Rhinella marina अपनी आँखों के पीछे स्थित पैरोटॉइड ग्रंथियों से एक सफ़ेद, गाढ़ा विष स्रावित करता है, जो कुत्तों जैसे बड़े शिकारियों को भी लकवाग्रस्त कर सकता है या मार सकता है।
यह बुफोनिडे परिवार का एक बड़ा, स्थलीय सच्चा टोड है, जो मूल रूप से दक्षिण अमेरिका और मध्य अमेरिका के मुख्य भूमि क्षेत्रों का निवासी है। इसे कीट नियंत्रण के उद्देश्य से ओशिनिया, कैरिबियन और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के कई द्वीपों में लाया गया। IUCN इसे संकटमुक्त श्रेणी में रखता है।
इसके परिचय के इतिहास और पारिस्थितिक प्रभावों ने इसे विश्व की सबसे अधिक अध्ययन की गई आक्रामक प्रजातियों में से एक बना दिया है, जिससे यह समझने का एक दुर्लभ अवसर मिलता है कि कोई प्रजाति नए पर्यावरण में किस तरह अनुकूलन करती है।
पहचान और रूप
बुफोनिडे परिवार की सबसे बड़ी प्रजाति होने के नाते, Rhinella marina का आकार इसकी पहचान का सबसे स्पष्ट संकेत है। मादाएं नरों से काफी बड़ी होती हैं, सामान्यतः 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी, जबकि सबसे बड़े दर्ज नमूने 24 सेंटीमीटर तक पहुँच सकते हैं। इनका वज़न लगभग 105 ग्राम होता है। कम घनत्व वाली आबादी में टोड सामान्यतः अधिक बड़े पाए जाते हैं।
त्वचा सूखी और मस्सेदार होती है, आँखों के ऊपर से थूथन तक स्पष्ट कटक चलती हैं। रंग स्लेटी, पीलापन, लाल-भूरा या जैतूनी-भूरा हो सकता है, जिस पर विभिन्न पैटर्न होते हैं। आँख के पीछे एक बड़ी पैरोटॉइड ग्रंथि होती है, पेट का रंग क्रीम जैसा होता है जिस पर कभी-कभी काले या भूरे धब्बे दिखते हैं। पुतलियाँ क्षैतिज और आइरिस सुनहरे रंग की होती हैं। पैर की उंगलियों के आधार पर हल्की झिल्ली होती है, जबकि हाथ की उंगलियाँ झिल्लीरहित होती हैं।
किशोर टोड वयस्कों से भिन्न दिखते हैं—उनकी त्वचा चिकनी और गहरे रंग की होती है, कभी-कभी हल्की लाल आभा के साथ। इनमें वयस्कों जैसी बड़ी पैरोटॉइड ग्रंथियाँ नहीं होतीं, इसलिए ये तुलनात्मक रूप से कम विषैले होते हैं।
टैडपोल आकार में छोटे, पूरी तरह काले और तालाब की तली में समूह बनाकर रहने वाले होते हैं। इनकी लंबाई 10 से 25 मिलीमीटर तक होती है। जंगल में यह टोड 10 से 15 वर्ष जीवित रहता है, जबकि बंदी अवस्था में एक नमूना कथित रूप से 35 वर्ष तक जीवित रहा।
वितरण और आवास
Rhinella marina का मूल वितरण क्षेत्र दक्षिण टेक्सास की रियो ग्रांडे घाटी से लेकर मध्य अमेज़न और दक्षिण-पूर्वी पेरू तक तथा वेनेज़ुएला के निकट कुछ महाद्वीपीय द्वीपों, जैसे त्रिनिदाद और टोबैगो, तक फैला है। यह क्षेत्र उष्णकटिबंधीय और अर्ध-शुष्क दोनों प्रकार के पर्यावरण को समेटे हुए है। यह अर्ध-स्थायी जल स्रोतों के निकट वनाच्छादित क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है, जबकि घना वन आवरण इसके फैलाव को सीमित करता है।
मूल क्षेत्र में इसका घनत्व शुरू से ही तुलनात्मक रूप से कम रहा है—दक्षिण अमेरिका में तटरेखा के प्रति 100 मीटर पर लगभग 20 वयस्क टोड दर्ज किए गए, जो ऑस्ट्रेलिया में पाए गए घनत्व का मात्र 1 से 2 प्रतिशत है।
1840 के दशक से पहले इसे फ्रेंच गुयाना और गुयाना से मार्टिनिक और बारबाडोस लाया गया, फिर 1844 में चूहों की आबादी घटाने के प्रयास में जमैका ले जाया गया। बीसवीं सदी की शुरुआत में गन्ने के खेतों को नुकसान पहुँचाने वाले भृंगों को नियंत्रित करने के लिए इसे पोर्टो रिको लाया गया, जहाँ यह सफल रहा। इसी सफलता से प्रेरित होकर 1930 के दशक में प्रशांत क्षेत्र के कई देशों ने इसे अपनाया। ऑस्ट्रेलिया में हवाई से लाए गए 102 टोड अगस्त 1935 में क्वींसलैंड के गन्ने के खेतों में छोड़े गए, और मार्च 1937 तक 62,000 से अधिक टोडलेट जंगल में छोड़े जा चुके थे। इसके बाद यह उत्तरी क्षेत्र और न्यू साउथ वेल्स तक फैल गया, और 2010 में इसका एक नमूना पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ब्रूम तक पश्चिमी तट पर पाया गया।
GBIF द्वारा दर्ज मासिक उपस्थिति आँकड़ों में अगस्त के आसपास सबसे अधिक अवलोकन दर्ज हुए, जो मौसमी सक्रियता का संकेत दे सकते हैं, हालाँकि ये आँकड़े केवल उपस्थिति दर्शाते हैं, न कि वास्तविक आबादी या पूर्ण वितरण। ऑस्ट्रेलिया में इसके फैलाव ने वहाँ की जैव विविधता को गहराई से प्रभावित किया है—कई देशी शिकारी जैसे वैरेनिड छिपकलियाँ, स्थलीय सांप और मीठे पानी के मगरमच्छों की संख्या घटी है, जबकि अगामिड छिपकली Lophognathus gilberti की संख्या बढ़ी है।

व्यवहार और जीवनशैली
Rhinella marina निशाचर है और सीधी मुद्रा में बैठकर छोटी, तेज़ फुदकियों से आगे बढ़ता है। ठंडे या शुष्क मौसम में यह ज़मीन के नीचे छोटे गड्ढों में निष्क्रिय पड़ा रहता है, यह एक प्रकार की ग्रीष्म-निद्रा है। यह सामान्यतः एकाकी रहता है।
इसके अंग्रेज़ी नाम में समुद्र का उल्लेख होने के बावजूद यह समुद्र में नहीं रहता, फिर भी इसके टैडपोल आश्चर्यजनक रूप से खारे पानी को सहन कर सकते हैं। प्रयोगशाला परीक्षणों में टैडपोल समुद्री जल के लगभग 15% सांद्रता तक जीवित रहे, और पनामा के कोइबा द्वीप पर 27.5‰ लवणता वाले प्राकृतिक जल में जीवित टैडपोल और टोडलेट पाए गए। यह खुले घास के मैदानों और वुडलैंड में रहता है, तथा मानव-परिवर्तित क्षेत्रों जैसे बगीचों और नालियों के प्रति स्पष्ट रुझान दिखाता है।
कायांतरण के बाद के प्रारंभिक चरण में युवा टोड तेज़ी से बढ़ते हैं—पहले औसतन 0.647 मिलीमीटर प्रतिदिन, फिर 0.373 मिलीमीटर प्रतिदिन—क्योंकि इस चरण में वे अंडे और टैडपोल अवस्था की विषाक्तता खो चुके होते हैं लेकिन वयस्कों जैसी सुरक्षात्मक पैरोटॉइड ग्रंथियाँ अभी विकसित नहीं होतीं। परिणामस्वरूप मात्र 0.5% टोड ही वयस्कता तक पहुँच पाते हैं। ऑस्ट्रेलिया की असामान्य रूप से घनी आबादी में टैडपोल आपस में साथियों को खाने की प्रवृत्ति में तेज़ी से विकसित हुए हैं—वे मूल आबादी की तुलना में 30 गुना अधिक इसमें रुचि दिखाते हैं और 2.6 गुना अधिक बार वास्तव में ऐसा करते हैं।
संचार
Rhinella marina संचार के लिए मुख्यतः स्पर्श, ध्वनि और रासायनिक संकेतों का उपयोग करता है। प्रजनन काल में नर तालाबों और स्थिर जल स्रोतों के निकट इकट्ठा होकर सामूहिक स्वर में पुकारते हैं, जिससे मादाओं को आकर्षित किया जाता है।
शिकार और आहार
Rhinella marina मुख्यतः रात में परिपक्व वनों और सड़कों के किनारे भोजन की खोज करता है, जहाँ यह जो भी छोटा जीव सामने आता है उसे पकड़ लेता है। इसका आहार अत्यंत अवसरवादी है और यह मुख्यतः मांसाहारी व कीटभक्षी है।
दक्षिण फ्लोरिडा में यह मुख्यतः चींटियों, भृंगों और इयरविग्स का शिकार करता है, लेकिन इसके पेट में ड्रैगनफ्लाई, ग्रासहॉपर, ट्रू बग्स, क्रस्टेशियन, गैस्ट्रोपॉड, पादप पदार्थ और यहाँ तक कि पालतू कुत्तों-बिल्लियों का बचा हुआ भोजन भी पाया गया है, जो इसके भोजन खोजने के अवसरवादी तरीके को दर्शाता है।
प्रजनन और जीवन चक्र
Rhinella marina की प्रजनन प्रणाली बहुपति-बहुपत्नी है—नर स्थायी या अस्थायी स्थिर जल स्रोतों में इकट्ठा होकर पुकारते हैं, और एक ही मादा के अंडों को कई नर निषेचित कर सकते हैं, जबकि विशेष रूप से सफल नर एक ही प्रजनन काल में कई मादाओं के अंडे निषेचित कर सकते हैं।
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में यह वर्षभर प्रजनन कर सकता है, जबकि उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रजनन केवल गर्म मौसम में, वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ होता है। मादाएं अपने दूसरे वर्ष के बाद अंडे देने में सक्षम होती हैं और एक बार में 30,000 से अधिक अंडे जेली जैसी लंबी डोरियों में चट्टानों, मलबे या जलीय वनस्पति पर देती हैं।
निषेचन बाह्य होता है और अंडे 2 से 7 दिनों में फूट जाते हैं। एक बार अंडे निषेचित और जल में व्यवस्थित हो जाने के बाद, माता-पिता की ओर से कोई और देखभाल नहीं होती—पूरा निवेश निषेचन-पूर्व चरण तक सीमित रहता है।
यह टोड हर वर्ष प्रजनन करता है और अपने जीवनकाल के दौरान, जो 24.8 वर्ष तक पहुँच सकता है, कई बार प्रजनन चक्र दोहराता है।
आबादी और पारिस्थितिक भूमिका
अपने मूल निवास क्षेत्र में Rhinella marina अनेक शिकारियों के आहार का हिस्सा है, जिनमें चौड़े-थूथन वाला कैमन, बैंडेड कैट-आइड सांप, ईल, कई किलिफ़िश प्रजातियाँ और बुलेट चींटियाँ शामिल हैं।
जिन क्षेत्रों में इसे लाया गया है, वहाँ भी कुछ प्रजातियों ने इसके विष से निपटने के तरीके विकसित किए हैं। ऑस्ट्रेलिया के रकाली नामक जल कृंतक ने केवल दो वर्षों में यह सीख लिया कि सबसे बड़े टोड चुनकर उन्हें पलटा जाए, विषैली पित्ताशय हटाई जाए और केवल हृदय व अन्य अंगों को अत्यंत सटीकता से खाया जाए, तथा त्वचा हटाकर जांघ की मांसपेशी खाई जाए। कौवे और चील टोड को उल्टा करके गैर-विषैले अंग खाते हैं, जबकि मांस चींटियाँ और ऑपोसम इसके विष से पूरी तरह अप्रभावित रहकर इसे खा सकते हैं।
इस प्रकार यह प्रजाति अपने आक्रामक क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे खाद्य जाल में समाहित हो रही है, जहाँ शिकारी प्रजातियाँ विकासात्मक रूप से इसके विष से निपटने के तरीके सीख रही हैं—यह एक जारी पारिस्थितिक अनुकूलन प्रक्रिया का उदाहरण है।
संरक्षण और खतरे
IUCN ने Rhinella marina को संकटमुक्त श्रेणी में रखा है। इसके मूल निवास क्षेत्र में यह सामान्य रूप से पाया जाता है और इसके लिए किसी विशेष संरक्षण प्रयास की आवश्यकता नहीं मानी जाती।
अमेरिकी संघीय सूची और CITES के अंतर्गत भी इसे कोई विशेष दर्जा नहीं दिया गया है। इसके विपरीत, जिन क्षेत्रों में इसे लाया गया है, वहाँ इसे एक हानिकारक कीट माना जाता है और इसे नियंत्रित करने या समूल नष्ट करने के प्रयास किए जाते हैं—यह विश्व की 100 सबसे व्यापक रूप से फैलाई गई आक्रामक प्रजातियों में शामिल है।
संरक्षण स्थिति
- LC
- NT
- VU
- EN
- CR
संकटमुक्त
सांस्कृतिक महत्व
प्राचीन ओल्मेक संस्कृति में Rhinella marina को एक पवित्र प्राणी माना जाता था, क्योंकि यह जल और भूमि—दोनों लोकों में जीवित रहने की क्षमता के कारण द्वैत की अवधारणा का प्रतीक बना। इसके विष का उपयोग संभवतः एक एन्थियोजन के रूप में भी किया गया होगा। दक्षिण अमेरिका में एम्बेरा-वाउनान समुदाय पारंपरिक रूप से इस टोड का विष निकालकर उसे तीर के विष के रूप में प्रयोग करता रहा है।
पेरू के कुछ हिस्सों में इसे भोजन के रूप में शिकार किया जाता है—त्वचा और पैरोटॉइड ग्रंथियों को सावधानीपूर्वक हटाने के बाद इसका मांस खाया जाता है, जिसे ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक स्वास्थ्यवर्धक स्रोत माना जाता है। जापान में इसके विष से प्राप्त बुफोटेनिन का उपयोग कामोत्तेजक और बाल पुनर्स्थापक के रूप में हुआ है, जबकि चीन में हृदय शल्यचिकित्सा के दौरान हृदय गति कम करने के लिए इसका प्रयोग किया गया है।
बीसवीं सदी के मध्य में इस टोड का उपयोग मानव गर्भावस्था परीक्षण में किया जाता था—महिला के मूत्र को नर टोड में इंजेक्ट किया जाता था और शुक्राणुओं की उपस्थिति गर्भावस्था की पुष्टि करती थी। यह प्रयोगशाला पशु के रूप में भी लोकप्रिय रहा है, और इसकी त्वचा से चमड़ा तथा पर्यटकों के लिए सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
रोचक तथ्य
- Rhinella marina बुफोनिडे परिवार की सबसे बड़ी प्रजाति है, और इसके नाम में समुद्र का उल्लेख होने के बावजूद यह समुद्र में नहीं रहता।
- एक बंदी नमूना कथित रूप से 35 वर्ष तक जीवित रहा, जबकि जंगल में सामान्य जीवनकाल 10 से 15 वर्ष होता है।
- एक मादा एक बार में 30,000 से अधिक अंडे दे सकती है, जो जेली जैसी डोरियों में 20 मीटर तक फैली हो सकती हैं।
- मांस चींटियाँ इस टोड के विष से पूरी तरह अप्रभावित रहती हैं और उसे जीवित ही खा सकती हैं।
- यह प्रजाति विश्व की 100 सबसे व्यापक रूप से फैलाई गई आक्रामक प्रजातियों में शामिल है।
- इसके टैडपोल पनामा के कोइबा द्वीप पर 27.5‰ लवणता वाले खारे पानी में भी जीवित पाए गए हैं, जो टोड परिवार के लिए असामान्य है।
पारिस्थितिकी
आवास
- आर्द्रभूमि
- वन
- वनभूमि
- घास का मैदान
व्यवहार
- निशाचर
- परभक्षी
- एकांतप्रिय
- शीतनिष्क्रिय
आहार
- कीटभक्षी
फ़ोटो
स्रोतGBIFiNaturalistWikidataWikipediaAnimal Diversity WebAnAge



