प्रजनन काल में नर की पीठ पर दांतेदार कलगी उग आती है, जो मादा में नहीं बनती। यह उत्तरी कलगीदार न्यूट की सबसे पहचानने योग्य विशेषता है।
यह Triturus cristatus नामक उभयचर है, जो सैलामैंडर परिवार के न्यूट वंश से संबंधित है। यह ग्रेट ब्रिटेन, उत्तरी और मध्य यूरोप तथा पश्चिमी साइबेरिया के कुछ हिस्सों में मिलता है। इसकी संरक्षण स्थिति IUCN रेड लिस्ट में कम चिंता वाली प्रजाति के रूप में दर्ज है, हालांकि इसकी आबादी कई इलाकों में घट रही है।
यह न्यूट अपेक्षाकृत लंबी आयु जीता है। इसकी ज्ञात अधिकतम आयु है, जो अक्सर बंदी जीवों में देखी गई है। इसके जीवन चक्र में जल और भूमि दोनों पर बीतने वाले चरण शामिल हैं, जो इसे तालाबों और उनके आसपास के जंगलों से जोड़ते हैं।
पहचान और रूप
उत्तरी कलगीदार न्यूट को सबसे अच्छी तरह प्रजनन काल में नर की दांतेदार कलगी से पहचाना जा सकता है। यह कलगी पीठ और पूंछ पर चलती है, लेकिन पूंछ के आधार पर बीच में टूटी रहती है।
यह न्यूट अपेक्षाकृत बड़ा होता है। नर आम तौर पर कुल 13.5 सेंटीमीटर लंबे होते हैं, जबकि मादा 16 सेंटीमीटर तक पहुंच सकती है। दुर्लभ मामलों में 20 सेंटीमीटर लंबे व्यक्ति भी देखे गए हैं। यूरोप की अन्य कलगीदार प्रजातियां अधिक भारी और मजबूत शरीर वाली होती हैं, और केवल डेन्यूब कलगीदार न्यूट इससे पतला होता है।
पीठ और शरीर के किनारे गहरे भूरे होते हैं, जिन पर काले धब्बे और सफेद बिंदियां रहती हैं। त्वचा खुरदरी होती है। मादा की पूंछ के निचले किनारे पर एक पीली रेखा चलती है, जबकि उसकी ठुड्डी पीली-काली होती है। पेट पीला से नारंगी होता है और उस पर गहरे, अनियमित धब्बे रहते हैं।
प्रजनन काल में नर का क्लोका फूल जाता है और पूंछ के किनारों पर नीली-सफेद चमक दिखाई देती है। इन लक्षणों से नर को मादा और अन्य न्यूट से अलग किया जा सकता है।
वितरण और आवास
उत्तरी कलगीदार न्यूट यूरोप में सबसे व्यापक और सबसे उत्तर तक फैली कलगीदार प्रजाति है। इसकी उत्तरी सीमा ग्रेट ब्रिटेन से दक्षिणी फेनोस्कैंडिया होते हुए रूस के करेलिया गणराज्य तक जाती है। दक्षिणी सीमा मध्य फ्रांस, दक्षिण-पश्चिमी रोमानिया, मोल्दोवा और यूक्रेन से होकर रूस के मध्य भाग और यूराल पर्वत तक पहुंचती है। पूर्व में यह पर्म क्राई से कुर्गन ओब्लास्ट तक पश्चिमी साइबेरिया में भी मिलता है।
प्रजनन काल के बाहर यह मुख्य रूप से वन निवासी है। यह पर्णपाती जंगलों और झुरमुटों को पसंद करता है, हालांकि उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं पर शंकुधारी जंगलों में भी रहता है। जंगल न होने पर यह बाड़ों, झाड़ियों, दलदली घास के मैदानों और खदानों जैसे आश्रय वाले आवासों में मिल सकता है।
प्रजनन के लिए यह ठहरे हुए, मध्यम से बड़े, छायारहित जल स्रोतों को चुनता है, जिनमें पानी के नीचे घनी वनस्पति हो और मछलियां न हों, क्योंकि मछलियां लार्वा का शिकार करती हैं। बड़े तालाब सबसे उपयुक्त होते हैं, चाहे वे प्राकृतिक हों या मानव निर्मित। ब्रिटेन में बसे अधिकतर तालाब मानव निर्मित ही हैं। नहरें, गड्ढे और बगीचों के तालाब भी उपयोग में आते हैं।
प्रेक्षणों का मासिक वितरण अप्रैल और मई में सबसे अधिक उपस्थिति दिखाता है, जो प्रजनन काल के साथ मेल खाता है।

शिकार और आहार
उत्तरी कलगीदार न्यूट मुख्य रूप से अकशेरुकी जीवों पर पलता है। भूमि पर रहते समय यह छिपी जीवनशैली अपनाकर केंचुए, अन्य एनेलिड, कीड़े और उनके लार्वा, गिजाई, घोंघे और स्लग का शिकार करता है। यह अपने छिपे हुए जीवन का लाभ उठाकर अपने शिकार के करीब पहुंचता है।
प्रजनन काल में जल में इसका शिकार बदल जाता है। यह छोटे द्विकपाटी घोंघों, सूक्ष्म क्रस्टेशियनों और कीड़ों को पकड़ता है। इसके साथ यह मेंढक और टॉड के टैडपोल और छोटे जीवों, और छोटे न्यूट, अपनी ही प्रजाति के सदस्यों सहित, को भी खाता है।
लार्वा अपने आकार के अनुसार छोटे अकशेरुकी जीवों और टैडपोल का शिकार करते हैं। वे अपनी ही प्रजाति के छोटे लार्वा को भी खा सकते हैं। इसका शिकार बदलता रहता है, जिससे यह तालाब के अलग-अलग जीवों पर निर्भर रहता है।
प्रजनन और जीवन चक्र
प्रजनन काल में नर अपने क्षेत्र की रक्षा करता है और साफ जमीन के छोटे टुकड़ों को अपनी प्रदर्शन-स्थली बनाता है। वह शरीर की विशेष हरकतों और फेरोमोन से मादा को आकर्षित करता है। सफल होने पर नर एक शुक्राणुधारी जमीन पर रखता है और मादा को उस पर से गुजारता है, जिसे वह अपने क्लोका से ग्रहण करती है। निषेचन शरीर के भीतर होता है।
मादा हर अंडे को अलग-अलग देती है और उसे अक्सर जलीय पौधों की पत्तियों में मोड़कर रखती है। एक अंडा देने में उसे लगभग पांच मिनट लगते हैं। वह एक मौसम में आम तौर पर लगभग 200 अंडे देती है। अंडे हल्के रंग के होते हैं, जिनका व्यास 1.8 से 2 मिलीमीटर और जेली आवरण 6 मिलीमीटर होता है। इनसे यह अपने साथ रहने वाली छोटी और गहरे रंग की न्यूट प्रजातियों के अंडों से अलग पहचाना जाता है। इसके भ्रूणों में से लगभग 50 प्रतिशत एक आनुवंशिक विशेषता के कारण मर जाते हैं।
लार्वा दो से पांच सप्ताह में तापमान के अनुसार निकलते हैं। पहले अगले पैर विकसित होते हैं और बाद में पिछले पैर। ये लार्वा अधिकतर जल में तैरते रहते हैं और भूमि की ओर जाने से पहले बाहरी गिल्स को अवशोषित कर लेते हैं। इस अवस्था में वे 7 सेंटीमीटर तक बढ़ सकते हैं। भूमि पर आने वाले युवा न्यूट को इफ्ट कहते हैं। रूपांतरण में दो से चार महीने लगते हैं, जो तापमान पर निर्भर है। लार्वा से रूपांतरण तक जीवित रहने की औसत दर लगभग 4 प्रतिशत आंकी गई है। प्रतिकूल परिस्थितियों में लार्वा विकास रोककर जल में सर्दी बिता सकते हैं।
संरक्षण और खतरे
उत्तरी कलगीदार न्यूट IUCN रेड लिस्ट में कम चिंता वाली प्रजाति है, लेकिन इसकी आबादी कई जगह घट रही है। यह कुछ क्षेत्रों में दुर्लभ है और कई देशों की राष्ट्रीय लाल सूचियों में शामिल है। इसका अर्थ है कि वैश्विक स्तर पर यह अभी संकट में नहीं है, पर स्थानीय स्तर पर इसके लिए सतर्क प्रबंधन की ज़रूरत है।
मुख्य खतरा शहरी और कृषि विकास से आवासों का नष्ट होना है, जो प्रजनन तालाबों और भूमि दोनों को प्रभावित करता है। इसके सीमित प्रवास के कारण आवासों के बीच संपर्क टूटने से यह और भी असुरक्षित हो जाता है। इसके अलावा तालाबों में मछली और क्रेफिश डालना, पालतू व्यापार के लिए पकड़ना, गर्म और अधिक नम सर्दियां, संकरण से आनुवंशिक प्रदूषण, सड़क नमक और संभावित रोगजनक कवक Batrachochytrium salamandrivorans भी खतरे हैं।
यूरोप में इसे बर्न कन्वेंशन के परिशिष्ट II में सख्त संरक्षित माना गया है। यूरोपीय संघ के आवास और प्रजाति निर्देश के तहत यह यूरोपीय संरक्षित प्रजाति है, और इसके पकड़ने, परेशान करने, मारने या व्यापार पर अधिकतर यूरोपीय देशों में रोक है। नैचुरा 2000 संरक्षित क्षेत्रों में से कई इसी के लिए घोषित किए गए हैं।
प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण, उर्वरक और कीटनाशकों में कमी, तथा मछलियों का नियंत्रण प्रभावी माने गए हैं। आसपास के जल स्रोतों का जाल और अनजुती भूमि के चौड़े गलियारे आबादी को बनाए रखने में मदद करते हैं। नए प्रजनन तालाब बनाना बहुत प्रभावी है, क्योंकि जब पास में अन्य आवास हों तो वे जल्दी बस जाते हैं।
सांस्कृतिक महत्व
उत्तरी कलगीदार न्यूट को यूरोप में संरक्षण का एक प्रतीक प्रजाति माना जाता है। इसके संरक्षण से कई अन्य उभयचरों को भी लाभ मिलता है। यूनाइटेड किंगडम में इसे सख्त कानूनी सुरक्षा मिली है, जिसके कारण स्थानीय विकास परियोजनाओं के साथ टकराव भी हुए हैं। सरकारी एजेंसियों ने विकास परियोजनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रोचक तथ्य
- प्रजनन काल के बाहर नर की कलगी गायब हो जाती है, और मादा में कभी कलगी नहीं बनती।
- इसके पेट का चमकीला पीला या नारंगी रंग खतरे में चेतावनी का संकेत है। खतरा महसूस होने पर यह शरीर मोड़कर दूधिया पदार्थ छोड़ता है।
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पारिस्थितिकी और वर्गीकरण
वर्गीकरण
- संघ
- Chordata
- वर्ग
- Amphibia
- गण
- Caudata
- कुल
- Salamandridae
- वंश
- Triturus
- प्रजाति
- Triturus cristatus
स्रोत
- GBIF Species names and classification
- iNaturalist Photos
- Wikidata Common names and conservation status
- Wikipedia Summary extract
- Encyclopedia of Life Habitat, diet and behavior traits
- AnAge Longevity



