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Blue whale

Balaenoptera musculus

समुद्र की सतह के निकट तैरती एक विशाल, धूसर-नीले रंग की ब्लू व्हेल, जिसका शरीर पतला और लंबा है, सिर चौड़ा U-आकार का है और पूंछ के पास एक छोटा दरांती-सा पंख दिखाई देता है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

माप

वज़न
1,36,000–1,36,000 kg
जीवनकाल
≤ 110 वर्ष
वर्गीकरण
संघ
Chordata
वर्ग
Mammalia
गण
Cetacea
कुल
Balaenopteridae
वंश
Balaenoptera
प्रजाति
Balaenoptera musculus

Balaenoptera musculus, यानी ब्लू व्हेल, पृथ्वी पर अब तक जीवित रहे सबसे विशाल प्राणी के रूप में जानी जाती है। इसकी लंबाई की पुष्टि 29.9 से 30.5 मीटर तक और वजन 190 से 200 टन तक दर्ज किया गया है, जो इसे किसी भी ज्ञात डायनासोर या समुद्री जीव से भी आगे रखता है।

यह बेलीन व्हेल की प्रजाति है और रोर्कल परिवार Balaenopteridae का सदस्य है। इसकी चार उप-प्रजातियाँ मानी जाती हैं—उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत में B. m. musculus, दक्षिणी महासागर में B. m. intermedia, हिंद और दक्षिणी प्रशांत महासागर में B. m. brevicauda, तथा उत्तरी हिंद महासागर में B. m. indica। चिली के तटीय जल में एक अलग आबादी भी पाई जाती है, जो संभवतः पाँचवीं उप-प्रजाति हो सकती है। यह प्रजाति वर्तमान में संकटग्रस्त (Endangered) मानी जाती है।

सबसे रोचक बात यह है कि यह विशालकाय प्राणी अपने आकार के बावजूद समुद्र के सबसे छोटे जीवों—क्रिल—पर जीवित रहता है। बीसवीं सदी में औद्योगिक व्हेल शिकार ने इसे विनाश के किनारे पर पहुँचा दिया था, और इसकी धीमी वापसी की कहानी इसे पढ़ने लायक बनाती है।

पहचान और रूप

ब्लू व्हेल की सबसे पहचानने योग्य विशेषता इसका पतला, लंबा शरीर और चौड़ा U-आकार का सिर है, जिसके साथ पतले व लंबे परिपंख (flipper) और पूंछ के पास एक छोटा, दरांती-सा पृष्ठ पंख (dorsal fin) होता है। गले के क्षेत्र में 60 से 88 तक खाँच (grooves) होते हैं, जो भोजन के समय त्वचा को फैलने देते हैं। इसके दो श्वास-छिद्र (blowholes) होते हैं, जिनसे निकलने वाली फुहार 9 से 12 मीटर तक ऊँची जा सकती है—समुद्र में इसे दूर से पहचानने का एक अच्छा तरीका।

आकार में यह प्रजाति सभी जीवित प्राणियों में सबसे आगे है। उत्तरी गोलार्ध में नर का औसत वजन लगभग 100 टन और मादा का लगभग 112 टन होता है, जबकि अंटार्कटिक आबादी में यह क्रमशः 112 और 130 टन तक पहुँच जाता है। मादाएँ नर से बड़ी होती हैं—अंटार्कटिक की परिपक्व मादाओं की औसत लंबाई 25.4 से 26.6 मीटर तक होती है, जबकि बौनी (pygmy) उप-प्रजाति की मादाएँ लगभग 21.3 मीटर तक ही बढ़ती हैं। पनामा नहर में पकड़ी गई सबसे लंबी वैज्ञानिक रूप से मापी गई व्हेल 29.9 मीटर लंबी थी।

त्वचा का रंग धूसर-नीला और चितकबरा (mottled) होता है, जो पानी के भीतर नीला दिखाई देता है; पृष्ठ पंख के पास के चित्तेदार पैटर्न हर व्यक्ति में अलग होते हैं, जिससे व्यक्तिगत पहचान संभव होती है। पेट का हिस्सा हल्के रंग का होता है और पानी में मौजूद डायटम के कारण कभी-कभी पीलापन लिए दिखता है, जिसकी वजह से इसे पुराने समय में "सल्फर बॉटम" भी कहा जाता था। कुछ पूर्णतः श्वेत (albino) व्यक्ति भी देखे गए हैं।

ऊपरी जबड़े में 70 से 400 तक काले बेलीन प्लेट होते हैं, जिनकी लंबाई 1 मीटर से कम होती है। यह मुख-संरचना और गले की खाँचों का संयोजन ही इसे अन्य बड़ी व्हेलों से अलग करने में मदद करता है, हालाँकि निकटवर्ती रोर्कल प्रजातियों से भ्रम की संभावना बनी रहती है क्योंकि शरीर की बनावट काफी मिलती है।

वितरण और आवास

ब्लू व्हेल खुले समुद्र (pelagic) की प्राणी है और यह शीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय तथा ध्रुवीय समुद्री जल—तीनों प्रकार के आवासों में पाई जाती है। यह किसी स्थायी तटीय क्षेत्र से बंधी नहीं रहती, बल्कि विशाल महासागरीय दूरियों तक विचरण करती है।

महीनेवार अवलोकन आँकड़ों में जनवरी में सबसे अधिक (3819) दर्ज संख्या देखी जाती है, जबकि नवंबर में यह सबसे कम (1736) रहती है। ये आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, आबादी या सघनता का माप नहीं हैं, फिर भी यह संकेत देते हैं कि जनवरी के आसपास इसकी उपस्थिति अधिक दर्ज होती है, जो शीत ऋतु में निचले अक्षांशों की ओर प्रवास से मेल खा सकता है।

भौगोलिक रूप से इसकी उप-प्रजातियाँ अलग-अलग महासागरीय क्षेत्रों में बँटी हैं—उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत में B. m. musculus, दक्षिणी महासागर में B. m. intermedia, हिंद और दक्षिणी प्रशांत महासागर में बौनी उप-प्रजाति B. m. brevicauda, और उत्तरी हिंद महासागर में B. m. indica। चिली के तटों पर एक अतिरिक्त आबादी भी दर्ज की गई है, जिसकी वर्गीकरणीय स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

Balaenoptera musculus के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
3,819
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

व्यवहार और जीवनशैली

अधिकांश ब्लू व्हेल आबादियाँ प्रवासी हैं, हालाँकि कुछ व्यक्ति साल भर एक ही क्षेत्र में रहते हैं। प्रवासी व्हेलें सर्दियों में निचले अक्षांशों के गर्म जल में समय बिताती हैं, वसंत में ध्रुवों की ओर बढ़ती हैं, गर्मियों में उच्च अक्षांशों में भोजन करती हैं और पतझड़ में फिर भूमध्य रेखा की ओर लौटती हैं। उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की आबादियाँ अलग-अलग बनी रहती हैं, और ऐसा माना जाता है कि व्हेलें स्मृति के आधार पर सर्वोत्तम भोजन-क्षेत्रों तक पहुँचती हैं।

सामाजिक रूप से यह प्रजाति मुख्यतः एकाकी होती है, हालाँकि जोड़ों में या दो-तीन के समूह में भी देखी जाती है। जब भोजन की उपलब्धता अधिक होती है, तो 50 से 60 तक व्यक्तियों के जमावड़े भी दर्ज किए गए हैं। कुछ मामलों में व्हेलें वर्ष भर एक ही क्षेत्र में रहती हैं, या केवल आंशिक आबादी ही प्रवास करती है, जो आयु और लिंग पर निर्भर करता है।

सामान्य तैराकी गति 2 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, लेकिन जहाज़ों, शिकारियों या अन्य व्हेलों से सामना होने पर यह 32 से 48 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है। सामान्यतः भोजन 100 मीटर से कम गहराई पर होता है, लेकिन टैग की गई व्हेलों में सबसे गहरा दर्ज गोता 315 मीटर तक गया है। सामान्य गोते 10 से 20 मिनट के होते हैं, जबकि मापा गया सबसे लंबा गोता 15.2 मिनट का था, हालाँकि सैद्धांतिक सीमा 31.2 मिनट तक आँकी गई है।

गहराई में हृदय की धड़कन प्रति मिनट केवल 2 बार तक धीमी हो सकती है, जबकि सतह पर आने पर यह 37 धड़कन प्रति मिनट तक तेज़ हो जाती है—यह इसके शरीर की चरम अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।

संचार

ब्लू व्हेल पशु जगत की सबसे धीमी आवृत्ति और सबसे तेज़ ध्वनि उत्पन्न करने वाली प्राणियों में से एक है। इसकी आवाज़ें 8 से 25 हर्ट्ज़ तक की मौलिक आवृत्ति पर होती हैं और 188 डेसिबल तक तेज़ हो सकती हैं, जो हज़ारों किलोमीटर तक गहरे समुद्र में यात्रा कर सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि ये ध्वनियाँ अन्य व्हेलों से संवाद के साथ-साथ दूरस्थ समुद्री भू-आकृतियों की ध्वनि-छवि बनाकर मार्गदर्शन के लिए भी उपयोग होती हैं।

पूर्वी उत्तरी प्रशांत आबादी में चार प्रकार की पहचानी गई ध्वनियाँ हैं—स्पंदित "A" स्वर, सुरीले "B" स्वर, इनसे पहले आने वाले उर्ध्वगामी "C" स्वर, और स्वतंत्र अवरोही "D" स्वर। A और B स्वर अक्सर दोहराए गए क्रम में केवल नरों द्वारा उत्पन्न किए जाते हैं, जो प्रजनन-संबंधी उद्देश्य का संकेत देता है, जबकि D स्वर दोनों लिंगों द्वारा भोजन के दौरान सामाजिक संपर्क में और नरों द्वारा साथी के लिए प्रतिस्पर्धा में उपयोग किए जाते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों की आबादियों के गीत आपस में भिन्न होते हैं—श्रीलंका, मदागास्कर और दक्षिणी महासागर की व्हेलों में अलग-अलग आवृत्ति और अवधि के स्वर दर्ज किए गए हैं। पूर्वी उत्तरी प्रशांत की व्हेलों की आवाज़ की आवृत्ति 1960 के दशक से 21वीं सदी की शुरुआत तक 31 प्रतिशत घट गई है। इसका कारण आबादी के पुनरुद्धार के साथ बड़े शरीर के लिए यौन चयन का दबाव हो सकता है, जबकि एक 2022 के अध्ययन ने इसे एक सांस्कृतिक परिवर्तन बताया है, और 2025 के एक अध्ययन में कैलिफ़ोर्निया की व्हेलों में भोजन की कमी के दौरान कम आवाज़ करने का पैटर्न भी दर्ज हुआ है।

छानकर भोजन और आहार

ब्लू व्हेल फिल्टर-फीडिंग के ज़रिए भोजन करती है—यह मुँह में विशाल मात्रा में पानी और शिकार भर लेती है, फिर गले की 60 से 88 खाँचों को फैलाकर पानी को बेलीन प्लेटों से बाहर धकेलती है, जबकि क्रिल जैसे छोटे जीव प्लेटों के भीतर फँस जाते हैं और निगल लिए जाते हैं।

इसका आहार मुख्यतः क्रिल पर आधारित है। दक्षिणी जल में प्रमुख भोजन Euphausia superba नाम का छोटा (7 सेंटीमीटर से कम) और अत्यंत प्रचुर प्लवक-जीव है, जबकि उत्तरी जल में Thysanoessa inermis और Meganyctiphanes norvegica प्रमुख प्रजातियाँ हैं। इनके अलावा अन्य प्लवक-जीव और छोटी मछलियाँ भी कभी-कभी खाई जाती हैं।

एक वयस्क व्हेल प्रतिदिन 3 से 4 टन तक क्रिल निगल सकती है। गर्भवती मादाएँ गर्मियों के भोजन-मौसम में प्रतिदिन अपने शरीर के वजन का लगभग 4 प्रतिशत खाती हैं, जिससे वे गर्मी के दौरान अपने कुल शरीर-भार का लगभग 60 प्रतिशत तक भोजन के रूप में ग्रहण कर लेती हैं—यह भंडार बाद में प्रजनन और स्तनपान के दौरान काम आता है।

प्रजनन और बच्चों का पालन

ब्लू व्हेल में संभोग व्यवहार के बारे में बहुत कम जानकारी है, लेकिन यह बहुपत्नीक (polygynous) मानी जाती है, जिसमें नर मादा के पीछे चलते हैं और प्रतिस्पर्धी नरों को दूर भगाते हैं। संभोग पतझड़ से सर्दियों के बीच होता है।

गर्भावस्था 11 से 12 महीने तक चलती है, जो इसके शरीर के आकार के हिसाब से असामान्य रूप से कम है। बच्चे सर्दियों के महीनों में, जब वयस्क अपने उच्च-अक्षांश भोजन-क्षेत्रों से लौट आते हैं, गर्म निचले-अक्षांश जल में जन्म लेते हैं। जन्म के समय बच्चे की लंबाई 6 से 8 मीटर और वजन 2 से 3 टन तक होता है।

स्तनपान के दौरान बच्चा प्रतिदिन लगभग 90 किलोग्राम वजन बढ़ाता है, और माँ प्रतिदिन अनुमानतः 220 किलोग्राम तक दूध उत्पन्न करती है। बच्चे 7 से 8 महीने की उम्र में, लगभग 16 मीटर की लंबाई पर, दूध छोड़ देते हैं, और इस अवधि में वे लगभग 17,000 किलोग्राम वजन बढ़ा लेते हैं। न्यूज़ीलैंड में 2016 में पहली बार किसी बच्चे को दूध पीते हुए फिल्माया गया था।

मादाएँ लगभग 5 वर्ष की आयु में, 21 से 23 मीटर की लंबाई पर, यौन परिपक्व होती हैं, जबकि नर लगभग इतनी ही उम्र में थोड़े छोटे आकार (20 से 21 मीटर) पर परिपक्व होते हैं। इसके बाद मादाएँ हर 2 से 3 साल में एक बच्चे को जन्म देती हैं; जुड़वाँ बच्चे दुर्लभ हैं। बच्चों की देखभाल पूरी तरह माँ करती है, नर किसी प्रकार का पालन-पोषण नहीं करते। ब्लू व्हेल की दीर्घायु 110 वर्ष तक आँकी गई है।

आबादी और पारिस्थितिक भूमिका

ब्लू व्हेल और अन्य बड़ी बेलीन व्हेलें समुद्री पारितंत्र में क्रिल की प्रमुख उपभोक्ता मानी जाती हैं, जो प्लवक-आधारित खाद्य-जाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसका कोई स्थापित प्राकृतिक शिकारी नहीं है; दर्ज हमले केवल ओर्का (killer whale) द्वारा किए गए हैं, जो आम तौर पर बछड़ों को निशाना बनाते हैं क्योंकि वयस्क व्हेल को मारने में भारी सामूहिक प्रयास लगता है। दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में फोटो-पहचान अध्ययनों में 3.7 प्रतिशत व्हेलों पर ओर्का के खरोंच-निशान पाए गए, जबकि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की बौनी व्हेलों में यह अनुपात 42.1 प्रतिशत तक था।

2015 से 2018 के अनुमानों के अनुसार, वैश्विक ब्लू व्हेल आबादी में लगभग 5,000 से 15,000 परिपक्व व्यक्ति और कुल मिलाकर 10,000 से 25,000 व्यक्ति शामिल हैं। तुलना के लिए, 1926 में कम से कम 140,000 परिपक्व व्हेलें मौजूद थीं—यह आँकड़ा बताता है कि बीसवीं सदी के औद्योगिक शिकार ने आबादी को कितनी बुरी तरह प्रभावित किया। क्षेत्रवार अनुमानों में उत्तरी अटलांटिक में 1,000 से 3,000, उत्तरी प्रशांत में 3,000 से 5,000, और अंटार्कटिक में 5,000 से 8,000 व्यक्ति शामिल हैं, जबकि बौनी उप-प्रजाति की संख्या 2,000 से 5,000 के बीच आँकी गई है। अधिकांश संकेत बताते हैं कि पिछले कुछ दशकों में वैश्विक आबादी में वृद्धि हुई है।

संरक्षण और खतरे

ब्लू व्हेल को IUCN रेड लिस्ट में संकटग्रस्त (Endangered) और अमेरिकी संकटग्रस्त प्रजाति अधिनियम के अंतर्गत भी संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है, साथ ही यह CITES परिशिष्ट I में भी सूचीबद्ध है। कुछ आबादियों, जैसे बौनी उप-प्रजाति, के लिए वर्तमान रुझान पर पर्याप्त जानकारी नहीं है, जबकि अंटार्कटिक ब्लू व्हेल को गंभीर रूप से संकटग्रस्त (critically endangered) माना जाता है।

सबसे बड़ा ऐतिहासिक खतरा औद्योगिक व्हेल शिकार रहा है। 1860 से 1920 के बीच तकनीकी विकास ने शिकारियों को इस तेज़ और विशाल प्राणी का शिकार करने में सक्षम बनाया, और 20वीं सदी में अनुमानतः 350,000 ब्लू व्हेलों का शिकार किया गया। शिकार का शिखर 1930-31 में रहा, जब एक ही मौसम में 30,000 व्हेलें मारी गईं, और सोवियत संघ ने 1970 के दशक तक अवैध रूप से शिकार जारी रखा। आज सबसे बड़ा खतरा जहाज़ों से टक्कर है—अमेरिका के पश्चिमी तट पर 1998 से 2019 के बीच 17 व्हेलों की मृत्यु जहाज़ों की टक्कर से हुई या होने की संभावना जताई गई, और 2007 में कैलिफ़ोर्निया में हुई पाँच मौतों को एक असामान्य मृत्यु-घटना (unusual mortality event) घोषित किया गया।

संरक्षण उपाय क्रमिक रूप से लागू हुए—दक्षिणी गोलार्ध में 1939 से, उत्तरी अटलांटिक में 1955 से, अंटार्कटिक में 1965 से और उत्तरी प्रशांत में 1966 से पूर्ण संरक्षण मिला, और अंतरराष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग (IWC) ने 1966 में विश्वव्यापी शिकार प्रतिबंध लगाया।

सांस्कृतिक महत्व

ऐतिहासिक रूप से ब्लू व्हेल का भारी शिकार इसके ब्लबर और तेल के लिए किया जाता था; इसके विशाल आकार के कारण आर्थिक महत्व में केवल स्पर्म व्हेल ही इसकी तुलना में आती थी। एक ही व्हेल से 70 से 80 बैरल तेल निकाला जा सकता था, और इसके बेलीन को भी महत्वपूर्ण माना जाता था क्योंकि इसके प्लास्टिक जैसे गुणों का उपयोग विभिन्न उत्पादों में होता था।

आज ब्लू व्हेल का मूल्य बदल गया है—यह अब समुद्री पर्यटन (ecotourism) के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण है और समुद्री संरक्षण के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।

रोचक तथ्य

  1. एक फंसी हुई उत्तरी अटलांटिक ब्लू व्हेल के हृदय का वजन 180 किलोग्राम मापा गया था, जो किसी भी ज्ञात प्राणी के हृदय में सबसे भारी दर्ज है।
  2. लगभग 50.9 टन वजनी एक ब्लू व्हेल के मस्तिष्क का वजन केवल 3.636 किलोग्राम पाया गया, जो इसके विशाल शरीर की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा है।
  3. पनामा नहर में पकड़ी गई एक व्हेल की गर्दन की हड्डियों की जाँच से यह पुष्टि हुई कि उसकी 29.9 मीटर की मापी गई लंबाई अतिरंजित नहीं थी—यह वैज्ञानिक रूप से मापी गई सबसे लंबी ब्लू व्हेल है।
  4. अंतरराष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग के आँकड़ों में 30 मीटर से अधिक लंबाई की 88 व्हेलें दर्ज हैं, जिनमें एक 33 मीटर तक लंबी थी, हालाँकि इतनी लंबाई की सटीकता पर सवाल उठाए गए हैं।
  5. न्यूज़ीलैंड में 2016 में पहली बार किसी ब्लू व्हेल के बच्चे को दूध पीते हुए वीडियो में फिल्माया गया था।
  6. अंटार्कटिक जल में रहने वाली व्हेलों की त्वचा पर डायटम जमा हो जाते हैं, जिससे उनका पेट पीला दिखाई देता है—इस वजह से इन्हें पहले "सल्फर बॉटम" कहा जाता था।
  7. कुछ ब्लू व्हेल पूरी तरह से श्वेत (albino) रंग की भी देखी गई हैं।

पारिस्थितिकी

आवास

  • समुद्री

व्यवहार

  • एकांतप्रिय
  • जलीय
  • प्रवासी

आहार

  • फिल्टर फीडर (छानकर भोजन करने वाला)

फ़ोटो

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समुद्र की सतह के निकट तैरती एक विशाल, धूसर-नीले रंग की ब्लू व्हेल, जिसका शरीर पतला और लंबा है, सिर चौड़ा U-आकार का है और पूंछ के पास एक छोटा दरांती-सा पंख दिखाई देता है।फ़ोटो: via iNaturalist, licensed under CC0 1.0., CC0

स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaAnimal Diversity WebAnAge