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हिमउल्लू

Bubo scandiacus

VUसुभेद्य
बर्फीले टुंड्रा में बैठा एक वयस्क हिमउल्लू, घने सफेद पंखों, पीली आँखों और छोटे सिर के साथफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

माप

वज़न
2.026–2.026 kg
जीवनकाल
≤ 28 वर्ष
वर्गीकरण
संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Strigiformes
कुल
Strigidae
वंश
Bubo
प्रजाति
Bubo scandiacus

Bubo scandiacus अपनी प्रजाति में एकमात्र ऐसा उल्लू है जिसका शरीर मुख्यतः सफेद रंग का होता है, और यह विश्व के सबसे बड़े उल्लुओं में गिना जाता है। नर सामान्यतः अधिक शुद्ध सफेद दिखते हैं जबकि मादाओं के पंखों पर गहरे भूरे धब्बे अधिक फैले होते हैं।

हिमउल्लू, जिसे कभी-कभी ध्रुवीय उल्लू भी कहा जाता है, स्ट्रिजिडे परिवार का सदस्य है और उत्तरी अमेरिका तथा पैलिआर्कटिक क्षेत्र के आर्कटिक भागों में मुख्यतः टुंड्रा पर प्रजनन करता है। IUCN ने इसे संकटग्रस्त (Vulnerable) श्रेणी में रखा है।

इसके शरीर की बनावट और आदतें अन्य Bubo उल्लुओं से काफी अलग हैं — यह जमीन पर शिकार करता है, दिन में भी सक्रिय रहता है, और उम्र व लिंग पहचानने के लिए पंखों पर बने अनोखे धब्बों के पैटर्न का उपयोग किया जा सकता है, जिससे प्रत्येक पक्षी को लगभग व्यक्तिगत रूप से पहचाना जा सकता है।

पहचान और रूप

सबसे उपयोगी पहचान चिह्न है इसका लगभग पूरी तरह सफेद शरीर, जो दूर से देखने पर बर्फ पर पड़े किसी पीले-सफेद पत्थर जैसा प्रतीत होता है। इसके सिर पर कान जैसे गुच्छे लगभग दिखाई नहीं देते, हालांकि लगभग 20 से 25 मिलीमीटर लंबे और लगभग 10 छोटे पंखों से बने अवशेषी गुच्छे कभी-कभी, विशेषकर घोंसले पर बैठी मादा द्वारा, उठाए जा सकते हैं। आँखें चमकीली पीली होती हैं, सिर तुलनात्मक रूप से छोटा और चेहरे की डिस्क सपाट होती है।

एक वयस्क का वजन लगभग 2.026 किलोग्राम दर्ज किया गया है।

नर और मादा में स्पष्ट अंतर होता है। परिपक्व नर के ऊपरी हिस्से मुख्यतः सादे सफेद होते हैं, जिनमें कान के गुच्छों, सिर और कुछ प्राथमिक-द्वितीयक पंखों की नोक पर हल्के गहरे धब्बे होते हैं, जबकि नीचे का हिस्सा अक्सर पूरी तरह सफेद रहता है। मादा सामान्यतः कहीं अधिक धब्बेदार होती है, सिर और शरीर के नीचे गहरे भूरे रंग की पट्टियाँ और धब्बे होते हैं, और उड़ान व पूँछ के पंखों पर भी हल्की भूरी पट्टियाँ दिखती हैं। पंखों पर बनी पट्टियों (मादा में अधिक) और धब्बों (नर में अधिक) के पैटर्न से लिंग पहचानने की सबसे भरोसेमंद तरकीब मिलती है, हालांकि सबसे गहरे नर और सबसे हल्की मादा को अलग करना कठिन हो सकता है।

बच्चे शुरू में धूसर-सफेद होते हैं, पर जल्दी ही गहरे धूसर-भूरे मीसोप्टाइल पंखों में बदल जाते हैं, जो टुंड्रा की लाइकेन जैसी सतह पर उन्हें छिपाने का काम करते हैं। इसके बाद सफेद पर गहरी पट्टियों वाला पंख आता है, और उड़ने योग्य होने तक शरीर अनियमित रूप से गहरे धब्बों से ढका दिखता है, जबकि भौंहें और चेहरे के कुछ हिस्से सफेद रहते हैं। किशोर पंख वयस्क मादा जैसे ही दिखते हैं पर औसतन थोड़े गहरे होते हैं, और चौथे या पाँचवें पूर्व-मूल रूपांतरण (मॉल्ट) तक ही ये वयस्क जैसे स्पष्ट हो पाते हैं।

वितरण और आवास

हिमउल्लू का प्रजनन क्षेत्र 60° उत्तर अक्षांश से ऊपर, और कभी-कभी 55° उत्तर तक फैला है, जिसमें उत्तरी अलास्का, उत्तरी कनाडा का आर्कटिक द्वीपसमूह, ग्रीनलैंड, स्वालबार्ड, उत्तरी स्कैंडिनेविया तथा उत्तरी रूस के साइबेरिया, तैमिर प्रायद्वीप और रैंगल द्वीप जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

ये पक्षी सूखी टुंड्रा भूमि को पसंद करते हैं जहाँ मॉस, लाइकेन और चट्टानें बिछी होती हैं, और अक्सर हम्मॉक, टीले, चट्टानी उभार जैसे ऊँचे स्थलों के पास घोंसला बनाते हैं। अधिकांश घोंसले समुद्र तल से 300 मीटर से कम ऊँचाई पर होते हैं, हालांकि नॉर्वे के अंतर्देशीय पहाड़ों में यह 1,000 मीटर तक भी पाए गए हैं। कभी-कभी ये तटीय क्षेत्रों और ज्वारीय मैदानों का भी उपयोग करते हैं।

सर्दियों में कई हिमउल्लू दक्षिण की ओर प्रवास करते हैं, कभी-कभी दक्षिणी कनाडा, उत्तरी अमेरिकी राज्यों और असामान्य वर्षों में जॉर्जिया, टेक्सस, कैलिफोर्निया और हवाई तक भी पहुँच जाते हैं — जैसे 2011-12 और उससे भी बड़े 2013-14 के प्रवाह में देखा गया। कुछ पक्षी आर्कटिक में ही समुद्री बर्फ के किनारों पर रुककर पक्षियों का शिकार करते रहते हैं।

GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, संख्या या पूर्ण वितरण नहीं। इसमें जनवरी (लगभग 83,671) और दिसंबर (लगभग 68,836) में सबसे अधिक अवलोकन दर्ज हुए हैं, जबकि अगस्त-सितंबर में यह घटकर लगभग 895 तक आ जाते हैं — यह संभवतः इसलिए है क्योंकि सर्दियों में पक्षी दक्षिण की ओर बसी हुई मानव आबादी के निकट आते हैं, जबकि गर्मियों में वे दूरस्थ आर्कटिक प्रजनन स्थलों में रहते हैं जहाँ देखे जाने की संभावना कम होती है।

Bubo scandiacus के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
83,671
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

हिमउल्लू की सक्रियता दिन और रात दोनों में पाई जाती है, और यह प्रायः अपने मुख्य शिकार लेमिंग की सक्रियता के अनुसार बदलती रहती है। नॉर्वे में गर्मियों में सक्रियता रात 9 बजे से सुबह 3 बजे के बीच सबसे अधिक रही, जबकि अलबर्टा में सर्दियों में यह सुबह 8-10 बजे और शाम 4-6 बजे के आसपास सर्वाधिक देखी गई, वहीं दिन का शेष भाग पक्षी आराम में बिताते हैं।

यह प्रजाति अत्यंत ठंड सहन करने में सक्षम है — इसे -62.5 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी बिना किसी परेशानी के देखा गया है, और यह 5 घंटे तक -93 डिग्री सेल्सियस तापमान भी झेल चुका है, यद्यपि इस अवधि के अंत तक ऑक्सीजन उपभोग में कठिनाई हो सकती थी। इसके पंखों की तापीय चालकता एडेली पेंगुइन के बाद सबसे कम मानी जाती है, जो इसे डॉल भेड़ और आर्कटिक फॉक्स जैसे सबसे बेहतर इंसुलेटेड ध्रुवीय प्राणियों के समकक्ष बनाती है। भीषण सर्दी में जीवित रहने के लिए इसे प्रतिदिन लगभग सात कृंतक खाने पड़ सकते हैं।

इसके छोटे और चौड़े पैरों की बनावट के कारण यह पेड़ों या ऊँचे स्थानों पर बैठने के लिए उतना उपयुक्त नहीं है, और यह समतल ज़मीन पर या हल्के उभार वाले स्थलों पर बैठना पसंद करता है। सर्दियों में शिकार के दौरान यह हम्मॉक, बाड़ के खंभे, टेलीफोन खंभे, बिजली के टॉवर और यहाँ तक कि घरों की छतों पर भी बैठता है।

यह पक्षी तेज़ी से चल और दौड़ सकता है, और संतुलन के लिए पंख फैला लेता है। यह तैर भी सकता है, हालांकि सामान्यतः ऐसा नहीं करता — घायल पक्षी या उड़ने में असमर्थ चूजे शिकारियों से बचने के लिए पानी में उतर जाते हैं। मादाएँ अपने बच्चों को साफ करती हुई देखी गई हैं, और बंदी जोड़ों में परस्पर पंख-सफाई भी देखी गई है।

संचार

हिमउल्लू की मुख्य ध्वनि एक भौंकने जैसी लय वाली पुकार है — krooh krooh krooh — जो सामान्यतः 2 से 6 खुरदुरे स्वरों में दोहराई जाती है और कभी-कभी एक जोरदार aaoow पर समाप्त होती है, जो एक बड़े काली-पीठ वाली गल की चेतावनी पुकार जैसी सुनाई देती है। नर की यह krooh पुकार अन्य नरों को दूर रखने और मादाओं को आकर्षित करने का काम करती है, और शांत आर्कटिक हवा में यह 3 से लेकर 10-11 किलोमीटर दूर तक भी सुनी जा सकती है।

मादा की पुकार नर से ऊँची या अधिक भारी हो सकती है, और वह अक्सर khuso जैसी दो-स्वरी ध्वनि भी निकालती है। दोनों लिंग उत्तेजना की स्थिति में चीं-चीं, चीखें, घुर्राहट, फुंकार और कर्राहट जैसी आवाज़ें निकाल सकते हैं, जबकि खतरे में चेतावनी पुकार एक कर्कश keeea होती है। एक अन्य खुरदुरी आवाज़ को "चौकीदार की खड़खड़ाहट" कहा गया है, और घोंसले की रक्षा करते समय पक्षी तेज़ ca-ca-oh जैसी पुकार भी निकालते हैं; चोंच से ताली बजाने जैसी आवाज़ भी दर्ज हुई है, जो संभवतः जीभ की क्लिक ध्वनि है।

चूजों की शुरुआती भीख माँगने वाली पुकार धीमी और तीखी होती है, जो लगभग दो सप्ताह की उम्र में तेज़, कर्कश चीख में बदल जाती है। लगभग तीन सप्ताह की उम्र में घोंसला छोड़ने पर वे तीखी चीखें निकालते हैं, जिससे माँ उन्हें दूर से भी ढूँढ पाती है। यह प्रजाति मुख्यतः प्रजनन काल में ही मुखर रहती है।

शिकार और आहार

हिमउल्लू मुख्यतः दृष्टि से शिकार खोजता है, क्योंकि इसकी श्रवण क्षमता अन्य उल्लुओं की तुलना में कम विकसित मानी जाती है; प्रयोगों में यह 1.6 किलोमीटर दूर से भी शिकार की गतिविधि पहचान सकता है। यह किसी ऊँचे स्थल या टीले से घात लगाकर बैठता है — उत्कियाग्विक में देखे गए 34 शिकारों में से 88 प्रतिशत ऊँचे निगरानी स्थलों से किए गए, जिनमें 56 प्रतिशत टीलों से और 37 प्रतिशत टेलीफोन खंभों से थे। यह एक बाज़ की तरह लंबे समय तक स्थिर बैठा रहता है, फिर अचानक तेज़ गति से झपट्टा मारता है।

इसकी शिकार तकनीकों में तेज़ गोता लगाकर "वालप" के साथ शिकार पर गिरना, उड़ते-उड़ते शिकार को पकड़ लेने वाला "स्वीप", मछली पकड़ने के लिए ऑस्प्रे जैसा मँझोला उड़ान में मंडराना या पेट के बल चट्टान पर लेटकर मछली पकड़ना, और बर्फ की परत के नीचे कम से कम 20 सेंटीमीटर गहराई में छिपे शिकार को "स्नो प्लंज" तकनीक से पकड़ना शामिल है। कभी-कभी यह उड़े बिना भी पैदल शिकार का पीछा करता है, और अन्य शिकारी पक्षियों से उनका पकड़ा शिकार छीनने (क्लेप्टोपैरासिटिज़्म) की घटनाएँ भी दर्ज हैं।

छोटे शिकार को यह पूरा निगल जाता है, और भोजन के 18 से 24 घंटे बाद हड्डी, दांत, बाल व पंखों से बनी पेलेट को उगल देता है, जिसे यह नियमित रूप से एक ही बैठने के स्थान पर करता है — इन्हीं पेलेटों से वैज्ञानिक इसके आहार का अध्ययन करते हैं। बड़े शिकार को यह टुकड़ों में फाड़कर खाता है, जिसमें बड़ी माँसपेशियाँ पहले खाई जाती हैं। यह रात में प्रवास करने वाले गीत पक्षियों, तटीय पक्षियों, और उड़ते हुए बड़े व खतरनाक पक्षियों के साथ-साथ मछलियों का भी शिकार करता है।

अलबर्टा के एक अध्ययन में अधिकांश शिकार "बैठकर प्रतीक्षा" वाली विधि से हुए, और वयस्क मादाओं की शिकार सफलता दर किशोर मादाओं की तुलना में अधिक पाई गई।

घोंसला और प्रजनन

हिमउल्लू का प्रजनन क्षेत्र मुख्यतः 60° उत्तर अक्षांश से ऊपर स्थित है, हालांकि यह घुमंतू पक्षी है और अपने मुख्य शिकार लेमिंग की आबादी में उतार-चढ़ाव के कारण कभी-कभी अधिक दक्षिणी अक्षांशों में भी घोंसला बना लेता है। इसका कुल प्रजनन क्षेत्र लगभग 1.2 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला है, लेकिन केवल लगभग 13 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही उच्च संभावना से नियमित प्रजनन (हर 3 से 9 वर्ष में) होता है।

यह उत्तरी अलास्का, उत्तरी कनाडा के आर्कटिक द्वीपसमूह, ग्रीनलैंड, स्वालबार्ड, नॉर्वे के फिनमार्क क्षेत्र और उत्तरी रूस के साइबेरिया व रैंगल द्वीप जैसे स्थानों पर घोंसला बनाता है। ऐतिहासिक रूप से यह 1967 से 1975 के बीच स्कॉटलैंड के शेटलैंड द्वीपसमूह के फेटलर द्वीप पर भी प्रजनन करता रहा।

यह प्रजाति मुख्यतः एकनिष्ठ (मोनोगैमस) होती है — उत्कियाग्विक में दर्ज 239 प्रजनन प्रयासों में से 232 एकनिष्ठ थे, जबकि 7 मामलों में सामाजिक बहुविवाह (एक नर, दो मादाएँ) देखा गया। बैफिन द्वीप पर एक ऐसे नर ने दो मादाओं के साथ मिलकर कुल 11 चूजे सफलतापूर्वक उड़ान भरने योग्य बनाए, और नॉर्वे में ऐसे ही एक मामले में दो मादाओं के घोंसले एक-दूसरे से 1.3 किलोमीटर दूर थे।

हिमउल्लू लंबी उम्र वाला पक्षी है, जो 28 वर्ष तक जीवित रह सकता है।

संरक्षण और खतरे

IUCN ने हिमउल्लू को 2017 में संकटग्रस्त (Vulnerable) श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया, क्योंकि इसकी आबादी छोटी है और तेज़ी से घट रही है।

2000 के दशक तक Partners in Flight और IUCN ने विश्व की आबादी लगभग 2,00,000 से 2,90,000 व्यक्तियों के बीच आँकी थी, लेकिन बेहतर सर्वेक्षण और फ़ाइलोजियोग्राफिक जानकारी से पता चला कि यह अनुमान बहुत अधिक था। वास्तविक संख्या केवल 14,000 से 28,000 परिपक्व प्रजनन जोड़ों के बराबर मानी जाती है, और लेमिंग आबादी घटने के वर्षों में घोंसला बनाने वाली मादाओं की संख्या विश्वभर में केवल लगभग 1,700 तक गिर सकती है — जो पहले के अनुमानों के 10 प्रतिशत से भी कम है।

बैंडिंग अभिलेखों के 438 मामलों में मृत्यु के अधिकांश कारण मानव-जनित पाए गए: 11.9 प्रतिशत को गोली मारी गई, 7.1 प्रतिशत वाहन दुर्घटना में मरे, 5.5 प्रतिशत सड़कों पर घायल या मृत मिले, 3.9 प्रतिशत टॉवर या तारों से टकराए, 2.7 प्रतिशत जानवरों के जाल में फँसे और 2.1 प्रतिशत विमान से टकराने के कारण मरे। हवाई अड्डों पर पक्षी-टकराव विशेषकर कनाडा में एक गंभीर खतरा है, और संभवतः साइबेरिया व मंगोलिया में भी। स्वीडन में 2015 से किसी घोंसले की पुष्टि न होने के कारण 2025 की प्रारंभिक रेड लिस्ट में इसे स्वीडन से "विलुप्त" घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

उत्तरी अमेरिकी आबादी में 1960 के दशक से 52 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है, जबकि एक अन्य आकलन 1970 से 2014 के बीच 64 प्रतिशत गिरावट बताता है। हिमउल्लू CITES परिशिष्ट II में सूचीबद्ध है, जिसके अंतर्गत इसके अंगों और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित किया जाता है।

संरक्षण स्थिति

  1. LC
  2. NT
  3. VU
  4. EN
  5. CR

सुभेद्य

सांस्कृतिक महत्व

हिमउल्लू को व्यापक पहचान जे. के. रोलिंग की हैरी पॉटर पुस्तकों और फिल्मों में हेडविग नामक पालतू मादा उल्लू के माध्यम से मिली। इस लोकप्रियता से अवैध उल्लू व्यापार बढ़ने की चिंता जताई गई थी, लेकिन काला बाज़ार से पकड़े गए हिमउल्लुओं की संख्या में स्पष्ट वृद्धि के प्रमाण नहीं मिले, हालांकि वन्यजीव केंद्रों में सामान्य से अधिक उल्लू लाए जाने की सूचना मिली थी।

"harfang des neiges" नाम से जाना जाने वाला यह उल्लू क्यूबेक प्रांत का आधिकारिक पक्षी प्रतीक है।

रोचक तथ्य

  1. एक वयस्क हिमउल्लू का वज़न लगभग 2.026 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जो इसे विश्व के सबसे बड़े उल्लुओं में शामिल करता है।
  2. यह -62.5 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी बिना किसी परेशानी के देखा गया है, और एक बार 5 घंटे तक -93 डिग्री सेल्सियस तापमान भी सहन कर चुका है।
  3. फरवरी 1886 में एक हिमउल्लू न्यूफ़ाउंडलैंड के ग्रैंड बैंक्स से लगभग 800 किलोमीटर दूर समुद्र में एक जहाज़ की रिगिंग पर उतर आया था।
  4. शांत आर्कटिक हवा में इसकी पुकार 10 से 11 किलोमीटर दूर तक सुनी जा सकती है।
  5. बैफिन द्वीप पर एक नर ने दो मादाओं के साथ मिलकर 11 चूजों को सफलतापूर्वक उड़ान भरने योग्य बनाया।
  6. यह उल्लू 28 वर्ष तक जीवित रह सकता है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • समुद्री
  • तटीय
  • पर्वत
  • टुंड्रा

आहार

  • मांसाहारी

व्यवहार

  • परभक्षी
  • एकांतप्रिय
  • प्रवासी
  • गोधूलि-सक्रिय

फ़ोटो

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बर्फीले टुंड्रा में बैठा एक वयस्क हिमउल्लू, घने सफेद पंखों, पीली आँखों और छोटे सिर के साथफ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaAnAge