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Chelonia mydas

Chelonia mydas

कोई दर्ज सामान्य नाम नहीं

समुद्र में तैरता एक वयस्क हरा समुद्री कछुआ, जिसका कवच जैतूनी-भूरे रंग का चौड़ा और चपटा है, पीला प्लास्ट्रॉन और पैडल जैसे अगले फ्लिपर स्पष्ट दिखाई देते हैं।फ़ोटो: Ella McCausland, CC BY

माप

वज़न
160–160 kg
जीवनकाल
≤ 75 वर्ष
वर्गीकरण
संघ
Chordata
वर्ग
Testudines
कुल
Cheloniidae
वंश
Chelonia
प्रजाति
Chelonia mydas

हरे समुद्री कछुए का नाम इसके कवच (कैरापेस) के रंग से नहीं, बल्कि कवच के नीचे पाई जाने वाली हरी चर्बी से पड़ा है, जो इसके पूरी तरह समुद्री घास पर आधारित आहार का परिणाम है। असल में इसका कवच जैतूनी से लेकर काले रंग तक होता है।

यह Cheloniidae परिवार का एक विशाल समुद्री कछुआ है और Chelonia वंश की एकमात्र जीवित प्रजाति है। इसका वितरण दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय समुद्रों में फैला है, जिसमें अटलांटिक और प्रशांत महासागर की दो आनुवंशिक रूप से भिन्न उप-आबादियाँ शामिल हैं; यह हिंद महासागर में भी पाया जाता है। IUCN रेड लिस्ट इसे लुप्तप्राय (Endangered) श्रेणी में रखता है।

इस प्रजाति की पारिस्थितिकी जीवन के हर चरण के साथ बदल जाती है - नवजात बच्चे खुले समुद्र में मांसाहारी जीवन जीते हैं, जबकि वयस्क तटीय समुद्री घास के मैदानों में शाकाहारी चरवाहों की तरह व्यवहार करते हैं, जिससे यह अध्ययन के लिए एक दिलचस्प विषय बन जाता है।

पहचान और रूप

इसे पहचानने का सबसे उपयोगी तरीका इसका छोटा मुँह और बिना अंकुश वाली चोंच है; करीबी संबंधी हॉक्सबिल कछुए के विपरीत, इसके अगले फ्लिपर पर केवल एक ही नाखून होता है (हॉक्सबिल में दो होते हैं), और सिर के ऊपर प्रीफ्रंटल शल्कों की केवल एक जोड़ी पाई जाती है।

वयस्क हरे समुद्री कछुए की कवच-लंबाई सामान्यतः 78 से 112 सेंटीमीटर होती है और वजन औसतन 68 से 190 किलोग्राम के बीच रहता है, हालांकि कुछ असाधारण नमूने 315 किलोग्राम से भी अधिक और सबसे बड़ा दर्ज नमूना लगभग 395 किलोग्राम व 153 सेंटीमीटर कवच-लंबाई का पाया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में यह लेदरबैक कछुए के बाद दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कछुआ माना जाता है।

रंग-रूप उम्र के साथ बदलता है: नवजात बच्चों का कवच लगभग काला और प्लास्ट्रॉन हल्के रंग का होता है, किशोर अवस्था में कवच गहरे भूरे से जैतूनी रंग का हो जाता है, और वयस्कों में यह पूरी तरह भूरा, धब्बेदार या संगमरमरी रेखाओं वाला दिखता है। नीचे का प्लास्ट्रॉन पीला होता है, जबकि अंग गहरे रंग के होते हैं जिन पर पीली रेखाएँ और बीच में एक गहरे भूरे धब्बे की पहचान मिलती है।

नर और मादा में अंतर वयस्क होने पर स्पष्ट हो जाता है - नर की पूँछ कवच से आगे तक फैली दिखती है और अगले फ्लिपर के नाखून लंबे होते हैं। तैरते समय यह प्रजाति 64 किलोमीटर प्रति घंटे (40 मील प्रति घंटे) तक की गति पकड़ सकती है, जिससे यह सबसे तेज़ समुद्री कछुआ बन जाती है।

वितरण और आवास

हरे समुद्री कछुए का वितरण दुनिया के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय समुद्रों में फैला है, जिसमें दो आनुवंशिक रूप से भिन्न उप-आबादियाँ - अटलांटिक और पूर्वी प्रशांत - शामिल हैं, जो माइटोकॉन्ड्रियल DNA में अंतर दिखाती हैं। इसका मूल वितरण क्षेत्र 30° उत्तर से 30° दक्षिण अक्षांश के बीच महाद्वीपीय तटों और द्वीपों तक सीमित है, और यह 140 से अधिक देशों के तटीय जल में तथा 80 से अधिक देशों में घोंसला बनाते हुए पाया जाता है।

अमेरिका के अटलांटिक तट पर यह टेक्सास से मैसाचुसेट्स तक और प्रशांत तट पर दक्षिणी कैलिफोर्निया से अलास्का के दक्षिणी सिरे तक देखा गया है। अमेरिका के भीतर सबसे बड़ी आबादी हवाई द्वीप और फ्लोरिडा में है, जबकि दुनिया की सबसे बड़ी आबादियाँ ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ और कैरिबियन सागर में मिलती हैं। हाल के वर्षों में न्यूज़ीलैंड के रंगौनू बंदरगाह में भी इसकी उपस्थिति दर्ज की गई है।

जीवन के चरण के अनुसार यह तीन प्रकार के आवासों का उपयोग करता है - अंडे देने के लिए रेतीले समुद्र तट, और वयस्क अवस्था में उथले तटीय खाड़ियाँ, लैगून और घनी समुद्री घास के मैदान। लाल सागर में यह अक्सर वादी डेल्टा के पास टूटी हुई चट्टानों और उपयुक्त रेतीले तल वाले क्षेत्रों में मिलता है, जहाँ जून-जुलाई में घोंसला बनाना दर्ज किया गया है; यौन परिपक्वता स्थान और पोषण के आधार पर 12 से 50 वर्ष के बीच पहुँचती है। जीवन के पहले पाँच वर्षों में किशोर कछुए खुले समुद्र के अभिसरण क्षेत्रों में पेलाजिक जीवन बिताते हैं, जहाँ इनकी सामान्य तैराकी गति लगभग 2.5 से 3 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है।

GBIF के मासिक अवलोकन आँकड़े मई महीने में सबसे अधिक (लगभग 33,320 दर्ज उपस्थितियाँ) और सर्दियों के महीनों में तुलनात्मक रूप से कम दिखाते हैं। ये आँकड़े केवल उपस्थिति के रिकॉर्ड हैं, आबादी या पूर्ण वितरण के प्रमाण नहीं, फिर भी ये मौसमी सक्रियता के एक संभावित संकेत की ओर इशारा करते हैं।

Chelonia mydas के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
33,320
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

हरा समुद्री कछुआ प्रतिदिन 20 से 90 किलोमीटर तक तैर सकता है और सामान्य गतिविधि के दौरान चार से पाँच मिनट तक डूबकर एक से तीन सेकंड के लिए सतह पर साँस लेता है। रात में यह चट्टानों के नीचे या रीफ की दरारों में खुद को फँसा लेता है और अक्सर रातों-रात एक ही सोने की जगह पर बार-बार लौटता है।

इसका व्यवहार जीवन के चरण के साथ बदलता है - नवजात बच्चे मांसाहारी होते हैं और खुले समुद्र में पेलाजिक जीवन बिताते हैं, जबकि किशोर और वयस्क तटीय समुद्री घास के मैदानों में शाकाहारी चरवाहों की तरह व्यवहार करते हैं।

एक ही जन्म-स्थल से आए कछुए अक्सर समूहों में यात्रा करते हैं। वयस्कों की गृह-सीमा 3.8 से 642.2 हेक्टेयर तक फैली हो सकती है, लेकिन ये किसी क्षेत्र की सक्रिय रूप से रक्षा नहीं करते।

प्रजनन काल में सक्रिय संभोग करने वाले जोड़ों के पास अक्सर अतिरिक्त 'एस्कॉर्ट' नर पहुँच जाते हैं, जो जोड़े से चिपककर मादा से जुड़े नर को हटाने की कोशिश करते हैं। यदि जुड़ा हुआ नर खतरा महसूस करता है, तो वह खुद को अलग कर बाकी एस्कॉर्ट नरों को भगाने का प्रयास भी करता है।

संचार

हरा समुद्री कछुआ मुख्य रूप से दृष्टि पर निर्भर करता है - यह पौधों और शिकार को पहचानने के लिए आँखों का उपयोग करता है और साथी के साथ संवाद के लिए दृश्य संकेतों का सहारा लेता है।

दिशा-ज्ञान के लिए यह लहरों की गति की दिशा को महसूस करने की क्षमता रखता है - इसके भीतरी कान लहरों के त्वरण और दिशा दोनों को पकड़ सकते हैं - और गहरे पानी में भटकाव से बचने के लिए चुंबकीय संकेतों का भी उपयोग करता है।

संभोग के दौरान मादा अपनी सहमति या असहमति स्पष्ट संकेतों से दिखाती है। सहमति में वह नर के ऊपर चढ़ने पर पूरी तरह निष्क्रिय बनी रहती है; असहमति में वह पिछले पैर बंद करके तैर जाती है या पास आने पर नर को काट लेती है। मादा का एक विशेष 'इनकार मुद्रा' भी होती है, जिसमें वह अपना प्लास्ट्रॉन नर की ओर करके सभी अंग फैलाकर पानी में ऊपर की ओर तैरती है।

शिकार और आहार

हरा समुद्री कछुआ जीवनभर अत्यधिक गतिशील रहता है, इसलिए इसका आहार चुनाव अधिकतर मौके पर उपलब्ध भोजन पर निर्भर करता है। नवजात और नए किशोर कछुए खुले समुद्र की सतह परत में तैरते हुए छोटे जीवों का शिकार करते हैं - जिनमें हाइड्रोज़ोआ (समुद्री सर्प जैसे जीव), ब्रायोज़ोआ (मॉस एनिमल) और Aplysia (समुद्री खरगोश) के अंडे शामिल हैं।

इस अवस्था में यह सर्वाहारी होता है और खारे दलदलों में पाए जाने वाले पौधे भी खाता है, जैसे Avicennia schaueriana और नमक-जल की घास Spartina alterniflora।

जैसे-जैसे यह परिपक्व होता है, इसका आहार मुख्यतः शाकाहारी हो जाता है। वयस्क कछुए लाल और हरी शैवाल की कई प्रजातियाँ खाते हैं - जैसे Bostrychia, Caloglossa, Compsopogon, Polysiphonia, Ulva lactuca, Gayralia और Rhizoclonium - और समुद्री घास के मैदानों में चरते हुए पौधे के केवल ऊपरी हिस्से को काटते हैं, जड़ों को बचा लेते हैं, जिससे घास फिर से बढ़ सके।

घोंसला और प्रजनन

हरे समुद्री कछुए बहुसाथी (polygynandrous) प्रणाली अपनाते हैं, जिसमें नर और मादा दोनों के कई साथी हो सकते हैं। संभोग नेस्टिंग तट के पास उथले पानी में होता है, जहाँ नर मादा के 'मेटिंग नॉच' को पकड़कर उसके ऊपर चढ़ता है। यह प्रक्रिया कई घंटों तक चल सकती है - दर्ज सबसे लंबा मामला 119 घंटे तक चला - और मादा को पहली बार माउंट होने से लेकर घोंसला बनाने के प्रयास तक औसतन 15 दिन लगते हैं।

मादाएँ अपने जन्म-स्थल पर हर 2 से 4 वर्ष के अंतराल पर जून से सितंबर के बीच घोंसला बनाने लौटती हैं; यदि अपना मूल तट न मिले, तो समान रेत बनावट और रंग वाला दूसरा तट चुन लेती हैं। वहाँ पहुँचकर वे मलबा साफ करती हैं और अगले पैरों से गड्ढा खोदती हैं।

एक ही प्रजनन मौसम में मादा 1 से 9 बार अंडे दे सकती है, हालांकि औसतन यह संख्या लगभग 3 रहती है; हर बार में 75 से 200 अंडे (औसतन लगभग 136-150) दिए जाते हैं। अंडे देने के बाद मादा गड्ढे को रेत से ढक कर छिपा देती है और समुद्र में लौट जाती है।

अंडे फूटने में सामान्यतः 45 से 75 दिन लगते हैं, और नवजात बच्चों का औसत वजन लगभग 26 ग्राम होता है। बच्चों का लिंग घोंसले के तापमान पर निर्भर करता है - 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर मुख्यतः मादा बच्चे निकलते हैं, जबकि इससे कम तापमान पर नर; घोंसले के बीचोंबीच रखे अंडे, जो अधिक गर्म रहते हैं, अक्सर मादा के रूप में फूटते हैं। अंडे देने और छिपाने के बाद माता की ओर से कोई और देखभाल नहीं होती, और बच्चे सीधे समुद्र की ओर बढ़ जाते हैं; पूर्ण यौन परिपक्वता तक पहुँचने में इन्हें 27 से 50 वर्ष तक का समय लग सकता है।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

वयस्क हरे समुद्री कछुए समुद्री घास चरकर पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक तत्वों के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करते हैं - उनका मल नाइट्रोजन-युक्त प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे घास की पुनर्वृद्धि होती है और यही स्वस्थ समुद्री घास के मैदान अनेक मछलियों और क्रस्टेशियन प्रजातियों के लिए आवास व चारागाह बनते हैं।

कोरल रीफ में इनका एक सहजीवी संबंध येलो टैंग मछली से भी होता है, जो कछुए के कवच और फ्लिपर पर जमी शैवाल, बार्नेकल और परजीवियों को खाकर उसे साफ रखती है - इससे कछुए के तैरने में घर्षण कम होता है और उसका स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

बाघ शार्क (Galeocerdo cuvier) वयस्क कछुओं का मुख्य शिकारी है, खासकर हवाई के जल में जहाँ यह घोंसला बनाने वाले तटों के पास सीमित और असुरक्षित कछुओं का शिकार करती है; किशोर और नवजात बच्चों को केकड़े, छोटे समुद्री स्तनधारी और समुद्री पक्षी निशाना बनाते हैं, जबकि अंडों को लाल फॉक्स और गोल्डन जैकल जैसे मैला-भक्षी शिकार बनाते हैं। सबसे बड़ा रोग-खतरा फाइब्रोपैपिलोमा है - एक हर्पीज़वायरस जो Ozobranchus branchiatus नामक जूँ द्वारा फैलता है और घातक ट्यूमर पैदा करता है।

संरक्षण और खतरे

IUCN रेड लिस्ट हरे समुद्री कछुए को लुप्तप्राय (Endangered) श्रेणी में रखता है, और CITES इसे परिशिष्ट I में शामिल करता है, जिसका मतलब है कि शोध के अलावा इसके व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है, सिवाय विशेष आयात-निर्यात अनुमति के मामलों में। संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सूची में भूमध्यसागरीय, मध्य-पश्चिमी प्रशांत और मध्य-दक्षिणी प्रशांत की आबादियों को लुप्तप्राय माना गया है, जबकि बाकी अधिकांश आबादियाँ संकटग्रस्त श्रेणी में हैं।

सबसे बड़ा खतरा समुद्री मछली पकड़ने के उद्योग से है, जो चारागाह क्षेत्रों और घोंसला-तटों दोनों जगह वयस्क व किशोर कछुओं को हार्पून, हाथ से पकड़ना, जाल, फंदा और पलटने जैसी तकनीकों से फँसा लेता है। इसके बाद कृत्रिम रोशनी एक गंभीर खतरा है - कछुए अक्सर इसे सूर्य के प्रकाश समझकर भ्रमित हो जाते हैं, जिससे वयस्कों के तट पर लौटने के मार्ग और घोंसला बनाने की प्रक्रिया दोनों प्रभावित होती हैं।

अमेरिका में यू.एस. फिश एंड वाइल्डलाइफ सर्विस और नेशनल मरीन फिशरीज सर्विस भूमि और जल दोनों में कछुओं को पकड़ने पर प्रतिबंध लागू करते हैं। ASEAN समुद्री कछुआ संरक्षण समझौता, अफ्रीका के अटलांटिक तट के समुद्री कछुओं के लिए संरक्षण समझौता, और अमेरिकी अंतर-देशीय समुद्री कछुआ संरक्षण संधि जैसे बहुपक्षीय समझौतों ने भी सकारात्मक प्रभाव डाला है, फिर भी नज़दीकी-तट मछली पकड़ने से यह प्रजाति अब भी खतरे में है।

सांस्कृतिक महत्व

Chelonia वंश का नाम प्राचीन यूनानी शब्द Khelônê से आया है, जिससे यूनानी लोग कछुओं को पहचानते थे। एक प्रचलित कथा के अनुसार Khelônê नाम की एक अप्सरा को ज़ीयस ने कछुए में बदल दिया था, क्योंकि उसने एक विवाह समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया था या वहाँ अभद्रता की थी; सज़ा के रूप में उसे हमेशा अपना घर पीठ पर लेकर चलना पड़ा। प्रजाति-नाम mydas भी यूनानी मूल का है, जिसका अर्थ 'नम' या 'आर्द्र' होता है, जो इसके जलीय निवास की ओर संकेत करता है।

ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी समुदायों के लिए समुद्री कछुए, जिनमें हरा समुद्री कछुआ भी शामिल है, गहरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं और पारंपरिक रूप से भोजन के स्रोत के रूप में भी उपयोग किए जाते रहे हैं।

कानूनी संरक्षण के बावजूद, दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ क्षेत्रों में इसके अंडों और मांस के लिए अवैध शिकार जारी है, और इसके कवच को सजावटी वस्तुओं व आभूषण बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

रोचक तथ्य

  1. AnAge के अनुमान के अनुसार हरा समुद्री कछुआ लगभग 75 वर्ष तक जीवित रह सकता है।
  2. घोंसले के बीचोंबीच रखे अंडे आमतौर पर अधिक गर्मी पाते हैं, इसलिए इनसे निकलने वाले बच्चे अक्सर मादा होते हैं।
  3. दक्षिण अटलांटिक के एसेंशन द्वीप पर एक मौसम में 6,000 से 13,000 तक घोंसले दर्ज किए गए हैं, जो इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण घोंसला-स्थलों में शामिल करता है।
  4. फिलीपींस के टर्टल आइलैंड्स में यह हॉक्सबिल कछुओं के साथ मिलकर घोंसला बनाता है।
  5. दिसंबर 2007 में फिलीपींस के ज़ाम्बोआंगा शहर के पास मछुआरों ने गलती से 80 किलोग्राम वजन और 93 सेंटीमीटर लंबाई वाला एक हरा समुद्री कछुआ जाल में पकड़ लिया था - ठीक उस मौसम में जब स्थानीय समुद्र तट पर इनका प्रजनन काल चलता है।

पारिस्थितिकी

आवास

  • आर्द्रभूमि
  • समुद्री
  • तटीय

व्यवहार

  • परभक्षी
  • जलीय
  • सामाजिक
  • प्रवासी

आहार

  • सर्वाहारी

फ़ोटो

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समुद्र में तैरता एक वयस्क हरा समुद्री कछुआ, जिसका कवच जैतूनी-भूरे रंग का चौड़ा और चपटा है, पीला प्लास्ट्रॉन और पैडल जैसे अगले फ्लिपर स्पष्ट दिखाई देते हैं।फ़ोटो: Ella McCausland, CC BY

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaEncyclopedia of LifeAnimal Diversity WebAnAge