यूरोपीय भिड़ (Vespa crabro) यूरोप में पाई जाने वाली सबसे बड़ी सामाजिक ततैया है। यह उत्तरी अमेरिका में मिलने वाली एकमात्र सच्ची भिड़ भी है, जिसे 1840 के आसपास से यूरोप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में लाया गया था।
यह ततैयों के एक समूह से जुड़ी प्रजाति है, जिसके सदस्य कागज़ जैसे जटिल घोंसले बनाने के लिए आसपास के पौधों और अन्य रेशों का उपयोग करते हैं। यूरोपीय भिड़ यूरेशिया में पैदा हुई और इसके घोंसले कभी जापान से लेकर यूनाइटेड किंगडम तक फैले मिलते थे।
इसकी कॉलोनी में प्रजनन पर रोक रानी के फेरोमोन से नहीं, बल्कि श्रमिकों की निगरानी से लगाई जाती है। यह तरीका अधिकतर अन्य ततैयों से अलग है, जिनमें पहले रानी के फेरोमोन को ही मुख्य माना जाता था।
पहचान और रूप
यूरोपीय भिड़ को उसकी बड़ी आँखों से पहचाना जा सकता है। इसकी आँखें गहराई से कटी होती हैं और उनका आकार अंग्रेज़ी अक्षर "C" जैसा दिखता है।
इसके पंख लाल-नारंगी रंग के होते हैं, जबकि पतला उदर भूरे और पीले रंग की धारियों से सजा होता है। वक्ष और उदर पर बाल होते हैं, पर यह मधुमक्खियों जितनी रोएँदार नहीं होती।
श्रमिकों की लंबाई लगभग 25 मिलीमीटर होती है, जबकि बड़ी रानियाँ 35 मिलीमीटर तक पहुँच सकती हैं। एक सामान्य वयस्क का वजन लगभग 478 मिलीग्राम होता है। मादाएँ नर से आकार और वजन, दोनों में बड़ी होती हैं।
आकार और रंग-रूप के कारण यूरोपीय भिड़ को अक्सर एशियाई विशाल भिड़ समझ लिया जाता है। फिर भी एशियाई विशाल भिड़ इससे कहीं बड़ी होती है, जबकि आम ततैयों की तुलना में यह काफ़ी बड़ी दिखती है।
वितरण और आवास
यूरोपीय भिड़ खोखले पेड़ों, दीवारों की दरारों और चिमनियों जैसी जगहों में घोंसला बनाती है। यह मुख्यतः जंगल वाले इलाकों को पसंद करती है।
इसका मूल क्षेत्र यूरेशिया है, जहाँ इसके घोंसले पूर्व में जापान से लेकर पश्चिम में यूनाइटेड किंगडम तक मिलते थे। मध्य-19वीं सदी में इसे उत्तरी अमेरिका में लाया गया, जहाँ अब यह अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है।
सन 2010 में इसके घोंसले दक्षिण में ग्वाटेमाला तक मिले। ग्वाटेमाला के कुछ घोंसले हाल के दुर्घटनावश लाए गए माने गए, क्योंकि वहाँ इनका पहला दस्तावेज़ीकरण हुआ था।
अवलोकन आम तौर पर गर्मियों के उत्तरार्ध में सबसे अधिक दिखते हैं। यह केवल उपस्थिति का संकेत है, इससे संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

व्यवहार और जीवनशैली
यूरोपीय भिड़ के घोंसले कागज़ जैसे होते हैं, जिन्हें वह पौधों के रेशों और लार से बनाती है। लार और रेशों का अनुपात घोंसले की पानी सोखने की क्षमता तय करता है। तुर्की के उत्तरी भाग में अध्ययन किए गए घोंसलों में 23 प्रतिशत रेशे और 77 प्रतिशत लार पाई गई, जिससे भीतरी हिस्सा सबसे अच्छी तरह सूखा रहा।
घोंसले की मिट्टी से भी खनिज आते हैं। उनमें टाइटेनियम, लोहा और ज़िरकोनियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो छत्ते की दीवारों का हिस्सा बन जाते हैं। सूखे घोंसले का औसत वजन लगभग 81 ग्राम होता है।
खतरे के समय भिड़ घोंसले के बाहर एक चेतावनी नृत्य करती है। इसमें वह लगातार भनभनाती है, घोंसले के भीतर-बाहर झपटती है और उस निशाने पर हमला करती है या उसके पास जाती है।
यह चेतावनी अलार्म फेरोमोन से जुड़ी है, जिसे विष की थैलियों में जमा किया जाता है। इसका मुख्य घटक 2-मिथाइल-3-ब्यूटीन-2-ऑल है, जो रक्षात्मक व्यवहार को सक्रिय करता है।
आबादी और पारिस्थितिक भूमिका
यूरोपीय भिड़ भूख लगने पर मकड़ियों के जाल में फँसे कीड़ों को भी चुरा लेती है, जिसे क्लेप्टोपैरासिटिज़्म कहा जाता है। इसका पहला अवलोकन 2011 में हुआ था, जब एक भिड़ पीली बगीचे की मकड़ी (Argiope aurantia) के जाल में उलझ गई। उसने जाल में लिपटे एक कीड़े को काटकर अलग किया और ले गई। मकड़ी ने भिड़ को रोका नहीं।
यह व्यवहार बताता है कि अधिकतर वेस्पाइन ततैयाँ शिकार से हटकर शव या चुराए गए भोजन पर निर्भर होने लगती हैं, खासकर शरद ऋतु शुरू होने पर। यह भिड़ पॉलिस्टेस (Polistes nimpha) के घोंसलों पर भी हमला करती देखी गई है।
यूरोपीय भिड़ अन्य कीटों का शिकार करके अपने लार्वा को खिलाती है। इनमें से कई कीट बागों के लिए हानिकारक माने जाते हैं।
संरक्षण और खतरे
अनुचित डर के कारण यूरोपीय भिड़ के घोंसले अक्सर नष्ट कर दिए जाते हैं। इसी कारण यह कई इलाकों में स्थानीय रूप से संकट में है, और कुछ जगहों पर लुप्तप्राय भी हो गई है।
कुछ देशों में यह कानूनी संरक्षण पाती है। जर्मनी में 1 जनवरी 1987 से यूरोपीय भिड़ को मारना या उसका घोंसला नष्ट करना अवैध है, जिसके लिए 50,000 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।
हालाँकि जर्मनी में ततैयों को मारने पर लगाया गया सबसे अधिक जुर्माना 45 यूरो था, और विशेषज्ञों के अनुसार जुर्माने शायद ही कभी लगाए जाते हैं। कानूनी प्रावधान और उनके वास्तविक प्रवर्तन के बीच अंतर स्पष्ट है।
सांस्कृतिक महत्व
यूरोपीय भिड़ का नाम कल्पित कथाओं और मनोरंजन माध्यमों में आया है। नॉर्स पौराणिक कथाओं में ओडिन का भाला गुंगनिर अपने निशाने को हमेशा भेदने की शक्ति के लिए जाना जाता है, और इसी से प्रेरित एक पात्र को भिड़ का नाम दिया गया है।
कुछ मनोरंजन सामग्री में एक दूसरी ततैया प्रजाति को भी इस नाम से जोड़ा गया है।
रोचक तथ्य
- नर भिड़ों के उदर में सात खंड होते हैं, जबकि मादाओं में छह खंड होते हैं।
- नर के एंटीना में 13 खंड होते हैं, जबकि मादा के एंटीना में 12 खंड होते हैं।
- केवल मादा भिड़ डंक मार सकती है, क्योंकि उसका डंक अंडे देने के अंग का रूपांतरित रूप है।
- मिट्टी के खनिज घोंसले की दीवारों का हिस्सा बन जाते हैं।
फ़ोटो
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Arthropoda
- वर्ग
- Insecta
- गण
- Hymenoptera
- कुल
- Vespidae
- वंश
- Vespa
- प्रजाति
- Vespa crabro
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits



