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गेहूं

Triticum aestivum

दुनिया में उत्पादित होने वाले कुल गेहूं का लगभग 95% हिस्सा इसी एक प्रजाति, Triticum aestivum, से आता है। यह विश्व की सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली फसल है और मूल्य के हिसाब से सबसे अधिक आर्थिक उपज देने वाला अनाज भी है।

यह पोएसी (Poaceae) कुल का एक पौधा है, जो लगभग 8,000 वर्ष पहले अस्तित्व में आया। यह एक पहले से पालतू बनाई गई गेहूं की किस्म और जंगली गोटग्रास (goatgrass) के आनुवंशिक मिश्रण से दक्षिण काकेशस या दक्षिण-पश्चिमी कैस्पियन क्षेत्र में उत्पन्न हुआ।

आज यह प्रजाति मानव सभ्यता के भोजन तंत्र की रीढ़ है, और इसकी उत्पत्ति, प्रसार और आनुवंशिक सुधार की कहानी कृषि इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है।

पहचान और रूप

गेहूं एक घास-रूपी (graminoid) पौधा है, जो पोएसी (Poaceae) कुल और पोएल्स (Poales) गण से संबंधित है। यह अन्य घासों की तरह पतली, लंबी पत्तियों और सीधे तने वाला वार्षिक पौधा है, जिसकी पहचान इसके शीर्ष पर बनने वाली बालियों (spikes) से होती है, जिनमें दाने विकसित होते हैं।

चूंकि यह एक व्यापक रूप से पालतू बनाई गई फसल प्रजाति है, इसके स्वरूप में विभिन्न कृषि किस्मों के अनुसार भिन्नता पाई जाती है, हालांकि इसकी वानस्पतिक बनावट का विस्तृत विवरण उपलब्ध सामग्री में नहीं दिया गया है।

वितरण और आवास

गेहूं मुख्य रूप से खेती किए गए खेतों में पाया जाता है, विशेष रूप से जौ (Hordeum) और गेहूं (Triticum) की फसलों के साथ, और यह समुद्र तल से 3,500 मीटर तक की ऊँचाई पर उगाया जाता है।

उपलब्ध मासिक अवलोकन आंकड़ों में जून महीने में सबसे अधिक दर्ज संख्या (41,738) देखी गई है, जिसके बाद मई और जुलाई में भी उच्च आंकड़े दर्ज हुए हैं, जबकि सर्दियों के महीनों (दिसंबर से फरवरी) में यह संख्या काफी कम रहती है। यह पैटर्न संभवतः फसल की वृद्धि और पकने के मौसम के दौरान अधिक अवलोकन दर्शाता है।

यह ध्यान रहे कि ये आंकड़े केवल उपस्थिति के अवलोकन हैं, न कि जनसंख्या घनत्व, बहुतायत या इस प्रजाति के पूर्ण प्राकृतिक विस्तार का प्रमाण।

Triticum aestivum के दर्ज अवलोकनों का नक्शा
जहाँ इसे दर्ज किया गया है · GBIF
41,738
जन॰फ़र॰मार्चअप्रैलमईजूनजुल॰अग॰सित॰अक्टू॰नव॰दिस॰
मासिक घटना गणना · GBIF

प्रजनन और जीवन चक्र

आधुनिक गेहूं की किस्मों को छोटे तनों के लिए चुना गया है, जो RHt बौनापन जीन (dwarfing genes) के परिणामस्वरूप संभव हुआ। ये जीन पौधे की गिबरेलिक एसिड (gibberellic acid) नामक पादप हार्मोन के प्रति संवेदनशीलता को कम करते हैं, जो कोशिकाओं को लंबा करने के लिए ज़िम्मेदार होता है।

1960 के दशक में नॉर्मन बोरलॉग (Norman Borlaug) ने जापान की नोरिन 10 (Norin 10) किस्मों से इन RHt जीनों को आधुनिक गेहूं की किस्मों में शामिल किया। यह वैज्ञानिक हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि उच्च मात्रा में रासायनिक खाद के प्रयोग से पौधे के तने अत्यधिक ऊँचे हो जाते, जिससे तने गिरने (lodging) की समस्या पैदा होती।

छोटे और समान ऊँचाई वाले तने आधुनिक कटाई तकनीकों के लिए भी अनुकूल साबित हुए, जिससे मशीनों द्वारा फसल की कटाई अधिक कुशलता से की जा सकती है।

उपयोग और मानव संबंध

प्राचीन मिस्र में गेहूं को देवी डेमेटर से जोड़ा जाता था, जो उर्वरता और जीवन-मृत्यु-पुनर्जन्म के चक्र का प्रतीक मानी जाती थी। प्राचीन यूनानी और रोमन संस्कृतियों में पवित्र उत्सवों के माध्यम से गेहूं का सम्मान किया जाता था, जिसमें लोग देवताओं को गेहूं भेंट करते थे।

Triticum aestivum आज विश्व के कुल गेहूं उत्पादन का लगभग 95% हिस्सा है। मानव भोजन के अलावा, यह पशु आहार और जैव ईंधन तथा वस्त्र उद्योग जैसे औद्योगिक उपयोगों में भी काम आता है। कुछ समुदायों के लिए गेहूं का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है, और इसका उपयोग पारंपरिक रीति-रिवाजों तथा अनुष्ठानों में किया जाता है।

यह प्रजाति लगभग 8,000 वर्ष पहले दक्षिण काकेशस क्षेत्र में उत्पन्न होने के बाद उत्तरी अफ्रीका, यूरोप और पूर्वी एशिया में फैली। रोमन कब्रगाहों में 100 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी तक के गेहूं के अवशेष मिले हैं। यह 16वीं शताब्दी में स्पेनिश मिशनों के साथ उत्तरी अमेरिका पहुंचा, हालांकि उत्तरी अमेरिका के एक प्रमुख निर्यातक बनने की शुरुआत 1870 के दशक में प्रेयरी क्षेत्रों के उपनिवेशीकरण से हुई। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जब रूस से अनाज का निर्यात बंद हो गया, तो कान्सास में गेहूं उत्पादन दोगुना हो गया। आधुनिक औद्योगिक बेकिंग के लिए इसकी उपयुक्तता के कारण इसने यूरोप में रोटी बनाने के लिए उपयोग होने वाली अन्य गेहूं, जौ और राई की प्रजातियों को काफी हद तक विस्थापित कर दिया।

रोचक तथ्य

  1. वैज्ञानिक नाम Triticum aestivum L. का प्रयोग स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े अध्ययनों में भी सामान्य गेहूं के लिए किया जाता है।
  2. सुमेरियन मिट्टी की पट्टियों में लगभग 3000 ईसा पूर्व "गु-ज़ा" रोटी का उल्लेख मिलता है, और इसी दौर में मिस्रवासी खमीर वाली रोटी पकाना शुरू कर चुके थे।
  3. फर्टाइल क्रिसेंट क्षेत्र में लगभग 10,000 ईसा पूर्व प्रारंभिक किसानों ने गेहूं की जंगली प्रजातियों की ओर ध्यान देना शुरू किया, जो इसकी लंबी घरेलूकरण यात्रा की शुरुआत थी।
  4. प्राचीन मिस्र में गेहूं को देवी डेमेटर से जोड़ा जाता था, जिसे उर्वरता और जीवन-मृत्यु-पुनर्जन्म चक्र की प्रतीक माना जाता था।
  5. प्राचीन यूनानी और रोमन संस्कृतियों में पवित्र उत्सवों के दौरान देवताओं को गेहूं भेंट करने की परंपरा प्रचलित थी।

फ़ोटो

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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण

वृद्धि का रूप

  • घास-रूपी पौधा (ग्रेमिनॉइड)

वर्गीकरण

संघ
Tracheophyta
वर्ग
Liliopsida
गण
Poales
कुल
Poaceae
वंश
Triticum
प्रजाति
Triticum aestivum

स्रोत

  1. GBIF Species names and classification
  2. iNaturalist Photos
  3. Wikidata Common names and conservation status
  4. Wikipedia Summary extract
  5. Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits