऊंचाई तक पहुँचती हैं और एक बार फल देकर समाप्त हो जाती हैं, जबकि अनिर्धारित किस्में पूरे बढ़ते हुए मौसम में लगातार बढ़ती और फल देती हैं। पौधे को सहारे और प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है, विशेष रूप से अनिर्धारित किस्मों के लिए।

पुष्पन और फलन

टमाटर के फूल छोटे, पीले रंग के होते हैं और फूलों के गुच्छों में व्यवस्थित होते हैं। ये फूल आत्म-परागित होते हैं, लेकिन कीटों द्वारा परागण से फल सेट में वृद्धि हो सकती है। रोपण के 40 से 60 दिन बाद फूल आमतौर पर दिखाई देते हैं, समय किस्म और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

फलन तापमान के प्रति संवेदनशील है—सर्वोत्तम फल सेट दिन का तापमान 21 से 26 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 20 डिग्री सेल्सियस पर होता है। रोपण के 60 से 80 दिन बाद पहली कटाई की जा सकती है। पके फल सामान्यतः लाल, पीले, नारंगी या गुलाबी रंग के होते हैं, किस्म के आधार पर।

खेती

टमाटर अच्छी जल निकासी वाली, उपजाऊ दोमट या बलुई दोमट मिट्टी में सर्वोत्तम बढ़ता है। पौधे पूर्ण सूर्य प्रकाश में सबसे अच्छी तरह से फल देते हैं, कम से कम 6 से 8 घंटे प्रत्यक्ष प्रकाश आवश्यक है। नियमित पानी देना महत्वपूर्ण है—मिट्टी को लगातार नम रखें लेकिन जलभराव न करें, क्योंकि यह रोग का कारण बन सकता है।

पानी की आवश्यकता कम होने पर भी, लगातार सूखे तनाव से पौधे की पैदावार में कमी आती है और फलों में विकार जैसे कि शिखर सड़न हो सकता है। रोग दबाव को कम करने के लिए अच्छी वायु परिसंचरण आवश्यक है। पौधों को सहारा दिया जाना चाहिए और शाखाओं को हटाया जाना चाहिए ताकि संरचना को मजबूत रखा जा सके और फलों तक पहुंच सुधारी जा सके।

संरक्षण और खतरे

Solanum lycopersicum (टमाटर) के लिए IUCN रेड लिस्ट में कोई आधिकारिक संरक्षण स्थिति निर्धारित नहीं की गई है। यह इसलिए है कि टमाटर एक व्यापक रूप से खेती की जाने वाली कृषि फसल है, जिसका वैश्विक वितरण मानव द्वारा बनाए रखा जाता है। जंगली आबादी और पालतू किस्में दोनों मजबूत हैं, और प्रजाति की वैश्विक जनसंख्या प्रवृत्ति बढ़ती हुई है।

खतरे

टमाटर को कोई प्रमुख संरक्षण खतरों का सामना नहीं करना पड़ता है जो जंगली आबादी को खतरे में डालते हों। हालांकि, कृषि स्तर पर, पौधे को कीटों, रोगों और जलवायु परिवर्तनशीलता के साथ मुद्दों का सामना करना पड़ता है जो पैदावार को प्रभावित करते हैं। आनुवंशिक विविधता बनाए रखना और फसल की बीमारियों के खिलाफ प्रतिरोध विकसित करना कृषि गवेषणा के लिए चल रहे लक्ष्य हैं।

संरक्षण प्रयास

टमाटर की संरक्षण आवश्यकताएं जंगली संरक्षण से अधिक कृषि स्थिरता पर केंद्रित हैं। वैश्विक बीज बैंक और कृषि अनुसंधान संस्थान संरक्षित किस्मों और जंगली रिश्तेदार प्रजातियों के जर्मप्लाज्म को संरक्षित करते हैं जो आनुवंशिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। टिकाऊ कृषि पद्धतियां और जलवायु-अनुकूलित खेती के लिए शोध टमाटर की खेती के दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जारी है।

सांस्कृतिक महत्व

टमाटर आधुनिक लोकप्रिय संस्कृति और स्थानीय परंपराओं दोनों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वॉल्ट डिज़्नी वर्ल्ड रिसॉर्ट के प्रायोगिक ग्रीनहाउस में एक विशाल “टमाटर का पेड़” उगाया गया था, जो संभवतः एक ही पौधे से सबसे अधिक टमाटर का रिकॉर्ड रखता है। इस पौधे ने एक वर्ष में 32,000 से अधिक टमाटर का उत्पादन किया, जिनका कुल वजन 522 किलोग्राम था।

स्पेन में, बुनोल शहर प्रतिवर्ष ला टोमैटिना नाम के एक प्रसिद्ध त्योहार का आयोजन करता है जो टमाटर फेंकने के उत्सव पर केंद्रित है। अगस्त 2007 में, इस त्योहार में 40,000 से अधिक स्पेनी शामिल हुए और 115,000 किलोग्राम टमाटर एक दूसरे पर फेंके गए। संयुक्त राज्य अमेरिका में, कई राज्यों ने टमाटर को आधिकारिक राज्य फल या सब्जी घोषित किया है। आर्कन्सा ने “साउथ आर्कन्सा वाइन राइप पिंक टमाटर” को एक ही कानून के माध्यम से राज्य फल और राज्य सब्जी दोनों घोषित किया, जिससे इसके पाक और वनस्पति दोनों वर्गीकरण को स्वीकृति मिली। ओहियो ने 2009 में टमाटर को आधिकारिक फल घोषित किया, जबकि टमाटर का रस 1965 से उस राज्य का आधिकारिक पेय है।

ओहियो के रेनॉल्ड्सबर्ग शहर में टमाटर की खेती के इतिहास का सम्मान किया जाता है। यह शहर वनस्पति प्रजनक लिविंगस्टन के काम के लिए प्रसिद्ध है और वार्षिक टमाटर महोत्सव आयोजित करता है, जिसमें खुद को “द बर्थप्लेस ऑफ द टमाटो” (टमाटर की जन्मभूमि) कहा जाता है।

रोचक तथ्य

  1. टमाटर वानस्पतिक रूप से बेरी हैं, सब्जी नहीं, क्योंकि ये पौधे के अंडाशय से विकसित होते हैं और बीजों को गूदे में समाहित करते हैं। रसोई में इन्हें सब्जी के रूप में उपयोग करने के बावजूद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ये फल होते हैं।
  2. Solanum lycopersicum नाइटशेड परिवार से संबंधित है, जिसमें तंबाकू और मिर्च भी शामिल हैं। यह साधारण खाद्य पदार्थ से लेकर दवाओं तक का एक असामान्य संयोग दर्शाता है।
  3. टमाटर की खेती पश्चिमी दक्षिण अमेरिका में शुरू हुई, संभवतः मेक्सिको और मध्य अमेरिका में भी स्वतंत्र रूप से पालतू बनाया गया। यह क्षेत्र विश्व में इस महत्वपूर्ण फसल की सबसे पुरानी उत्पत्ति स्थल है।
  4. स्पेनिश विजेताओं ने 16वीं शताब्दी में टमाटर को यूरेशिया में लाया, जो कोलंबियाई विनिमय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इसका मतलब है कि पिछले 500 वर्षों तक यूरोपीय, एशियाई और अफ्रीकी व्यंजनों में टमाटर की कोई जगह नहीं थी।
  5. टमाटर के पौधे में अल्कलॉइड यौगिक होते हैं जो इसके अन्य नाइटशेड रिश्तेदारों में भी पाए जाते हैं, लेकिन पके फलों में इनकी मात्रा न्यूनतम होती है। पत्तियाँ और कच्चे फल इन यौगिकों से अधिक समृद्ध होते हैं।
  6. विश्व के विभिन्न भागों में अलग-अलग टमाटर की किस्में विकसित हुईं, जो स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं। यह विविधता प्रजातियों के तीव्र अनुकूलन क्षमता को दर्शाती है।
  7. टमाटर गर्मी-प्रेमी पौधा है और ठंड में वृद्धि रोक देता है, जो इसके उष्णकटिबंधीय दक्षिण अमेरिकी मूल को प्रतिबिंबित करता है। यही कारण है कि इसे गर्मियों में सर्वोत्तम फल मिलते हैं।

पारिस्थितिकी

उगाने की स्थितियां

झाड़ीदार पौधा

खाद्यता

खाद्य