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Strix aluco

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

संकटमुक्त

यह उल्लू यूरोप के अधिकतर जंगलों में मिलता है और इसका विस्तार पश्चिमी साइबेरिया तक है। इसे भूरा उल्लू भी कहा जाता है और यह Strigidae परिवार का मध्यम आकार का, भारी शरीर वाला पक्षी है। यह प्रवास नहीं करता और अपने क्षेत्र पर पूरे साल अधिकार रखता है।

इसका अधिकतम ज्ञात जीवनकाल है। IUCN की सूची में इसे कम चिंता श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसकी आबादी स्थिर मानी जाती है और यह अनुकूलन में माहिर है।

यह उल्लू रात में सक्रिय रहता है और आवाज़ों के सहारे अपना क्षेत्र घोषित करता है। इसी कारण इसका व्यवहार और संचार पढ़ने योग्य है।

पहचान और रूप

इसकी सबसे उपयोगी पहचान इसका बड़ा, गोल सिर है, जिस पर कानों जैसे पंख नहीं होते। चेहरे की गोल डिस्क आमतौर पर सादी होती है और आँखें गहरी भूरी होती हैं।

यह 37 से 46 सेंटीमीटर लंबा होता है और इसके पंखों का फैलाव 81 से 105 सेंटीमीटर तक होता है। वज़न लगभग होता है, जो 385 से 800 ग्राम के बीच बदलता है। इसका शरीर गठीला और चौड़े पंखों वाला होता है, इसलिए यह अपने क्षेत्र के अन्य उल्लुओं से आकार और बनावट में अलग लगता है।

रंग दो रूपों में मिलता है। एक रूप के ऊपरी भाग लाल-भूरे होते हैं और दूसरे के धूसर-भूरे, हालाँकि बीच के रंग वाले पक्षी भी मिलते हैं। दोनों रूपों के नीचे का हिस्सा सफ़ेद-सा होता है जिस पर भूरी धारियाँ होती हैं।

मादा नर से काफ़ी बड़ी होती है। वह लगभग 5 प्रतिशत लंबी और 25 प्रतिशत से अधिक भारी होती है। पंख साल में जून से दिसंबर के बीच धीरे-धीरे बदलते हैं।

वितरण और आवास

यह उल्लू मुख्य रूप से चौड़ी पत्ती या मिश्रित जंगलों में रहता है। फिर भी यह खेतों की बाड़, पार्कों, कब्रिस्तानों और देवदार जैसे शंकुधारी जंगलों में भी मिलता है।

यूरोप में यह ब्रिटेन और इबेरियन प्रायद्वीप से पूर्व में पश्चिमी साइबेरिया तक फैला है। आयरलैंड में यह नहीं मिलता, और बेलिएरिक तथा कैनरी द्वीपों में यह दुर्लभ भटका हुआ पक्षी है। हिमालय और पूर्वी एशिया में इसकी जगह Strix nivicolum लेता है।

यह मुख्य रूप से निचले इलाकों का पक्षी है, पर इसकी प्रजनन ऊँचाई अलग-अलग इलाकों में अलग है। स्कॉटलैंड में यह लगभग 550 मीटर तक, आल्प्स में 1,600 मीटर तक और म्यांमार में 2,800 मीटर तक प्रजनन करता है।

यह शहरों के आसपास भी रहता है, खासकर जहाँ जंगल के टुकड़े हों और रात का शोर कम हो। लंदन के केंद्र तक में इसकी उपस्थिति दर्ज की गई है, पर शोर वाले स्थानों पर यह कम पाया जाता है। सर्दियों में यह अक्सर छोड़ी गई इमारतों और चट्टानों की दरारों में आश्रय लेता है।

Strix aluco के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
1,29,070
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

यह उल्लू मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहता है, हालाँकि दिन में भी कभी-कभी दिखाई दे सकता है। दिन में यह पेड़ की शाखा पर तने के पास बैठकर आराम करता है, और छोटे पक्षी इसे घेरकर चिढ़ाते हैं, पर यह आम तौर पर उन्हें नज़रअंदाज़ करता है।

यह बहुत क्षेत्रीय होता है। क्षेत्र का आकार 0.12 से 1 वर्ग किलोमीटर तक होता है, और औसत आकार लगभग 0.7 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्र का आकार भोजन की उपलब्धता पर निर्भर करता है, इसलिए नॉर्वे में, जहाँ शिकार कम है, क्षेत्र काफ़ी बड़े होते हैं।

जोड़ी हर साल अपने क्षेत्र की रक्षा पूरे वर्ष करती है। सीमाएँ हर साल थोड़ी ही बदलती हैं। अपने क्षेत्र की घोषणा यह आवाज़ों, धमकी भरे व्यवहार और उड़ते हुए झगड़ों से करता है।

घोंसले और बच्चों की रक्षा में यह बहुत आक्रामक होता है। यह बिल्लियों, कुत्तों और मनुष्यों पर भी हमला कर सकता है। यह अपने सख्त पंजों से सिर और आँखों पर वार करता है।

संचार

यह उल्लू अपनी आवाज़ों के लिए जाना जाता है। सबसे आम पुकार एक तेज़, दोहराई जाने वाली "केक-विक" जैसी ध्वनि है, जिसका उपयोग चेतावनी और आक्रामकता में होता है। यह मादा की प्राथमिक पुकार भी है।

नर का गाना लंबा, उदास और बाँसुरी जैसा होता है। यह लंबे नीचे उतरते स्वर से शुरू होता है, फिर थोड़ा रुककर तेज़ काँपती ध्वनियों की श्रृंखला आती है और अंत में एक और नीचे गिरता स्वर होता है। मादा इसी गाने का भारी और रोने जैसा रूप गाती है।

संभोग के समय एक खास "ज़ाइलोफ़ोन" ट्रिल सुनाई देती है, जिसे दोनों लिंग निकालते हैं। जवान उल्लू भीख माँगते समय "प्सी-ईप" जैसी तीखी आवाज़ करते हैं।

शिकार और आहार

यह उल्लू एक घात लगाकर शिकार करने वाला शिकारी है। यह किसी पेड़ की शाखा पर बैठकर शिकार पर नज़र रखता है। फिर बिना आवाज़ के उड़कर ज़मीन पर शिकार को पंखों से ढक लेता है और पंजों से मार देता है।

कभी-कभी यह चोंच से शिकार की गर्दन के निचले हिस्से पर वार करता है। यह झाड़ियों में छिपे छोटे पक्षियों को पंख फड़फड़ाकर बाहर निकालता है और फिर हवा में पीछा करता है। घास के मैदानों, दलदलों और झाड़ियों के ऊपर उड़कर यह चमगादड़ों और बैठे हुए पक्षियों को भी पकड़ता है।

मुख्य शिकार छोटे जंगली कृंतक हैं। इसके अलावा छोटे स्तनधारी, उभयचर, कीड़े और केंचुए भी खाए जाते हैं। शहरों में पक्षी आहार का बड़ा हिस्सा बन जाते हैं।

यह शिकार को पूरा निगल लेता है और पचे न हुए हिस्से गोलियों के रूप में उगल देता है। इन गोलियों में अधिकतर कृंतकों के बाल और हड्डियाँ होती हैं, और इनसे उसके आहार का पता चलता है।

घोंसला और प्रजनन

प्रजनन का मौसम जनवरी से जुलाई तक रहता है। जोड़ी आम तौर पर जीवन भर साथ रहती है, हालाँकि कुछ नर एक से अधिक मादाओं के साथ संभोग कर सकते हैं। अक्टूबर-नवंबर में नर क्षेत्र तय करते हैं और मादाएँ घोंसले के लिए गड्ढे खोजती हैं।

सर्दियों के आते ही जोड़ी फिर साथ रहने लगती है और प्रजनन से पहले का व्यवहार शुरू होता है। नर मादा के पास बैठकर एक ओर से दूसरी ओर झूलता है, पंख फैलाता है और पंख फड़फड़ाकर भारी दिखने के लिए पंख फुलाता है। मादा भी पंख फुलाकर काँपती है और चीखती है।

घोंसला आम तौर पर पेड़ के खोखले में होता है, पर पुराने पक्षियों के घोंसले, गिलहरी के घोंसले, पुरानी इमारतों की दरारों और लगाए गए घोंसला-बक्सों में भी बनता है। दक्षिणी इलाकों में यह फ़रवरी से शुरू होता है और उत्तरी इलाकों में मध्य मार्च के आसपास।

मादा आम तौर पर 2 से 3 सफ़ेद चमकीले अंडे देती है, पर संख्या 1 से 9 तक हो सकती है। मादा लगभग 30 दिन तक अंडों को सेती है। अंडों से निकले चूज़े पहले नंगे और असहाय होते हैं, और लगभग 35 से 39 दिन में उड़ने लायक हो जाते हैं।

नर शुरुआत में भोजन लाता है और मादा अधिकतर समय चूज़ों के पास रहती है। उड़ान भरने के बाद भी जवान 2 से 3 महीने तक माता-पिता पर निर्भर रहते हैं। अगस्त से नवंबर के बीच उन्हें अपना क्षेत्र खोजना होता है, नहीं तो वे भूखे रह जाते हैं।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

यह उल्लू अपने इलाके के खाद्य जाल में शीर्ष शिकारी है। यह अपने क्षेत्र में कृंतकों और छोटे जीवों की आबादी को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

छोटे उल्लू इसके साथ नहीं रह पाते, क्योंकि यह उन्हें शिकार बनाता है और शिकार के लिए उनसे प्रतिस्पर्धा भी करता है। शहरी इलाकों में यह इमारतों के घोंसलों पर कब्ज़ा करके बार्न उल्लू को भी विस्थापित कर देता है।

यह कई रक्त परजीवियों का वाहक है, जिनमें Leucocytozoon, Haemoproteus और Trypanosoma शामिल हैं। ये परजीवी पक्षी की सेहत और प्रजनन व्यवहार पर असर डालते हैं, और भूरा रूप खुले आवासों के कारण इनके प्रति अधिक संवेदनशील होता है।

संरक्षण और खतरे

IUCN की सूची में इस प्रजाति को कम चिंता श्रेणी में रखा गया है और इसकी आबादी स्थिर मानी जाती है। यह अनुकूलनशील है और कई इलाकों में आम है। इसका कुल विस्तार 10 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक है, और यूरोप में अनुमानित 9,70,000 से 20,00,000 व्यक्ति रहते हैं।

सबसे गंभीर खतरों में से एक एवियन मलेरिया है। इसकी घटनाएँ पिछले 70 वर्षों में तीन गुना हो गई हैं, और इसका संबंध बढ़ते वैश्विक तापमान से जोड़ा जाता है। 2010 में ब्रिटेन के उल्लुओं में इसकी दर 60 प्रतिशत थी, जबकि 1996 में यह 2 से 3 प्रतिशत थी।

घोंसला खोने, सीमित क्षेत्र और जवान पक्षियों की मौत भी आबादी पर असर डालते हैं। डेनमार्क के एक अध्ययन में नए उड़ान भरे जवानों में से 36 प्रतिशत स्वतंत्र होने से पहले मारे गए, जिनमें मुख्य कारण स्तनधारी शिकारी थे।

संकटमुक्त

सांस्कृतिक महत्व

प्राचीन यूनानी और रोमन कथाओं में strix नाम का एक भयावह पक्षी माना जाता था, जो चीखने और बुरे शगुन से जुड़ा था। रोमन इसे मृत्यु और विनाश से जोड़ते थे, और यह भी माना जाता था कि यह जादू-टोने में इस्तेमाल होता है।

अंग्रेज़ी साहित्य में भी इसे अपशकुन का प्रतीक माना गया। विलियम शेक्सपियर ने जूलियस सीज़र में रात के पक्षी को बुरे संकेत के रूप में प्रस्तुत किया। विलियम वर्ड्सवर्थ ने अपनी कविता में उल्लू को बुलाने की तकनीक का वर्णन किया।

आधुनिक समय में इसे कभी-कभी बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक भी माना गया है। मनुष्यों के लिए इसका सीधा लाभ मुख्य रूप से यह है कि यह कृषि कीटों के रूप में माने जाने वाले छोटे जीवों की आबादी नियंत्रित करता है।

रोचक तथ्य

इसके सिर पर कान जैसे पंख नहीं होते, इसलिए यह अधिकतर उल्लुओं से सिर की रूपरेखा से अलग पहचाना जा सकता है।

फ़ोटो

तस्वीरें by luluchouette via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., by ciaranrowett via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Eddie via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Hayley Fulker via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Chris Taklis via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by bradwilliamswp via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Felix Früchtl via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., by Holly Hodges via iNaturalist, licensed under CC BY 4.0., और by Stephen M. via iNaturalist, licensed under CC BY-SA 4.0. से हैं; हर तस्वीर पर श्रेय दिया गया है।

पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

आहार

  • मांसाहारी

व्यवहार

  • निशाचर
  • परभक्षी
  • एकांतप्रिय
  • क्षेत्रीय

वर्गीकरण

संघ
Chordata
वर्ग
Aves
गण
Strigiformes
कुल
Strigidae
वंश
Strix
प्रजाति
Strix aluco

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
  6. Animal Diversity Web Animal habitat, behavior and diet
  7. AnAge Longevity