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Ulmus minor

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

आंकड़ा-अपर्याप्त

Ulmus minor यूरोप की एल्म प्रजातियों में सबसे अधिक रूप बदलने वाला वृक्ष है, हालांकि इसके वर्गीकरण पर अब भी बहस चल रही है। यह उल्मेसी कुल का सदस्य है और Ulmus वंश में आता है।

इसका प्राकृतिक क्षेत्र मुख्य रूप से दक्षिणी यूरोप में है, जो एशिया माइनर और ईरान तक फैला है। उत्तरी सीमा पर बाल्टिक सागर के ओलैंड और गोटलैंड द्वीप आते हैं, हालांकि हो सकता है कि मनुष्यों ने इसे वहां पहुंचाया हो। यह प्रमुख नदियों के किनारे नीची भूमि के जंगलों में ओक और ऐश के साथ उगता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने इसे डेटा की कमी वाली प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया है। इसके बावजूद इसका रूप-रंग और पारिस्थितिक भूमिका इसे अध्ययन के योग्य बनाती है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसकी पत्तियों के आधार और शिराओं पर मौजूद बारीक काले ग्रंथि-बिंदु हैं, जिन्हें आवर्धक लेंस से देखा जा सकता है।

यह वृक्ष आमतौर पर 30 मीटर से कम ऊंचाई तक बढ़ता है और इसका मुकुट गोलाकार होता है। तने की छाल खुरदरी होती है और पुराने पेड़ों में हल्की दरारें ब्लॉक जैसा पैटर्न बनाती हैं। नई टहनियों पर कभी-कभी कॉर्क जैसे पंख दिखते हैं, और इसकी शाखाएं वाइच एल्म की तुलना में पतली होती हैं।

इसकी पत्तियां यूरोप की अन्य प्रजातियों से छोटी होती हैं, और इसी कारण इसका विशेषण minor पड़ा है। फिर भी पत्तियों का आकार पेड़ की परिपक्वता के अनुसार बहुत बदलता है। जुवेनाइल पौधों की पत्तियां खुरदरी और रोएंदार होती हैं, जबकि परिपक्व पेड़ों की पत्तियां आम तौर पर चिकनी होती हैं, फिर भी उनका रूप काफी अलग-अलग रहता है। आम तौर पर मुख्य शिराओं के 12 जोड़ों से कम पार्श्व शिराएं होती हैं।

इसके सामरा फल अंडाकार या उल्टे अंडाकार होते हैं, चिकने होते हैं और इनकी लंबाई 12 से 15 मिलीमीटर होती है। शीर्ष पर इनमें एक खांच होती है और बीज उसी खांच के पास स्थित होता है।

वितरण और आवास

Ulmus minor का प्राकृतिक वितरण मुख्य रूप से यूरोप में है और यह पूर्व की ओर मध्य एशिया तक तथा उत्तर-पश्चिमी ईरान और उत्तरी अफ्रीका तक फैला है। यूरोप में यह स्पेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, पोलैंड और ब्रिटेन जैसे देशों में मिलता है।

इसका आवास मुख्य रूप से नदियों के किनारे की नीची भूमि के जंगल हैं, जहां यह ओक और ऐश जैसे पेड़ों के साथ उगता है। यह गर्मी में बाढ़ और लंबे सूखे दोनों को सहन करने में सक्षम है।

उत्तरी अमेरिका के कई राज्यों, आयरलैंड, अज़ोर्स और दक्षिणी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में भी इसे लाया गया है। इन क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति मुख्य रूप से मनुष्यों के माध्यम से हुई।

उपलब्ध प्रेक्षणों में इसकी उपस्थिति मई और जून के आसपास सबसे अधिक दिखती है, लेकिन ये आंकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, जनसंख्या का आकार नहीं।

Ulmus minor के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
41,229
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

वृद्धि और स्वरूप

Ulmus minor एक वृक्ष है और इसकी ऊंचाई 30 मीटर से कम तक पहुंचती है। इसका गोलाकार मुकुट इसे अन्य यूरोपीय एल्म से अलग पहचान देता है।

युवा पौधे और चूषक पत्तियों में अधिक रोएं रखते हैं, जबकि परिपक्व होने पर पत्तियां चिकनी हो जाती हैं। फ्रांस में यह आम तौर पर लगभग 10 वर्ष की उम्र में फूलना और फल देना शुरू करता है।

यह जड़ों और ठूंठों से लगातार नए चूषक निकालता है, जिससे इसका विस्तार होता रहता है।

पारिस्थितिकी और संबंध

Ulmus minor की पत्तियों और छाल पर कई कीट पलते हैं। इनमें लंबे सींग वाले भृंग जैसे Chlorophorus figuratus, Oberea linearis और Phymatodes testaceus तथा Agrilus graecus जैसे छेदक भृंग शामिल हैं। छाल भृंग और घुन भी इसकी लकड़ी और छाल पर निर्भर रहते हैं।

फूलों पर सबसे अधिक दिखने वाले कीट भौंरे हैं, जिनमें Bombus terrestris, Bombus lapidarius और Bombus pascuorum प्रमुख हैं। इसके अलावा लेसविंग Chrysoperla carnea और लेडीबर्ड Harmonia axyridis भी इसके फूलों पर आते हैं।

इसके इन फूलों पर आने वाले कीटों को परागणकर्ता नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उनकी भूमिका अलग-अलग है।

उपयोग और मानव संबंध

प्राचीन ट्यूटोनिक पौराणिक कथाओं में एल्म वृक्ष को प्रमुख स्थान मिला है। कथा के अनुसार देवता ओडिन ने इसमें आत्मा डाली, होनिर ने इंद्रियां दीं और लोडुर ने रक्त और ऊष्मा दी, और इस प्रकार एम्ब्ला नाम की पहली स्त्री बनी।

मध्यकालीन इंग्लैंड और फ्रांस में एल्म वृक्ष गांवों की सीमाएं चिह्नित करते थे और गांव के हरे मैदानों पर लगे रहते थे। उनकी छाया में बाज़ार और मेले लगते थे। ये पेड़ दीर्घायु, व्यावहारिकता और निरंतरता के प्रतीक माने गए।

कभी यह यूरोप के शहरों और गांवों में आम तौर पर लगाया जाता था, लेकिन डच एल्म रोग के कारण अब इसकी खेती कम हो गई है। स्पेन में परीक्षण किए गए जीवित वृक्षों में लगभग 0.5 प्रतिशत में रोग के प्रति अधिक सहनशीलता मिली है। इसी से प्रतिरोधी संकर पौधे विकसित करने की आशा है।

ब्रिटेन में इसे कभी-कभी शहरी सजावटी वृक्ष के रूप में लगाया गया, और उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में भी इसे लाया गया।

रोचक तथ्य

  1. प्राचीन यूनानी पौराणिक कथाओं में एल्म को अधोलोक और स्वप्नों के देवता मॉर्फियस से जोड़ा गया, जो जीवन और मृत्यु के बीच की सीमा माने गए।
  2. रोमन कृषि में एल्म वृक्षों पर अंगूर की बेलें चढ़ाई जाती थीं, जिससे वे खेती में व्यावहारिक भूमिका निभाते थे।
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फ़ोटो

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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

वृद्धि का रूप

  • वृक्ष

वर्गीकरण

संघ
Tracheophyta
वर्ग
Magnoliopsida
गण
Rosales
कुल
Ulmaceae
वंश
Ulmus
प्रजाति
Ulmus minor

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Plants of the World Online Native range, life form and climate (WCVP)
  6. GloBI What it eats, what eats it, parasites and pollinators
  7. trophiCH
  8. DoPI